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    सरकार का फैसला जल संरक्षण के खिलाफ, टांका है थार की जीवन रेखा-अभिषेक चौधरी

    2 months ago

    जयपुर. कॉंग्रेस नेता अभिषेक चौधरी ने मनरेगा के तहत किसानों के खेतों में टांका निर्माण पर रोक लगाने के सरकार के आदेश पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह निर्णय राजस्थान जैसे जल-संकटग्रस्त राज्य के हितों के विपरीत है। दरअसल, 21 अक्टूबर को ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की ओर से एक आदेश जारी किया गया, जिसके तहत मनरेगा की “अपना खेत, अपना काम” योजना में निजी कृषि भूमि पर टांका निर्माण पर रोक लगा दी गई है। विभाग का तर्क है कि यह कार्य मनरेगा के उद्देश्यों के अनुरूप नहीं है। अभिषेक चौधरी ने कहा कि यह निर्णय उन लाखों ग्रामीण परिवारों के लिए कठिनाई खड़ी करेगा जो जल संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान का अधिकांश हिस्सा हर साल भीषण गर्मी और जल संकट का सामना करता है, ऐसे में टांका निर्माण जैसी पारंपरिक जल संरचनाएं ग्रामीणों के जीवन का अहम हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि थार और शुष्क इलाकों में टांके केवल जल संग्रहण का साधन नहीं, बल्कि संस्कृति और जीवनशैली का हिस्सा हैं। टांका निर्माण पर रोक लगाना न केवल किसानों की जरूरतों को नज़रअंदाज करना है, बल्कि जल संरक्षण के प्रयासों को भी कमजोर करना है। अभिषेक चौधरी ने कहा कि यदि सरकार को योजना में अनियमितताओं की चिंता है, तो उसे निगरानी तंत्र को मजबूत करना चाहिए, न कि ग्रामीणों की आजीविका और जल सुरक्षा से जुड़े कार्यों पर रोक लगानी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि इस आदेश को तुरंत वापस लिया जाए और टांका निर्माण जैसे पारंपरिक जल संरक्षण उपायों को मनरेगा के तहत जारी रखते हुए राजस्थान को जल संकट से उबारने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।

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