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    केरल में उभरते खतरों को लेकर अमित शाह की चेतावनी, बोले— सुरक्षा और विकास के लिए केवल एनडीए ही भरोसेमंद विकल्प

    1 week ago

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केरल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि राज्य में कानून-व्यवस्था भले ही सतह पर शांत दिखाई देती हो, लेकिन अंदर ही अंदर कुछ ऐसे खतरे उभर रहे हैं, जो भविष्य में गंभीर चुनौती बन सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केरल को सुरक्षित और विकसित बनाए रखने के लिए केवल राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ही एक मजबूत और विश्वसनीय विकल्प है।

    रविवार को केरल कौमुदी द्वारा आयोजित एक विशेष सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमित शाह ने राज्य की सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और विपक्षी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों ही गठबंधन कुछ संगठनों को राजनीतिक लाभ के नजरिये से देखते हैं, जिसके कारण राज्य की दीर्घकालिक सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

    “दिखने में शांति, भीतर उभरते खतरे”

    अपने संबोधन में गृह मंत्री ने कहा कि केरल की स्थिति बाहर से सामान्य लग सकती है, लेकिन कई ऐसे तत्व हैं जो धीरे-धीरे मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने आगाह किया कि यदि समय रहते इन पर ध्यान नहीं दिया गया, तो ये भविष्य में राज्य की शांति और सामाजिक संतुलन के लिए चुनौती बन सकते हैं।

    अमित शाह ने कहा कि किसी भी राज्य का विकास तभी संभव है जब वहां सुरक्षा का माहौल मजबूत हो। उनके अनुसार, सुरक्षा और विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और इन्हें अलग-अलग नहीं देखा जा सकता।

    राजनीति से ऊपर उठकर सुरक्षा की जरूरत

    गृह मंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों को भी राजनीतिक लाभ से जोड़कर देखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब केंद्र सरकार ने कुछ संगठनों पर सख्त कदम उठाए, तब राज्य की प्रमुख राजनीतिक ताकतों का रुख स्पष्ट नहीं था। उनके अनुसार, ऐसे मामलों में स्पष्ट और निर्णायक रुख ही जनता के हित में होता है।

    उन्होंने यह भी जोड़ा कि देशभर में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए जरूरी है कि संभावित खतरों को समय रहते पहचाना जाए और उन पर ठोस कार्रवाई की जाए। अमित शाह ने इसे “परदे के पीछे काम कर रहे जोखिमों” के रूप में संबोधित किया और कहा कि इन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

    2047 के भारत का सपना और केरल की भूमिका

    अपने भाषण में अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है और इस राह में केरल जैसे राज्यों की भूमिका बेहद अहम है।

    उन्होंने कहा, “एक विकसित भारत का रास्ता एक विकसित केरल से होकर गुजरता है।” उनके अनुसार, केरल की प्रगति न सिर्फ राज्य के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है।

    राजनीतिक भविष्य को लेकर संकेत

    इससे पहले दिन में एक अन्य कार्यक्रम में अमित शाह ने भारतीय जनता पार्टी की केरल में बढ़ती राजनीतिक मौजूदगी का भी जिक्र किया। उन्होंने हाल ही में तिरुवनंतपुरम नगर निगम में मिली सफलता को भविष्य की दिशा में एक अहम कदम बताया।

    गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य केरल में एक मजबूत सरकार बनाना है, जो विकास के साथ-साथ सुरक्षा को भी प्राथमिकता दे। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में पार्टी राज्य में अपनी स्थिति और मजबूत करेगी।

    केरल की राजनीति में बढ़ती हलचल

    अमित शाह के इस बयान को केरल की राजनीति में अहम माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब राज्य में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। भाजपा के राज्य नेतृत्व की ओर से भी लगातार यह कहा जा रहा है कि केरल की राजनीति में बदलाव की जरूरत है और जनता को एक वैकल्पिक मॉडल की ओर देखना चाहिए।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमित शाह के बयान सिर्फ वर्तमान हालात पर टिप्पणी नहीं हैं, बल्कि यह आने वाले चुनावों के लिए एक स्पष्ट संदेश भी है। सुरक्षा, विकास और स्थिरता को केंद्र में रखकर भाजपा केरल में अपनी रणनीति को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

    निष्कर्ष

     

    कुल मिलाकर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का यह बयान केरल की सुरक्षा और राजनीतिक दिशा को लेकर एक महत्वपूर्ण संकेत देता है। उन्होंने जहां एक ओर उभरते खतरों को लेकर सतर्क रहने की बात कही, वहीं दूसरी ओर विकास और सुरक्षा को साथ लेकर चलने पर जोर दिया। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि केरल की राजनीति में इन बयानों का क्या असर पड़ता है और जनता किस दिशा में अपना भरोसा जताती है।

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