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    ऑल राजस्थान यूनिवर्सिटीज टीचर्स एसोसिएशन (ARUTA) के प्रतिनिधिमंडल ने नवनियुक्त कुलपति प्रो. बी.पी. सारस्वत का किया स्वागत, शिक्षकों एवं पेंशनरों की लंबित समस्याओं पर हुई विस्तृत चर्चा

    1 hour ago

    जयपुर: आज वरिष्ठ शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति प्रो. बी.पी. सारस्वत से मुलाकात कर उनका साफा पहनाकर, माल्यार्पण कर, पुष्पगुच्छ तथा भगवान श्रीनाथजी की मनमोहक छवि का स्मृति चिह्न भेंट कर भव्य स्वागत किया। माननीय कुलपति ने स्वयं सिंडिकेट हॉल में प्रतिनिधिमंडल से आत्मीयता से मुलाकात की।

    ऑल राजस्थान यूनिवर्सिटीज टीचर्स एसोसिएशन (ARUTA) के अध्यक्ष प्रो. बी.डी. रावत एवं उपाध्यक्ष प्रो. मधुसूदन ने कुलपति को अवगत कराया कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा 29 नवंबर 2018 को दिए गए निर्णय के तहत 98 वरिष्ठ शिक्षकों को उनकी प्रथम नियुक्ति तिथि से ही करियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) का लाभ दिए जाने का स्पष्ट आदेश दिया गया है।

    विश्वविद्यालय की स्क्रीनिंग, यूजीसी गाइडलाइंस, राज्य सरकार के निर्देशों तथा विश्वविद्यालय अधिनियम की धारा 5 के तहत गठित चयन समिति द्वारा साक्षात्कार के बाद इन शिक्षकों को प्रोफेसर पद पर पदोन्नत भी किया जा चुका है, जिसके संदर्भ में सिंडिकेट द्वारा 21 सितंबर 2021 को पदोन्नति पत्र जारी किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय एवं राज्य सरकार द्वारा दायर समीक्षा याचिकाएं (Review Petitions) भी 5 नवंबर 2019 को खारिज हो चुकी हैं।

    शिक्षकों ने बताया कि इस संबंध में उच्च शिक्षा मंत्री तथा प्रधान सचिव (उच्च शिक्षा) से 5 से 7 बार मुलाकात की जा चुकी है, लेकिन हर बार मिले आश्वासनों के बावजूद अब तक सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार फिक्सेशन (वेतन निर्धारण) का कार्य लंबित है।

    कुलपति ने शिक्षकों की समस्याओं को अत्यंत धैर्यपूर्वक सुना और सहमति व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार शिक्षकों की सेवा गणना और फिक्सेशन के मुद्दे पर प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता कर जल्द से जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वे इस मामले को शीघ्र सुलझाने के लिए राज्य सरकार के समक्ष भी प्रभावी ढंग से उठाएंगे।

    बैठक के दौरान प्रो. मीनाक्षी चतुर्वेदी, प्रो. बी.एल. गुप्ता, प्रो. अनिल बंसल एवं प्रो. आर.के. गुर्जर ने भी विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार हेतु अपने बहुमूल्य सुझाव दिए, ताकि विश्वविद्यालय 80 के दशक की तरह पुनः अपनी अकादमिक साख और गौरव प्राप्त कर सके।

    प्रो. बी.डी. रावत ने पेंशनरों की समस्याओं को रेखांकित करते हुए कुलपति से अनुरोध किया कि वरिष्ठ शिक्षकों को समय पर पेंशन मिले, इसके लिए ठोस प्रयास किए जाएं। उन्होंने सुझाव दिया कि जब तक राज्य सरकार पेंशन का दायित्व अपने हाथ में नहीं लेती, तब तक विश्वविद्यालय के लिए अपने स्वयं के संसाधनों से पेंशन का भुगतान करना संभव नहीं होगा। इस पर कुलपति ने बताया कि उन्होंने कुलाधिपति को इस संबंध में पत्र लिखा था, जिस पर आज ही संदेश प्राप्त हुआ है। उन्होंने वित्त अधिकारी को इस संदर्भ में एक विस्तृत टिप्पणी (Note) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है और विश्वास दिलाया कि वे इस समस्या का समाधान निकालने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

    अंत में प्रो. मधु भट्ट एवं प्रो. सोमना दत्त ने प्रतिनिधिमंडल की ओर से माननीय कुलपति का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने लगभग एक घंटे तक शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समझा। कुलपति ने भी उपस्थित शिक्षकों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विश्वविद्यालय को अकादमिक रूप से समृद्ध बनाने में सहयोग की अपील की, जिस पर शिक्षकों ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

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