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    जयपुर डिस्कॉम के चार और सर्किल हुए डिफेक्टिव मीटर मुक्त

    1 month ago

    —18 में से 13 सर्किलों में विद्युत उपभोक्ताओं को अब वास्तविक उपभोग के आधार पर बिजली बिल
    —ऊर्जा मंत्री ने अधीक्षण अभियन्ताओं को सौंपे प्रमाण पत्र

    जयपुर। जयपुर विद्युत वितरण निगम के चार और सर्किल अब डिफेक्टिव मीटर मुक्त हो गए हैं। कोटपूतली, सवाई माधोपुर, भिवाड़ी और भरतपुर सर्किल ने 1 दिसम्बर, 2025 की स्थिति में अपने सभी सिंगल फेज शहरी एवं ग्रामीण तथा थ्री फेज (गैर कृषि) उपभोक्ताओं के खराब विद्युत मीटर बदलने में कामयाबी हासिल की है।

    ऊर्जा मंत्री हीरा लाल नागर ने मंगलवार को विद्युत भवन में इन चारों सर्किलों के अधीक्षण अभियन्ताओं को शून्य डिफेक्टिव मीटर सर्किल के प्रमाण पत्र सौंपे। उन्होंने अधीक्षण अभियन्ताओं को इस संबंध में किए गए प्रयासों के लिए बधाई दी। इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा अजिताभ शर्मा, चेयरमैन राजस्थान डिस्कॉम्स सुश्री आरती डोगरा भी उपस्थित थी।

    उल्लेखनीय है कि निगम के 18 सर्किलों में से अब 13 सर्किल ऐसे हो गए हैं जिन्होंने विद्युत उपभोक्ताओं के खराब मीटर बदलकर उनके स्थान पर नए कार्यशील मीटर लगा दिए हैं। जून एवं जुलाई माह में कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, जयपुर सिटी नॉर्थ एवं साउथ, जेपीडीसी नॉर्थ, दौसा तथा इसके बाद नवम्बर माह में करौली सर्किल में सभी श्रेणियों में खराब मीटर बदल दिए गए थे। इन सर्किलों में लगातार सिंगल फेज शहरी एवं ग्रामीण तथा थ्री फेज (गैर कृषि एवं कृषि) के खराब मीटर को शून्य बनाए रखा जा रहा है।
    इससे अब डिस्कॉम को खराब मीटर वाले उपभोक्ताओं को नियमानुसार विद्युत शुल्क में छूट नहीं देनी होगी। इन उपभोक्ताओं को अब एवरेज बिल के स्थान पर वास्तविक उपभोग के आधार पर बिल जारी किए जाएंगे। 

    20 माह में कम हुए 61 हजार डिफेक्टिव मीटर—
    गत वर्ष 31 मार्च को जयपुर डिस्कॉम के सभी सर्किलों में 74 हजार 850 डिफेक्टिव मीटर थे। निगम ने मात्र 20 माह में इन्हें कम कर 13 हजार 466 तक सीमित करने में सफलता प्राप्त की है। अब थ्री फेज कृषि के 12 हजार 724 सिंगल फेज घरेलू ग्रामीण के 659 तथा सिंगल फेज घरेलू (शहरी) के 75 खराब मीटर रह गए हैं। जिन्हें भी तत्परता से बदला जा रहा है। 

    समय पर डिफेक्टिव मीटर बदलना क्यों है जरूरी—
    मीटर के खराब रहने से डिस्कॉम के राजस्व पर प्रतिकूल असर पड़ता है। लगातार दो माह से अधिक समय तक मीटर डिफेक्टिव होने की स्थिति में डिस्कॉम को नियमानुसार उपभोक्ता को विद्युत शुल्क में 5 प्रतिशत की छूट देनी होती है। उपभोक्ता को उनके औसत उपभोग के आधार पर विद्युत बिल जारी करने पड़ते हैं।

     

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