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    प्रख्यात पत्रकार कल्याण दा हमारे बीच नहीं रहे....

    प्रख्यात पत्रकार कल्याण सिंह कोठारी हमारे बीच नहीं रहे! आज 18 मई को सुबह 12 बजे अपने निवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली! आप अपने पीछे हंसा कोठारी- पत्नी, पुनीत कोठारी-बेटा, संजना कोठारी-बहु, पूर्वा मोहनोत्-बेटी, अभय मोहनोत् - दामाद, ईशी- पोत्री, निशिका एवं अनिकेत- दोहिता एवं दोहीती सहित भरा पुरा परिवार छोड़कर गए है! आप का चले जाना पत्रकारिता जगत के लिए एक अपूर्णीय क्षति है, जिसे पूरा नहीं किया जा सकता, मगर आप के लेखन से आने वाली पीढ़िया निरंतर लाभांवित होती रहेंगी!   7 जून 1944 को जोधपुर में जन्मे देश के प्रख्यात एवं वयोवृद्ध पत्रकार कल्याणसिंह कोठारी परिचय के मोहताज नहीं है। अपने जीवन के 83 बसंत देख चुके कोठारी ने अपने बचपन से लेकर युवा अवस्था तक अध्ययन एवं अनेक कार्ययोजनाओं में कीर्तिमान स्थापित किए हैं। वहीं, दूसरी ओर जीवन की परवाह किए बिना अनेक प्रकार की पत्रकारिता की है। इनमें भारत-पाकिस्तान के युद्ध के समय आप जब वॉर जर्नलिस्ट के रूप में जोधपुर से खबरें लिख रहे थे तब कुछ मीटर की दूरी पर बम के धमाकों की आवाज सुनाई देती थी, जो आज भी आप के कानों में गूंजती है। यह सब आपके संघर्षपूर्ण जीवन की कहानी को बयां करती है।   इतना ही नहीं यु़द्ध के समय बंकरों में रहकर सीमित संसाधनों के चलते भूखे-प्यासे रहकर भी आपने दिन बिताए एवं जान जोखिम में डालकर पाठकों के लिए युद्ध की स्थितियों का शब्दों के माध्यम से चित्रांकन कर जो कार्य किया वह न केवल काबिले तारीफ है बल्कि प्रेरणास्पद भी है। आप के कार्यानुभव से सैकड़ों पत्रकार, मीडिया शिक्षक, मीडिया शोधार्थी एवं विद्यार्थी लाभांवित हो चुके हैं। आप पर प्रोफेसर ( डॉ) रमेश कुमार रावत द्वारा लिखी गई पुस्तक एवं बनाई गई डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'मीडिया मेकर्स ऑफ राजस्थान- कल्याणसिंह कोठारी' ने काफी सुर्खियां बटोरीं तो आप पर बनी फिल्म एवं पुस्तक को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्‍स एवं एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी शामिल किया गया।   इतना ही नहीं आप ने ऑल इंडिया मीडिया एज्यूकेटर्स कॉन्फ्रेंस की नींव भी आपने देश के प्रख्यात मीडिया शिक्षक डॉ. संजीव भानावत के साथ मिलकर रखी। जिसमें चार संस्करणों में करीब 1200 से अधिक मीडिया शिक्षकों, मीडिया प्रोफेशनल्स ने शोध पत्र प्रस्तुत किए हैं।     कोठारी जी इं‍जीनियर बनना चाहते थे, लेकिन गणित अच्छी नहीं होने के कारण इसे जारी नहीं रख पाए और आर्ट्‍स में एडमिशन ले लिया। आगे चलकर वकालत भी की एवं पत्रकारिता में अपना करियर बनाने का निश्चय किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में युद्ध पत्रकारिता, विधि पत्रकारिता, राजनैतिक पत्रकारिता, विकासात्मक पत्रकारिता, बाल संरक्षण एवं पंचायत पत्रकारिता, यूएन बॉडीज एवं सिविक पत्रकारिता, सिटीजन जर्नलिज्म, खोजी पत्रकारिता, आर्थिक पत्रकारिता, सांस्कृतिक एवं एतिहासिक स्थल पत्रकारिता, स्वास्थ्य पत्रकारिता आदि में आपका अनूठा योगदान रहा है।   लोक संवाद संस्थान-बाल संरक्षण एवं मीडिया एडवोकेसी संस्थान में भी आप सचिव के रूप में कार्य किया है। पत्रकारिता के बाद सफल जनसंपर्ककर्मी, मीडिया सलाहकार के रूप में आपने देश-विदेश की अनेक संस्थाओं में न केवल सेवाएं दीं अपितु मार्गदर्शन भी किया है। आपको विभिन्न संस्थाओं द्वारा समय-समय पर सम्मानित किया गया। इसी कड़ी में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने माणक अलंकरण से भी सम्मानित किया था। पत्रकारिता के क्षेत्र में रहते हुए आपने अमेरिका, यूरोप एवं दुबई की यात्राएं कीं एवं वहां के शैक्षणिक संस्थानों में भ्रमण भी किया।   आप का इस प्रकार से चले जाना पत्रकारिता जगत के लिए अपूर्णीय क्षति है! बाबा आमटे दिव्यांग यूनिवर्सिटी जयपुर के कुलपति डॉ देव स्वरूप, इंडिया हेबिटेट सेंटर दिल्ली के निदेशक प्रो के जी सुरेश, राजस्थान विश्वविद्यालय के जन संचार केंद्र के पूर्व अध्यक्ष प्रो संजीव भानावत सहित देश के हर प्रदेश से मीडिया शिक्षकों एवं पत्रकारों ने अपनी शोक सवेदना व्यक्त की है!  

    वाहन चालक भर्ती 2024: ट्रेड टेस्ट शुरू करवाने की मांग को लेकर बेरोजगार यूनियन के नेतृत्व में अभ्यर्थी पहुंचे

    वाहन चालक भर्ती 2024: ट्रेड टेस्ट शुरू करवाने की मांग को लेकर बेरोजगार यूनियन के नेतृत्व में अभ्यर्थी पहुंचे कानून मंत्री जोगाराम पटेल के पास वाहन चालक भर्ती 2024 का लिखित परीक्षा परिणाम जारी हुए चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक ट्रेड टेस्ट शुरू नहीं किया गया है। इस मुद्दे को लेकर बेरोजगार यूनियन के नेतृत्व में अभ्यर्थियों ने राजस्थान के कानून मंत्री जोगाराम पटेल से मुलाकात की। बेरोजगार यूनियन के अध्यक्ष हनुमान किसान और संयोजक रविन्द्र चौधरी ने बताया कि अभ्यर्थी लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं और परेशानी झेल रहे हैं। उन्होंने मंत्री जी से ट्रेड टेस्ट शीघ्र शुरू करने की मांग की। मंत्री जोगाराम पटेल ने अभ्यर्थियों की समस्या को गंभीरता से सुना और सकारात्मक वार्ता की। उन्होंने जल्द ही ट्रेड टेस्ट शुरू किए जाने को लेकर खुशखबरी मिलने का आश्वासन दिया।।  

    उन्नत भारत अभियान के तहत बियानी इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट (नर्सिंग विभाग) द्वारा ग्रामीण सर्वे एवं जागरूकता अभियान आयोजित

    ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता कार्यक्रम संपन्न जयपुर। बियानी इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट (नर्सिंग विभाग) की टीम द्वारा भारत सरकार की ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वाकांक्षी परियोजना ‘उन्नत भारत अभियान’ के तहत ग्रामीण सर्वे एवं जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। यह अभियान बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेस के चेयरमैन डॉ. राजीव बियानी एवं डायरेक्टर डॉ. प्रो. संजय बियानी के निर्देशन में संचालित किया गया।   इस अभियान के तहत डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी ने बताया कि यह कार्यक्रम ‘उन्नत भारत अभियान’ के अंतर्गत आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को ग्रामीण भारत की समस्याओं, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को समाज सेवा, व्यवहारिक ज्ञान एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अंतर्गत संचालित नई शिक्षा व्यवस्थाओं से जोड़ते हैं।   अभियान के अंतर्गत यू बी ए पीआई कोऑर्डिनेटर रेम्या रेंजर एवं पायल सैनी के नेतृत्व में 50 से अधिक विद्यार्थियों की टीम ने फतेहपुरा एवं हिम्मतपुरा गांवों में सर्वे कार्य किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में पहुँचकर लोगों को स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया।   अभियान में विद्यार्थियों ने ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझा तथा उन्हें आवश्यक सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रदान की।   कार्यक्रम के सफल आयोजन पर संस्थान प्रमुख लता पी.एस., विभागाध्यक्ष डॉ. जिशु बैजू एवं बियानी गर्ल्स कॉलेज के डीन व प्राचार्य डॉ. ध्यानसिंह गोठवाल ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए इस पहल को समाजहित में महत्वपूर्ण बताया।  

    राजस्थान के शिक्षक नेता विपिन प्रकाश शर्मा टीचर्स फैडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत

    देश के सभी राज्यों के शिक्षकों के संगठन टीचर फैडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ दिनेश चन्द्र शर्मा ने राजस्थान से राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा को टी एफ आई का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत किया है।   गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2010 से पूर्व लगे शिक्षकों की टेट की अनिवार्यता लागू की गई थी जिसके खिलाफ देश के बड़ी संख्या में शिक्षक रामलीला मैदान दिल्ली में टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले इकट्ठे हुए थे, इस नियम से देश-भर के 20 लाख से अधिक शिक्षक इससे प्रभावित हो रहे हैं इस प्रदर्शन में राजस्थान के शिक्षकों ने बढ़कर हिस्सा लिया इसको देखते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने विपिन प्रकाश शर्मा को राष्ट्रीय संगठन टी एफआई में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष घोषित किया गया।   नवनिर्वाचित राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने बताया कि देश के शिक्षकों के रामलीला प्रदर्शन का सबसे बड़ा असर यह रहा की कार्यपालिका तथा न्यायपालिका ने इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों के दिल्ली में प्रदर्शन के कारण दोनों का ध्यान आकर्षित हुआ तथा सबसे बड़ी सुखद ख़बर यह रही कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले पर रिव्यू पिटीशन को स्वीकार कर लिया तथा 13 मई को‌ ओपन कोर्ट में सुनवाई हुई ,जिसमें टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया की तरफ़ से देश के नामी अधिवक्ताओं द्वारा पैरवी की गई।   सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा हुआ है जिससे सभी शिक्षक उम्मीद कर रहे हैं फैसला शिक्षकों के पक्ष में आएगा और 20 लाख शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से मुक्ति मिलेगी।   शर्मा ने बताया कि इसके बाद देश भर में एक राष्ट्र एक वेतन तथा पुरानी पेंशन की बहाली के मुद्दे को लेकर टीचर फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया जोर-शोर से कार्य करेगा।  

    5 जून को जयपुर से जाएगी द्वारका–नागेश्वर–सोमनाथ के लिए विशेष ट्रेन

    वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत प्रदेशभर के 1000 वरिष्ठजन करेंगे यात्रा जयपुर। देवस्थान विभाग राजस्थान सरकार की ओर से “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा” के तहत विशेष धार्मिक पर्यटक ट्रेन का संचालन 5 जून-2026 को किया जाएगा। यह ट्रेन जयपुर के दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन से दोपहर करीब 3 बजे दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन से रवाना होगी। प्रदेशभर के लगभग 1000 वरिष्ठजन द्वारका, नागेश्वर और सोमनाथ के दर्शन के लिए विशेष ट्रेन से जाएंगे। यह विशेष ट्रेन 5 जून को जयपुर से रवाना होंगे। देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि इस विशेष ट्रेन में जयपुर के अलावा अजमेर व आबू रोड स्टेशन से भी वरिष्ठजन सवार होंगे। देवस्थान विभाग मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि यह यात्रा वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत चयनित उन श्रद्धालुओं के लिए आयोजित की जा रही है, जो पहले किसी कारणवश यात्रा पर नहीं जा सके थे। इसके लिए सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश भेज दिए गए हैं। जिस जिले में जितने यात्री प्रतीक्षा लिस्ट में हैं, उसी अनुपात में उन्हें इस यात्रा में शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अजमेर और आबू रोड स्टेशन पर करीब 20 मिनट का ठहराव रहेगा, जहां यात्रियों की बोर्डिंग और अन्य व्यवस्थाएं पूरी की जाएंगी। 6 जून को सुबह करीब 11:30 बजे ट्रेन सोमनाथ पहुंचेगी। यहां यात्रियों को होटल में ठहराया जाएगा। विश्राम के बाद स्थानीय धार्मिक और दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। 7 जून को सोमनाथ के शेष दर्शनीय स्थलों के दर्शन करवाने के बाद रात करीब 11:30 बजे ट्रेन द्वारका के लिए रवाना होगी। 8 जून को सुबह करीब 6 बजे द्वारका पहुंचने पर यात्रियों को होटल ट्रांसफर और विश्राम की सुविधा दी जाएगी। इसके बाद द्वारकाधीश मंदिर सहित स्थानीय धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। 9 जून को दिनभर भ्रमण कार्यक्रम के बाद शाम करीब 6 बजे विशेष ट्रेन जयपुर के लिए रवाना होगी। 10 जून को शाम करीब 4 बजे ट्रेन जयपुर पहुंचेगी। वापसी के दौरान अजमेर और आबू रोड स्टेशन पर भी यात्रियों के उतरने की व्यवस्था रहेगी। मंत्री कुमावत ने बताया कि ट्रेन में कुल 14 वातानुकूलित कोच, 2 पावर कार और 1 पैंट्री कार लगाई जाएगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भोजन, होटल में ठहरने, स्थानीय परिवहन और दर्शनीय स्थलों के भ्रमण की पूरी व्यवस्था देवस्थान विभाग की ओर से की जाएगी। देवस्थान विभाग ने तीर्थयात्रियों की पूरी यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। ट्रेन में एक ट्रेन प्रभारी, प्रत्येक कोच में दो अनुदेशक, साथ ही एक डॉक्टर और दो नर्सिंग कर्मचारी तैनात रहेंगे।  

    इंद्रिय से विषयों के संबंध का आधार बनता है षड्विधसन्निकर्ष : प्रो० बीना अग्रवाल

    भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद्‌ एवं केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर परिसर के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित सप्त दिवसीय वैशेषिकदर्शनाधारित कार्यशाला के छठे दिन विषय विशेषज्ञ के रूप में राज० वि० वि० जयपुर परिसर की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो० बीना अग्रवाल उपस्थित रहीं। आपने बताया कि जब भी किसी विषय का प्रत्यक्ष किया जाता है तो जिस विषय को द्रष्टा देखता है उस विषय के साथ उसकी नेत्रेन्द्रिय का जो संपर्क होता है उसीको वैशेषिक दर्शन में सन्निकर्ष नाम से जाना जाता है, यह सन्निकर्ष छ: प्रकार का माना गया है- संयोग,‌ संयुक्त समवाय, संयुक्त समवेत समवाय, समवाय, समवेत समवाय एवं विशेषण विशेष्य भाव‌ सन्निकर्ष। घट, घटरूप, घटरूपत्व, शब्द, शब्दत्व नीलघट आदि के लौकिक उदाहरण से आपने षड्विध सन्निकर्ष को समझाया। कार्यक्रम की सहसंयोजक डॉ० रानी दाधीच ने बताया कि प्रतिभागियों ने समझा कि पदार्थो में रहने वाले गुण अनेक संबंधों से रहते है। व्याप्य-व्यापक, धर्म-धर्मी, आदि संबंधी देशिक व कालिक व्याप्यवृत्तित्व-अव्याप्यवृत्तित्व सम्बन्ध भी प्रतिभागियों ने सूक्ष्मतया समझा। कार्यशाला के संयोजक डॉ० सच्चिदानंद स्नेही ने बताया कि किसी भी पदार्थ का जब प्रत्यक्ष करते हैं तो वहां चार प्रक्रियाएं स्वत: समकाल में ही हो जाती हैं। क्रिया, क्रिया से संयोग, पूर्वदेश से विभाग, उत्तरदेश की प्राप्ति इन चारों की प्राप्ति से ही ‘यह घट है’, ‘यह पट है’ इस प्रकार का धारावाहिक ज्ञान उत्पन्न होता है जिससे प्रत्यक्ष होता है। द्वितीय सत्र के विशेषज्ञ प्रो० श्री कृष्ण शर्मा ने बताया कि वह अपने आप को सौभाग्यशाली मानते हैं कि पाश्चात्य तर्कशास्त्र एवं भारतीय तर्कशास्त्र के उद्भट विद्वान प्रो० पाही के साथ चर्चाओं तथा चिंतन सत्रों के माध्यम से उनका मंतव्य नजदीक से जानने तथा समझने का अवसर प्राप्त हुआ। प्रो० शर्मा ने बताया कि प्रो० पाही प्रगतिशील विचारधारा के विद्वान है, आधुनिक समय में उनके भिन्न दृष्टिकोणों को समाज में प्रचारित व प्रसारित करने की दृष्टि से इस प्रकार की पद्धतिमूलक कार्यशाला अत्यंत सराहनीय कदम है। भासर्वज्ञ एवं रघुनाथ शिरोमणि के ग्रंथों का पुरजोर समर्थन प्रो० पाही के ग्रंथ में दृष्टिगोचर होता है प्रोफेसर पाही की दृष्टि से पृथकत्व, परत्व, अपरत्व आदि गुणों के अस्तित्व तथा अनस्तित्व का सू क्ष्म विवेचन आपने अपने उद्बोधन में स्पष्ट किया। कार्यशाला के संयोजक डॉ० सच्चिदानंद स्नेही ने बताया कि छठे दिन के दो सत्रों में व्याख्यान तथा दो सत्रों में प्रतिभागियों द्वारा शोधपत्रों की प्रस्तुति दी गई, कार्यशाला में सीखे गए विषयों का प्रतिपादन प्रतिभागियों द्वारा किया गया, यह आउटकम बेस्ड लर्निंग का अनुपम उदाहरण है। लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ, नई दिल्ली के आचार्य महानंद झा तथा जयपुर परिसर के सह निदेशक (प्रशासन) प्रोफेसर शीशराम डॉ० चेतन कुमार, डॉ० राजेश अधिकारी सहित अनेक विद्वान उपस्थित रहे।  

    टेक्सटाइल डाइंग एवं प्रिंटिंग” कार्यशाला का सफल आयोजन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय जयपुर के गृह विज्ञान एवं जीपीईएम विभाग द्वारा दिनांक 14 से 16 मई 2026 तक तीन दिवसीय “टेक्सटाइल डाइंग एवं प्रिंटिंग” कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं को पारंपरिक एवं आधुनिक वस्त्र रंगाई व छपाई तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना था। प्राचार्य डॉ सीमा अग्रवाल ने छात्राओं को सक्रिय रूप से भाग लेने तथा इस अवसर का उपयोग अपनी व्यावहारिक एवं रचनात्मक क्षमताओं के विकास हेतु करने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला के प्रथम दिन (14ध्5ध्26) सत्र विशेषज्ञ पापिया बनर्जी, सहायक आचार्य, जीपीईएम विभाग, कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय जयपुर, ने छात्राओं को टेक्सटाइल डाइंग एंड प्रिंटिंग की मूलभूत अवधारणाओं से परिचित कराया। उन्होंने वस्त्र, फैशन एवं होम फर्निशिंग के क्षेत्र में इन तकनीकों के महत्व को समझाइए तथा विभिन्न रंगाई एवं छपाई विधियों की सैद्धांतिक जानकारी दी। कार्यशाला के दूसरे दिन (15ध्5ध्26) सत्र विशेषज्ञ निक्कू शेखावत, सहायक आचार्य, श्री भवानी निकेतन महाविद्यालय जयपुर ने लेहरिया, प्लीटिंग, बांधनी, शिबोरी एवं मार्बलिंग जैसी टाई-एंड-डाई तकनीकों का प्रदर्शन किया। उन्होंने कपड़े की रंगाई हेतु डाई बाथ तैयार करने की प्रक्रिया भी समझाई। कार्यषाला के तीसरे दिन (16ध्5ध्26) छात्राओं ने ब्लॉक प्रिंटिंग एवं स्क्रीन प्रिंटिंग तकनीकों, प्रिंटिंग टेबल की उचित व्यवस्था, रंगों की तैयारी, ब्लॉक एवं स्क्रीन के सही उपयोग तथा आकर्षक एवं साफ प्रिंट प्राप्त करने के उपयोगी सुझाव साझा किए। यह कार्यशाला सभी प्रतिभागियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, उपयोगी एवं सहभागितापूर्ण रही। इसमें लगभग 60 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।  

    पोद्दार संस्थान बेस्ट एनजीओ अवाॅर्ड ऑफ द ईयर 2026 से सम्मानित

    नई दिल्ली में आयोजित इंडियन सीएसआर एवं सस्टेनेबिलिटी अवार्ड 2026 में पोद्दार संस्थान को बेस्ट एनजीओ अवाॅर्ड ऑफ द ईयर 2026 से नवाजा गया। जयपुर जयपुर के पोद्दार संस्थान को इंडियन सीएसआर एवं सस्टेनेबिलिटी की ओर से दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में बेस्ट एनजीओ अवाॅर्ड ऑफ द ईयर 2026 से सम्मानित किया गया है। संस्थान के चेयरपर्सन डॉ. आनंद पोद्दार ने इस अवार्ड को ग्रहण किया। पोद्दार संस्थान को ये अवॉर्ड उनके द्वारा सस्टेनेबिलिटी, पर्यावरण, कौशल विकास, उद्यामिता विकास के क्षेत्र मे विशेष योगदान के लिए बिसलेरी व एसएल बी कंपनी द्वारा प्रदान किया गया। इस आयोजन के जरिए प्रभावशाली सीएसआर प्रयासों, सस्टेनेबिलिटी-आधारित नवाचारों और समाज व आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए काम करने वाले लीडर्स को सम्मानित किया जाता है। अवार्ड से नवाजे जाने पर डाॅ. आनंद पोद्दार ने खुशी जताते हुए कहा कि इस मंच से दूरदर्शी एवं समाज के प्रति बेहतर सोच एवं सकारात्मक सोच रखने वाले एक बडे समूह के द्वारा यह सम्मान प्राप्त करना निश्चित रूप से गौरव का पल है, जो आगे और बेहतर करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने इसे पोद्दार संस्थान की पूरी टीम के प्रयासों का प्रतिफल बताया। आयोजन के दौरान दिल्ली में होटल प्राइड में आयोजित कार्यक्रम में देश विदेश की कंपनीज के निदेशक, सीएसआर प्रमुख, एनजीओ प्रतिनिधि, प्रोफेशनल्स, शिक्षविद्, इंडस्ट्रियलिस्ट , सोशल एक्टिविस्ट और मीडिया सदस्य मौजूद थे। उलेखनीय है कि पोद्दार संस्थान 1998 में स्थापित एक राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त गैर-लाभकारी संस्था है, जो समावेशी विकास, सतत विकास, कौशल विकास, शिक्षा, उद्यमिता प्रोत्साहन, पर्यावरणीय स्थिरता और सामुदायिक सशक्तिकरण के प्रति दृढता से समर्पित है। प्रमुख परियोजनाओं में शिक्षा, आजीविका, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य जागरूकता, अनुसंधान, नवाचार, गरीबी उन्मूलन योजना, पर्यावरणीय स्थिरता पहल- प्लास्टिक-मुक्त अभियान, वृक्षारोपण अभियान, कम्पोस्टेबल बैग और डिजिटल कौशल , हरित उद्यमिता को बढावा, जलवायु अनुकूलन परियोजनाएँ, स्टार्टअप इन्क्यूबेशन समेत विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाती है।  

    शिक्षक संघ (सियाराम) के बैनर तले हजारों शिक्षकों ने विशाल रैली निकालकर किया आक्रोश व्यक्त

    मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन,शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका ग्रीष्मावकाश कटौती वापस लेने सहित मांग पत्र पर कार्यवाही की मांग रामगंजमंडी/कोटा / ग्रीष्मावकाश सहित अन्य अवकाशों में की गई मनमानी कटौती के विरोध एवं शिक्षक व शिक्षार्थियों की प्रमुख मांगों के समर्थन में राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।संगठन द्वारा घोषित प्रांतव्यापी आंदोलन के चौथे चरण के तहत शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी,कोटा में एक विशाल शिक्षक रैली एवं विरोध प्रदर्शन का आयोजन संगठन के मुख्य संरक्षक एवं प्रशासनिक अध्यक्ष सियाराम शर्मा के नेतृत्व में किया गया। रामगंजमंडी की सड़कों पर राज्यभर से आए लगभग तीन हजार शिक्षकों ने भीषण गर्मी व उमस की परवाह किए बगैर दोपहर एक बजे शिक्षा मंत्री के शिक्षकों की मांगों के प्रति उदासीनता को लेकर नारे लगाते हुए रैली निकालकर आक्रोश व्यक्त किया। रैली गोवर्धनपुरा माताजी मंदिर से आरंभ होकर सरकारी कुआं, माल गोदाम चौराहा, बाजार नंबर 5, अंबेडकर चौराहा, पंचमुखी रोड होते हुए उपखंड कार्यालय पहुंची। संगठन के मुख्य संरक्षक सियाराम शर्मा एवं प्रमुख पदाधिकारियों ने रैली मार्ग के मध्य वीर शहीद पन्नालाल यादव, महात्मा गांधी एवं डॉ. बी आर अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया। रैली के आरंभ में शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के पुतले की शव यात्रा भी निकाल उपखंड कार्यालय के बाहर शिक्षा मंत्री के पुतले का दहन कर मातम मनाकर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। पुतला दहन के पश्चात उपखंड अधिकारी श्रीमती चारु आईएएस को मुख्यमंत्री के नाम ग्रीष्मावकाश सहित अन्य अवकाश में की गई कटौती को वापस लेने एवं शिक्षक व शिक्षार्थियों की मांगों से संबंधित ज्ञापन दिए गए। रामगंज मंडी के मुख्य बाजारों से शिक्षा मंत्री के विरोध में निकाली गई विशाल शिक्षक रैली को स्थानीय लोगों का भरपूर समर्थन मिला।संगठन के प्रदेश महामंत्री रामदयाल मीणा ने बताया कि राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों व स्कूलों में उपलब्ध संसाधनों की कमी को देखते हुए ग्रीष्मावकाश में की गई मनमानी कटौती पूर्णतया एवं व्यावहारिक एवं अमानवीय है। शिक्षा मंत्री की इस मनमानी के विरोध में तथा शिक्षकों व शिक्षार्थियों की अन्य न्यायसंगत मांगों के समर्थन में प्रदेशभर के हजारों शिक्षक राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के बैनर तले शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी कोटा में गोवर्धनपुरा माताजी के मंदिर के पास एकत्रित हुए।संगठन के मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष नवीन कुमार शर्मा ने बताया कि लगभग तीन हजार की संख्या में शिक्षकों ने गोरधनपुरा माताजी मंदिर के पास एकत्रित होकर आम सभा की।इस आम सभा को संगठन के मुख्य संरक्षक सियाराम शर्मा, सभाध्यक्ष ललित आर पाटीदार, प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र शर्मा,कार्यकारी अध्यक्ष नवीन कुमार शर्मा,मुख्य महामंत्री व संयोजक संघर्ष समिति उम्मेद सिंह डूडी,महामंत्री रामदयाल मीणा,महिला अध्यक्ष मीना मंसूरिया,संस्कृत शिक्षा अध्यक्ष बनवारी लाल सैनी,संरक्षक राजेन्द्र प्रसफ़ शर्मा, ईश्वर दयाल शर्मा, लक्ष्मीनारायण स्वामी,श्याम सिंह जघीना,सुभाष चंद्र शर्मा, अशोक शर्मा,अशोक कुल्हरी,रामलाल मीणा,मनोज कश्यप,टीकेंद्र सिह,कृष्ण सिंह बैसला,अमर सिंह मीणा सहित कई पदाधिकारियों ने संबोधित किया। मंच संचालन मुकेश हाटवाल ने किया। सभा को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने बताया कि शिक्षा मंत्री के उदासीन रवैये के कारण तृतीय वेतन श्रंखला शिक्षकों की पिछले कई वर्षों से पदोन्नति नहीं हो पाई है,जिससे गणित अंग्रेजी व विज्ञान जैसे विषयों के वरिष्ठ अध्यापकों के हजारों पद रिक्त होने से विद्यार्थियों का बहुत नुकसान हो रहा है,साथ ही शिक्षक समानीकरण स्टॉपिंग पैटर्न का कार्य नहीं किए जाने से राज्य के हजारों कम नामांकन वाले विद्यालयों में अधिक शिक्षक एवं अधिक नामांकन वाले हजारों विद्यालयों में नाम मात्र के शिक्षक ही कार्य कर रहे हैं। सरकार के कार्यकाल के ढाई वर्ष गुजर जाने के बाद भी शिक्षक स्थानांतरण नीति लागू नही की गई है। राज्य में हजारों की संख्या में शिक्षकों का दोहरा पदस्थापन राजकोष पर दोहरा भार होने के साथ साथ विद्यार्थियों के साथ भी अन्याय है। सरकार को शिक्षक व शिक्षार्थियों की मांगों पर त्वरित कार्यवाही करने चाहिए। इन्हीं कारणों से संगठन को मजबूरन आंदोलन की राह अपनानी पड़ी है।इस विशाल शिक्षक रैली को सफल बनाने के लिए महामंत्री (मा.शिक्षा) मोहन लाल धाकड़,प्रदेश संगठन मंत्री घनश्याम अटल, सह संगठन महामंत्री देवेंद्र राठौर, प्रदेश उपाध्यक्ष कोटा संभाग अशोक नागर, प्रदेश मंत्री राज सिंह, प्रदेश महिला मंत्री मंजू डोरिया, जिलाध्यक्ष हरिओम प्रजापति, जिला मंत्री राम सिंह मीणा, उप शाखा अध्यक्ष राजेश यादव, मंत्री नरेंद्र कुमार अहीर, जिला संगठन मंत्री प्रहलाद धाकड़ सहित कोटा संभाग के कई पदाधिकारियों का सहयोग रहा। संगठन के मुख्य संरक्षक सियाराम शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शिक्षकों की मांगें समय रहते नहीं मानीं, तो इस आंदोलन को और भी उग्र किया जाएगा।  

    बालिका शिक्षा की सारथी :डॉ स्वाति जैन मैट्रिआर्क अवार्ड से सम्मानित

    ए के एस फाउंडेशन एवं ग्रोथड के संयुक्त तत्वावधान में कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ़ राजस्थान में आयोजित एक भव्य समारोह में सुबोध पीजी महिला महाविद्यालय रामबाग की प्राचार्या डॉ. स्वाति जैन को 'द मैट्रिआर्क अवार्ड ” से नवाज़ा गया। यह सम्मान उन्हें बालिका शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट नेतृत्व एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। समारोह में अनेक गणमान्य राजनीतिक हस्तियों, शिक्षाविदों एवं समाजसेवियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के संयोजक ऋषभ माथुर एवं अनीता माथुर ने बताया कि डॉ. जैन को यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उनके असाधारण एवं प्रेरणादायी नेतृत्व तथा बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के सतत प्रयासों के लिए दिया गया है। डॉ. जैन के नेतृत्व में महाविद्यालय की 50 से अधिक छात्राएं गत वर्ष सिविल एवं अन्य राजकीय सेवाओं में चयनित हुई हैं एवं विश्वविद्यालय की वारियता सूची मे उत्कृष्ट स्थान पाया है l पुरस्कार ग्रहण करने के पश्चात डॉ. स्वाति जैन ने कहा, "यह सम्मान सुबोध परिवार की हर उस बेटी का है जो बड़े सपने देखती है। एक शिक्षित बेटी केवल परिवार नहीं, पूरे समाज की दिशा बदलती है। बालिका शिक्षा ही सशक्त राष्ट्र का आधार है।"