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    एलन कोटा विक्ट्री कार्निवल में हुआ सफलता का सम्मान

    3 weeks ago

    - चैम्पियंस बोले... एलन है तो मुमकिन है, कोटा है तो ही कॅरियर है

    - 5 हजार से अधिक भावी इंजीनियर्स और मेडिकोज हुए शामिल

    - कम्पीटिशन का सबसे बड़ा मैदान, सबसे बड़ा रिजल्ट, इसीलिए कोटा में एलन टॉपर्स का सबसे बड़ा मेला

    कोटा। कॅरियर सिटी कोटा का सबसे बड़ा सक्सेस सेलीब्रेशन गुरूवार को एलन विक्ट्री कार्निवल के रूप में आयोजित किया गया। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोटा की ओर से आयोजित यह विक्ट्री कार्निवल दशहरा मैदान में हुआ, जहां वर्ष 2025 की जेईई मेन-एडवांस्ड व नीट-यूजी में सफल हुए स्टूडेंट्स का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में 5 हजार से अधिक भावी डॉक्टर व इंजीनियर्स और उनके अभिभावक पहुंचे। कार्यक्रम में जब देशभर की आईआईटीज, एनआईटी, एम्स और मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे चैम्पियन स्टूडेंट्स मिले तो कोटा की यादें ताजा हो गई और सभी बोले... एलन है तो मुमकिन है और कोटा है तो ही कॅरियर है। कोटा जैसा कोई दूसरा शहर नहीं हो सकता।
    कार्निवल में कॉलेज सलेक्शन के बाद पुराने दोस्त मिले। जैसे-जैसे स्टूडेंट्स पहुंचते गए, अन्दर शोर बढ़ता गया। ग्रुप बनने लगे और फिर कहीं फिल्मी गीतों पर डांस हुआ तो कहीं सैल्फी और फोटो का दौर चला। अपने-अपने कॉलेज के अनुभव बांटना शुरू किया, इसके साथ ही कोटा की यादें ताजा की। यहां के पुराने दिन याद किए।
    कार्यक्रम में एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ.गोविन्द माहेश्वरी, राजेश माहेश्वरी, नवीन माहेश्वरी व डॉ.बृजेश माहेश्वरी ने भावी इंजीनियर्स व मेडिकोज का सम्मान किया। इस दौरान स्टूडेंट्स के साथ उनके पैरेन्ट्स भी मंच पर पहुंचे और सफलता की खुशी में शिक्षकों के साथ थिरके। 
    विक्ट्री कार्निवल में फैकल्टीज और स्टूडेंट्स का मिलन भी हुआ। जेईई और नीट के परिणामों के बाद ये स्टूडेंट्स अपने-अपने कॉलेजों में पहुंच चुके हैं और वहां पढ़ाई शुरू हो चुकी है। अब कोई छह महीने बाद तो कोई तीन महीने बाद कोटा लौटा। विक्ट्री कार्निवल में जब फैकल्टीज से मिले तो पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद सेल्फी भी ली। फैकल्टीज ने भी स्टूडेंट्स कॉलेज की जानकारी ली, वहां हो रही पढ़ाई के बारे में पूछा।
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    बड़ा मैदान, बड़ा रिजल्ट, इसीलिए टॉपर्स का सबसे बड़ा मेला
    कोटा में एलन विक्ट्री कार्निवल टॉपर्स के मेले के रूप में ख्याति प्राप्त कर चुका है। एक ऐसा आयोजन जिसमें देशभर की आईआईटी, एम्स, एनआईटी, मेडिकल कॉलेज और बड़े संस्थानों में पढ़ने वाले टॉपर्स शामिल होते हैं। अपने-अपने क्षेत्र में श्रेष्ठ कॅरियर बनाने में सफल रहे विद्यार्थियों का ऐसा मेला सिर्फ कोटा में आयोजित किया जाता है। कोटा देश में इंजीनियरिंग व मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं का सबसे बड़ा मैदान है और इसीलिए यहां से सबसे बड़ा रिजल्ट भी आता है, इसीलिए यहां टॉपर्स का मेला भी सबसे बड़ा होता है।
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    शिक्षा संबल से सफलता और गुदड़ी के लाल का सम्मान
    एलन शिक्षा संबल अभियान में एलन कोटा में निशुल्क पढ़कर मेडिकल कॉलेज पहुंची प्राची पटेल का सम्मान किया गया। प्राची परिजनों के साथ मंच पर पहुंची और एलन शिक्षा संबल को वरदान बताया। प्राची मध्यप्रदेश के रीवा के श्यामशाह मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत है। इसके साथ ही बाड़मेर के चौहटन के अति निर्धन परिवार का देराज राम भी परिवार के साथ मंच पर पहुंचा। देराज के पिता मजदूरी करके परिवार चलाते हैं। देराज एम्स जोधपुर में अध्ययनरत है। दोनों विद्यार्थियों को गुदड़ी के लाल स्कॉलरशिप के तहत ग्रेजुएशन तक के लिए प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाएगी।
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    संस्कार से सफलता तक की सीख
    एलन के निदेशक डॉ.गोविन्द माहेश्वरी ने कहा कि फेकल्टीज ने अच्छे डॉक्टर और इंजीनियर बनने के साथ-साथ अच्छा इंसान बने रहना है। अपने परिवार, समाज की सेवा का भाव सदैव मन में रखें। निदेशक राजेश माहेश्वरी ने कहा कि हर विद्यार्थी अपने संकल्प से स्वयं की पहचान कायम करें। आपके नाम से आपके परिजनों को जाना जाए, परिवार और शहर को जाना जाए। सभी सम्मिलित प्रयासों से ही अच्छे परिणाम आते हैं। हम सब मिलकर इसी तरह लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहेंगे तो ये बच्चों के सपने पूरे होंगे।  निदेशक डॉ.नवीन माहेश्वरी ने विद्यार्थियों को समाज के लिए सेवा का संकल्प लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि अच्छे डॉक्टर, इंजीनियर बनने के साथ अच्छा इंसान बनना भी जरूरी है। निदेशक डॉ.बृजेश माहेश्वरी ने कहा कि एलन हर क्षेत्र में विद्यार्थियों का भविष्य बनाने के लिए संकल्पित है। विद्यार्थी को अपने संकल्प के पूरे होने तक पढ़ते रहना है। अपने काम पर फोकस करते हुए यदि हम आगे बढ़ते रहेंगे तो निश्चित तौर पर अलग मुकाम स्थापित करेंगे।
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    कार्निवल परेड और गेम्स
    कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कार्निवल परेड रही। इस परेड में अलग-अलग कलाकार झूमते-नाचते हुए विद्यार्थियों के बीच से निकले। परेड में कार्टून करेक्टर, विटेंज कार, जोकर, बैलेंसिंग गेम, डांस धूम सहित कई आकर्षण थे। परेड का समापन मुख्य मंच पर हुआ, जहां परेड के कलाकारों ने प्रस्तुतियां दी। विक्ट्री कार्निवल में व्यवस्थाएं देख देश के कोने-कोने से आए स्टूडेंट्स प्रफुल्लित हो गए। यहां गेम जोन में जब स्टूडेंट्स पहुंचे तो किसी ने कठपुतली का शो देखा तो किसी ने कैरम खेला, कोई जम्पिंग करने लगा तो किसी सर्कल फेंककर इनाम जीते।
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    कोटा ने बनाया जीवन
    बीकानेर के सीमा क्षेत्र बॉर्डर पर स्थित गद्देवाला ग्राम निवासी मां पालू बिश्नोई ने बताया कि मेरी दोनों बेटियां डॉक्टर बन रही है। इससे बड़ी खुशी की बात नहीं हो सकती। यह कोटा की बदौलत ही संभव हो सका है। यह शहर हमेशा याद रहेगा। प्रतिभा बिश्नोई इस वर्ष आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर में अध्ययनरत है। इससे पहले प्रियंका बिश्नोई झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में 2022 में चयनित हो चुकी है।
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    अबूधाबी में नहीं होता ऐसा कार्निवल
    आईआईटी दिल्ली के अबूधाबी कैम्पस में अध्ययनरत मध्यप्रदेश के नवनीत सुरेका ने बताया कि विक्ट्री कार्निवल में शामिल होने का सपना था और इसके लिए मैंने मेहनत की। अबूधाबी में भी आयोजन होते हैं लेकिन स्टूडेंट्स के सम्मान में इतना बड़ा आयोजन वहां भी नहीं देखा। कोटा में जो सीखा वो मुझे जीवनभर याद रहेगा।

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