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    वार्षिक साहित्य उत्सव – सागा 2025 का आयोजन

    12 hours ago

    वार्षिक साहित्य उत्सव – सागा 2025

     

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के अंग्रेज़ी विभाग द्वारा 24 और 25 अप्रैल 2026 को अपना वार्षिक साहित्य उत्सव “सागा” आयोजित किया गया। सागा का यह सातवाँ संस्करण “विश्व लोक साहित्य” विषय पर आधारित था, जिसमें विभिन्न सांस्कृतिक कथाओं में निहित खोई हुई कहानियों और परम्पराओं का उत्सव मनाया गया।

     

    कार्यक्रम का शुभारम्भ 24 अप्रैल को प्रातः 10:30 बजे इंडोर पूलसाइड क्षेत्र में एक नाट्य प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसमें “ततारा और वामीरो” की दुखांत प्रेम कथा का मंचन किया गया। छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत इस लोककथा ने अपनी प्रभावशाली अभिव्यक्ति और प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

     

    उद्घाटन समारोह की शुरुआत प्राचार्या डॉ. सीमा अग्रवाल के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने भारतीय लोक साहित्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डाला और लोक साहित्य के अध्ययन के लिए प्रेरित किया। इसके पश्चात् कार्यक्रम की रूपरेखा महोत्सव संयोजक एवं यूजी प्रमुख डॉ. प्रीति शर्मा द्वारा प्रस्तुत की गई, जिसमें उन्होंने इस वर्ष के सागा की थीम का परिचय दिया और पिछले सात वर्षों में इस उत्सव द्वारा छात्रों में विकसित की गई साहित्यिक सृजनात्मकता पर विचार व्यक्त किए। औपचारिक उद्घाटन की घोषणा निदेशक डॉ. रश्मि चतुर्वेदी द्वारा की गई, जिन्होंने सागा के साहित्यिक मंच के रूप में महत्व और उद्देश्य पर प्रकाश डाला।

     

    उद्घाटन सत्र का मुख्य आकर्षण मुख्य अतिथियों — रेखा भटनागर (पूर्व अध्यक्ष, चित्रकला विभाग) और प्रो. मिनी नंदा (पूर्व अध्यक्ष, अंग्रेज़ी विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय) के बीच मंचीय संवाद रहा। डॉ. भटनागर ने अपने अकादमिक अनुभव साझा किए, विशेष रूप से लोक कला के क्षेत्र में अपने कार्य तथा अपनी पुस्तकों धूली चित्र और गोबर धन के संदर्भ में।

     

    वक्ताओं ने लोक साहित्य की सांस्कृतिक गहराई, कलात्मक समृद्धि और समकालीन प्रासंगिकता पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किए और अपने-अपने क्षेत्रों में धैर्य एवं रचनात्मक अन्वेषण के महत्व को रेखांकित किया। प्रो. मिनी नंदा ने राजस्थानी लोक कला की “फड़” परम्परा के महत्व और साहित्य तथा दृश्य कथन के समन्वय में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। सत्र का समापन प्रश्नोत्तर के साथ हुआ, जिसने संवाद को और अधिक समृद्ध किया।

     

    उद्घाटन सत्र का समापन अंग्रेज़ी विभाग की सहायक प्राध्यापिका सुश्री भाव्या पुरी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

     

    उद्घाटन सत्र के पश्चात् “द ड्यूल ऑफ ट्रेडिशनल थॉट्स – ए क्लासिक क्लैश ऑफ माइंड्स” शीर्षक से वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। यह प्रतियोगिता प्रातः 11:30 से 12:30 बजे तक पूलसाइड क्षेत्र में आयोजित हुई। विषय था — “लोक कथाओं को फिल्मों या श्रृंखलाओं में व्यावसायिक रूप देना उनकी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।” प्रतिभागियों ने पक्ष और विपक्ष में सशक्त एवं तार्किक तर्क प्रस्तुत किए।

     

    प्रतियोगिता के निर्णायक प्रो. अरुण सौले (अंग्रेज़ी विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय) और डॉ. प्रीति चौधरी (अंग्रेज़ी विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय) रहे। महावीर कॉलेज के मितांश मित्तल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि कानोड़िया महाविद्यालय की माही असीजा और कनिष्का सोनी ने क्रमशः द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। यूनिवर्सिटी फाइव ईयर लॉ कॉलेज की प्रियाल कुमारी को प्रशंसा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

     

    इसके पश्चात् “द वर्ल्ड फोकलोर फैशन एक्स्ट्रावेगेंजा” का आयोजन किया गया, जिसमें फैशन और कहानी को अद्भुत रूप से प्रस्तुत किया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक डॉ. शिव प्रिया (स्वामी केशवानंद प्रौद्योगिकी, प्रबंधन एवं ग्रामोत्थान संस्थान) और डॉ. ऋचा चतुर्वेदी (गृह विज्ञान विभागाध्यक्ष) थीं। प्रत्येक प्रतिभागी को अपनी प्रस्तुति के लिए 1–2 मिनट का समय दिया गया, जिसमें उन्होंने प्रॉप्स, संगीत और आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति का प्रभावी उपयोग किया।

     

    इस प्रतियोगिता में कानोड़िया महाविद्यालय की जसलीन कौर चड्ढा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। महाराजा कॉलेज के दीपेश तंवर द्वितीय स्थान पर रहे, जबकि सुबोध कॉलेज के पीयूष पुरी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

     

    दिन का तीसरा और अंतिम कार्यक्रम “परवाज़” दोपहर 2:30 बजे प्रारम्भ हुआ। यह जयपुर स्थित साहित्यिक समुदाय “काव्यवर्स” के सहयोग से आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम ने उभरते लेखकों, संगीतकारों और कवियों को मंच प्रदान किया। इस सत्र में भावपूर्ण कविताओं से लेकर मार्मिक लघु कथाओं तक विविध प्रस्तुतियाँ हुईं। निर्णायक के रूप में श्री जितेन्द्र सरस्वत (अंग्रेज़ी शिक्षक) और डॉ. नेहा पारीक (सहायक प्राध्यापिका, अंग्रेज़ी विभाग, एस.एस. जैन सुबोध पी.जी. कॉलेज) उपस्थित रहीं।

     

    प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हर्षिता हाल्डेनिया (राजकीय कन्या महाविद्यालय) ने प्राप्त किया। द्वितीय स्थान दिशा खंडेलवाल (आर.ए. पोद्दार संस्थान) को मिला और तृतीय स्थान अरविन (राजस्थान विश्वविद्यालय) ने प्राप्त किया। विशेष प्रशंसा पुरस्कार मैना नागर (वी.जी.यू.) और जिज्ञासा (महारानी कॉलेज) को प्रदान किया गया।

     

    सागा के प्रथम दिवस का समापन “लेमन सोडा” बैंड की प्रस्तुति के साथ हुआ। भारतीय मैक्सिमलिज़्म की शैली में उन्होंने प्रसिद्ध हिंदी गीतों की प्रस्तुति दी। उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम का पहला दिन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

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