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    मालासेरी डूंगरी में गूंजा देव का जयघोष: भगवान देवनारायण के 1114वें अवतरण महोत्सव का भव्य आगाज

    1 hour ago

    कनाजी खेड़ा से निकली भव्य कलश यात्रा, साप्ताहिक विष्णु महायज्ञ के साथ भक्तिमय हुआ वातावरण

    मालासेरी/आसींद। लोक देवता भगवान देवनारायण के 1114वें अवतरण महोत्सव के उपलक्ष्य में मालासेरी डूंगरी की पावन धरा पर आध्यात्मिक उत्सव का शंखनाद हो चुका है। इस पावन अवसर पर आयोजित होने वाले साप्ताहिक विष्णु महायज्ञ का शुभारंभ सोमवार को अत्यंत हर्षोल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ किया गया। भक्ति और शक्ति के इस संगम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े, जिससे पूरा क्षेत्र 'जय देव' के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।

    श्रद्धा का सैलाब: कनाजी खेड़ा से मालासेरी तक कलश यात्रा

    महोत्सव का औपचारिक आरंभ कनाजी खेड़ा गांव स्थित शिव मंदिर से हुआ। यहाँ विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कलश यात्रा रवाना की गई। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में सिर पर मंगल कलश धारण कर मंगल गीत गाती हुई चल रही थीं। पुरुषों ने हाथों में धर्म ध्वजा थाम रखी थी। ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे की मधुर धुनों के बीच जब यह यात्रा मालासेरी डूंगरी पहुँची, तो पुष्प वर्षा कर भक्तों का स्वागत किया गया।

    24 घंटे का अखंड जागरण और विष्णु महायज्ञ

    मालासेरी डूंगरी पहुँचने के साथ ही साप्ताहिक कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हो गई। आयोजन समिति के अनुसार:

     * देवधुन जागरण: महोत्सव के पहले दिन 24 घंटे का अखंड देवधुन जागरण शुरू किया गया है, जिसमें भजन गायक भगवान देवनारायण की महिमा का गुणगान कर रहे हैं।

     * विष्णु महायज्ञ: क्षेत्र की खुशहाली और लोक कल्याण की कामना के साथ साप्ताहिक विष्णु महायज्ञ की वेदियों में आहुतियां दी जा रही हैं।

     * सांस्कृतिक संगम: इस सात दिवसीय आयोजन में राजस्थान के विभिन्न कोनों से श्रद्धालु पहुँच रहे हैं, जो साढ़ू माता और देवनारायण के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा प्रकट कर रहे हैं।

    पारंपरिक वैभव और भक्ति का संगम

    कलश यात्रा के दौरान भक्तों का उत्साह देखते ही बनता था। ग्रामीणों ने जगह-जगह यात्रियों के लिए शीतल जल और अल्पहार की व्यवस्था की। "जय जय देव, घर घर देव" के नारों के साथ युवा नाचते-गाते मालासेरी की पहाड़ियों तक पहुँचे। आयोजकों का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक यहाँ धार्मिक प्रवचन, भजन संध्या और महाप्रसाद जैसे विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन अनवरत जारी रहेगा।

    > "मालासेरी डूंगरी केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र है। 1114वाँ अवतरण वर्ष इस बार विशेष रूप से भव्य स्तर पर मनाया जा रहा है।"

     

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