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    राज्य परियोजना निदेशक एवं स्कूल शिक्षा आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा ने किया राजस्थान संपर्क पोर्टल का निरीक्षण

    जनसमस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए निर्देश विद्यालय व्यवस्थाओं, टीसी व अंकतालिका संबंधी प्रकरणों का मौके पर ही किया विश्लेषण जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सुशासन के संकल्प और जीरो पेंडेंसी की नीति को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग लगातार कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की आयुक्त एवं राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा अभियान डॉ. रश्मि शर्मा ने शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क पोर्टल 181 हेल्पलाइन अनुभाग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिवादियों से स्थानीय भाषा में संवाद करते हुए आत्मीयता का परिचय दिया और विभाग से संबंधित आमजन की शिकायतों, उनके निवारण की स्थिति और आम नागरिकों से प्राप्त फीडबैकउनकी शिकायतों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। साथ ही विद्यालय व्यवस्थाओं, टीसी व अंकतालिका संबंधी प्रकरणों का मौके पर ही विश्लेषण किया। डैशबोर्ड के आंकड़ों के अनुसार प्राप्त कुल 3,563 शिकायतों में से 3,327 शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। विभाग ने तत्परता से कार्य करते हुए कुल पंजीकृत मामलों में से 93 प्रतिशत से अधिक मामलों का निस्तारण सुनिश्चित किया है । राज्य परियोजना निदेशक ने महिला सशक्तिकरण, समावेशी शिक्षा एवं छात्र हितों को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को भयमुक्त, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बुनियादी ढांचागत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण, पेयजल की समुचित उपलब्धता तथा समयबद्ध दस्तावेजीकरण विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतों का न केवल समय सीमा के भीतर निस्तारण किया जाए, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि परिवादी दी गई राहत से पूरी तरह संतुष्ट हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र को और अधिक मजबूत बनाकर ही हम विकसित राजस्थान@2047 के लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक अशोक कुमार मीणा सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं आईटी विंग के तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं।  

    सुदूर जर्मनी में महकी मरुधरा की माटी फ्रैंकफर्ट में राजस्थानी प्रवासियों की भव्य 'दाल-बाटी गोठ' संपन्न

    फ्रैंकफर्ट। सात समंदर पार, जर्मनी के ऐतिहासिक शहर फ्रैंकफर्ट में मरुधरा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जीवंत परंपराओं का एक अनूठा संगम देखने को मिला। अवसर था प्रवासी राजस्थानियों द्वारा आयोजित भव्य 'सामूहिक दाल-बाटी गोठ' का, जहाँ सौ से अधिक राजस्थानी प्रवासियों ने अपनी सहभागिता से सात समंदर पार एक 'लघु राजस्थान' जीवंत कर दिया। जयपुर की सेवानिवृत्ति जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार गुप्ता के पुत्र और पुत्रवधू आकाश एवं छवि ने बताया कि इस सांस्कृतिक अनुष्ठान के केंद्रबिंदु में रहीं प्रवासी राजस्थानी महिलाएँ, जिनके कुशल नेतृत्व, आत्मीय प्रबंधन और अनूठे संयोजन ने इस गोठ को केवल एक खान-पान का आयोजन न रखकर, एक अविस्मरणीय उत्सव में बदल दिया। सुदूर विदेश में जब पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों की सोंधी सुगंध हवाओं में घुली, तो वहाँ उपस्थित हर व्यक्ति अपनी माटी की महक से सराबोर हो उठा। आत्मीयता के इस मिलन ने भौतिक दूरियों को पाटकर सीधे मातृभूमि के अंतर्मन से जोड़ दिया। ​आयोजन के दौरान वैचारिक एवं सांस्कृतिक संवाद, आत्मीय परिचय और सामुदायिक सुदृढ़ता का एक ऐसा विहंगम दृश्य उपस्थित हुआ, जिसने भारतीय वसुधैव कुटुंबकम् की भावना को चरितार्थ कर दिया। सभी उपस्थित जनों ने इस बात को रेखांकित किया कि अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए ऐसे आयोजन प्रवासी समाज के लिए रीढ़ की हड्डी की तरह हैं। ​फ्रैंकफर्ट की धरा पर सजी यह 'दाल-बाटी गोठ' केवल स्वाद का उत्सव नहीं थी, बल्कि यह विदेशी परिवेश में राजस्थानी अस्मिता, परस्पर सौहार्द, सांस्कृतिक गौरव और अटूट भाईचारे का एक अनुकरणीय अध्याय बन गई।    

    मरूभूमि में खजूर की खेती का कमाल : 270 पौधों से बदली किसान की तकदीर

    मंत्री बोले- "जल संरक्षण और जीरो बजट फार्मिंग का यह मॉडल प्रदेश के लिए प्रेरणा " जयपुर। पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने पाली जिले की सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र के खोड़ मण्डल स्थित खैरोफड़ा ग्राम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय किसान द्वारा विकसित किए गए प्राकृतिक खेती आधारित खजूर के बाग का गहन निरीक्षण किया। मंत्री ने वहां अपनाई जा रही आधुनिक कृषि पद्धति, उन्नत जल प्रबंधन और उत्पादन व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने इसे क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए एक अनुकरणीय और प्रेरणादायी उदाहरण बताया।   5 वर्ष की मेहनत लाई रंग, सालाना आय ₹10 लाख निरीक्षण के दौरान उपस्थित प्रगतिशील कृषक ने मंत्री कुमावत को बताया कि लगभग 5 वर्ष पूर्व उन्होंने अपने खेत में खजूर के 270 पौधे लगाए थे। बेहतर देखरेख और सही प्रबंधन के चलते आज ये सभी पौधे पूरी तरह विकसित होकर फल देने लगे हैं। किसान ने बताया कि खजूर के इस बाग से अब उन्हें प्रतिवर्ष लगभग ₹10 लाख की शानदार वार्षिक आय प्राप्त हो रही है। इस सफलता को देख कैबिनेट मंत्री ने किसान के प्रयासों की पीठ थपथपाई।   बूंद-बूंद सिंचाई और प्राकृतिक खाद का अनूठा संगम इस कृषि मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता इसका पर्यावरण अनुकूल होना है। कृषक द्वारा बाग में बूंद-बूंद (ड्रिप) सिंचाई पद्धति का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पानी की एक-एक बूंद का समुचित और किफायती उपयोग सुनिश्चित होता है। इसके साथ ही, पौधों को पोषण देने के लिए रासायनिक उर्वरकों की जगह पूरी तरह प्राकृतिक खाद का प्रयोग किया जा रहा है। इस दोहरे प्रबंधन से जहां एक ओर भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर खेती की लागत कम होकर यह अधिक लाभकारी साबित हो रही है।   क्षेत्र के किसानों के लिए बनेगा रोल मॉडल मंत्री कुमावत ने कहा कि सीमित पानी में प्राकृतिक तरीके से खजूर की खेती करना कृषि क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव है। प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और सटीक कृषि प्रबंधन का यह अनूठा प्रयास मरूभूमि के लिए वरदान है। यह मॉडल न केवल पर्यावरण को सुरक्षित रखता है, बल्कि किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प को भी पूरा करता है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों और स्थानीय किसानों से इस सफल प्रयोग को देखने और सीखने का आह्वान किया ताकि क्षेत्र में बागवानी को और बढ़ावा दिया जा सके।  

    यादों, उपलब्धियों और शुभकामनाओं के साथ एम. फार्मा. विद्यार्थियों को दी भावभीनी विदाई”

    जयपुर। रीजनल कॉलेज ऑफ फार्मेसी, जयपुर में एम. फार्मा. अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए भव्य विदाई समारोह का आयोजन हर्षोल्लास एवं भावनात्मक वातावरण में किया गया। समारोह में विद्यार्थियों ने कला, कविता, रंगोली, सोलो एवं ग्रुप डांस सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में दीपशिखा कला संस्थान के चेयरमैन डॉ. प्रेम सुराना एवं वाइस चेयरमैन डॉ. अंशु सुराना उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उच्च शिक्षा, अनुशासन और निरंतर सीखने की भावना ही सफलता की कुंजी है। डॉ. प्रेम सुराना ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज एवं राष्ट्रहित में करना चाहिए तथा जीवन में सदैव उत्कृष्टता प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए। डॉ. अंशु सुराना ने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और समर्पण के साथ अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ताराचंद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अनुशासित रहकर अपने कार्य को पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी के साथ करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार और संवेदनशील पेशेवर बनना है। समारोह के दौरान कॉलेज स्टाफ ने भी विद्यार्थियों को उनके आगामी करियर के लिए शुभकामनाएं दीं तथा बेहतर प्लेसमेंट और व्यावसायिक मार्गदर्शन के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कॉलेज में बिताए गए समय को यादगार बताया और शिक्षकों एवं संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया। सभी विद्यार्थी अपने अध्ययन, शोध कार्य एवं पाठ्यक्रम से संतुष्ट नजर आए। यह विदाई समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उत्सव और उनके नए जीवन की शुरुआत का प्रेरणादायक अवसर भी बना।  

    राष्ट्रीय तैराकी चैंपियनशिप के उद्घाटन समारोह में आर्टिस्टिक स्विमिंग प्रस्तुति देगा एमजीडी गर्ल्स स्कूल

    महारानी गायत्री देवी गर्ल्स स्कूल (एमजीडी), जयपुर को एक विशेष राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है। स्कूल को अहमदाबाद में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय तैराकी चैंपियनशिप के उद्घाटन समारोह में आर्टिस्टिक स्विमिंग की प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह उपलब्धि विद्यालय द्वारा इस खेल के विकास और प्रचार-प्रसार के लिए किए गए दीर्घकालिक प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान है। आर्टिस्टिक स्विमिंग के क्षेत्र में एमजीडी का योगदान लंबे समय से उल्लेखनीय रहा है। विद्यालय ने वर्षों से छात्राओं को इस विशिष्ट खेल में प्रशिक्षण, अवसर और प्रोत्साहन प्रदान करते हुए अनेक प्रतिभाओं को विकसित किया है। तैराकी, लय, समन्वय और कलात्मक अभिव्यक्ति का सुंदर संगम मानी जाने वाली इस खेल विधा को विद्यालय ने लगातार बढ़ावा दिया है। राष्ट्रीय तैराकी चैंपियनशिप के उद्घाटन समारोह में एमजीडी की आर्टिस्टिक स्विमिंग टीम अपनी विशेष प्रस्तुति के माध्यम से विद्यालय की समृद्ध खेल परंपरा और छात्राओं की प्रतिभा का प्रदर्शन करेगी। यह प्रस्तुति वर्षों की मेहनत, अनुशासित प्रशिक्षण और खेल के प्रति समर्पण का प्रतिबिंब होगी। विद्यालय के लिए यह अवसर केवल एक प्रस्तुति भर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान और योगदान को प्रदर्शित करने का गौरवपूर्ण क्षण है। साथ ही यह विद्यालयी खेलों की बढ़ती भूमिका और युवा खिलाड़ियों को उपलब्ध हो रहे नए अवसरों को भी रेखांकित करता है। एमजीडी गर्ल्स स्कूल का यह चयन जयपुर तथा राजस्थान के लिए भी गर्व का विषय है। विद्यालय को विश्वास है कि यह उपलब्धि छात्राओं को नई प्रेरणा प्रदान करेगी तथा आर्टिस्टिक स्विमिंग के प्रति जागरूकता और रुचि को और अधिक बढ़ाएगी। खेल उत्कृष्टता, नवाचार और प्रतिभा संवर्धन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के साथ एमजीडी गर्ल्स स्कूल लगातार नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है। राष्ट्रीय तैराकी चैंपियनशिप के उद्घाटन समारोह में होने वाली यह प्रस्तुति विद्यालय की गौरवशाली यात्रा में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ेगी।  

    अभिभावक-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बैठक (PAM) में पिताओं की सहभागिता पर विशेष जोर

    बच्चों के समग्र विकास में पिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण : शासन सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग जयपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर सोमवार को अभिभावक-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बैठक (PAM) का आयोजन किया गया। इस माह की बैठक का मुख्य विषय "पोषण, संतुलित आहार एवं स्वास्थ्य" तथा "बच्चे के जीवन में पिता की भूमिका" रहा। शासन सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती पूनम ने बताया कि बच्चों के समग्र विकास में पिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में आयोजित PAM की बैठकों के माध्यम से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं समग्र विकास के लिए जन-जागरूकता को नई गति देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बच्चों के सामग्र विकास हेतु परिवारों की सहभागिता को और खास कर पिता की भूमिका को अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किये जाएंगे। आईसीडीएस निदेशक वासुदेव मालावत ने बताया कि आज की PAM बैठक में बच्चों के सर्वांगीण विकास, पोषण, स्वास्थ्य, प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) तथा परिवार की सामूहिक भागीदारी पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बार PAM बैठकों में पिता, दादा, चाचा एवं अन्य पुरुष अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया। अमावस्या के अवसर पर आयोजित इस बैठक का उद्देश्य परिवार के पुरुष सदस्यों को बच्चों के विकास में सक्रिय भागीदार बनाना तथा उनके दायित्वों के प्रति जागरूक करना रहा। उन्होंने बताया कि PAM बैठक में यह संदेश दिया गया कि "एक पिता का हाथ पकड़कर चलना बच्चे को पूरी दुनिया की ताकत देता है।" PAM कार्यक्रम केवल एक बैठक नहीं, बल्कि परिवार एवं समुदाय को बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एकजुट करने का सशक्त माध्यम है। PAM में अभिभावकों को बताया गया कि पिता की सक्रिय सहभागिता बच्चों को भावनात्मक सुरक्षा, आत्मविश्वास तथा सकारात्मक वातावरण प्रदान करती है। शोधों के अनुसार जिन बच्चों को पिता का पर्याप्त समय और मार्गदर्शन प्राप्त होता है, उनमें बौद्धिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास बेहतर होता है। पिता बच्चों को साहस, धैर्य, अनुशासन एवं जिम्मेदारी जैसे जीवन मूल्यों की शिक्षा देते हैं। साथ ही उनकी सहभागिता से बच्चों की शैक्षणिक उपलब्धियों में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलता है।   PAM बैठक के दौरान अभिभावकों को बच्चों के नियमित पोषण, स्वास्थ्य जांच एवं वृद्धि निगरानी के महत्व से अवगत कराया गया। साथ ही 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के समस्त बच्चों का APAR ID एवं ABHA ID तैयार करवाने, आधार नामांकन सुनिश्चित करने तथा बच्चों की नियमित उपस्थिति बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अभिभावकों के साथ केन्द्र की आगामी कार्ययोजना, बच्चों की नियमित उपस्थिति, शाला पूर्व शिक्षा गतिविधियों तथा पोषण संबंधी व्यवहार परिवर्तन पर चर्चा की। अभिभावकों को यह भी बताया गया कि बच्चों के विकास में माता-पिता दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी महिला पर्यवेक्षकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया है कि बैठक की ऑनलाइन रिपोर्टिंग निर्धारित प्रारूप में 18 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करें, जिससे कार्यक्रम की प्रभावी मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन सुनिश्चित किया जा सके।  

    डिप्टी सीएम डॉ. बैरवा ने कुलगुरू प्रो. वर्मा के कार्यों को सराहा पीटीईटी परीक्षा के सफल संचालन से उच्चशिक्षा मंत्री को अवगत कराया

    जयपुर/ कोटा। वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रोफेसर बीएल वर्मा ने सोमवार को राज्य के उपमुख्यमंत्री और उच्चशिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा से मुलाकात की। कुलगुरू प्रो. वर्मा ने उच्चशिक्षा मंत्री डॉ. बैरवा को शाल ओढ़ाकर व बुके भेंटकर उनका स्वागत किया। कुलगुरू ने रविवार को संपन्न हुई पीटीईटी 2026 की प्रवेश परीक्षा की समस्त जानकारियों से उन्हें अवगत कराया। प्रो. वर्मा ने बताया कि उन्होंने उपमुख्यमंत्री महोदय को बताया कि किस तरीके से राज्य सरकार, जिलों के प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों के अलावा समस्त जिला समन्वयकों और विश्वविद्यालय के समस्त स्टाफ के सदस्यों के सहयोग से परीक्षा का सफल संचालन किया गया। पूरे प्रदेश के 41 जिलों के 300 परीक्षा केन्द्रों पर शुचिता, गोपनीयता और पारदर्शिता के साथ परीक्षा कराई गई। उपमुख्यमंत्री डॉ. बैरवा से प्रोफेसर बीएल वर्मा के नेतृत्व की तारीफ करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं, साथ ही शासन-प्रशासन के अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के अलावा जिलों समस्त स्टाफ तथा वीएमओयू के सभी शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को भी परीक्षा आयोजन की सफलता पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वीएमओयू ने लगातार तीसरे वर्ष शुचिता और गोपनीयता के साथ इस परीक्षा को संपन्न कराया है, यह वास्तव में सभी स्टाफ कर्मियों और अधिकारियों की कर्मठता का परिणाम है। प्रोफेसर वर्मा ने कहा कि अब अगले चरण में जल्द ही प्रवेश परीक्षा परिणाम को तैयार कर जारी किया जाएगा जिससे काउंसलिंग की प्रक्रिया के बाद शैक्षणिक सत्र का समय से संचालन किया जा सके।  

    शिवपुरा में 75 हजार लीटर क्षमता के उच्च जलाशय का शिलान्यास

    -सुमेरपुर विधानसभा के 13 गांवों को मिलेगा शुद्ध पेयजल पाली। राजस्थान सरकार के पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा है कि हर नागरिक को शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना प्रदेश सरकार की मूल प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार 'हर घर जल' के संकल्प के साथ गांव-गांव तक मजबूत पेयजल बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए निरंतर काम कर रही है। कैबिनेट मंत्री कुमावत ने यह बात सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम शिवपुरा में पेयजल योजना संवर्धन कार्य के तहत 75,000 लीटर क्षमता के उच्च जलाशय (जीएलआर) निर्माण कार्य के भूमि पूजन और विधिवत शिलान्यास समारोह के दौरान कही। बजट घोषणा के तहत मिली बड़ी सौगात यह परियोजना राज्य सरकार की बजट घोषणा वर्ष 2025-26 का हिस्सा है। इसके अंतर्गत सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र में पेयजल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए गुड़ा एंदला ऑफ-टेक से सोडावास फिल्टर प्लांट को जोड़ा जा रहा है। इस संवर्धन कार्य से क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या का स्थाई समाधान होगा। 13 गांवों की प्यास बुझेगी इस पेयजल योजना के विस्तार और नए जलाशय के निर्माण से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। परियोजना के तहत मुख्य रूप से दो क्षेत्रों को कवर किया गया है। इससे पाली क्षेत्र के 11 गांवों में जलापूर्ति सुधरेगी। वहीं, रानी क्षेत्र के 2 गांवों को योजना से जोड़ा गया है। ग्रामीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना सरकार का मुख्य लक्ष्य है। पानी की बर्बादी रोकने और अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए आधुनिक तकनीक और फिल्टर प्लांट का समन्वय किया जा रहा है। इस अवसर पर पाली प्रधान प्रतिनिधि पुखराज पटेल, किसान केसरी भंवर चौधरी, पूर्व उप जिला प्रमुख नवल किशोर रावल, जिला उपाध्यक्ष पूनम सिंह परमार, सेवानिवृत एडीईओ, पाली रामलाल कुमावत, हेमावास मंडल अध्यक्ष मनोहर सीरवी, हेमावास सरपंच मोहन पटेल, वडेरवास के प्रशासक प्रतिनिधि भरत सिंह राणावत सहित जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री का आभार व्यक्त किया।  

    सेई बांध टनल विस्तार : अब गुजरात नहीं जाएगा पानी

    पश्चिमी राजस्थान के 3 जिलों को मिलेगा भरपूर जल -कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने किया टनल के निर्माण कार्य का निरीक्षण पाली। पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने सोमवार को उदयपुर जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र कोटड़ा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बहुप्रतीक्षित सेई बांध की टनल (सुरंग) की चौड़ाई बढ़ाने के चल रहे निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। मंत्री कुमावत ने खुद टनल के भीतर जाकर निर्माण कार्य की प्रगति को देखा और अधिकारियों से अब तक हुए कार्य, बची हुई खुदाई और कंक्रीट लाइनिंग के तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी ली। योजना के लिए ₹100 करोड़ का बजट, 95% काम पूरा मंत्री कुमावत ने बताया कि सेई बांध से अतिरिक्त पानी को जवाई बांध तक पहुँचाने के लिए बनी 6.7 किलोमीटर लंबी सुरंग को चौड़ा करने के लिए सरकार ने बजट में कुल ₹100 करोड़ का प्रावधान किया है। पिछले तीन साल से चल रहे इस कार्य का करीब 95 फीसदी हिस्सा पूरा हो चुका है। अब केवल 90 मीटर टनल का कार्य बाकी है, जिसे आगामी 15 जुलाई तक हर हाल में पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने साफ किया कि पश्चिमी राजस्थान के जल संकट को दूर करने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किया जा रहा है और निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं होगा। साथ ही, उन्होंने टनल के अंदर काम कर रहे श्रमिकों और इंजीनियरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखने की हिदायत दी। जल निकासी क्षमता होगी 4 गुना, 22 दिन में भरेगा जवाई बांध कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इस टनल का विस्तार होने से पानी की निकासी क्षमता 328 क्यूसेक से बढ़कर 1376 क्यूसेक हो जाएगी। क्षमता 4 गुना बढ़ने से मानसून के दौरान अतिरिक्त पानी व्यर्थ बहकर गुजरात नहीं जाएगा। इससे पाली, सिरोही और जालोर जिलों को भरपूर पानी मिल सकेगा। उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान में टनल की चौड़ाई कम होने के कारण सेई बांध से जवाई बांध तक पानी पहुँचने में 45 से 50 दिन का समय लगता है। लेकिन यह कार्य पूरा होने के बाद मात्र 22 दिन में ही जवाई बांध को 74 एमसीएफटी पानी मिलने लगेगा, जो इस क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा। मारवाड़ के लिए संजीवनी है यह परियोजना सेई बांध और इसकी टनल मारवाड़ क्षेत्र, विशेषकर पाली जिले के लिए जीवनदायिनी मानी जाती है। कोटड़ा के सेई बांध से पानी को इस टनल के जरिए जवाई बांध में डाइवर्ट किया जाता है। जवाई बांध पाली और जोधपुर के कई इलाकों की प्यास बुझाता है। वर्तमान में टनल की क्षमता कम होने के कारण मानसून के दौरान सेई बांध का अतिरिक्त पानी बहकर गुजरात चला जाता है। टनल की चौड़ाई बढ़ने से पानी का प्रवाह (डिस्चार्ज क्षमता) तेजी से बढ़ेगा। मानसून का अतिरिक्त पानी व्यर्थ बहने से बचेगा। जवाई बांध कम समय में और अधिक मात्रा में भरा जा सकेगा। पाली सहित पूरे मारवाड़ क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई संकट का स्थाई समाधान होगा। इको-टूरिज्म और सौंदर्यीकरण योजना  कैबिनेट मंत्री कुमावत ने कहा कि अब इस बांध क्षेत्र को इको-टूरिज्म और स्थानीय पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत बांध की प्राकृतिक सुंदरता का उपयोग कर पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इस दौरान किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयेंद्र सिंह गलथनी, अनोप सिंह राठौड़, पूनम सिंह परमार, निम्बेश्वर महादेव ट्रस्ट के अध्यक्ष जगत सिंह, शिवराज सिंह बिठिया, सुमेरपुर नगर मंडल अध्यक्ष रविकांत रावल सहित अनेक लोग मौजूद रहे।  

    शहीद स्मारक पर जुटे प्रदेशभर के "कॉकरोच", युवाओं, बेरोजगारों, अभिभावकों और शिक्षाविदों ने बुलंद की आवाज; अभिजीत दीपके बोले – यह देश के युवाओं का आंदोलन है, न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष, 20 जुलाई से दिल्ली के जंतर-मंतर पर होगा अनिश्चितकालीन धरना

    जयपुर। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा सोमवार को जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में युवा, बेरोजगार, विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षाविद एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित इस प्रदर्शन में शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्थाओं, बढ़ती बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक, युवाओं के साथ हो रहे अन्याय तथा जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। कार्यक्रम में पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके, स्वतंत्रता सेनानी के पूरे पूर्व पत्रकार संजय, राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका, मीडिया इंचार्ज अभिषेक जैन बिट्टू, प्रदर्शन संयोजक दीपक बालियान, रेखा शर्मा, रोशन मुंडोतिया, गीगराज जोड़ली, बेरोजगारों के नेता इरा बॉस, संयुक्त अभिभावक संघ प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अपने संबोधन में अभिजीत दीपके ने कहा कि देश और प्रदेश का युवा आज अपने भविष्य को लेकर चिंतित है तथा सरकारों को शिक्षा, रोजगार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं के प्रति गंभीरता दिखानी होगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक स्वार्थ का नहीं बल्कि युवाओं के अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा का आंदोलन है। प्रदर्शन में नीरजा मोदी स्कूल प्रकरण में जान गंवाने वाली छात्रा अमायरा के परिजन भी शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक संस्थानों की जवाबदेही सुनिश्चित किए जाने की मांग उठाई। वहीं सीकर जिले की उदयपुरवाटी तहसील से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, जहां नीट परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र प्रदीप मेघवाल की मृत्यु से जुड़े मामले को उठाते हुए युवाओं के भविष्य और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर चिंता व्यक्त की गई। उपस्थित परिजनों और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या संगठन का नहीं बल्कि देश के करोड़ों युवाओं, विद्यार्थियों और अभिभावकों की आवाज है। जब तक शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर ठोस एवं प्रभावी समाधान नहीं निकलते, तब तक जनजागरण और लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा। अभिजीत दीपके ने घोषणा की कि आगामी 20 जुलाई 2026 से नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने देशभर के युवाओं, विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं जागरूक नागरिकों से बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा कि यह संघर्ष शिक्षा, रोजगार, पारदर्शिता और युवाओं के सम्मान की लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती प्रदान करेगा। मीडिया इंचार्ज अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से सम्पन्न हुआ तथा पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन द्वारा निर्धारित सभी नियमों की पालना करते हुए पूरा सहयोग प्रदान किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान कुछ व्यक्तियों द्वारा व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास किया गया, किंतु कार्यकर्ताओं ने संयम और सूझबूझ का परिचय देते हुए स्थिति को नियंत्रित रखा तथा कार्यक्रम को शांतिपूर्वक सम्पन्न कराया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल अनेक युवाओं ने कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा प्रबंधन को लेकर अपनी अपेक्षाएं व्यक्त कीं तथा संबंधित प्रशासनिक व्यवस्थाओं के प्रति असंतोष भी जताया। इसके बावजूद पूरे कार्यक्रम का संचालन लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।      

    गोपाल बाड़ी में वृक्षारोपण एवं परिंडा अभियान का सफल आयोजन, 400 से अधिक लोगों ने की सहभागिता, हरियाली का संदेश

    जयपुर। वार्ड 98 के गोपाल बाड़ी स्थित शिव मंदिर पार्क में आयोजित वृक्षारोपण एवं परिंडा अभियान का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 400 से अधिक क्षेत्रवासियों, युवाओं, महिलाओं एवं गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाना एवं गर्मी के मौसम में पक्षियों के लिए जल उपलब्ध कराना रहा। कार्यक्रम के दौरान वृक्षारोपण किया गया तथा विभिन्न स्थानों पर परिंडे लगाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम संयोजक अंशुल शर्मा ने सभी उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता का प्रेम, युवाओं का साथ और बड़ों का आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि जनहित, पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्र के विकास के लिए ऐसे अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे। मुख्य अतिथि विधायक गोपाल शर्मा ने वृक्षारोपण किया और पक्षियों के लिए परिंडा लगाकर कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से इस जन-अभियान में भागीदारी निभाने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाते हुए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और पक्षियों के लिए जल की व्यवस्था करने का संदेश दिया तथा लोगों की समस्याओं को सुना और शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया । इस अवसर पर कार्यक्रम में हरदोई गढ़ी विकास समिति के अध्यक्ष विपिन शर्मा , राजेन्द्र शर्मा , अंशुल शर्मा , लल्लू लाल शर्मा ,अर्चना , नरेंद्र शर्मा , संतोष शर्मा , रविप्रकाश शर्मा और समाजसेवी संस्थाओं की उत्साहजनक उपस्थिति रही । अन्त में संयोजक अंशुल शर्मा ने इस गरिमामय उपस्थिति के लिए सभी का धन्यवाद अदा किया ।

    गोपाल बाड़ी में वृक्षारोपण एवं परिंडा अभियान का सफल आयोजन, 400 से अधिक लोगों ने की सहभागिता

    जयपुर। वार्ड 98 के गोपाल बाड़ी स्थित शिव मंदिर पार्क में आयोजित वृक्षारोपण एवं परिंडा अभियान का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 400 से अधिक क्षेत्रवासियों, युवाओं, महिलाओं एवं गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाना एवं गर्मी के मौसम में पक्षियों के लिए जल उपलब्ध कराना रहा। कार्यक्रम के दौरान वृक्षारोपण किया गया तथा विभिन्न स्थानों पर परिंडे लगाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम संयोजक अंशुल शर्मा ने सभी उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता का प्रेम, युवाओं का साथ और बड़ों का आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि जनहित, पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्र के विकास के लिए ऐसे अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे। मुख्य अतिथि विधायक गोपाल शर्मा ने वृक्षारोपण किया और पक्षियों के लिए परिंडा लगाकर कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से इस जन-अभियान में भागीदारी निभाने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाते हुए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और पक्षियों के लिए जल की व्यवस्था करने का संदेश दिया तथा लोगों की समस्याओं को सुना और शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया । इस अवसर पर कार्यक्रम में हरदोई गढ़ी विकास समिति के अध्यक्ष विपिन शर्मा , राजेन्द्र शर्मा , अंशुल शर्मा , लल्लू लाल शर्मा ,अर्चना , नरेंद्र शर्मा , संतोष शर्मा , रविप्रकाश शर्मा और समाजसेवी संस्थाओं की उत्साहजनक उपस्थिति रही । अन्त में संयोजक अंशुल शर्मा ने इस गरिमामय उपस्थिति के लिए सभी का धन्यवाद अदा किया ।