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    गौशाला की हाईटेक व्यवस्थाओं को देख सराहा

    2 months ago

    - मंत्री बोले इस गौशाला की तरह सभी गौशाला में गो सेवा हो 

     नाथद्वारा। (राजसमंद) प्रदेश के पशुपालन, गोपालन, डेयरी और देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत रविवार को क्षेत्र के दौरे पर रहे। उन्होंने देव उठानी एकादशी पर राबचा स्थित आदेश गौशाला का अवलोकन किया। उन्होंने गोशाला का निरीक्षण करते हुए वहां की गौमाता के सेवा कार्य को देख, गौशाला की हाइटेक व्यवस्थाओं की सराहना की। माननीय मंत्री  दोपहर 12:30 बजे राबचा स्थित आदेश गोशाला पहुंचे। जहां गोशाला के मुख्य प्रबंधक प्रमोद पालीवाल के नेतृत्व में ग्वालबालों सहित गोशाला टीम ने मंत्री जी की अगवानी की। माननीय मंत्री जी का मेवाड़ी पगड़ी व इकलाई पहनकर और श्रीजी प्रभु की छवि सहित प्रसाद देकर अभिनन्दन किया गया। इस दौरान पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ लक्ष्मीनारायण मीणा, उपनिदेशक डॉ लज्जाराम मीणा, संसुक्त निदेशक डॉ शक्तिसिंह, राजस्थान गौ सेवा समिति के राजसमंद जिला अध्यक्ष जेठुसिंह, मंत्री सुशील बड़ाला, कोषाध्यक्ष सुंदरलाल विजयवर्गीय आदि ने भी मंत्री का स्वागत करते हुए जिले में किए जा रहे गौर संरक्षण पर चर्चा की। माननीय 

    मंत्री को व्यवस्थापाकों ने जानकारी देते हुए बताया कि करीब 25 साल पहले प्रदेश में बारिश नहीं होने से अकाल पड़ा था, जिसके चलते गौ पालकों के सामने घास और पानी को लेकर समस्या होने लगी। इस दौरान मिराज समुह के सीएमडी मदन पालीवाल ने गौ सेवा का संकल्प लेते हुए राबचा में आदेश गौशाला की शुरूआत की। इस दौरान कई गौ पालक बिना दुध देने वाली गौ माताओं को गौशाला में छोड़ गए, तभी से गौशाला में निरंतर गौ माता की सेवा कार्य किया जा रहा है। 

    जो गाय की सेवा करता है, उसे तैंतीस कोटी देवी देवताओं का आर्शिवाद स्वत: मिल जाता है : 

    मंत्री ने कहा कि गाय सनातन संस्कृति की प्रतिक है। गाय से हमे दुध, दही, घी सहित अनेक प्रकार की चिजे मिलती है। मनुष्य के जीवन में दैनिक उपयोग की चिजे हमे गाय से प्राप्त होती है। इसलिए पूर्वजों ने गाय को गौ माता का दर्जा दिया है, इसलिये हमे गौ माता की सेवा और संरक्षण करने की हम सब को जरूरत है। जो गाय की सेवा करता है, उसे तैंतीस कोटी देवी देवताओं का आर्शिवाद स्वत: मिल जाता है। हम सभी गौ माता की सेवा करे और सरंक्षण करे, लेकिन गौ माता को रोड पर नहीं छोड़े, बाहर कचरा और मेला खाने के लिए नहीं छोड़े, गौ माता भी अपने परिवार की सदस्य है, उसकों गौशाला में छोडे या खेत खलिहान में रखे। हमारे पूर्वज गौ माताओं को परिवार के सदस्य की तरह रखते थे। उन्होने कहा कि जब पहले गाय बेल की मौत हो जाती थी, तो किसान परिवार रोने तक लग जाता था, लेकिन आज गाय जब तक दूध देती है, तब तक उसे पाला जाता है, लेकिन जैसे ही दूध देने बंद करती है, उसे रोड पर लावारिस कचरा खाने के छोड दिया जाता है, यह चिंता जनक है। उन्होने आमजन से अपिल करते हुए कहा कि वे गौ माता की सेवा और संरक्षण करें। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पशुओं की गणना हो चुकी है, बहुत ही जल्द गणना के आने वाले है।  

    मंत्री ने गौ माताओं की पूजा कर खिलाई गुड़-लापसी

    मंत्री ने संपूर्ण गौशाला परिसर का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं को देखा और व्यवस्थापकों से विस्तार की जानकारी ली। गिर नस्ल की गौ माता को उन्होने गुड़ और दलिया से बनी लापसी खिलाया। गौ माता का पूजन कर फूलों की माला पहनाई गई। गौ शाला में सीएनजी गैस, जैविक खाद्, गौ मुत्र से अर्क, घी, मिठाईया आदि बनाने की प्रक्रिया को देखा। मंत्री जी ने मिराज समूह के सीएमडी मदन पालीवाल और उनकी टीम द्वारा किए जा रहे गौ सेवा कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि सभी गौशाला में भी इस तरह से बदलाव कर हाईटक बनाया जाएगा। इस दौरान गौ सेवक गिरीश पालीवाल, सत्यनारायण गुर्जर, राहुल पालीवाल, विशाल सेठ, पवन पालीवाल, योगेश पालीवाल, भरत रेबारी, प्रवीण रेबारी, मनोहर जोशी, पुष्कर जोशी, हरिओम रेगर, एमपीसिंह, शिव सालवी सहित गौशाला के ग्वालबाल मौजूद रहे।

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