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    रूसा 2.0 ऑडिट टीम ने ईसीएच इन्क्यूबेशन सेंटर का किया निरीक्षण

    2 months ago

    सेंटर को बताया स्टार्टअप पोषण और अनुसंधान के लिए अत्यंत संभावनाशील केंद्र

    जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय के ईसीएच (Entrepreneurship, Career & Hub) इन्क्यूबेशन सेंटर में रूसा 2.0 परियोजना के अंतर्गत गठित ऑडिट टीम ने हाल ही में दौरा कर सेंटर की गतिविधियों और सुविधाओं का भौतिक निरीक्षण किया।

    टीम के सदस्यों ने सेंटर की प्रयोगशालाओं, उपकरणों और स्टार्टअप इकाइयों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने वार्षिक प्रतिवेदन, उपकरणों के एएमसी रिकॉर्ड, एमओयू दस्तावेज़, लॉग बुक्स आदि की भी जांच की तथा सेंटर में कार्यरत स्टार्टअप उद्यमियों से संवाद किया।

    सेंटर की प्रभारी प्रो. सुमिता कच्छवाहा ने टीम को ईसीएच सेंटर की स्थापना, उद्देश्यों और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रूसा 2.0 योजना के तहत ईसीएच सेंटर को 15 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी, जिसमें से लगभग 8.5 करोड़ रुपये का उपयोग सेंटर के विकास में किया जा चुका है, जबकि शेष लगभग 6.5 करोड़ रुपये की राशि सुविधाओं के विस्तार हेतु उपयोग की जाएगी। वर्तमान में रूसा 2.0 परियोजना की समयसीमा दिसंबर 2025 तक निर्धारित है।

    प्रो. कच्छवाहा ने बताया कि ईसीएच सेंटर स्टार्टअप पोषण, नवाचार और अनुसंधान गतिविधियों के लिए अत्यंत संभावनाशील केंद्र है। यहां उच्च स्तरीय उपकरण एवं सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जिनमें GCMS, HPLC, FTIR, Cell Culture Facility, Scale-up Lab, Startup Zone और Incubatee Space शामिल हैं। इन अत्याधुनिक संसाधनों का उपयोग छात्र, शोधार्थी और स्टार्टअप उद्यमी अपनी अभिनव परियोजनाओं को विकसित करने में कर रहे हैं।

    सेंटर में अब तक 45 से अधिक स्टार्टअप्स इन्क्यूबेट किए जा चुके हैं, 9 पेटेंट प्रकाशित हुए हैं और कई उद्यमियों को राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय अनुदान प्राप्त हुए हैं। प्रमुख स्टार्टअप्स में Solana Glasses — एक अगली पीढ़ी का एआई-सुसज्जित स्मार्ट चश्मा, Climatech Pvt. Ltd. — कार्बन सेक्वेस्टरेशन तकनीक विकसित करने वाली इकाई, Siyas Ecofriendly — पर्यावरण अनुकूल उत्पादों पर कार्यरत स्टार्टअप, Captcha Robotics — रोबोटिक्स और स्वचालन तकनीक पर आधारित नवाचार, तथा Sodani Biotech — बैक्टीरिया और पौधों से प्राकृतिक रंगों के निष्कर्षण की तकनीक पर कार्यरत स्टार्टअप शामिल हैं।

    सेंटर से इन्क्यूबेटेड Trace Zero स्टार्टअप, जिसके संस्थापक डॉ. प्रमोद कुमार शर्मा, दीपेन्द्र सिंह और रीतम चौधरी हैं, ने हाल ही में एनसीसीबीएम (NCCBM) द्वारा आयोजित CEMHAK Green Infra प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के तहत Trace Zero को ₹1,00,000 (एक लाख रुपये नकद पुरस्कार) प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि Trace Zero ने हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय एमओयू भी किया है, जिससे यह स्टार्टअप वैश्विक स्तर पर अपने नवाचारों को विस्तार देने की दिशा में अग्रसर है।

    इस अवसर पर ईसीएच सेंटर के कार्यरत सदस्य डॉ. सुनील छिम्पा, डॉ. विपिन यादव और दीपक कुमार शर्मा ने ऑडिट टीम के साथ पूरे निरीक्षण कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय किया।

    ईसीएच सेंटर विश्वविद्यालय में नवाचार, उद्यमिता और अनुसंधान को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को आत्मनिर्भरता, हरित प्रौद्योगिकी और वैश्विक सहयोग की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।

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