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    20 साल से फरार उम्रकैद का दोषी दिल्ली से गिरफ्तार, सिक्योरिटी गार्ड बनकर छिपा था

      युगचरण न्यूज़ / 07 जुलाई 2026 करीब दो दशक से फरार चल रहे हत्या के एक दोषी को आखिरकार पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी अपनी पहचान बदलकर और साधारण जीवन जीकर कानून से बचने की कोशिश कर रहा था। वह दिल्ली के मंडावली क्षेत्र के चंदर विहार में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम कर रहा था। लंबे समय तक तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और कई राज्यों में तलाश अभियान चलाने के बाद पुलिस को उसे पकड़ने में सफलता मिली। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति 47 वर्ष का है और मूल रूप से दिल्ली के पांडव नगर क्षेत्र का रहने वाला बताया जाता है। उस पर वर्ष 2001 में अपनी महिला मित्र की कथित रूप से गोली मारकर हत्या करने का आरोप था। इस मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था और अदालत में आरोपपत्र दाखिल होने के बाद सुनवाई चली। वर्ष 2002 में निचली अदालत ने उसे हत्या और शस्त्र अधिनियम से जुड़े मामलों में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी तथा आर्थिक दंड भी लगाया गया था। बाद में आरोपी ने इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। सुनवाई के दौरान उसे वर्ष 2006 में जमानत मिल गई, लेकिन इसके बाद वह अदालत में पेश होना बंद कर दिया और फरार हो गया। बाद में उसकी नियमित जमानत याचिका खारिज होने के बाद अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया, लेकिन वह लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। फरीदाबाद पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी पहचान बदल ली थी। उसने दाढ़ी और लंबे बाल रख लिए थे, सोशल मीडिया और स्मार्टफोन का उपयोग लगभग पूरी तरह बंद कर दिया था तथा कम प्रोफाइल वाली नौकरियां करके अपना जीवन व्यतीत कर रहा था। पुलिस का कहना है कि यही वजह रही कि वह इतने वर्षों तक गिरफ्तारी से बचता रहा। मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की टीम पिछले लगभग एक वर्ष से आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। जांच के दौरान पुलिस ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में लगभग 35 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। रिश्तेदारों और परिचितों से जुड़ी सूचनाओं का विश्लेषण किया गया तथा विभिन्न तकनीकी और मानवीय स्रोतों से जानकारी जुटाई गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के बागपत क्षेत्र से एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। इसके बाद दिल्ली के चंदर विहार इलाके में कई दिनों तक निगरानी रखी गई। लगभग 15 दिनों तक लगातार नजर रखने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी के समय आरोपी ने कथित रूप से पुलिस से पूछा कि वे आखिर उसके तक कैसे पहुंच गए। इसके बाद उसकी पहचान पुराने रिकॉर्ड और तस्वीरों से मिलान कर पुष्टि की गई। साथ ही मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर भी उसकी पहचान सत्यापित की गई। फरीदाबाद पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि आरोपी जमानत मिलने के बाद कुछ समय तक अपने पुराने पते पर रहा, लेकिन बाद में उसने ठिकाना बदल लिया। अदालत में लगातार गैरहाजिर रहने के बाद उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, लेकिन वह लंबे समय तक पुलिस की पहुंच से बाहर रहा। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि अब वह निचली अदालत द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा पूरी करेगा। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी में पारंपरिक खुफिया तंत्र और आधुनिक निगरानी तकनीकों का संयुक्त उपयोग महत्वपूर्ण साबित हुआ। लंबे समय तक फरार रहने के बावजूद आरोपी अंततः कानून के शिकंजे से बच नहीं सका। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस का कहना है कि अदालत के निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा मामले से जुड़े सभी अभिलेखों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।    

    सीरिया की राजधानी दमिश्क में राष्ट्रपति मैक्रों की यात्रा के दौरान दो धमाके, होटल के पास हुए विस्फोटों से मचा हड़कंप

      युगचरण न्यूज़ / 07-07-2026 सीरिया की राजधानी दमिश्क में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की आधिकारिक यात्रा के दौरान शहर में दो शक्तिशाली विस्फोट हुए। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, धमाके उस इलाके के पास हुए जहां राष्ट्रपति मैक्रों ठहरे हुए थे। हालांकि, फ्रांसीसी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विस्फोट के समय राष्ट्रपति मैक्रों होटल में मौजूद नहीं थे और वे पहले ही सीरियाई राष्ट्रपति के साथ निर्धारित बैठक के लिए राष्ट्रपति भवन रवाना हो चुके थे। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेर लिया और व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया। स्थानीय प्रशासन ने विस्फोटों की जांच शुरू कर दी है, जबकि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त कर दिया गया है। होटल के पास हुए दो विस्फोट अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के अनुसार, दमिश्क के उस क्षेत्र में दो अलग-अलग विस्फोट हुए जहां राष्ट्रपति मैक्रों का ठहराव निर्धारित था। शुरुआती जांच में बताया गया कि एक विस्फोट सड़क किनारे खड़ी एक कार में लगाए गए विस्फोटक से हुआ, जबकि दूसरा विस्फोट पास में रखे एक कूड़ेदान में लगाए गए बम के कारण हुआ। धमाकों के बाद आसपास के इलाके में धुएं का गुबार देखा गया। सुरक्षा बलों ने तुरंत घटनास्थल को सील कर दिया और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी। सोशल मीडिया पर भी घटनास्थल के कई वीडियो और तस्वीरें सामने आए, जिनमें विस्फोट के बाद उठता धुआं और सुरक्षा बलों की भारी मौजूदगी देखी जा सकती है। हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। राष्ट्रपति मैक्रों सुरक्षित फ्रांस के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों विस्फोट के समय होटल में मौजूद नहीं थे। वे सुबह ही सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से मुलाकात के लिए राष्ट्रपति भवन रवाना हो चुके थे। फ्रांसीसी अधिकारियों ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके आधिकारिक कार्यक्रम में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की लगातार समीक्षा कर रही हैं। कई लोग घायल होने की सूचना स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इन दो विस्फोटों में कम से कम 18 लोगों के घायल होने की सूचना है। घायलों में चार पुलिसकर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल किसी संगठन ने इन धमाकों की जिम्मेदारी नहीं ली है। सुरक्षा एजेंसियां सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही हैं। हाल ही में भी हुआ था धमाका दमिश्क में यह पहला विस्फोट नहीं है। कुछ दिन पहले भी न्यायालय परिसर के पास स्थित एक कैफे में विस्फोट हुआ था, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में सीरिया में सुरक्षा चुनौतियां पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं और अलग-अलग क्षेत्रों में छिटपुट हिंसक घटनाएं अब भी सामने आ रही हैं। ऐतिहासिक मानी जा रही है मैक्रों की यात्रा राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की यह यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है। वर्ष 2024 में सीरिया में सत्ता परिवर्तन के बाद वह यूरोपीय संघ के पहले शीर्ष नेता हैं जिन्होंने आधिकारिक रूप से दमिश्क का दौरा किया है। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करना, क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा करना और पुनर्निर्माण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बातचीत करना बताया जा रहा है। राष्ट्रपति मैक्रों के साथ फ्रांस के कई प्रमुख उद्योगपति भी सीरिया पहुंचे हैं। इनमें शिपिंग कंपनी CMA-CGM के प्रमुख रोडोल्फ सादे और ऊर्जा कंपनी TotalEnergies के प्रमुख पैट्रिक पुइयाने जैसे कारोबारी भी शामिल हैं। माना जा रहा है कि यह यात्रा भविष्य में आर्थिक सहयोग और निवेश के नए अवसरों को भी गति दे सकती है। मध्य पूर्व में तनाव के बीच महत्वपूर्ण दौरा मैक्रों की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब हाल ही में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच लंबे समय तक चले तनाव और संघर्ष के बाद क्षेत्र में अपेक्षाकृत शांति का माहौल बनने की कोशिशें जारी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फ्रांस इस समय मध्य पूर्व में अपनी कूटनीतिक भूमिका को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। सीरिया की यात्रा उसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर विस्फोटों के बाद दमिश्क में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। होटल, सरकारी भवनों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। जांच एजेंसियां घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में लगी हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि विस्फोटों के पीछे किसका हाथ हो सकता है। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। जांच जारी फिलहाल विस्फोटों के कारणों और जिम्मेदार लोगों की पहचान को लेकर आधिकारिक जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य तकनीकी जानकारियों की जांच कर रही हैं। इस बीच राष्ट्रपति मैक्रों का आधिकारिक कार्यक्रम निर्धारित समय के अनुसार जारी है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से उनके आगामी कार्यक्रमों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी दमिश्क में हुए इन विस्फोटों पर लगातार नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य स्पष्ट होने की उम्मीद है।    

    ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को अंतिम विदाई: क़ोम में उमड़ा जनसैलाब, कई शहरों में जारी रहेगा अंतिम संस्कार कार्यक्रम

      युगचरण न्यूज़ / 07-07-2026 ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए मंगलवार को देश के पवित्र शहर क़ोम (Qom) में हजारों लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, खामेनेई के पार्थिव शरीर को क़ोम स्थित प्रसिद्ध जमकरान मस्जिद लाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की और अंतिम प्रार्थना में भाग लिया। बताया जा रहा है कि अंतिम संस्कार से जुड़े धार्मिक कार्यक्रम केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, श्रद्धांजलि सभाएं इराक के पवित्र शहर नजफ़ और कर्बला में भी आयोजित की जाएंगी। इसके बाद खामेनेई के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक शहर मशहद ले जाया जाएगा, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। जमकरान मस्जिद में श्रद्धांजलि देने पहुंचे हजारों लोग मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, क़ोम के दक्षिण में स्थित ऐतिहासिक जमकरान मस्जिद में सुबह से ही लोगों का जमावड़ा शुरू हो गया था। हजारों श्रद्धालु, धार्मिक नेता और विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिक अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। श्रद्धांजलि सभा के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया ताकि अंतिम संस्कार कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई लोग ईरानी झंडे और धार्मिक प्रतीकों के साथ अंतिम यात्रा में शामिल हुए। पूरे परिसर में शोक का माहौल देखा गया और लोग दिवंगत नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि देते नजर आए। कई शहरों में होंगे अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम रिपोर्टों के मुताबिक, अंतिम संस्कार की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी की जाएगी। क़ोम में धार्मिक अनुष्ठानों के बाद पार्थिव शरीर को इराक के पवित्र शहर नजफ़ और कर्बला ले जाया जाएगा, जहां विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद अंतिम चरण में पार्थिव शरीर को ईरान के उत्तर-पूर्वी शहर मशहद ले जाकर दफनाया जाएगा। मशहद को ईरान का प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर इतने बड़े स्तर पर आयोजित किए जा रहे अंतिम संस्कार कार्यक्रम को देखते हुए ईरानी प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रमुख धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक मार्गों और अंतिम यात्रा के निर्धारित रास्तों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में भी कई अस्थायी बदलाव किए हैं ताकि अंतिम यात्रा के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। आपातकालीन सेवाओं और चिकित्सा टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है। क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर बनी हुई है नजर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार पर केवल ईरान ही नहीं बल्कि पूरे पश्चिम एशिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है। विभिन्न देशों के राजनीतिक विश्लेषक इस घटनाक्रम को क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के नेतृत्व में होने वाले आगामी बदलावों पर दुनिया की निगाहें टिकी रहेंगी। हालांकि, ईरानी अधिकारियों की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रक्रियाओं को लेकर अलग-अलग चरणों में जानकारी साझा किए जाने की उम्मीद है। श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी अंतिम संस्कार कार्यक्रम के दौरान लगातार लोग श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं। विभिन्न धार्मिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों ने दिवंगत नेता के प्रति सम्मान व्यक्त किया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अंतिम यात्रा और धार्मिक अनुष्ठानों का कार्यक्रम कई चरणों में पूरा होगा, जिसके बाद मशहद में अंतिम दफन की प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। इस बीच प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और निर्धारित सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन सभी आवश्यक व्यवस्थाओं पर लगातार नजर बनाए हुए है। अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रमों के संपन्न होने तक देश के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी जारी रहने की संभावना है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी ईरान में हो रहे इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।    

    देशभर में मानसून का कहर: वायनाड में भूस्खलन के बाद रेड अलर्ट, दिल्ली में मूसलाधार बारिश, कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित

      युगचरण न्यूज़ / 07-07-2026 देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। लगातार हो रही भारी बारिश ने कई राज्यों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। केरल, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और ओडिशा सहित कई राज्यों में बारिश के कारण बाढ़, भूस्खलन, जलभराव और यातायात बाधित होने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। सबसे गंभीर स्थिति केरल के वायनाड जिले में देखने को मिली, जहां लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच एक निर्माणाधीन सुरंग परियोजना के पास बड़ा भूस्खलन हो गया। वहीं राजधानी दिल्ली में दोपहर बाद तेज बारिश और आंधी के चलते कई इलाकों में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। महाराष्ट्र के पालघर, मुंबई और पुणे सहित कई जिलों में भी लगातार बारिश ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है। वायनाड में भूस्खलन, राहत एवं बचाव अभियान जारी केरल के वायनाड जिले के कल्लाडी क्षेत्र में मंगलवार सुबह भारी बारिश के बीच निर्माणाधीन अनाक्कमपोयिल-कल्लाडी-मेप्पाडी टनल रोड परियोजना के समीप अचानक बड़ा भूस्खलन हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि सात लोगों के लापता होने की सूचना मिली है। सात अन्य घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन, फायर एंड रेस्क्यू सर्विस, पुलिस तथा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया। लगातार बारिश और अस्थिर पहाड़ी क्षेत्र के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। राज्य सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों को मौके पर भेजते हुए राहत कार्यों की निगरानी के निर्देश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है ताकि किसी अन्य दुर्घटना से बचा जा सके। IMD ने वायनाड और कोझिकोड में जारी किया रेड अलर्ट भारतीय मौसम विभाग ने वायनाड जिले में अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। पड़ोसी कोझिकोड जिले में भी रेड अलर्ट लागू किया गया है, जबकि मलप्पुरम, कन्नूर और कासरगोड जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, वायनाड के कई इलाकों में दिनभर भारी वर्षा दर्ज की गई। विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले घंटों में वर्षा और तेज हो सकती है, जिससे भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। दिल्ली में झमाझम बारिश से राहत, लेकिन ट्रैफिक हुआ प्रभावित राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार दोपहर तेज बारिश और तेज हवाओं ने गर्मी से राहत जरूर दी, लेकिन शहर के कई हिस्सों में जलभराव और भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति भी पैदा हो गई। भारतीय मौसम विभाग ने उत्तर दिल्ली के कुछ इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए तेज बारिश, आकाशीय बिजली और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई। वहीं दिल्ली के अन्य क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। मौसम विभाग ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और आवश्यकता होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। महाराष्ट्र में बारिश से अब तक 10 लोगों की मौत महाराष्ट्र में लगातार हो रही बारिश के चलते कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। पालघर जिले में एक जुलाई से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 10 लोगों की मौत हो चुकी है। जिला प्रशासन के अनुसार, हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों के रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है। लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जबकि कई गांवों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं। मुंबई में स्कूल-कॉलेज बंद, ऑरेंज अलर्ट जारी मुंबई में लगातार दो दिनों तक हुई भारी बारिश के बाद मंगलवार को मौसम में कुछ राहत देखने को मिली। हालांकि मौसम विभाग ने शहर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी रखते हुए भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना व्यक्त की है। सावधानी के तौर पर प्रशासन ने सभी सरकारी, निजी और नगर निगम संचालित स्कूलों एवं कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही, जबकि रेल और सड़क यातायात पर भी इसका असर देखने को मिला। पुणे, नासिक और अन्य जिलों में भी अलर्ट महाराष्ट्र के नासिक जिले में भी भारी बारिश के चलते प्रशासन हाई अलर्ट पर है। गोदावरी नदी का जलस्तर बढ़ गया है और कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यातायात प्रतिबंध लगाए गए हैं। पुणे के आलंदी क्षेत्र में नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद सभी पुलों को एहतियातन बंद कर दिया गया है। वहीं लोनावला और करजत घाट सेक्शन में पिछले दिनों हुई रिकॉर्ड बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ, जिससे रेल सेवाएं प्रभावित हुईं। गुजरात, राजस्थान और कर्नाटक में भी बारिश का असर गुजरात के सूरत शहर में लगातार बारिश के चलते कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है और जल निकासी का कार्य तेज किया गया है। राजस्थान के कई जिलों में भी भारी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, उदयपुर सहित कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कर्नाटक के मलनाड क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते कई तालुकों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों को नदी, झरनों और पहाड़ी क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। तमिलनाडु, जम्मू-कश्मीर और ओडिशा में भी मौसम का असर तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। कुछ इलाकों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से कई मकान, दुकानें और वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है। ओडिशा में भी भारी बारिश के चलते कई क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है और संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की देश के विभिन्न राज्यों में लगातार बदलते मौसम और भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून अभी सक्रिय बना रहेगा और आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश जारी रह सकती है। ऐसे में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।    

    भारत-इंडोनेशिया रक्षा साझेदारी को बड़ी मजबूती, ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम खरीदने पर हुआ समझौता

      युगचरण न्यूज़ / 07 जुलाई 2026 भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई देते हुए दोनों देशों ने ब्रह्मोस क्रूज़ मिसाइल सिस्टम से जुड़े एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय इंडोनेशिया यात्रा के दौरान हुआ, जहां उन्होंने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की। इस यात्रा के दौरान रक्षा, व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों, इस्पात उद्योग, कृषि और समुद्री सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। हालांकि दोनों देशों की ओर से जारी संयुक्त बयान में ब्रह्मोस समझौते का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन इसे भारत की रक्षा निर्यात नीति और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम खरीदने पर हुआ समझौता इंडोनेशिया के राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, भारत-रूस संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस एयरोस्पेस और इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय के बीच ब्रह्मोस मिसाइल रक्षा प्रणाली की आपूर्ति को लेकर अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए हैं। हालांकि समझौते की वित्तीय राशि, मिसाइलों की संख्या या डिलीवरी की समयसीमा जैसी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की गई हैं। इससे पहले वर्ष 2023 में ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने बताया था कि इंडोनेशिया के साथ 20 से 35 करोड़ डॉलर के संभावित रक्षा सौदे पर उन्नत स्तर की बातचीत चल रही थी। अब इस समझौते के औपचारिक रूप लेने के बाद इंडोनेशिया उन देशों की सूची में शामिल हो गया है जिन्होंने भारत के विकसित ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम को अपनाने का निर्णय लिया है। भारत से मिलेगी ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल सूत्रों के अनुसार भारत इंडोनेशिया को केवल ब्रह्मोस क्रूज़ मिसाइल सिस्टम ही नहीं बल्कि स्वदेशी अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल भी उपलब्ध कराएगा। यह समझौता दोनों देशों के रक्षा सहयोग को और मजबूत करेगा तथा हिंद महासागर क्षेत्र में सामरिक संतुलन को नई दिशा दे सकता है। इसी क्रम में इंडोनेशिया की निजी रक्षा होल्डिंग कंपनी रिपब्लिकॉर्प और भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा कंपनी भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) के बीच भी एयर-टू-एयर मिसाइलों से संबंधित एक अलग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। रक्षा के साथ उद्योग और व्यापार पर भी जोर दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। बैठक के दौरान महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स), इस्पात उद्योग और कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। भारत की स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL) और इंडोनेशिया की क्राकाटाऊ स्टील कंपनी ने इंडोनेशिया में स्टेनलेस स्टील स्लैब निर्माण के लिए संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) स्थापित करने पर भी सहमति जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना दोनों देशों के औद्योगिक सहयोग को नई दिशा दे सकती है और भविष्य में इस्पात क्षेत्र में निवेश बढ़ने की संभावना है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो की वार्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच हुई बैठक में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के बाद राष्ट्रपति प्रबोवो ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश हैं और दोनों के बीच मजबूत साझेदारी पूरे क्षेत्र के लिए लाभदायक साबित होगी। उन्होंने कहा कि दोनों देश वरीयता प्राप्त व्यापार समझौते (Preferential Trade Agreement) पर बातचीत को भी तेज करेंगे ताकि व्यापारिक संबंधों को और मजबूती मिल सके। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, समुद्री सहयोग और सुरक्षित नौवहन को बढ़ावा देने के लिए मिलकर कार्य करेंगे। हालांकि दोनों नेताओं ने अपने सार्वजनिक संबोधन में ब्रह्मोस रक्षा समझौते का अलग से उल्लेख नहीं किया। पहले भी बढ़ा था रणनीतिक सहयोग भारत और इंडोनेशिया के बीच पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने पिछले वर्ष नई दिल्ली का दौरा किया था, जहां दोनों देशों ने कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा वर्ष 2023 के बाद इंडोनेशिया की उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है। इस दौरे का उद्देश्य रक्षा, आर्थिक और सामरिक सहयोग को और व्यापक बनाना बताया गया। ब्रह्मोस बना भारत के रक्षा निर्यात का प्रमुख हथियार ब्रह्मोस मिसाइल दुनिया की सबसे तेज़ सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइलों में गिनी जाती है। इसे भारत और रूस के संयुक्त सहयोग से विकसित किया गया है। यह मिसाइल भूमि, समुद्र और वायु—तीनों प्लेटफॉर्म से दागी जा सकती है तथा लंबी दूरी तक अत्यधिक सटीकता के साथ लक्ष्य को भेदने में सक्षम मानी जाती है। भारत ने हाल के वर्षों में रक्षा उपकरणों के निर्यात पर विशेष जोर दिया है। इससे पहले फिलीपींस और वियतनाम के साथ भी ब्रह्मोस प्रणाली को लेकर समझौते हो चुके हैं। अब इंडोनेशिया के साथ हुआ यह नया समझौता भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता और वैश्विक रक्षा बाज़ार में उसकी बढ़ती उपस्थिति का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ेगा रणनीतिक सहयोग विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा सहयोग केवल हथियारों की खरीद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका प्रभाव समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और इंडो-पैसिफिक रणनीति पर भी दिखाई देगा। दोनों देशों की भौगोलिक स्थिति हिंद महासागर और दक्षिण-पूर्व एशिया के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों से जुड़ी है। ऐसे में रक्षा और समुद्री सहयोग बढ़ने से क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब अपनी इंडोनेशिया यात्रा समाप्त करने के बाद ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर रवाना होंगे, जहां वे विभिन्न द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर नेताओं से मुलाकात करेंगे। भारत की इस सक्रिय कूटनीतिक पहल को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उसके बढ़ते प्रभाव और रणनीतिक साझेदारियों के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।    

    शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि

    जयपुर। भारतीय जन संघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 वी जयंती के अवसर पर आज राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा से नमन किया। अपने जयपुर स्थित राजकीय आवास पर शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि दी। इस अवसर पर मदन दिलावर ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए कहा कि डॉक्टर मुखर्जी जम्मू कश्मीर को भारत का पूर्ण और अभिन्न अंग बनाना चाहते थे उन्होंने संसद में धारा 370 को समाप्त करने की भी जोरदार वकालत की थी। डॉ मुखर्जी अपने संकल्प को पूरा करने के लिए 1953 में बिना परमिट लिए जम्मू कश्मीर की यात्रा पर निकल पड़े वहां पहुंचते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और 23 जून 1953 को जेल में रहस्य में परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई। जेल में डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मृत्यु ने देश को हिला कर रख दिया और परमिट सिस्टम समाप्त हो गया।उन्होंने जम्मू कश्मीर को लेकर एक नारा दिया था "नहीं चलेगा एक देश में दो विधान दो प्रधान और दो निशान ।"  दिलावर ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धेय डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को साकार किया और जम्मू कश्मीर से धारा 370 समाप्त कर दी गई । आज मोदी के कुशल नेतृत्व में डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्मस्थली पश्चिम बंगाल में भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन गई है और वहां भाजपा का शासन है। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को भारतीय जनता पार्टी लगातार सरकार कर रही है। मंत्री दिलावर ने कहा कि डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी प्रखर राष्ट्रवादी थे हमें उनके जीवन से राष्ट्र प्रेम और देशभक्ति की प्रेरणा लेनी चाहिए। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं एवं नेताओं ने भी डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किए।  

    बेटे का सपना पूरा करने के लिए कोटा में रहकर फिर से पढ़ी मां

      नयूमोथोरेक्स के चलते परीक्षा से ठीक पहले तीन माह क्लास नहीं ले पाया था गुंजन तो मां ने आॅनलाइन क्लास से बनाए नोट्स   - जेईई 2021 टाॅपर एलन के मृदुल अग्रवाल से प्रेरित होकर बिहार से कोटा आया था गुंजन   कोटा. कोटा में रहकर सफलता की कहानियां लिखने वाले स्टूडेंट्स के पीछे कई प्रयास छिपे होते हैं। माता-पिता का त्याग और शिक्षकों का मार्गदर्शन इसमें महत्वपूर्ण होता है। कोटा में रहकर जेईई-एडवांस्ड क्रेक करने वाले स्टूडेंट की सफलता में इस बार मां का योगदान एक सहपाठी के रूप में सामने आया है। यहां अपने बेटे को सफलता दिलाने के लिए मां ने आॅनलाइन क्लास से नोट्स बनाए, जिन्हें पढ़कर बेटा सफल हुआ और अब आईआईटी में प्रवेश लेगा।   कहानी बिहार सीतामढ़ी के निवासी गुंजन कुमार और मां गुंजा की है। दो साल कोटा में रहकर एलन से जेईई की तैयारी करने वाला गुंजन कुमार परीक्षा से ठीक पहले बीमार हो गया। न्यूमोथोरेक्स (फेफड़ा कोलेप्स होना) के चलते गुंजन तीन माह तक पलंग पर रहा, क्लास तक अटेंड नहीं कर सका। इस दौरान मां गुंजा सक्रिय र्हुइं। पढ़ाई में नुकसान नहीं हो इसके लिए गुंजन को आॅनलाइन वीडियो दिखाए और खुद ने भी देखते हुए इन क्लासेज के नोट्स बनाए। गुंजा गृहिणी हैं, उन्होंने बीएड किया हुआ है, वो खुद कोटा साथ रही और गुंजन के लिए बरसों बाद फिर से पढ़ाई शुरू की। गुंजन की आंखें कमजोर हैं और 70 प्रतिशत से अधिक आई-साइट वीक होने के कारण 9.5 नम्बर का चश्मा लगा हुआ है। जेईई मेन में 91.8 पर्सेन्टाइल स्कोर किया। जेईई एडवांस्ड में पीडब्ल्यूडी ओबीसी कैटेगरी रैंक 50 और काॅमन रैंक पीडब्ल्यूडी 120 है। अब आईआईटी दिल्ली सीएस ब्रांच में एडमिशन लेकर अपने आईआईटीयन बनने के सपने को साकार करने जा रहा है। पिता राजनारायण प्रसाद बाॅर्डर रोड आॅर्गेनाइजेशन में इंजीनियर हैं। उसका छोटा भाई भी वर्तमान में कोटा में रहकर जेईई की तैयारी कर रहा है।   रिजल्ट के बाद गुंजन ने कहा कि परिस्थितियां हमेशा हमारे सपोर्ट में नहीं रहती। परीक्षा सिर्फ पढ़ाई की ही नहीं हौसले की भी होती है। मैंने तय किया हुआ था कि एलन कोटा में पढ़कर आईआईटी-जेईई क्रेक करनी है और इसके लिए पूरी कोशिश की। बीमार हुआ तो मां ने जो सपोर्ट किया वो परीक्षा से पहले बहुत काम आया। फैकल्टीज ने गाइड किया तो मैं सफल हो सका। इसलिए सकारात्मक हौसला बनाए हुए स्टूडेंट्स को हमेशा आगे की सोचनी चाहिए।   गुंजन की मां गुंजा का कहना है कि बेटे का सपना ही मेरा सपना है। जब गुंजन बीमार हुआ तो मैं भी थोड़ा चिंतित हुई, इसके बाद हम दोनों ने एक साथ वीडियोज देखे और मैंने नोट्स बनाए। बाद में मेरे बनाए नोट्स जब काम आए तो मुझे बड़ी खुशी हुई।   एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के निदेशक नवीन माहेश्वरी ने कहा कि कोटा स्टूडेंट्स ही नहीं पेरेन्ट्स के लिए भी रियल मोटिवेशन है। यह शहर सिर्फ परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए पढ़ाई नहीं करवाता, वरन आत्मविश्वास बढ़ाता है। चुनौतियों का सामना करना सिखाता है। गुंजन की कहानी विद्यार्थियों और अभिभावकों दोनों के लिए प्रेरणा है। इसलिए कोटा आना तय किया आंखों की रोशनी कमजोर होने के बावजूद गुंजन के सपने बड़े थे। उसने एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोटा से जेईई की तैयारी की। गुंजन आईआईटी में पढ़ना चाहता था। उसने कभी अपनी कमजोरी को अपनी पहचान नहीं बनने दिया। 10वीं कक्षा 82.5 प्रतिशत एवं 12वीं कक्षा 70 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की। स्वयं ने कोटा आने से पहले सर्च किया कि जेईई की तैयारी के लिए बेस्ट कोचिंग कौनसी है, तभी उसे साल 2021 में जेईई मेन एवं एडवांस्ड के ऑल इंडिया टॉपर एवं एलन के स्टूडेंट मृदुल अग्रवाल का वीडियो देखा। उसकी सफलता से प्रभावित होकर गुंजन ने भी कोटा जाने का फैसला किया। उसने अपने माता-पिता से कोटा भेजने की जिद की। बेटे की लगन देखकर परिवार ने भी पूरा साथ दिया और वर्ष 2023 में उसे कोटा भेजा, जहां उसने एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट में प्रवेश लेकर अपने सपनों को आकार देना शुरू किया। जनवरी में परीक्षा, अक्टूबर में न्यूमोथोरेक्स कोटा आने के बाद सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन परीक्षा से ठीक पहले जिंदगी ने उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती खड़ी कर दी। यहां 5 अक्टूबर 2025 को उसने इंस्टीट्यूट में रूटीन टेस्ट दिया और अगले दिन उसे सीने में दर्द होने लग गया। डाॅक्टर को दिखाया तो सामने आया कि अत्याधिक भारी सामान उठाने की वजह से बाएं फेफड़े पर दबाव पड़ा और वो कौलेप्स हो गया। न्यूमोथौरेक्स के बाद करीब तीन महीने तक वो बेड रेस्ट पर रहा।  

    डॉ.भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी सुपरवाइज़र के आवेदन आमंत्रित

    विधि शिक्षा में उत्कृष्ट एवं गुणवत्तापूर्ण शोध संस्कृति के साथ, अम्बेडकर विवि शोधोन्मुख शिक्षकों को प्रदान कर रहा है स्वर्णिम अवसर : प्रो निष्ठा जसवाल, कुलगुरु जयपुर, डॉ.भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय जयपुर द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम 2022 के तहत पीएचडी रिसर्च सुपरवाइज़र के आवेदन आमंत्रित किए गए है। जनसम्पर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि कुलसचिव श्री वीरेंद्र वर्मा (आरएएस) द्वारा एक आदेश जारी कर अम्बेडकर विवि से संबद्ध समस्त विधि महाविद्यालयों के प्राचार्यो के माध्यम से अंतिम दिनांक 24 जुलाई 2026 से पूर्व पीएचडी रिसर्च सुपरवाइज़र के आवेदन आमंत्रित किए गए है। विवि द्वारा निर्देशित किया गया है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (पीएचडी डिग्री प्रदान करने के लिए न्यूनतम मानक और प्रक्रिया) अधिनियम 2022 में निहित प्रावधानों के अनुरूप अम्बेडकर विवि से संबद्ध समस्त विधि महाविद्यालयों में कार्यरत योग्य संकाय सदस्यों का एक पैनल तैयार किया जाना है, तदनुसार पात्र अभ्यर्थी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकता है। आवेदन से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश एवं पात्रता संबंधी जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।   कुलगुरु प्रो निष्ठा जसवाल ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय ने शोध की गुणवत्ता को सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से योग्य शिक्षकों से पीएचडी सुपरवाइज़र के रूप में आवेदन आमंत्रित किए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि अनुभवी एवं शोधोन्मुख शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी से शोध कार्यों को नई दिशा और गुणवत्ता मिलेगी। विश्वविद्यालय का लक्ष्य उत्कृष्ट शोध संस्कृति का विकास करना है। पीएचडी सुपरवाइजर के रूप में योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों की भागीदारी से शोधार्थियों को उच्च स्तर का शैक्षणिक मार्गदर्शन प्राप्त होगा तथा गुणवत्तापूर्ण शोध को प्रोत्साहन मिलेगा। विश्वविद्यालय शोध, नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।    

    वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत की मजबूत रणनीति, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में हुआ इंडस्ट्री-एकेडेमिया मंथन

    -वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत की मजबूत रणनीति, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में हुआ इंडस्ट्री-एकेडेमिया मंथन -एक्सपर्ट बोले- धीरे-धीरे बदलाव से बचेगी डोमेस्टिक इंडस्ट्री, मजबूत होगा एक्सपोर्ट -सस्टेनेबिलिटी विदेशी कॉन्सेप्ट नहीं, भारतीय संस्कृति का हिस्सा- डॉ. दिनेश गुप्ता -इंडस्ट्री-रेडी युवाओं और एजुकेशन-इंडस्ट्री तालमेल से 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य जयपुर, दुनिया भर में चल रही जियो-पॉलिटिकल उथल-पुथल के बीच भारत एक मजबूत ग्लोबल पावर बनकर कैसे उभर रहा है? इसी अहम मुद्दे पर जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के जयपुर स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (जेएसई) ने एक इंडस्ट्री-एकेडेमिया राउंडटेबल का आयोजन किया। 'विखंडित वैश्विक व्यवस्था में चुनौतियां और अवसर' थीम पर हुए इस मंथन का फोकस सिर्फ समस्याओं पर बात करना नहीं था, बल्कि भारत के भविष्य की रणनीति तैयार करना था। इस मौके पर एक्सपर्ट्स ने कई अहम बातें रखीं। उनके अनुसार सरकार की पॉलिसीज़ काफी प्रैक्टिकल रही हैं। क्वॉलिटी सर्कल फ़ोरम ऑफ़ इंडिया (क्यूसीएफ़आई) के वाइस चेयरमैन डॉ. रमेश मित्तल ने क्रूड ऑयल और ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल्स) का उदाहरण देते हुए बताया कि अचानक कोई भी बड़ा बदलाव करने के बजाय धीरे-धीरे नीतियां लागू की जा रही हैं, ताकि हमारी अपनी डोमेस्टिक इंडस्ट्रीज को कोई नुकसान न हो। इसी चर्चा को आगे बढ़ाते हुए फ़ेडरेशन ऑफ़ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फ़ोर्टी) की सदस्य अदिति खंडेलवाल ने भारत की युवा आबादी और कॉर्पोरेट से लेकर छोटे बिजनेस में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को देश की ग्रोथ का एक बड़ा कारण बताया। वहीं, पर्यावरण के मुद्दे पर 'बैगमैन ऑफ इंडिया' के नाम से मशहूर डॉ. दिनेश गुप्ता ने क्लाइमेट चेंज पर चिंता जताते हुए सिंगल-यूज़ प्लास्टिक छोड़ने की अपील की। उन्होंने साफ कहा कि 'सस्टेनेबिलिटी' कोई विदेशी कांसेप्ट नहीं है, बल्कि यह हमेशा से हमारी भारतीय संस्कृति का हिस्सा रहा है। ग्लोबल ट्रेड के बदलते समीकरणों पर पीएचडीसीसीआई के रेसिडेंट डायरेक्टर आर.के. गुप्ता ने बताया कि अगर हमें एक्सपोर्ट बढ़ाना है, तो अपने लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर को तुरंत मजबूत करने के साथ प्रोडक्ट्स की क्वालिटी को भी इंटरनेशनल मानकों के हिसाब से तैयार करना होगा। शिक्षा और इंडस्ट्री के बेहतर तालमेल पर बात करते हुए, यूनिवर्सिटी के शिक्षकों व एक्सपर्ट्स ने 'ब्रेन ड्रेन' (प्रतिभा पलायन) रोकने और भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने पर भी जोर दिया, जिसके लिए छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी बनाना होगा। 'जेईसीआरसी इनक्यूबेशन सेंटर' व 'जेयू मेकरस्पेस' जैसे इनोवेटिव सेल को इसी दिशा में उठाए गए कदम मानते हुए, जेएसई डिपार्टमेंट की हेड डॉ. रविंदर कौर और स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज के डीन प्रो. सुनील कुमार मिश्रा ने मौजूदा ग्लोबल अनिश्चितता के बीच भारत को लीडरशिप पोजीशन में लाने के लिए कई ठोस एवं प्रैक्टिकल रणनीतियों को विस्तार से बताया। चर्चा में यह बात उभर कर आई कि भारत के इस विज़न को साकार करने की असली कमान अब युवाओं के हाथ में है। उन्हें आगे आकर देश की ईको-फ्रेंडली सोच और 'लोकल नॉलेज' को ग्लोबल लेवल पर प्रमोट करना होगा, क्योंकि दुनिया में चाहे जितनी भी उथल-पुथल हो, भारत के पास ग्लोबल लीडर बनने का एक सुनहरा अवसर है। 2047 तक 'विकसित देश' बनने का सिर्फ एक ही मंत्र है: इनोवेशन, संसाधनों का सही इस्तेमाल और पूरी तरह से आत्मनिर्भर होना।

    किशनगढ़ रेनवाल मे अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य समाज की श्री कमला शक्ति माता का 82 वा विशाल वार्षिक तीन दिवसीय मेला उत्सव का मन्दिर परिसर मे भव्य आयोजन

    राजस्थान प्रदेश के जयपुर जिले के किशनगढ़ रेनवाल नगर मे अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य समाज की श्री कमला शक्ति माता का 82 वा विशाल वार्षिक तीन दिवसीय मेला उत्सव का मन्दिर परिसर मे हर साल की तरह इस साल भी भव्य आयोजन धूम धाम से हुआ! मेले मे अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य समाज के 72 गोत्रों सहित 36 कोम के लोगों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया! मेले मे अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य समाज की श्री कमला शक्ति माता के मन्दिर को भव्यता से सजाया गया! वही दूसरी और भजन संध्या, भगवान् की अनेक लीलाओ का आयोजन भी किया गया!मंदीर मे देश भर से खंडेलवाल समाज के लोगों ने भाग लिया एवं किशनगढ़ रेनवाल नगर से जुड़े ग्रामीण छेत्र के लोगों सहित नगर के गणमानय लोगों ने भी उत्साह पूर्वक भाग लिया! मेले के दोरान प्रतिदिन श्री कमला शक्ति माता मन्दिर मे भोग आरती का आयोजन किया जा रहा है एवं आगंतुक भक्तों को प्रसाद वितरण किया जा रहा है! श्री कमला शक्ति माता मेला प्रबंध समिति के विष्णु रावत एवं श्याम रावत ने बताया कि कोलकाता से जितेंद्र रावत एवं राकेश रावत ने माता का मंगल पाठ किया एवं जय माता दी इंटरनेशनल ग्रुप की और से राधा कृष्ण की मनमोहक झाकी भी प्रस्तुत की गई!उत्सव का शुभ आरंभ नगर की महिलाओ की और से कलश यात्रा बड़े मंदीर से श्री कमला शक्ति मंदीर तक निकालकर हुआ! उत्सव के दोरान तीनो दिन माता की महाआरती, फूल बंगला झाकी, रात्रि मे मा भगवती का जागरण, दुर्गा सप्तशदी पाठ का आयोजन किया गया! इसके साथ ही मा शक्ति का 1008 कलशो से दुगधा अभिषेक किया गया एवं छपन भोग की झाकी भी सजाई गई!   अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश चंद्र गुप्ता ( तुंगा वाले), अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष श्री संजीव कट्टा, अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा पत्रिका के मुख्य संपादक राम निरंजन खुटेटा, अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रोफेसर रमेश कुमार रावत, सीएआईटी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमेश चंद्र गुप्ता, अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय युवा सयोजक शरद फरसोईया सहित अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छतीसगढ़, झारखंड, आसाम, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, सहित अनेक प्रदेश एवं कोलकाता, दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद, रतलाम, मुंबई, राजनंद गाव, सहित देश के अनेक प्रमुख शहरों से अनेक पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य, आजीवन सदस्यों ने श्री कमला शक्ति माता मन्दिर परिसर मे मेले के आयोजन पर खुशी व्यक्त करते हुए समाज, प्रदेश एवं देश की खुशहाली की कामना की है!  

    एलीट किटी ग्रुप ने पौधों को लगाकर जिंदा रखने का संकल्प लिया

    एलीट किटी ग्रुप के 100परिजनों ने पर्यावरण उन्नयन हेतु पौधे लगाकर उन्हें जिंदा रखने का भी संकल्प लिया। ग्रुप के प्रमोद गुप्ता ने बताया इस अवसर पर आम जाम जामुन बादाम के पौधों को ग्रहण किया। सुनील खंडेलवाल ने बताया कि हम हमारे परिवार के कोई 100 लोग एक एक पौधा लगाएंगे तथा उसे जीवित रखने हेतु पानी की व्यवस्था भी करेंगे। गुप्ता परिवार से रेनू रमेश गुप्ता नेप्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी पौधे निशुल्क उपलब्ध कराए ये पौधे प्रति वर्ष स्व चिरंजीलाल जी गुप्ता की समृति में संस्थाओं को भेट किए जाते हैं। रेनू गुप्ता ने कहा कि फलदार पौधे लगाने से ना सिर्फ ऑक्सीजन बल्कि फलों का उत्पादन भी बढ़ता है। गीता प्रमोद गुप्ता। रश्मि मनु जैन भारत आभा गुप्ता दिनेश सुनीता खंडेलवाल राजू शोभा गुप्ता ब्रजेश सुधा खंडेलवाल आदि ने पौधे ग्रहण किए  

    संस्थाओं के पंजीयन में उत्कृष्ट कार्य के लिए रणवीर सिंह परिहार राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित

    जयपुर। राजस्थान सरकार के सहकारिता विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में उप पंजीयक, संस्था पंजीयन, जयपुर रणवीर सिंह परिहार को संस्थाओं के पंजीयन संबंधी कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन, जनहित के प्रति प्रतिबद्धता, कर्तव्यपरायणता एवं ईमानदारी के साथ कार्य निष्पादन के लिए राज्य स्तरीय प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक तथा शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियाँ, राजस्थान डॉ. समित शर्मा (IAS) ने परिहार को प्रशस्ति-पत्र मेडल प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि रणवीर सिंह परिहार ने संस्थाओं के पंजीयन से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों का प्रभावी समाधान करते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने पारदर्शिता, समयबद्धता, ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ पंजीयन कार्यों का निस्तारण कर राज्य स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है, जिसके लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। परिहार ने विभागीय योजनाओं, गतिविधियों एवं नवाचारों के प्रभावी क्रियान्वयन में उल्लेखनीय योगदान दिया है।