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    दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों के लिए UPSC में स्क्रीन-रीडर सॉफ्टवेयर अनिवार्य करने का सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

    1 month ago

    सुप्रीम कोर्ट ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में दृष्टिबाधित उम्मीदवारों के लिए सुविधाएँ और अधिक सुलभ बनाने के महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कहा कि हर UPSC परीक्षा अधिसूचना में यह स्पष्ट प्रावधान होना चाहिए कि पात्र उम्मीदवार परीक्षा से कम से कम सात दिन पहले लेखक (स्क्राइब) बदलने का अनुरोध कर सकें। ऐसे सभी अनुरोधों पर तीन कार्यदिवस के भीतर कारण सहित आदेश जारी किया जाए। न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि राष्ट्रीय जीवन में समान भागीदारी सभी नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है, और परीक्षा प्रक्रियाओं को उसी भावना के अनुरूप बनाया जाना चाहिए।

     

    इसके साथ ही, अदालत ने UPSC को दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों के लिए स्क्रीन-रीडर सॉफ्टवेयर तैनात करने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया। न्यायालय के अनुसार आयोग ने पहले इस तकनीक को लागू करने पर सहमति दी थी, लेकिन तैयारी अधूरी रहने से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। अब UPSC को दो महीने के भीतर विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट दायर करनी होगी, जिसमें सॉफ्टवेयर के परीक्षण, मानकीकरण और सभी परीक्षा केंद्रों पर उपलब्धता की समय सीमा का उल्लेख होगा। कोर्ट ने संबंधित विभागों और संस्थानों के साथ मिलकर एकसमान प्रोटोकॉल तैयार करने पर भी जोर दिया और कहा कि वास्तविक समावेशन तभी संभव है जब नीतियों को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।

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