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    पश्चिम मध्यक्षेत्रीय युवमहोत्सव 2025 आज से

    2 months ago

    केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर परिसर में होगा आयोजन  आधुनिकता और परंपरा का संगम मिलेगा देखने को  सभी मैचो की कॉमेंट्री होगी संस्कृत में
    जयपुर,
    केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के तत्वावधान में पश्चिममध्यक्षेत्रीय युवमहोत्सव 2025 का भव्य आयोजन 12 से 14 नवम्बर 2025 तक केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर परिसर त्रिवेणी नगर में किया जा रहा है।  यह तीन दिवसीय आयोजन संस्कृत में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को शैक्षिक, कलात्मक, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा क्षेत्र में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिये राष्ट्रीय स्तर का मंच प्रदान करने जा रहा है। भारतीय ज्ञान परम्परा संस्कृत भाषा, साहित्य, संस्कृति और खेल के क्षेत्र में युवाओं में चेतना जागृत करना इसका मुख्य उद्देश्य है। इस प्रतियोगिता में 5 राज्यों की टीमें प्रतिभाग ग्रहण कर रही हैं, उनमे केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के जयपुर परिसर, लखनऊ परिसर, भोपाल परिसर सहित हरियाणा, राजस्थान, उत्तरप्रदेश एवं दिल्ली के आदर्श संस्कृत महाविद्यालयों के लगभग 550 छात्र-छात्राएँ प्रतिभागी के रूप में प्रतिभाग करेंगे। पश्चिममध्यक्षेत्रीय युवमहोत्सव का उद्घाटन आज 12 नवम्बर को प्रातः 9:30 बजे विश्वविद्यालय के खेल प्रांगण में होगा। समारोह में मुख्यातिथि के रूप में राजस्थान सरकार के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा उपस्थित रहेंगे। अध्यक्षता जयपुर परिसर के निदेशक प्रो. रमाकान्त पाण्डेय करेंगे। विशिष्ट अतिथि केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर परिसर के पूर्व निदेशक प्रो. वाई. एस. रमेश तथा सारस्वत अतिथि राजस्थान संस्कृत अकादमी की अध्यक्ष डॉ. लता श्रीमाली  होंगी। महोत्सव में संस्कृत भाषा के माध्यम से आधुनिक तकनीक और रचनात्मकता का संगम देखने को मिलेगा। इस वर्ष युव महोत्सव में संस्कृत वार्ता लेखन, संस्कृत अनुवाद, संस्कृत ब्लॉग निर्माण, शैक्षिक लघु चलचित्र निर्माण, और संगणकीयसंस्कृतम् (कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग) जैसी प्रतियोगिताएँ विशेष आकर्षण होंगी।
    सांस्कृतिक खंड में संस्कृत नाट्य प्रस्तुति, शास्त्रीय नृत्य, समूह एवं एकल गीत, समूह नृत्य, भाषण, वाद-विवाद, संस्कृत काव्य -पाठ जैसी प्रतियोगिताएँ होंगी, जिनमें भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और लोक परंपरा की झलक देखने को मिलेगी।
    क्रीड़ा प्रतियोगिताओं में बैडमिंटन, योगासन, खो-खो, कबड्डी, वॉलीबॉल, शतरंज, एथलेटिक्स, लंबी कूद, ऊँची कूद, कुश्ती सहित कुल 44 प्रतियोगिताये शामिल हैं। जयपुर परिसर निदेशक प्रो. रमाकान्त पाण्डेय ने कहा कि पश्चिममध्य क्षेत्रीय युवमहोत्सव परिसर में आयोजित होना  गौरव का विषय है। संस्कृत भाषा आज भी विज्ञान, तकनीक और सृजन की दृष्टि से उतनी ही प्रासंगिक है जितनी कोई आधुनिक भाषा है। हमारा उद्देश्य यह सिद्ध करना है कि संस्कृत में न केवल संवाद, बल्कि संगणक, सोशल मीडिया और डिजिटल अभिव्यक्ति भी सम्भव है। युव महोत्सव कि विशेषता  है कि सभी प्रतियोगिताएँ, उद्घोषणाएँ, कमेंट्री और व्लॉग निर्माण भी पूर्णतः संस्कृत में ही होंगे। *हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात में संस्कृत व्लॉग का जिक्र किया था। सं-ब्लॉग बनाने वाले छात्र केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के ही छात्र रहे हैं । मन कि इसबार संस्कृत में व्लॉग बनाने को लेकर भी प्रतियोगिता का आयोजन होगा।
    कार्यक्रम संयोजक प्रो. लोकमान्य मिश्र और सह−संयोजक राजेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि यह युवमहोत्सव संस्कृत के नवजागरण और आधुनिकता के संगम का सशक्त प्रतीक बनेगा। सभी गतिविधियाँ संस्कृत भाषा में होंगी तथा सांस्कृतिक संध्या में संस्कृत संगीत प्रस्तुतियाँ विशेष आकर्षण रहेंगी।
    14 नवम्बर को समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह सम्पन्न होगा।
    इस अवसर परिसर सह निदेशक प्रो बोध कुमार झा IQAC के निदेशक प्रो. ईश्वर भट्ट प्रो.श्रीधर मिश्र प्रो. विष्णुकांत पाण्डेय डॉ.रानी दाधीच डॉ डंबरूधरपति डॉ.प्रमोद बुटोलिया डॉ.योगेन्द्र दीक्षित शंकर जय किशन सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

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