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    शिक्षा विभाग में उप प्रधानाचार्य के पद कम एवं प्रधानाचार्य के पद अधिक होने से पदोन्नति असंतुलन

    2 months ago

    प्रमोशन पिरामिड युक्ति युक्त बनाने के लिए उप प्रधानाचार्य पदों में बढ़ोतरी की जाएं

     राज्य सरकार के विभागों में अधिक पदों में से कम पदों पर पदोन्नतियां करने का प्रावधान है। शिक्षा विभाग में व्याख्याता से उप प्रधानाचार्य तथा इससे प्रधानाचार्य पदों पर पदोन्नतियां होती है।   लेकिन प्रधानाचार्य पदों की संख्या अधिक एवं उप प्रधानाचार्य पदों की संख्या कम होने से पदोन्नति का पिरामिड युक्ति युक्त नहीं है।  विभाग में 3 अतिरिक्त निदेशक 18 संयुक्त निदेशक 67 उपनिदेशक 534 जिला शिक्षा अधिकारी 19252 प्रधानाचार्य 12404 उप प्रधानाचार्य 57194 व्याख्याता 126496 वरिष्ठ अध्यापक 275320 अध्यापक के पद हैं।  राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश मुख्य महामंत्री महेंद्र पाण्डे ने बताया की बीकानेर निदेशालय, संयुक्त निदेशक, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, मुख्य ब्लाक शिक्षा अधिकारी, एससीईआरटी उदयपुर, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर, स्टेट ओपन सकूल जयपुर, स्कूल शिक्षा परिषद जयपुर, समग्र शिक्षा, आरपीएससी अजमेर, कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर, उच्च अध्ययन शिक्षा संस्थान, डाइट में विविध नाम से व्याख्याता के पद आवंटित हैं। राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा कहा कि सभी उच्च माध्यमिक विद्यालय में उप प्रधानाचार्य का एक पद स्वीकृत तथा सभी कार्यालयों व संस्थानों में स्वीकृत व्याख्याता पदों को उप प्रधानाचार्य पदों में अपग्रेड किया जाना समीचीन रहेगा ताकि पदोन्नति का पिरामिड युक्ति युक्त हो सके।

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