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    सीएसयू में कुलपति पुरस्कारों के लिए नामांकन शुरू शिक्षकों और कर्मचारियों के उत्कृष्ट कार्यों को मिलेगा सम्मान, 15 अक्टूबर तक आवेदन

    41 minutes ago

    जयपुर। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली ने शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक कर्मचारियों के उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिए कुलपति पुरस्कार योजना के तहत नामांकन आमंत्रित किए हैं। कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस योजना में शिक्षण, अनुसंधान, नवाचार, प्रशासनिक कार्य, संस्थागत योगदान और विद्यार्थी सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। नामांकन की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2026 है, जबकि पुरस्कारों के परिणाम 11 नवंबर 2026 को घोषित किए जाएंगे। नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। विश्वविद्यालय के विभिन्न परिसरों और आदर्श संस्कृत महाविद्यालयों के पात्र कर्मचारी निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्वयं अथवा किसी अन्य कर्मचारी का नामांकन कर सकेंगे।

    शिक्षकों के लिए चार श्रेणियों में पुरस्कार विश्वविद्यालय और आदर्श महाविधालय के शैक्षणिक कर्मचारियों के लिए चार श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। ‘शिक्षाश्री’ पुरस्कार संस्कृत माध्यम से शिक्षण, मानक संस्कृत के प्रयोग, डिजिटल तकनीक के नवाचार, नवोन्मेषी कार्यक्रमों, MOOC एवं ऑनलाइन गतिविधियों, अनुसंधान एवं प्रकाशन, शैक्षणिक-प्रशासनिक सेवाओं, सामाजिक सेवा तथा विद्यार्थी सहयोग में उत्कृष्ट योगदान के आधार पर दिया जाएगा। इस श्रेणी में अधिकतम 9 पुरस्कार, प्रत्येक के लिए 50 हजार रुपये की राशि प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जायेगा । ‘शिक्षाभूषणम्’ पुरस्कार गुरुकुल पद्धति से शास्त्र शिक्षण करने वाले शिक्षकों के लिए है। संस्कृत माध्यम से शिक्षण इसमें अनिवार्य है। इस श्रेणी में अधिकतम 6 पुरस्कार दिए जाएंगे और प्रत्येक पुरस्कार की राशि 60 हजार रुपये प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जायेगा।

    ‘शिक्षाविभूषणम्’ पुरस्कार Faculty of the Year के लिए निर्धारित है। प्रभावी संस्कृत माध्यम शिक्षण और उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान इसके प्रमुख आधार होंगे। इस श्रेणी में अधिकतम 3 पुरस्कार तथा प्रत्येक के लिए एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जायेगा।

    ‘शिक्षायोगी’ पुरस्कार पुस्तकालय एवं शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट सहयोग के लिए दिया जाएगा। इस श्रेणी में केवल पुस्तकालयाध्यक्ष एवं सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष पात्र होंगे। अधिकतम एक पुरस्कार के लिए 50 हजार रुपये की राशि प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जायेगा।

    अशैक्षणिक कर्मचारियों के लिए तीन श्रेणियां

    अशैक्षणिक कर्मचारियों के लिए कर्मयोगश्री, कर्मयोगभूषणम् और कर्मयोगविभूषणम् पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं। कर्मयोगश्री के लिए ग्रुप ‘सी’ में न्यूनतम 3 वर्ष, कर्मयोगभूषणम् के लिए ग्रुप ‘बी’ में न्यूनतम 7 वर्ष और कर्मयोगविभूषणम् के लिए ग्रुप ‘ए’ में न्यूनतम 9 वर्ष का विश्वविद्यालयीय कार्यानुभव आवश्यक होगा।

    इन पुरस्कारों के लिए कार्यालयीन कार्यों में संस्कृत एवं हिंदी के प्रयोग, अधिकारियों व विद्यार्थियों के साथ सहयोगात्मक व्यवहार, डिजिटल तकनीक के उपयोग, समयबद्धता, ईमानदारी, कार्य के प्रति प्रतिबद्धता, दक्षतापूर्वक कार्य निष्पादन तथा संस्थागत मूल्यों को बढ़ावा देने जैसे मानदंडों पर योगदान का मूल्यांकन किया जाएगा।

     

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