Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    पंचायत चुनाव दीपावली के बाद करवाए जाएं, परीक्षाओं और त्योहारी सीजन में न हो शिक्षकों-अभिभावकों-विद्यार्थियों की परेशानी — संयुक्त अभिभावक संघ

    10 hours ago

    जयपुर। राजस्थान में प्रस्तावित पंचायत चुनावों को लेकर संयुक्त अभिभावक संघ ने राज्य निर्वाचन आयोग से चुनाव कार्यक्रम दीपावली एवं विद्यालयों की अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के बाद निर्धारित करने की मांग की है। संघ ने इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग सहित संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के हित में चुनाव तिथियों के निर्धारण में शिक्षा विभाग के परीक्षा कार्यक्रम एवं अवकाश कैलेंडर को ध्यान में रखने का आग्रह किया है।

    संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि अक्टूबर-नवंबर का समय विद्यार्थियों की पढ़ाई, अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं तथा दीपावली सहित अन्य प्रमुख त्योहारों के कारण पहले से ही महत्वपूर्ण रहता है। ऐसे समय में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया होने से विद्यालयों में परीक्षा व्यवस्था, शिक्षक उपलब्धता और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है।

    उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों में सरकारी शिक्षकों एवं अन्य सरकारी कार्मिकों की चुनावी ड्यूटी लगाई जाती है। वहीं अनेक विद्यालयों को मतदान केंद्र के रूप में भी उपयोग किया जाता है। यदि चुनाव और अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं एक-दूसरे के आसपास होती हैं तो शिक्षकों के सामने चुनाव ड्यूटी और परीक्षा संचालन का दोहरा दबाव उत्पन्न हो सकता है।

    चुनाव जरूरी, लेकिन विद्यार्थियों की पढ़ाई भी उतनी ही महत्वपूर्ण

    अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि संघ किसी भी लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया के खिलाफ नहीं है। चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन चुनाव कार्यक्रम ऐसा हो जिससे विद्यार्थियों की शिक्षा और परीक्षाएं प्रभावित न हों।

    उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग से मांग की कि—

    1. अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं की अवधि में चुनाव कार्यक्रम नहीं रखा जाए।

    2. दीपावली एवं प्रमुख त्योहारी अवकाश के दौरान चुनावी गतिविधियों से यथासंभव बचा जाए।

    3. पंचायत चुनाव दीपावली के बाद करवाए जाएं।

    4. चुनाव कार्यक्रम निर्धारित करने से पहले शिक्षा विभाग के परीक्षा एवं अवकाश कैलेंडर का समन्वय किया जाए।

    5. विद्यालयों को मतदान केंद्र बनाए जाने की स्थिति में परीक्षा एवं चुनाव के बीच पर्याप्त अंतर रखा जाए।

    “बच्चों की परीक्षा और परिवार का त्योहार—दोनों सुरक्षित रहें”

    संघ ने कहा कि दीपावली केवल एक त्योहार नहीं बल्कि परिवारों के लिए सामाजिक एवं पारिवारिक जुड़ाव का महत्वपूर्ण अवसर भी है। वहीं विद्यार्थियों के लिए अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं उनकी शैक्षणिक प्रगति से जुड़ी महत्वपूर्ण परीक्षाएं हैं। इसलिए चुनाव की तिथि निर्धारित करते समय विद्यार्थियों और परिवारों की सुविधा को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

    संयुक्त अभिभावक संघ ने राज्य निर्वाचन आयोग से उम्मीद जताई है कि विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए पंचायत चुनाव दीपावली के बाद कराने पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।

     

    Click here to Read More
    Previous Article
    राजकीय महाविद्यालय जयपुर में आत्म रक्षा प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन: छात्राओं को सिखाये गए आत्म रक्षा के गुर
    Next Article
    कैप्टन स्मित मच्छार को अशोक चक्र से सम्मानित करने की भारत सरकार से अभाविप की मांग: डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी

    Related राजस्थान Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment