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    46 साल में सोने का सबसे बड़ा वार्षिक रिटर्न: क्या 2026 में भी चमक जारी रहेगी?

    1 month ago

    नई दिल्ली | 28 नवंबर 2025

    सोने की कीमतों ने इस साल ऐतिहासिक उछाल दर्ज किया है। 1979 के बाद पहली बार गोल्ड ने इतना मजबूत वार्षिक रिटर्न दिया है। एमसीएक्स पर कीमतें साल के दौरान 60% तक बढ़ीं और ₹1,32,294 प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू लिया। विशेषज्ञ इसे चौथे लगातार साल की तेजी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं का परिणाम बता रहे हैं।

    दर कटौती की उम्मीदों से फिर मजबूत हुआ सोना

    हाल ही में एमसीएक्स पर सोने की कीमतों में फिर तेजी देखी गई और भाव ₹1,26,283 तक पहुंच गए।
    फेडरल रिज़र्व द्वारा दिसंबर में ब्याज दरों में कटौती की बढ़ती उम्मीदों ने इस रैली को और गति दी है। ट्रेडर्स अब दिसंबर में दर कटौती की 85% संभावना का अनुमान लगा रहे हैं।

    मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च ऑफिसर Dr. रवि सिंह के अनुसार,
    “बाज़ार अब दरों में सख्ती की बजाय ढील पर ज्यादा ध्यान दे रहा है, जिससे वास्तविक यील्ड पर दबाव बन रहा है। यह सोने के लिए स्वाभाविक रूप से सकारात्मक है। geopolitical जोखिम भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं, इसलिए सुरक्षित निवेश की मांग बनी हुई है।”

    क्यों बढ़ रही है सोने की मांग?

    • रूस–यूक्रेन शांति वार्ता में प्रगति न होने से वैश्विक तनाव बरकरार

    • अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों से बाज़ार में अस्थिरता

    • कई देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा डॉलर पर निर्भरता कम करना (de-dollarisation)

    • केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़े पैमाने पर सोना खरीदना

    • रुपये में उतार-चढ़ाव और ETF में स्थिर inflow

    पिछले वर्ष केंद्रीय बैंकों ने 1,180 टन से अधिक सोना खरीदा था। इस वर्ष रफ्तार थोड़ी धीमी हुई है, लेकिन वर्ष के अंत तक लगभग 1,000 टन की खरीद की संभावना बनी हुई है।


    2026 में क्या जारी रहेगी रैली?

    विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई और ब्याज दरों में संभावित कटौती जैसे कारक अगले साल भी सोने को समर्थन दे सकते हैं।

    Dr. सिंह के अनुसार,
    “महंगाई पूरी तरह काबू में नहीं है, भू-राजनीतिक हालात भी अस्थिर हैं, और वैश्विक विकास पर भी स्पष्टता नहीं है। इन परिस्थितियों में सोने की दीर्घकालिक मांग मजबूत बनी रहती है।”

    तकनीकी विश्लेषण के अनुसार:

    • ₹1,00,000 से ऊपर रहना तेजी की मजबूती दिखाता है

    • ₹1,30,000 से ऊपर निकलना ₹1,50,000 तक की संभावना को मजबूत करता है

    • डिप्स पर खरीद की रणनीति अभी भी काम कर रही है

    Axis Direct ने सुझाव दिया है कि
    ₹1,17,000–₹1,08,000 के बीच गिरावट पर खरीदारी की जा सकती है,
    और 2026 के अंत तक ₹1,40,000–₹1,45,000 का लक्ष्य रखा जा सकता है।


    आगे क्या जोखिम हैं?

    हालांकि दीर्घकालिक ट्रेंड सकारात्मक है, लेकिन कुछ जोखिम सोने की रैली को प्रभावित कर सकते हैं:

    • यदि अमेरिकी डॉलर में मजबूती आती है

    • अगर फेडरल रिज़र्व अपने नरम रुख से पीछे हटता है

    • वैश्विक अर्थव्यवस्था उम्मीद से तेज़ी दिखाती है

    • ब्याज दरों में लंबे समय तक सख्ती जारी रहती है

    तकनीकी रूप से ₹1,20,000 से नीचे की गिरावट ट्रेंड कमजोर होने का संकेत होगी, जबकि ₹1,08,000 अगला अहम सपोर्ट माना जा रहा है।


    देशभर में सोने की कीमतें (MCX और स्पॉट रेट)

     

    शहर एमसीएक्स (₹/10 ग्राम) 24 कैरेट स्पॉट 22 कैरेट स्पॉट
    दिल्ली 1,26,042 1,26,230 1,15,711
    मुंबई 1,26,042 1,26,450 1,15,913
    बेंगलुरु 1,26,042 1,26,550 1,16,004
    चेन्नई 1,26,042 1,26,810 1,16,243
    हैदराबाद 1,26,042 1,26,650 1,16,096
    कोलकाता 1,26,042 1,26,280 1,15,757
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