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    इफेक्टिव एआई टूल्स फॉर टीचिंग पर हैंड्स-ऑन सेमिनार एवं वर्कशॉप का आयोजन किया

    जयपुर। बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन की ओर से ‘इफेक्टिव एआई टूल्स फॉर टीचिंग’ विषय पर हैंड्स-ऑन सेमिनार एवं वर्कशॉप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम एडुनेट फाउंडेशन एवं आईबीएम के सहयोग से आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों एवं फैकल्टी सदस्यों को शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभावी उपयोग से परिचित कराना तथा उनके तकनीकी कौशल को विकसित करना था। कार्यक्रम में एडुनेट फाउंडेशन के बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर राकेश वर्मा, मास्टर ट्रेनर हिरन जे. मोधा, डीन एवं प्रिंसिपल डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल, बी.एड. कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. शिप्रा गुप्ता, एसोसिएट प्रोफेसर राहुल अग्रवाल सहित एजुकेशन डिपार्टमेंट के फैकल्टी सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। मास्टर ट्रेनर हिरन जे. मोधा ने प्रतिभागियों को विभिन्न एआई टूल्स के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एआई की सहायता से लेसन प्लान, टीचिंग-लर्निंग मटेरियल, असेसमेंट, क्विज़ एवं असाइनमेंट तैयार करने के साथ-साथ क्लासरूम टीचिंग को अधिक प्रभावी, रोचक एवं इंटरैक्टिव बनाया जा सकता है। वर्कशॉप के दौरान फैकल्टी सदस्यों एवं विद्यार्थियों ने विभिन्न एआई टूल्स का स्वयं प्रयोग कर उनके व्यावहारिक उपयोग को समझा। इंटरैक्टिव एवं हैंड्स-ऑन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने जाना कि एआई को शिक्षण प्रक्रिया में प्रभावी, जिम्मेदार एवं उद्देश्यपूर्ण तरीके से किस प्रकार शामिल किया जा सकता है। डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी के विजन के अनुरूप विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नई तकनीकों से जोड़ने पर जोर दिया जाता है। इसी दिशा में प्रतिभागियों को एआई के प्रभावी एवं जिम्मेदार उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया। सेमिनार के माध्यम से प्रतिभागियों को शिक्षा के क्षेत्र में एआई के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी मिली तथा उन्हें शिक्षण एवं अधिगम प्रक्रिया में उपयुक्त एआई टूल्स को प्रभावी एवं जिम्मेदारी के साथ अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

    राजस्थान के पंचायत राज और निकाय चुनावों एवं SIR की वोटर लिस्टों में विरोधावास से उठा बड़ा सवाल कौनसी वोटर लिस्ट सही है ?

    राजस्थान के पंचायत राज और निकाय चुनावों एवं SIR की वोटर लिस्टों में विरोधावास से उठा बड़ा सवाल कौनसी वोटर लिस्ट सही है ? ECI और SEC की सूचियों में लगभग 30 लाख नामों का अंतर SIR में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटने पर गंभीर सवाल, राजस्थान से उपजा जनता द्वारा वोटर लिस्ट की गहन सोशल ऑडिट ही असली समाधान SEC द्वारा स्वच्छ पंचायतीराज राज चुनाव कराने में जन निगरानी की व्यवस्था नामंजूर जयपुर, देश भर में SIR पर उठ रहे गंभीर सवालों के बीच राजस्थान में राजस्थान चुनाव आयोग द्वारा निकाय चुनावों में उपयोग में ले गई एवं ली जा रही मतदाता सूचियों में मतदाताओं की संख्या में बहुत बड़ा अंतर है जो गंभीर सवाल खड़े करता है. राजस्थान में SIR समाप्त होने के बाद और उसके मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं राजस्थान सरकार द्वारा गुणगान किये जाने के बाद, शहरी निकाय एवं पंचायती राज चुनाव में पुरानी 2025 की मतदाता सोची काम में ली गई है. उस सूची को SIR से अलग प्रक्रिया से अपडेट किया गया है, इसके परिणामस्वरूप राज्य चुनाव आयोग द्वारा लिए गए वोटर लिस्ट और SIR वोटर लिस्ट में कम से कम 45 लाख का अंतर है. राज्य सरकार को चुनाव आयोग को एवं राज्य चुनाव आयुक्त को स्पष्ट करना चाहिए कि कौनसी लिस्ट को वो सही मानते हैं और किस वजह से? जनता के सामने दोंनों ही लिस्ट संदिग्ध लगती है और लिस्टों को तैयार करने वाली एजेंसियों एवं उनकी प्रक्रियाओं पर सवाल उठते हैं जो लोकतंत्र की नींव को कमजोर करते हैं. हमारा मानना है कि हर वोटर का वोट डालने का मूल अधिकार है जिसे प्रक्रियाओं द्वारा चीन जा रहा है और यह उसके जीने के अधिकार के साथ जुड़ा हुआ है. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उपलब्ध दस्तावेजों, जमीनी सत्यापन और विभिन्न राज्यों के अनुभवों से यह स्पष्ट होता है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा जनता की प्रत्यक्ष भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। राजस्थान में 2002–03 के SIR के दौरान अपनाई गई घर-घर सत्यापन, ग्राम सभा, वार्ड सभा और सार्वजनिक रूप से मतदाता सूची पढ़ने की प्रक्रिया के परिणामस्वरूप लगभग 16 लाख नाम मतदाता सूची में जोड़े गए थे। वर्तमान SIR के संदर्भ में इसी प्रभावी प्रक्रिया को दोबारा लागू करने की मांग की जा रही है। 2002–03 की प्रक्रिया और RTI से प्राप्त दस्तावेज 2002 में राजस्थान सहित कई राज्यों में SIR के दौरान बड़ी संख्या में सही मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जबकि कई अपात्र नाम भी सूची में बने रहे। नागरिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने तत्कालीन मुख्य निर्वाचन आयुक्त जेम्स लिंडो के समक्ष इसकी शिकायत की। इसके बाद वे राजस्थान आए और जयपुर स्थित हरिश्चंद्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान (OTS) में विभिन्न समूहों के साथ बैठक हुई। बैठक में तय हुआ कि मतदाता सूची की गलतियों को दूर करने के लिए लोगों के बीच जाकर सूची का वाचन किया जाए और ग्राम सभा, वार्ड सभा तथा नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से लोगों को सूची दिखाई जाए। 6 अगस्त 2003 को मुख्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए और इसके परिणामस्वरूप राजस्थान में लगभग 16 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़े गए। इसी अनुभव के आधार पर 2002–03 की प्रक्रिया से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज RTI के माध्यम से मांगे गए। नवंबर 2025 में RTI दाखिल होने से लेकर जून 2026 तक प्रथम अपील, द्वितीय अपील, राज्य सूचना आयोग की सुनवाई, पुरानी फाइलों का निरीक्षण और लगभग 1,800 पन्नों से संबंधित दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया चली। मंगोलपुरी( दिल्ली) और कर्नाटक ने दिखाया जनभागीदारी से संभव है सही सत्यापन दिल्ली के मंगोलपुरी Y ब्लॉक में 5 सितंबर 2026 को हुई जन सुनवाई में SIR की जमीनी प्रक्रिया की गंभीर कमियां सामने आईं। आठ बूथों के 1,516 घरों में से 1,448 घरों का सत्यापन नागरिक स्वयंसेवकों ने किया। जनवरी 2025 की सूची में दर्ज 9,838 मतदाताओं में से केवल 5,639 नाम प्रारूप SIR सूची में आए, जबकि 2,781 नाम ASDD सूची में और 1,328 नाम किसी भी सूची में नहीं मिले। घर-घर सत्यापन में 450 से अधिक ऐसे लोग मिले जो ASDD में डाले जाने के बावजूद उसी पते पर रह रहे थे और 500 से अधिक लोग ऐसे मिले जिनका नाम किसी भी सूची में नहीं था। कई लोग 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में वोट डाल चुके थे। इसके विपरीत कर्नाटक के मैसूरु जिले की हिरेहल्ली ग्राम पंचायत में नागरिक संगठनों और प्रशासन ने मिलकर घर-घर सत्यापन और जन सुनवाई की प्रक्रिया अपनाई। 16 मई 2026 को छह बूथों के 5,367 मतदाताओं में से 4,370 यानी 81.4 प्रतिशत का एक ही दिन में भौतिक सत्यापन किया गया। अगले दिन जन सुनवाई में 96 निवासी तथा संबंधित अधिकारी शामिल हुए। इस प्रक्रिया में नए नाम जोड़ने, मृत मतदाताओं के नाम हटाने तथा जन्मतिथि और पारिवारिक विवरण सुधारने की बड़ी संख्या में मांगें सामने आईं। यह अनुभव बताता है कि स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी से मतदाता सूची का प्रभावी सत्यापन संभव है। भारतीय चुनाव आयोग (ECI) और राजस्थान चुनाव आयोग (SEC) की सूचियों में लगभग 30 लाख नामों का गंभीर अंतर ECI की SIR अंतिम सूची और राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) की स्थानीय निकाय मतदाता सूचियों के तुलनात्मक अध्ययन में गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं। ECI की SIR अंतिम सूची और राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) की स्थानीय निकाय मतदाता सूचियों के तुलनात्मक अध्ययन में गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं। ECI की SIR अंतिम सूची, विलोपन सूची और SEC की लगभग 1.47 लाख सूची-फाइलों का EPIC नंबर के आधार पर मिलान किया गया। अध्ययन के अनुसार SIR में हटाए गए 26.63 लाख मतदाता अभी भी SEC की 2026 की नगरीय और पंचायत मतदाता सूचियों में दर्ज हैं। यह ECI की मसौदा सूची से बाहर किए गए 41.85 लाख नामों का लगभग 64 प्रतिशत है। SIR में कुल 44.28 लाख नाम हटाए गए और 12.91 लाख जोड़े गए, जिससे ECI की मतदाता संख्या 5.47 करोड़ से घटकर 5.15 करोड़ रह गई; उन्हीं 199 विधानसभा क्षेत्रों में SEC की सूची में लगभग 5.45 करोड़ मतदाता हैं। इन 26.63 लाख नामों में 17.57 लाख लोगों को "स्थायी रूप से स्थानांतरित", 3.68 लाख को "अनुपस्थित/अप्राप्य" और 1.86 लाख को "पहले से नामांकित (डुप्लीकेट)" बताकर हटाया गया। 3.52 लाख नाम मृत्यु के आधार पर हटाए गए, जिनमें 40 वर्ष से कम उम्र के 42,293 नामों की विशेष जांच आवश्यक है। इन 26.63 लाख मतदाताओं में 58 प्रतिशत महिलाएं हैं और 81 प्रतिशत की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच है। जयपुर सहित कई शहरी क्षेत्रों में भी अंतर उल्लेखनीय है। जयपुर की सिविल लाइन्स, विद्याधर नगर, सांगानेर, किशनपोल और हवामहल सीटों में नगरीय मतदाता सूची के 10 प्रतिशत से अधिक मतदाता ऐसे हैं जिन्हें SIR में हटाया गया था। दूसरी ओर ECI की अंतिम सूची के अधिकतम 15.52 लाख मतदाता किसी स्थानीय निकाय सूची में नहीं हैं, जिनमें 55 प्रतिशत 18–25 वर्ष की आयु के हैं। हमारी मांगें:- सत्यापन में जनता की भागीदारी और स्वतंत्र निगरानी हो 2 अक्टूबर 2026 को सामने आए चुनाव आयोग के आदेश में SIR पूरा कर चुके राज्यों में छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान के लिए BLO को घर-घर जाकर सत्यापन करने और Form-6 लेने का निर्देश दिया गया है। यह आदेश स्वयं इस आवश्यकता को रेखांकित करता है कि SIR के बाद भी बड़ी संख्या में छूटे मतदाताओं की पहचान करनी पड़ रही है. इसका मतलब है कि SIR में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। हमारी प्रमुख मांगें हैं— 1. छूटे हुए प्रत्येक नाम और उसके हटने का कारण वार्ड एवं ग्राम स्तर पर सार्वजनिक किया जाए। 2. सत्यापन के परिणाम ग्राम सभा और वार्ड सभा में पढ़े जाएं तथा आपत्तियों पर वहीं कार्रवाई शुरू हो। 3. सत्यापन केवल उसी BLO के भरोसे न छोड़ा जाए जिसने पहले नाम हटाए थे; नागरिक संगठनों और स्थानीय प्रतिनिधियों की स्वतंत्र निगरानी सुनिश्चित की जाए। 4. जिन मतदाताओं के नाम प्रशासनिक गलती से हटे हैं, उन्हें नए मतदाता की तरह Form-6 भरने के लिए बाध्य न किया जाए; उनके नाम सीधे बहाल किए जाएं। 5. राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनावों के मद्देनजर मतदाता सूचियों में आवश्यक सुधार समय रहते पूरा किया जाए। 6. राजस्थान में पंचायतीराज चुनावों की जो घोषणा की गई है उसमें सरपंच और वार्ड पंच को सिम्बल आवंटन के बाद चुनाव चिन्ह के प्रचार के लिए कुछ घंटे ही दिए हैं जिसमें पूर्व में बनाई गई व्यवस्था को ख़त्म कर दिया गया है जिसमें पंच और सरपंच के आवेदन पहले लिए जाते थे और उनको चुनाव चिन्ह आवंटन कर दिया जाता था उसी व्यवस्था को राजस्थान में बहाल किया जाये. मतदाता सूची केवल प्रशासनिक दस्तावेज नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकार का आधार है। इसलिए इसका निर्माण और संशोधन जनता की भागीदारी, पारदर्शिता और स्वतंत्र निगरानी के साथ होना चाहिए। 2002–03 का राजस्थान अनुभव, कर्नाटक का हिरेहल्ली मॉडल और मंगोलपुरी की जमीनी जांच, तीनों हमें यही रास्ता दिखाते हैं।

    ईश्वर मेटल्स का शैक्षणिक औद्योगिक भ्रमण आयोजित किया

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में छात्राओं हेतु आयोजित विभागीय गतिविधियों के अंतर्गत व्यावसायिक प्रशासन (बीबीए) विभाग द्वारा जयपुर के वीकेआई क्षेत्र स्थित ईश्वर मेटल्स का शैक्षणिक औद्योगिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस भ्रमण की रूपरेखा महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल के मार्गदर्शन में डॉ. दमयंती सोढा द्वारा तैयार की गई। इस शैक्षणिक भ्रमण में बीबीए की 45 छात्राओं ने भाग लिया, जिनके साथ संकाय सदस्य डॉ. प्रीति अग्रवाल एवं डॉ. टीना सिंह मार्गदर्शक के रूप में उपस्थित रहे। कारखाने में भ्रमण के दौरान छात्राओं को तांबे एवं अन्य धातुओं से बनने वाले तारों के निर्माण की व्यावहारिक प्रक्रिया को करीब से देखने और समझने का अवसर मिला। उद्योग के विशेषज्ञों द्वारा छात्राओं को विभिन्न श्रेणियों, आकारों और आवश्यकताओं के अनुसार तार तैयार करने की सम्पूर्ण प्रक्रिया बताई गई साथ ही यह भी बताया कि सुरक्षा एवं इन्सुलेशन मानकों को पूरा करने के लिए उन पर पीवीसी की कोटिंग किस तरह चढ़ाई जाती है। यह औद्योगिक भ्रमण छात्राओं के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और समृद्ध अनुभव सिद्ध हुआ, जिससे उन्हें पुस्तकीय ज्ञान को औद्योगिक संचालन की व्यावहारिक प्रक्रियाओं से जोड़कर समझने में सहायता मिली। भ्रमण के सफल एवं शिक्षाप्रद समापन के पश्चात सभी विद्यार्थियों तथा प्राध्यापिकाओं ने “आपणो राजस्थान” में दोपहर के भोजन का आनंद लिया और दिनभर के अनुभव साझा किए।  

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय में कैलीग्राफी कार्यशाला का आयोजन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के अंग्रेजी विभाग द्वारा कैलीग्राफी कार्यशाला का आयोजन किया गया। विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला में सुप्रसिद्ध कैलीग्राफी कलाकार हरिशंकर बालोठिया विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे। कार्यशाला में 60 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा कैलीग्राफी की विविध तकनीकों का प्रायोगिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। बालोठिया ने कार्यशाला के दौरान छात्राओं को कैलीग्राफी की विभिन्न शैलियों का व्यावहारिक प्रदर्शन करवाया। उन्होंने फाउंडेशनल हैंड, अनसियल स्क्रिप्ट और रोमन कैपिटल लेटर्स सहित लोअर केस, अपर केस और न्यूमेरिकल्स (0 से 9) की विभिन्न फॉन्ट शैलियों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि कैसे अक्षरों की बनावट, स्ट्रोक और अनुपात पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं को ऐसे रचनात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रोत्साहित किया तथा अपने प्रेरक विचार प्रस्तुत किए। दिनांक 25 सितंबर 2026 को आयोजित कैलीग्राफी प्रतियोगिता के विजेताओं कार्यशाला के अंत में प्रमाण-पत्र दिये गये। विजेताओं में प्रथम स्थान पर रुद्राक्षी तोशनीवाल (बी.कॉम सेमेस्टर प्रथम), द्वितीय स्थान पर पायल मीना (बी.ए. इंग्लिश ऑनर्स सेमेस्टर प्रथम) और तृतीय स्थान पर हर्षिता रत्नावत (बी.ए. सेमेस्टर तृतीय) ने पुरस्कार प्राप्त किया।  

    ‘‘युवाओं के लिए रोजगार क्षमता संवर्धन’’ विषयक 14 दिवसीय कार्यशाला का सफल समापन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के सेंटर फॉर करियर गाइडेंस, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ने नांदी फाउंडेशन के महिंद्रा प्राइड क्लासरूम के सहयोग से आयोजित ‘‘युवाओं के लिए रोजगार क्षमता संवर्धन’’ विषयक 14 दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह कार्यशाला 22 सितम्बर, 2026 से 5 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित की गई, जिसका प्रमुख उद्देश्य अंतिम वर्ष की छात्राओं में रोजगारपरक दक्षताओं, आत्मविश्वास, व्यावसायिक व्यवहार तथा कार्यस्थल की अपेक्षाओं के अनुरूप आवश्यक कौशलों का विकास करना था। कार्यशाला प्रारंभतः 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के रूप में नियोजित थी, किंतु छात्राओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता, निरंतर सीखने की अभिरुचि तथा प्रशिक्षण गतिविधियों के प्रति उनकी सक्रिय प्रतिक्रिया को देखते हुए इसे अतिरिक्त चार दिनों के लिए विस्तारित किया गया। नांदी फाउंडेशन के ट्रेनर श्री संजय शर्मा के नेतृत्व में आयोजित प्रशिक्षण सत्रों में प्रभावी संचार कौशल, जीवन कौशल, व्यावसायिक शिष्टाचार, आत्मविश्वास निर्माण, टीमवर्क, समस्या-समाधान तथा साक्षात्कार कौशल जैसे रोजगार के लिए आवश्यक प्रमुख आयामों पर विशेष बल दिया गया। प्रशिक्षण को व्यावहारिक एवं सहभागिता पूर्ण बनाने के लिए इंटरैक्टिव गतिविधियों, अनुभवात्मक शिक्षण, समूह-चर्चाओं तथा करियर-केंद्रित अभ्यासों को शामिल किया गया। कार्यशाला में 58 छात्राओं ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को न केवल रोजगार के लिए आवश्यक तकनीकी एवं सॉफ्ट स्किल्स से परिचित कराया गया, बल्कि उन्हें अपने व्यक्तित्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने, आत्मविश्वास के साथ संवाद करने तथा कार्यस्थल की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए भी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। समापन सत्र में छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि प्रशिक्षण ने उनके आत्मविश्वास, संचार क्षमता, साक्षात्कार कौशल तथा रोजगार के प्रति दृष्टिकोण को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया। छात्राओं ने कार्यक्रम को अपने व्यावसायिक भविष्य की तैयारी की दिशा में उपयोगी एवं मार्गदर्शक पहल बताते हुए आयोजकों और प्रशिक्षक के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने छात्राओं को कार्यशाला के सफल समापन पर बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम उच्च शिक्षा को रोजगारपरक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने छात्राओं को प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास का वास्तविक जीवन में प्रभावी उपयोग करने तथा उपलब्ध रोजगार अवसरों के लिए निरंतर स्वयं को तैयार करते रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में सेंटर फॉर करियर गाइडेंस, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट की संयोजिका डॉ. आकांक्षा गंडा ने सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षक एवं सहयोगी संस्था के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि छात्राओं की रोजगार क्षमता को सुदृढ़ करने तथा उन्हें उद्योग एवं कार्यस्थल की अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार करने के लिए सेंटर द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार की कौशल-विकास एवं करियर-उन्मुख गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा दिया जाएगा। कार्यशाला के सफल समापन के अवसर पर सभी प्रतिभागी छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।  

    राजकीय रामचंद्र खेतान पॉलिटेक्निक कॉलेज में 'EV सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' का प्रदर्शन, पोर्टेबल EV चार्जिंग टेक्नोलॉजी का हुआ अनावरण

    राजकीय रामचंद्र खेतान पॉलिटेक्निक कॉलेज में 'EV सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' का प्रदर्शन, पोर्टेबल EV चार्जिंग टेक्नोलॉजी का हुआ अनावरण जयपुर: राजकीय रामचंद्र खेतान पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, जयपुर में एचवीआरडीसी (HVRDC) द्वारा स्थापित 'एचवीआरडीसी सेंटर फॉर एडवांस इलेक्ट्रिकल मोबिलिटी सिस्टम' का राजस्थान सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने प्रदर्शन किया गया। स्वदेशी पोर्टेबल EV चार्जिंग तकनीक का हुआ अनावरण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, राजस्थान सरकार के उद्योग आयुक्त  नीलाभ सक्सेना द्वारा एचवीआरडीसी की पेटेंटेड पोर्टेबल EV चार्जिंग टेक्नोलॉजी का अनावरण किया गया। यह स्वदेशी तकनीक इलेक्ट्रिक वाहन को चार्जिंग स्टेशन तक ले जाने के बजाय, 'चार्जिंग को वाहन तक पहुँचाने' की अवधारणा पर आधारित है। इसे भविष्य के EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। तीन प्रमुख तकनीकों का प्रदर्शन और व्यावहारिक अनुभव कार्यक्रम में एचवीआरडीसी द्वारा तीन प्रमुख तकनीकों का प्रदर्शन किया गया, जिनमें हाथों से सीखने वाली EV लैब, इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक पर आधारित व्यावहारिक मॉडल और पेटेंटेड पोर्टेबल चार्जिंग यूनिट शामिल रहे। हब मोटर, बैटरी पैक, कंट्रोलर और थ्रॉटल जैसे कंपोनेंट्स के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहन के संचालन और ऊर्जा प्रवाह की कार्यप्रणाली को समझाया गया। इससे विद्यार्थियों को हार्डवेयर के माध्यम से प्रैक्टिकल लर्निंग और रिसर्च का अवसर मिलेगा। वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य अतिथि रहे मौजूद कार्यक्रम के दौरान तकनीकी शिक्षा विभाग के उप सचिव सुरजानी शर्मा, सेंटर फॉर इलेक्ट्रॉनिक गवर्नेंस के निदेशक डॉ. अविनाश पवार, एचवीआरडीसी के फाउंडर एवं CEO आकाश कुमार किरोड़ी, मेंटर संजय कुमार झा (सेवानिवृत्त IPS), मेंटर आनंद कुमार किरोड़ी, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर शिवांश झा, ओएसडी कुंजी लाल स्वामी, खेतान पॉलिटेक्निक प्रधानाचार्य  विनोद कुमार जांगिड़ और खेतान एलुमिनाई के अध्यक्ष जी. पी. शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश शेडवाल थे।  

    एमजीडी में ऑल इंडिया आईपीएससी गर्ल्स बास्केटबॉल टूर्नामेंट शुरू, देशभर के 11 प्रतिष्ठित स्कूलों की टीमें आमने-सामने

    महारानी गायत्री देवी (एमजीडी) गर्ल्स स्कूल में ऑल इंडिया आईपीएससी अंडर-19 गर्ल्स बास्केटबॉल टूर्नामेंट का भव्य आगाज हुआ। प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में भारतीय महिला बास्केटबॉल टीम की पूर्व कप्तान व कोच शीबा मैग्गोन ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। समारोह की शुरुआत में स्कूल बैंड और एनसीसी कैडेट्स ने मुख्य अतिथि को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद सभी प्रतिभागी टीमों के आकर्षक मार्च पास्ट के साथ मुख्य अतिथि ने विधिवत रूप से टूर्नामेंट के शुरू होने की घोषणा की। खिलाड़ियों ने एमजीडी टीम कैप्टन नंदिनी चौधरी के साथ खेल भावना और अनुशासन के साथ खेलने की शपथ ली। मुख्य अतिथि ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल न सिर्फ फिटनेस बढ़ाते हैं बल्कि जीवन में नेतृत्व और टीम भावना भी सिखाते हैं। चार दिनों तक चलने वाले इस नेशनल टूर्नामेंट में मेजबान एमजीडी गर्ल्स स्कूल सहित देशभर के 11 प्रमुख स्कूलों की टीमें भाग ले रही हैं। इनमें द डेली कॉलेज (इंदौर), द एमरल्ड हाइट्स इंटरनेशनल स्कूल (इंदौर), मॉडर्न स्कूल (बाराखंभा रोड, नई दिल्ली), डीपीएस (मथुरा रोड, नई दिल्ली), यादवेन्द्र पब्लिक स्कूल (मोहाली), मोतीलाल नेहरू स्पोर्ट्स स्कूल (राई), हैदराबाद पब्लिक स्कूल (बेगमपेट), द लॉरेंस स्कूल (लवडेल) और राजमाता कृष्णा कुमारी गर्ल्स पब्लिक स्कूल (जोधपुर) की टीमें कोर्ट पर अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगी। स्कूल डायरेक्टर श्रीमती अर्चना एस. मनकोटिया एवं प्राचार्या श्रीमती प्रमेंद्र खंगारोत ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उद्घाटन के तुरंत बाद पहले दिन के रोमांचक लीग मुकाबलों की शुरुआत हुई जिनके परिणाम कुछ इस प्रकार रहे :- मैच 1 (पूल बी): एचपीएस, बेगमपेट ने मॉडर्न स्कूल, नई दिल्ली को 34-09 के बड़े अंतर से मात देकर जीत दर्ज की।  ​मैच 2 (पूल ए): द लॉरेंस स्कूल, लवडेल ने वाईपीएस, मोहाली को 44-24 के स्कोर से हराया।  ​मैच 3 (पूल बी): डीपीएस, मथुरा रोड ने एकतरफा मुकाबले में वाईपीएस, पटियाला को 23-04 से शिकस्त दी।  ​मैच 4 (पूल ए): मेजबान एमजीडी गर्ल्स स्कूल, जयपुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए डेली कॉलेज, इंदौर को 48-11 से पराजित किया।  

    डॉ. बद्री नारायण जाट को International Teacher Excellence Award - Season II - 2026 से सम्मान

    भारत सरकार के नीति आयोग से मान्यता प्राप्त त्रेतायुग फाउंडेशन (Tretayug Foundation) उत्तर प्रदेश द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु एस.एस. जैन सुबोध पी.जी. महाविद्यालय, जयपुर के राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य डॉ. बद्री नारायण जाट को International Teacher Excellence Award - Season II - 2026 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान देशभर के उन शिक्षकों को दिया जाता है जिन्होंने शिक्षण, शोध और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर (डॉ) रेनू जोशी जी, उपप्राचार्य डॉ विकास बैराठी जी, विभागाध्यक्ष डॉ राजेश कुमार रावत जी एवं समस्त महाविद्यालय स्टाफ ओर मित्रगणों ने डॉ. जाट को इस उपलब्धि पर बधाई दी।  

    प्रदेश किसान कांग्रेस अध्यक्ष हरजिंद्र बराड़ ने सचिन पायलट से की भेंट

    बुके और किरपाण भेंट कर जताया आभार जयपुर। राजस्थान प्रदेश किसान कांग्रेस के नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष एवं रायसिंहनगर पंचायत समिति के पूर्व प्रधान हरजिंद्र सिंह बराड़ ने रविवार को राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव व पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट से शिष्टाचार भेंट की। जयपुर में हुई इस विशेष मुलाकात के दौरान बराड़ ने अपनी इस नई और महत्वपूर्ण नियुक्ति के लिए सचिन पायलट का हृदय से आभार व्यक्त किया। मुलाकात के दौरान हरजिंद्र सिंह बराड़ ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने पायलट को फूलों का बुके भेंट किया, साथ ही सिख परंपरा के अनुसार उन्हें सिरोपा पहनाकर और किरपाण भेंट कर उनका विशेष अभिनंदन किया। श्रीगंगानगर से बड़ी संख्या में पहुंचे समर्थक इस खास मौके पर श्रीगंगानगर जिले से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी जयपुर पहुंचा। सभी नेताओं ने हरजिंद्र सिंह बराड़ को किसान कांग्रेस की कमान सौंपे जाने पर आलाकमान और सचिन पायलट के प्रति अपनी खुशी जाहिर की। जिले से आए नेताओं ने भी सचिन पायलट को सिरोपा पहनाया और मुंह मीठा करवाकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। सचिन पायलट से मुलाकात करने वाले इस प्रतिनिधिमंडल में बलदेव सिंह बराड़, सुखजीत सिंह, गुरपाल सिंह, निशान सिंह, देवेंद्र सिंह, गुरमीत सिंह बैंस, गुरप्रीत सिंह गिल, यशजोत सिंह बैंस, जगजीत सिंह, गुरमनजोत सिंह, जगजीत सिंह गोलूवाला और राजेंद्र सिंह सहित कई प्रमुख कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। राजनीतिक गलियारों में इस नियुक्ति को किसान कांग्रेस को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है। बराड़ ने विश्वास दिलाया कि वे किसानों के हक की आवाज को मजबूती से उठाएंगे और संगठन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।  

    वैश्य समाज एकजुट होकर अपनी महाशक्ति को आगे बढाए: विधायक डॉ. सुभाष गर्ग

    -खंडेलवाल वैश्य महासभा ने गत तीन सालों मे शिक्षा, महिला कल्याण एवं स्वास्थ्य के लिए समाज बंधुओ को दी तीन करोड़ 64 लाख की सहायता अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारीनी की 35 वे सत्र की राष्ट्रीय महासमिति की दूसरी मीटिंग एवं राष्ट्रीय कार्यकारीनी की चतुर्थ मीटिंग के भरतपुर मे आयोजन के अवसर पर 4 अक्टुबर को भरतपुर के विधायक डॉ. सुभाष गर्ग ने खंडेलवाल समाज को इस आयोजन पर भदाई दी, उन्होंने वेश्य महाशक्ती को आगे बढ़ाने, अगरवाल, खंडेलवाल, विजयवर्गीय, जैन, महेश्वरी एवं वैश्य समाज मजबूत हो, सभी सामाजिक सोहार्द बनाए रखने की बात कही! उन्होंने कहा कि जब भी समाज पर कोई विपत्ती आये, उस समय सब मिलजूल कर काम करे तो उसका समाधान होगा, वेश्य समाज व्यापारिक रूप से मजबूत है राजनीतिक रूप से नहीं! वेश्य समाज किसी का बुरा नहीं करता इसलिए 36 कोम इनके साथ रहती है! उन्होंने कहा कि हम जब सभी मिलकर खड़े रहेंगे, प्रशाशन एवं सरकार को अपनी समस्या के समाधान के लिए मजबूर कर सकते है! उन्होंने अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के अध्यक्ष रमेश चंद्र खंडेलवाल (तुंगा वाला) को शिक्षा, महिला कल्याण एवं स्वास्थ्य सेवा समाज की और से दी जा रही है उसके लिए भदाई एवं साधुवाद दिया! अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी, प्रोफेसर रमेश कुमार रावत ने बताया कि महासभा की मीटिंग मे अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के अध्यक्ष रमेश चंद्र खंडेलवाल (तुंगा वाला) ने जानकारी दी कि श्री खंडेलवाल वैश्य महासभा की और से 2024 से 2027 तक उच्च शिक्षा सहायता के लिए 2 करोड़ 53 लाख रुपये समाज के जरूरत मंद विधार्थियो को दिये गए है! इसी क्रम मे छात्रवती के तोर पर शिक्षा सहायता करीब 10 लाख रुपये दी गई है! महिला कल्याण एवं जन कल्याण सहायता के तोर पर समाज की जरूरत मंद महिलाओ को एक करोड़ रुपये की सहायता पिछले तीन सालों मे दी गई है! समाज बंधुओ को मेडिकल सहायता 80000 रुपये दी गई है!उन्होंने अपने आप को समाज का सिपाही बताया! इसके साथ ही जनवरी माह 2027 मे महिला संम्मेलन के आयोजन की घोषणा की! उन्होंने माता पिता से बच्चों मे सुसंस्कार देने की बात कही! इसके साथ ही उन्होंने बढ़ते अंतर्जातीय विवाह, तलाक़, विवाह देरी से होने पर चिंता व्यक्त की! उन्होंने बहु को बेटी मानने की बात कही! साथ ही उन्होंने महिलाओ को तलाक़ के कारण एवं तलाक़ को रोकने के उपाय एवं टिप्स दिये! उन्होंने शादी मे फालतू खर्चो, लीफाफा प्रणाली से मुक्त करने को कहा! इसके साथ ही आगामी महासभा की अध्यक्ष पद पर समाज की महिला को अध्यक्ष बनाने को कहा! अखिल भारतीय खंडेलवाल वैश्य महा सभा के प्रधानमंत्री चंद्र प्रकाश खंडेलवाल ने आयोजन समिति के आयोजन समिति मे सयुक्त मंत्री, खंडेलवाल वेश्य महासभा व जिला अध्यक्ष खंडेलवाल युवा वेश्य समिति, जिला भरतपुर-डीग, निखिल खंडेलवाल, विपुल तमोलिया, शिप्रा खंडेलवाल जिला अध्यक्ष जिला खंडेलवाल महिला महासमिति भरतपुर डीग, खुशी खंडेलवाल, श्याम तमोलिया (कामां), जिलाध्यक्ष खंडेलवाल वैश्य महासमिति भरतपुर डीग, CA अंकुर खंडेलवाल भरतपुर, खेमराज मातूकी वाले कामां, मुनेश खंडेलवाल युवा अध्यक्ष सीकरी, लोकेश खंडेलवाल सीकरी, टोनू मातुकी वाले कामां जिला युवा कार्यकारी अध्यक्ष, दीपक तमोलिया कामां जिला महामंत्री शुभम खंडेलवाल युवा महामंत्री नदबई, जितेंद्र खंडेलवाल युवा अध्यक्ष नदबई, अमित खंडेलवाल युवा अध्यक्ष जुरहरा, पवन खंडेलवाल पहाड़ी, प्रेमचंद खंडेलवाल गोपालगढ़, संजय खंडेलवाल युवा अध्यक्ष डीग, मनोज खंडेलवाल युवा अध्यक्ष कुम्हेर, राजेश खंडेलवाल युवा अध्यक्ष जनूथर, वेद प्रकाश खंडेलवाल युवा अध्यक्ष नगर, मनोज सितारे वाले कुम्हेर, शंभू आकड़ महामंत्री खंडेलवाल वैश्य समाज कामां को मीटिंग के सफलता पूर्वक आयोजन के लिए भदाई दी! इस अवसर पर, राकेश रावत दिल्ली आजीवन प्रधान संरक्षक एवं पूर्व प्रधानमंत्री अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा जयपुर, खेमराज मातूकी वाले प्रमुख भामाशाह एवं समाजसेवी (कामवन), कार्यकारी अध्यक्ष गोपाल खण्डेलवाल एडवोकेट मथुरा, कार्यकारी अध्यक्ष गिरधारीलाल खंडेलवाल (डीग) जयपुर महा खंडेलवाल, सूरत से खंडेलवाल समाज के अध्यक्ष राजू खंडेलवाल, मीटिंग मे अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छतीसगढ़, झारखंड, आसाम, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, सहित अनेक प्रदेश एवं कोलकाता, दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद, रतलाम, मुंबई, राजनंद गाव, सहित देश के अनेक प्रमुख शहरों से अनेक पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य, आजीवन सदस्यों ने भाग लिया! इस अवसर पर सभी आगंतुकों को सिक्किम का ओरिजनल रुद्राकश भी वितरित किया गया! भरतपुर खंडेलवाल युवा समाज की महिला कार्य कारिणी ने मोबाइल के उपयोग को लेकर जागरुकता कार्यक्रम तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी!  

    सर्व वंचित समाज की बैठक

    रविवार को प्रदेश अध्यक्ष को एडवोकेट गोवर्धन लक्षकार की अध्यक्षता में कार्यालय सुभाष नगर शॉपिंग सेंटर शास्त्री नगर पर संपन्न हुई। बैठक में तेली समाज से सत्यनारायण साहू धोबी समाज से राजेंद्र वर्मा पवार पटवा समाज से विजय कुमार जी पटवा सोहनलाल पटवा एवं मुस्लिम तेली समाज से अब्दुल लतीफ आर को एवं रामबाबू पांचाल त्रिलोक चंद्र कंडेल इत्यादि शामिल हुए। बैठक में प्रत्येक समाज के 20 से 25 समाजसेवी सदस्यों की सूची भेजने का प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही आगामी पंचायती चुनाव में सर्व वंचित समाज की अधिक से अधिक सदस्यों को विजयी बनाने पर चर्चा की गई सभी राजनीतिक पार्टियों द्वारा सर्व वंचित समाज के सदस्यों को पंचायती चुनाव में प्रत्याशी बनने पर भी चर्चा की गई पूर्व के नगर पालिका नगर परिषद नगर निगम चुनाव में सर्व वंचित समाज के निर्दलीय उम्मीदवारों की सूची एकत्रित करने पर भी चर्चा की गई। यह जानकारी कोषाध्यक्ष राजेंद्र वर्मा पवार द्वारा दी गई  

    राजस्थान विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती समारोह आयोजित

    जयपुर, राजस्थान विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. प्रेरणा पुरी ने किया। इस अवसर पर मनोविज्ञान विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. उमा मित्तल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का समन्वय विभाग के विद्यार्थियों द्वारा किया गया तथा संचालन स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष की छात्रा अग्रिमा कपूर ने किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने दोनों महान राष्ट्रीय व्यक्तित्वों के ऐतिहासिक, दार्शनिक एवं मनोवैज्ञानिक योगदान पर विचार प्रस्तुत किए। विशिष्ट अतिथि प्रो. उमा मित्तल ने गांधीवादी दर्शन एवं उसके मनोवैज्ञानिक पक्ष पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने गांधीवादी विचारधारा को समझने में सकारात्मक मनोविज्ञान (Positive Psychology) को एक प्रमुख दृष्टिकोण के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने सत्याग्रह की अवधारणा को आत्म-नियमन, सहानुभूति, परिप्रेक्ष्य ग्रहण करने की क्षमता तथा रचनात्मक संघर्ष-समाधान से जोड़ते हुए इसकी प्रासंगिकता समझाई। उन्होंने अहिंसा, सत्य, करुणा एवं सर्वोदय (सर्वजन के कल्याण) जैसी प्रमुख गांधीवादी अवधारणाओं की व्याख्या करते हुए बताया कि ये मूल्य व्यक्तिगत कल्याण, सकारात्मक मानवीय संबंधों और अधिक सामंजस्यपूर्ण समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस अवसर पर विभाग के छात्र-छात्राओं द्वारा भी अपने विचार साझा किये गये। आशी मित्तल ने गांधीवादी दर्शन के मनोवैज्ञानिक पक्ष पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए आत्म-अनुशासन, भावनात्मक नियंत्रण, सहानुभूति, अहिंसा एवं शांतिपूर्ण संघर्ष समाधान जैसे विषयों पर प्रकाश डाला। विजय कुमार अटल ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, मूल्यों एवं राष्ट्र के प्रति उनके योगदान पर अपने विचार प्रस्तुत किए तथा 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के साथ शास्त्री जयंती मनाए जाने के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम के पश्चात विभाग परिसर में स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस पहल ने स्वच्छता, अनुशासन एवं सामूहिक जिम्मेदारी के मूल्यों को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम का समापन प्रो. पुरी द्वारा विद्यार्थियों को गांधीजी और शास्त्री जी के आदर्शों एवं योगदान से प्रेरणा लेते हुए सत्य, अनुशासन, करुणा, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने के संदेश के साथ किया गया।