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    जयपुर से रामेश्वरम के लिए रवाना हुई वरिष्ठ नागरिकों की दूसरी विशेष ट्रेन

    उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी और देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने दिखाई हरी झंडी जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार द्वारा बुजुर्गों को धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाने के उद्देश्य से चलाई जा रही 'वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026' के तहत मंगलवार को राजधानी जयपुर के ढेहर का बालाजी रेलवे स्टेशन से रामेश्वरम के लिए दूसरी विशेष ट्रेन रवाना हुई। इस पावन यात्रा को प्रदेश की उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी और देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ट्रेन के रवाना होते ही पूरा स्टेशन 'जय श्री राम' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गूंज उठा। जयपुर संभाग के 970 बुजुर्ग कर रहे हैं यात्रा इस विशेष ट्रेन के जरिए जयपुर संभाग के कुल 970 वरिष्ठ नागरिक रामेश्वरम और मदुरई के दर्शन के लिए रवाना हुए हैं। यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और स्वास्थ्य की देखभाल के लिए ट्रेन प्रभारी, अनुदेशक और मेडिकल स्टाफ सहित 30 अधिकारियों-कर्मचारियों का दल भी साथ गया है। इस प्रकार कुल 1000 यात्री इस सफर का हिस्सा बने हैं। देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने बताया कि इस ट्रेन में सबसे अधिक दौसा जिला के 528 तीर्थयात्री रवाना हुए हैं। इसके अलावा खैरथल-तिजारा जिले से 316 वरिष्ठ नागरिक यात्रा पर गए हैं। वहीं, जयपुर जिले के 126 बुजुर्ग इस पावन सफर का लाभ उठा रहे हैं। "बुजुर्गों के सपनों को साकार कर रही है सरकार" इस अवसर पर देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा, "हमारी सरकार प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। यह यात्रा केवल एक सफर नहीं है, बल्कि हमारे बुजुर्गों की जीवनभर की आस्था और इच्छा को पूरा करने का एक पवित्र प्रयास है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन के अनुरूप देवस्थान विभाग यात्रियों की सुरक्षा, भोजन और ठहरने के विश्वस्तरीय इंतजाम सुनिश्चित कर रहा है, ताकि हमारे अभिभावक स्वरूप बुजुर्गों को पूरी यात्रा में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने सभी यात्रियों को मंगलमय और सुखद यात्रा की शुभकामनाएं भी दीं। ऐसा रहेगा 8 दिवसीय यात्रा का पूरा शेड्यूल ढेहर का बालाजी स्टेशन से मंगलवार को रवाना हुई यह विशेष ट्रेन दक्षिण भारत के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग और धामों का दर्शन कराएगी। 06 अगस्त को ट्रेन रामेश्वरम पहुंचेगी, जहाँ तीर्थयात्री भगवान रामेश्वरम के दर्शन करेंगे। रामेश्वरम में यात्रियों के लिए एक दिन का विशेष ठहराव रखा गया है। अगले दिन सभी यात्रियों को ट्रेन से मदुरई ले जाया जाएगा, जहाँ वे विश्व प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर के दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। दर्शन और धार्मिक अनुष्ठानों को पूरा करने के बाद यह ट्रेन 11 जुलाई को वापस जयपुर लौटेगी। स्टेशन पर मौजूद बुजुर्गों के चेहरे पर तीर्थ यात्रा पर जाने की खुशी और सरकार के प्रति आभार साफ नजर आ रहा था। विदाई के समय देवस्थान विभाग द्वारा यात्रियों का माला पहनाकर और तिलक लगाकर स्वागत किया गया। इस मौके पर देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त जयपुर प्रथम रतनलाल योगी, जयपुर द्वितीय महेंद्र देवतवाल, आईआरसीटीसी के केके शर्मा, सहकारिता प्रकोष्ठ के सुनील कुमावत, मन की बात कार्यक्रम के पाली जिला संयोजक शिवराज सिंह बिठिया, पार्षद सुरेश जांगिड़, भवानी निकेतन शिक्षा समिति के अध्यक्ष नगेंद्र सिंह, सचिव सुदर्शन सिंह, विधानगर के मण्डल अध्यक्ष राकेश अग्रवाल, जयंत कुमावत सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।  

    राजकीय महाविद्यालय जयपुर में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ व्यास पूजन समारोह

    जयपुर. राजकीय महाविद्यालय जयपुर में भारतीय शिक्षण मंडल के तत्वावधान में गुरु-शिष्य परंपरा के प्रतीक व्यास पूजन समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. रविकांत शर्मा ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विमल प्रसाद अग्रवाल उपस्थित रहे। दीप प्रज्वलन से शुभारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, महर्षि वेदव्यास और भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके पश्चात भारतीय शिक्षण मंडल के ध्येय श्लोक व ध्येय वाक्य का सामूहिक वाचन किया गया। कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए महाविद्यालय के संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. ओमप्रकाश पारीक ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सनातन काल से सर्वोच्च रहा है बिना गुरु के ज्ञान की प्राप्ति संभव नहीं है। इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्र ईशान अवस्थी ने भारतीय शिक्षण मंडल का प्रेरणादायी गीत प्रस्तुत किया। सशक्त समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार है गुरु-शिष्य संबंध: डॉ. विमल प्रसाद अग्रवाल अपने प्रेरक उद्बोधन में मुख्य वक्ता डॉ. विमल प्रसाद अग्रवाल ने भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा की कालजयी महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु और शिष्य के मध्य आत्मीय संबंध ही सशक्त समाज एवं राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि आज ऐसे गुरु और शिष्यों की आवश्यकता है जो भारत को पुनः 'विश्वगुरु' के गौरवपूर्ण स्थान पर प्रतिष्ठित करने का संकल्प लेकर कार्य करें। वर्तमान समय में सोशल मीडिया और सूचनाओं की अत्यधिक उपलब्धता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सच्चा गुरु वही है जो विद्यार्थियों को सही व सार्थक ज्ञान का विवेकपूर्ण चयन करना सिखाए तथा उनके चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास में मार्गदर्शक की भूमिका निभाए। गुरु जीवन का पथप्रदर्शक और प्रेरणास्रोत: प्रो. रविकांत शर्मा अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य प्रो. रविकांत शर्मा ने कहा कि गुरु केवल ज्ञान का प्रदाता ही नहीं बल्कि जीवन का पथप्रदर्शक और प्रेरणास्रोत भी होता है। गुरु-शिष्य का आत्मीय संबंध युवा पीढ़ी को समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व का बोध कराते हुए उन्हें सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। गुरु मार्गदर्शन से होता है व्यक्तित्व का समग्र विकास महाविद्यालय के रसायन शास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. रणजीत सिंह राठौड़ ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु के मार्गदर्शन से विद्यार्थी के व्यक्तित्व एवं चरित्र का समग्र विकास होता है। गुरु विपरीत परिस्थितियों, मानसिक तनाव और अवसाद से शिष्य को उबारकर उसे जीवन की मुख्यधारा से जोड़ते हुए सफलता एवं उन्नति के पथ पर अग्रसर करता है। धन्यवाद ज्ञापन और समापन भारतीय शिक्षण मंडल जयपुर प्रांत के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. जयदीप ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारतीय शिक्षण मंडल का मूल ध्येय शिक्षा में भारतीयता का समावेश एवं उसके मूल्यों का संवर्धन करना है। कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावी संचालन अंग्रेजी विभाग की सह-आचार्या डॉ. ललिता शर्मा ने किया। कार्यक्रम का समापन कल्याण मंत्र के सामूहिक उच्चारण के साथ हुआ। इस अवसर पर भारतीय शिक्षण मंडल के करौली जिला संयोजक, जयपुर प्रांत के पदाधिकारी, महाविद्यालय के समस्त संकाय सदस्य, मंत्रालयिक कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।  

    ब्रिटिश काउंसिल के प्रतिष्ठित RIDS Award 2026–29 से सम्मानित हुआ रावत पब्लिक स्कूल, प्रताप नगर

    जयपुर। शिक्षा के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए रावत पब्लिक स्कूल, प्रताप नगर को ब्रिटिश काउंसिल द्वारा वर्ष 2026–29 के लिए प्रतिष्ठित RIDS (Recognition for International Dimension in Schools) Award से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान विद्यालय द्वारा वैश्विक दृष्टिकोण, अंतरराष्ट्रीय सहयोग तथा नवाचारपूर्ण शिक्षण गतिविधियों के उत्कृष्ट संचालन के लिए प्रदान किया गया। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन नई दिल्ली स्थित ले मेरिडियन होटल में किया गया, जहाँ देश-विदेश के चयनित विद्यालयों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर रावत एजुकेशनल ग्रुप के निदेशक नरेंद्र सिंह रावत एवं रावत पब्लिक स्कूल, भांकरोटा की डायरेक्टर डॉ. अक्षिता रावत ने विद्यालय का प्रतिनिधित्व करते हुए यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त किया। इस सम्मान को प्राप्त करने के लिए विद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं वैश्विक नागरिकता की भावना को ध्यान में रखते हुए कुल सात अंतरराष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया। इनमें से तीन गतिविधियाँ नेपाल एवं अर्जेंटीना के विद्यालयों के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग (Collaboration) के माध्यम से आयोजित की गईं। नेपाल के साथ आयोजित गतिविधियों में भारत, नेपाल एवं रूस की सांस्कृतिक विरासत एवं लोकनृत्यों का आदान-प्रदान किया गया। साथ ही दक्षिण एशियाई देशों (South Asian Countries) से जुड़े समसामयिक विषयों, सामाजिक चुनौतियों एवं आपसी सहयोग पर विद्यार्थियों के बीच विचार-विमर्श एवं संवाद आयोजित किए गए, जिससे विद्यार्थियों में वैश्विक दृष्टिकोण, सांस्कृतिक समझ तथा नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ। अर्जेंटीना के साथ आयोजित गतिविधि में भारत एवं अर्जेंटीना के पारंपरिक खेलों का विस्तृत अध्ययन, प्रदर्शन एवं तुलनात्मक विश्लेषण कराया गया। विद्यार्थियों ने दोनों देशों की खेल संस्कृति, परंपराओं एवं सामाजिक महत्व को समझते हुए एक-दूसरे के खेलों का अनुभव भी प्राप्त किया। विद्यालय में आयोजित अन्य इन-हाउस गतिविधियों में कोरोना महामारी के वैश्विक प्रभाव (Global Impact of COVID-19) पर शोध एवं प्रस्तुतीकरण, पर्यावरण-अनुकूल परिवहन प्रणाली (Environment Friendly Transport System) पर नवाचार आधारित प्रोजेक्ट तथा कुलिनरी आर्ट (Culinary Art) के अंतर्गत विभिन्न देशों के पारंपरिक व्यंजन तैयार करने एवं उनकी सांस्कृतिक विशेषताओं को प्रस्तुत करने जैसी रचनात्मक गतिविधियाँ शामिल थीं। इन सभी गतिविधियों में विद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। विशेष बात यह रही कि अभिभावकों ने भी दर्शक एवं सहभागी के रूप में उत्साहपूर्वक भाग लेकर इन कार्यक्रमों की गरिमा को बढ़ाया। इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों में वैश्विक नागरिकता (Global Citizenship), सांस्कृतिक विविधता के प्रति सम्मान, टीमवर्क, संवाद कौशल तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भावना को सुदृढ़ किया। उल्लेखनीय है कि रावत पब्लिक स्कूल, प्रताप नगर इससे पूर्व भी वर्ष 2019–2022 के लिए ब्रिटिश काउंसिल इंटरनेशनल स्कूल अवॉर्ड प्राप्त कर चुका है। एक बार पुनः यह सम्मान प्राप्त होना विद्यालय की उत्कृष्ट शैक्षणिक गुणवत्ता, नवाचारपूर्ण कार्यशैली एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर रावत एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन बी. एस. रावत ने रावत पब्लिक स्कूल,प्रताप नगर की प्राचार्या मैत्रेयी शुक्ला,कोर्डिनेटर्स एवम समस्त विद्यालय परिवार को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल विद्यालय ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण रावत एजुकेशनल ग्रुप के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि समूह सदैव विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक एवं वैश्विक स्तर की शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है और भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्टता की नई ऊँचाइयों को प्राप्त करता रहेगा। विद्यालय के समस्त शिक्षकगण, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे पूरे विद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयास, समर्पण एवं उत्कृष्ट टीमवर्क का परिणाम बताया।  

    नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 19 अगस्त से 'इंडियन डीजे एक्सपो-2026' का आगाज़

    500+ ग्लोबल ब्रांड्स और कटिंग-एज टेक्नोलॉजी से रूबरू होंगे इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स  नई दिल्ली। इंडियन एंटरटेनमेंट टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री का लीडिंग ब्रांडमेकर्स शो 'इंडियन डीजे एक्सपो' इस बार 19-21 अगस्त तक भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में हो रहा है। यह डीजे एक्सपो का 11वां एडिशन है। इस सालाना एक्सपो ने प्रोफेशनल ऑडियो, लाइटिंग, एवी, म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स, डीजे टेक्नोलॉजी, एलईडी डिस्प्ले सॉल्यूशंस और स्पेशल इफेक्ट्स के लिए भारत के सबसे बड़े मार्केटप्लेस के तौर पर पहचान बनाई है, जो मैन्युफैक्चरर्स, डिस्ट्रीब्यूटर्स, सिस्टम इंटीग्रेटर्स, रेंटल कंपनियों, कंसल्टेंट्स, वेन्यू ओनर्स, इवेंट प्रोफेशनल्स और टेक्नोलॉजी बायर्स को एक ही छत के नीचे लाता है। इस साल एक्सपो में 500 से ज़्यादा लीडिंग नेशनल और इंटरनेशनल ब्रांड्स के आने की संभावना है। लेटेस्ट इनोवेशन, ब्रेकथ्रू टेक्नोलॉजी और फ्यूचर-रेडी सॉल्यूशंस के जरिये देखने को मिलेगा कि भारत के एंटरटेनमेंट और इंटीग्रेशन सेक्टर्स कितनी तेजी से बदल रहे हैं। डीजे एक्सपो के साथ ही, प्रो एवी सिस्टम्स इंटीग्रेशन एक्सपो 2026 बढ़ते इंस्टॉलेशन और सिस्टम इंटीग्रेशन मार्केटप्लेस पर फोकस करेगा, जिसमें कमर्शियल ऑडियो, इंस्टॉल्ड साउंड, साउंड रीइन्फोर्समेंट, कॉन्फ्रेंसिंग, डिजिटल साइनेज, एलईडी डिस्प्ले टेक्नोलॉजी, इंटेलिजेंट लाइटिंग, इनडोर और आउटडोर एंटरटेनमेंट वेन्यू, कॉर्पोरेट स्पेस, हॉस्पिटैलिटी प्रोजेक्ट्स, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स और पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए इंटीग्रेटेड एवी सिस्टम्स के सॉल्यूशंस पेश किए जाएंगे। डीजे एक्सपो के संयोजक, मैनुअल डायस ने कहा, "इस साल एक बड़ा फोकस सिस्टम्स इंटीग्रेशन मार्केटप्लेस है। जैसे-जैसे भारत इन्फ्रास्ट्रक्चर, हॉस्पिटैलिटी, एजुकेशन और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में तेज़ी से ग्रोथ देख रहा है, ये टेक्नोलॉजीज़ इंडस्ट्री के भविष्य को बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी।" दस वर्षों के अनुभव को आगे बढ़ाते हुए इस बार विज़िटर्स नए प्रोडक्ट लॉन्च, लाइव डेमोस्ट्रेशन, हैंड्स-ऑन टेक्नोलॉजी अनुभव, इंडस्ट्री नेटवर्किंग के अवसर, टेक्निकल वर्कशॉप, नॉलेज सेशन और एक्सपर्ट पैनल, बिज़नेस डेवलपमेंट के अवसर, नई टेक्नोलॉजी शोकेस के साथ एक शानदार अनुभव की उम्मीद कर सकते हैं।  

    जेईसीआरसी के 233 विद्यार्थियों का टीसीएस में चयन, 189 को मिले प्रीमियम ऑफर

      प्लेसमेंट सीज़न 2027 की शुरुआत ने फिर साबित किया—जेईसीआरसी में मेहनत का हर सपना पाता है मुकाम जयपुर। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी ने प्लेसमेंट सीज़न 2027 का शानदार आगाज़ किया है। विश्वविद्यालय के 233 विद्यार्थियों का चयन टीसीएस में हुआ है। इस उपलब्धि के साथ विश्वविद्यालय ने एक बार फिर बेहतर प्लेसमेंट की अपनी परंपरा को आगे बढ़ाया है। यह सफलता विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और विश्वविद्यालय में दिए जा रहे प्रशिक्षण का परिणाम है। प्लेसमेंट सीज़न की शुरुआत में मिली इस उपलब्धि से पूरे विश्वविद्यालय में खुशी का माहौल है। 189 विद्यार्थियों को मिले प्रीमियम ऑफर देश की अग्रणी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (टीसीएस) ने जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के 233 विद्यार्थियों का चयन किया है। इनमें 80 विद्यार्थियों को टीसीएस प्राइम के तहत ₹9 लाख वार्षिक पैकेज, 109 विद्यार्थियों को टीसीएस डिजिटल के तहत ₹7 लाख वार्षिक पैकेज, जबकि 44 विद्यार्थियों को टीसीएस निंजा के तहत ₹3.6 लाख वार्षिक पैकेज का ऑफर मिला है। इस तरह कुल 189 विद्यार्थियों ने टीसीएस के प्रीमियम ऑफर हासिल किए हैं। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर एचआर मुक्त बिहारी ने कहा कि पिछले कुछ समय से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और नई तकनीकों को लेकर रोजगार पर असर की कई तरह की बातें हो रही हैं। लेकिन टीसीएस में 233 विद्यार्थियों का चयन यह बताता है कि तकनीक चाहे कितनी भी आगे बढ़ जाए, उसकी सही दिशा तय करने का काम इंसान ही करता है। उन्होंने कहा कि नई तकनीकें आती रहेंगी, लेकिन उन्हें बनाने, समझने और बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने के लिए मानवीय सोच, ज्ञान और कौशल की जरूरत हमेशा रहेगी। भविष्य का निर्माण केवल तकनीक नहीं करती, बल्कि उसे बनाने और सही दिशा देने वाले लोग करते हैं। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के वाइस चेयरपर्सन अर्पित अग्रवाल ने कहा,"नया बैच जब जेईसीआरसी में आता है तो वह अपने साथ कई सपने लेकर आता है। हमारी कोशिश रहती है कि हम उन्हें सिर्फ भविष्य के वादे न दिखाएँ, बल्कि ऐसे परिणाम भी दिखाएँ जो उनका विश्वास मजबूत करें। टीसीएस में 233 विद्यार्थियों का चयन हम सभी के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि विद्यार्थियों की मेहनत, फैकल्टी के मार्गदर्शन और हमारी प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट टीम के समर्पण का परिणाम है। प्लेसमेंट सीज़न 2027 की शुरुआत जिस तरह हुई है, उससे हमें पूरा विश्वास है कि इस वर्ष भी हमारे विद्यार्थी नई ऊँचाइयाँ हासिल करेंगे।" जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर ट्रेनिंग मुकेश अग्रवाल ने कहा कि टीसीएस में 233 विद्यार्थियों का चयन विश्वविद्यालय की लगातार की जा रही तैयारी और प्रशिक्षण का परिणाम है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को शुरू से ही कंपनियों की चयन प्रक्रिया को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। इसी वजह से वे इंटरव्यू और अन्य चरणों में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह तो प्लेसमेंट सीज़न की शुरुआत है और आने वाले समय में कई अन्य बड़ी कंपनियां भी कैंपस में भर्ती के लिए आएंगी। उन्हें उम्मीद है कि आगे और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का चयन होगा। वहीं मेजर जनरल टी. के. दास, डायरेक्टर, ट्रेनिंग ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता केवल उसकी पढ़ाई से नहीं, बल्कि उसकी तैयारी, अनुशासन और आत्मविश्वास से तय होती है। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि हर विद्यार्थी इन सभी पहलुओं पर मजबूत बने। टीसीएस में मिला यह परिणाम उसी का प्रमाण है। असम के गुवाहाटी की रहने वाली और टीसीएस प्राइम में चयनित तन्वी टेटर ने कहा, "टीसीएस प्राइम में चयन होना मेरे लिए गर्व की बात है, लेकिन उससे भी ज्यादा खुशी मुझे तब हुई, जब मैंने अपने माता-पिता के चेहरे पर गर्व और खुशी देखी। वह पल मेरे जीवन का सबसे यादगार पल बन गया।" उन्होंने कहा, "जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी ने पूरी प्लेसमेंट प्रक्रिया के दौरान हर कदम पर हमारा साथ दिया। नियमित प्रशिक्षण, मॉक इंटरव्यू, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सेल का लगातार मार्गदर्शन और शिक्षकों का सहयोग मेरे आत्मविश्वास को बढ़ाता रहा। इसी तैयारी की बदौलत मुझे यह अवसर मिला।"

    बिना खाने, बिना पानी और बिना मेडिकल इलाज के शुभम रेवाड़ डटे हुए हैं भूख हड़ताल पर, आज है 14वां दिन

    जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय में 'राजस्थानी भाषा विभाग' की स्थापना और छात्र संघ चुनाव बहाली की मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे छात्र नेता शुभम रेवाड़ की भूख हड़ताल आज 14वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। एसएमएस अस्पताल में भर्ती शुभम रेवाड़ ने पिछले 24 घंटों से अन्न के साथ-साथ जल का भी पूर्ण त्याग कर दिया है और किसी भी प्रकार का मेडिकल ट्रीटमेंट (इलाज) लेने से साफ इनकार कर दिया है। अत्यंत नाजुक मोड़ पर पहुँचा आंदोलन लगातार 14 दिनों से जारी अनशन, ड्रिप-ड्रग्स के बहिष्कार और जल त्याग के कारण शुभम रेवाड़ का स्वास्थ्य बेहद गंभीर और चिंताजनक स्थिति में पहुँच गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके वाइटल्स और कीटोन्स के स्तर पर नज़र बनाए हुए है। चिकित्सकों के अनुसार, बिना इलाज और पानी के स्थिति कुछ ही घंटों में प्राणघातक साबित हो सकती है, लेकिन इसके बावजूद शुभम रेवाड़ का संकल्प अडिग बना हुआ है। अस्पताल परिसर बना संघर्ष का केंद्र, प्रदेशभर में उबाल शुभम रेवाड़ के इस कठोर फैसले के बाद पूरे राजस्थान के युवाओं और छात्र समुदाय में भारी आक्रोश है। जयपुर स्थित एसएमएस अस्पताल के बाहर और विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों—सूरतगढ़, बीकानेर, जोधपुर, सीकर से छात्र संगठनों का समर्थन लगातार बढ़ रहा है। छात्र प्रतिनिधियों ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि सरकार की यह संवेदनहीनता और हठधर्मिता किसी भी समय बड़े जन-आक्रोश का रूप ले सकती है। यदि शुभम रेवाड़ के जीवन को कोई भी नुकसान पहुँचता है, तो इसकी समस्त नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी राज्य सरकार व प्रशासन की होगी।  रेवाड़ के साथ वार्ता रही बेहद सकारात्मक, राजस्थानी भाषा विभाग पर सहमति तो छात्रसंघ चुनाव पर मिला ठोस आश्वासन जयराजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की बहाली और राजस्थानी भाषा विभाग की मांग को लेकर अनशनरत छात्र नेता शुभम रेवाड़ से मिलने जयपुर कलेक्टर स्वयं SMS हॉस्पिटल पहुंचे। दोनों के बीच हुई वार्ता बेहद सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई। वार्ता के दौरान प्रशासन ने विश्वविद्यालय में जल्द 'राजस्थानी भाषा विभाग' खोलने की मांग को स्वीकार कर लिया है, वहीं छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग पर कलेक्टर ने उच्च स्तर पर सरकार से वार्ता कर जल्द सकारात्मक निर्णय निकालने का ठोस आश्वासन दिया है। शुभम रेवाड़ ने किसी भी प्रकार का इलाज लेने से किया इंकार और जल का भी किया त्याग एसएमएस अस्पताल में भर्ती छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने अन्न के बाद अब उन्होंने जल का भी पूर्ण त्याग कर दिया है और सरकार को सीधी चेतावनी दी है कि मांगें पूरी होने तक वे इलाज और पानी दोनों का बहिष्कार रखेंगे। लगातार गिरते स्वास्थ्य के बीच उनके इस कड़े कदम से डॉक्टरों और समर्थकों की चिंताएं बेहद बढ़ गई हैं, जिससे यह आंदोलन अब अत्यंत गंभीर मोड़ पर पहुँच गया है।

    अग्रवाल पी.जी. कॉलेज, जयपुर एवं WWF इंडिया के मध्य एमओयू संपन्न

    जयपुर। अग्रवाल पी.जी. कॉलेज, जयपुर एवं WWF (World Wide Fund for Nature), India के मध्य पर्यावरण संरक्षण एवं विद्यार्थियों में पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (MOU) संपन्न हुआ। समझौता ज्ञापन पर अग्रवाल पी.जी. कॉलेज की ओर से प्राचार्य डॉ. बी. एल. देवन्दा तथा WWF इंडिया की प्रतिनिधि तान्या गुप्ता ने हस्ताक्षर किए। इस एमओयू के अंतर्गत महाविद्यालय के विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से संबंधित जागरूकता अभियानों, जैव विविधता महोत्सवों, पर्यावरणीय सर्वेक्षणों एवं सिटीजन साइंस (Citizen Science) गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। साथ ही, विद्यार्थियों को स्वयंसेवा (Volunteering) के माध्यम से नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं व्यावहारिक अनुभव विकसित करने का अवसर प्राप्त होगा, जिससे उनके शैक्षणिक एवं करियर पोर्टफोलियो को भी सुदृढ़ता मिलेगी। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. बी. एल. देवन्दा ने कहा कि यह एमओयू विद्यार्थियों में प्रकृति संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने तथा उन्हें पर्यावरणीय गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  

    शिक्षा के साथ संस्कार, व्यक्तित्व विकास और करियर निर्माण पर मिला विशेष मार्गदर्शन, 450 से अधिक प्रतिभाओं का हुआ सम्मान

      दौसा। शिक्षा केवल डिग्री या अच्छे अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य, सशक्त व्यक्तित्व, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव है। जब शिक्षा के साथ सही मार्गदर्शन, सकारात्मक सोच, अनुशासन और आत्मविश्वास का समावेश होता है, तभी विद्यार्थी जीवन की हर चुनौती का आत्मविश्वास के साथ सामना करते हुए सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचते हैं।इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेज, जयपुर द्वारा 'लक्ष्य' लाइफ चेंजिंग मोटिवेशनल सेमिनार, निःशुल्क पर्सनल करियर काउंसलिंग, प्रतिभा सम्मान एवं शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन रावत पैलेस, आगरा रोड दौसा में किया गया।कार्यक्रम में बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेज, जयपुर के प्रोफेसर संजय बियानी ने विद्यार्थियों को प्रेरक संबोधन देते हुए जीवन में लक्ष्य निर्धारण, सकारात्मक सोच, अनुशासन और आत्मविश्वास के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में केवल पुस्तक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, समय प्रबंधन और नैतिक संस्कार भी सफलता के लिए आवश्यक हैं।कार्यक्रम में जिलेभर से बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षक, शिक्षाविद् एवं समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। इस अवसर पर शिक्षा, खेल, सांस्कृतिक एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 450 से अधिक प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।सेमिनार के दौरान विद्यार्थियों को करियर के विविध विकल्पों, उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, व्यक्तित्व विकास, संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता, समय प्रबंधन तथा सफलता के व्यावहारिक सूत्रों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। इसके साथ ही निःशुल्क पर्सनल करियर काउंसलिंग के माध्यम से विद्यार्थियों को उनकी रुचि, योग्यता और भविष्य की संभावनाओं के अनुरूप सही करियर चुनने के लिए विशेषज्ञ सलाह भी प्रदान की गई।आयोजकों ने कहा कि प्रत्येक बच्चा अपने भीतर असीम प्रतिभा लेकर जन्म लेता है। आवश्यकता केवल उसे सही दिशा, उचित अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रेरणादायक वातावरण उपलब्ध कराने की है। यदि बच्चों को समय पर सही मार्गदर्शन और सकारात्मक शिक्षा मिले तो वे न केवल अपने परिवार, बल्कि समाज, जिले, प्रदेश और देश का नाम भी रोशन कर सकते हैं। मुख्य अतिथि मनीषा जैमन मैडम (सहायक निदेशक माध्यिक शिक्षा) तथा प्राइवेट स्कूल संघ के जिला अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, प्रभारी, शिक्षक आदि उपस्थित रहे!  

    राजस्थान विश्वविद्यालय के ईसीएच इन्क्यूबेशन सेंटर में पाँच दिवसीय मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम का शुभारम्भ

    जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय के ईसीएच इन्क्यूबेशन सेंटर एवं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME), भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में 3 अगस्त से 7 अगस्त तक आयोजित होने वाले पाँच दिवसीय मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम (MDP) का शुभारम्भ आज ईसीएच इन्क्यूबेशन सेंटर में हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए चयनित 25 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि प्रख्यात वैज्ञानिक एवं नैसी (NASI) के मानद वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. एस. एल. कोठारी थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री तरुण कुमार भटनागर, आईईडीएस, सहायक निदेशक, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, जयपुर उपस्थित रहे। इस अवसर पर श्रीमती अनिला चौरड़िया (एमएसएमई) की गरिमामयी उपस्थिति भी रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. सुमिता कच्छावा, समन्वयक, ईसीएच इन्क्यूबेशन सेंटर, ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी परिवेश में उद्यमों के विकास के लिए प्रबंधन कौशल, नवाचार तथा आधुनिक तकनीकों का समुचित उपयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों से इस प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि प्रो. एस. एल. कोठारी ने अपने संबोधन में कहा कि नवाचार आधारित उद्यमिता भारत की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार है तथा ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्यमियों को अपने व्यवसाय को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशिष्ट अतिथि श्री तरुण कुमार भटनागर ने एमएसएमई मंत्रालय द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए प्रतिभागियों को इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुनील छिंपा ने बताया कि पाँच दिवसीय यह मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम विशेष रूप से मौजूदा स्टार्टअप्स, उद्यमियों एवं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के रणनीतिक विस्तार (Strategic Expansion), व्यवसाय की स्केल-अप रणनीतियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के प्रभावी उपयोग, डिजिटल परिवर्तन, व्यवसाय प्रबंधन, विपणन, वित्तीय योजना तथा नवाचार आधारित विकास पर केंद्रित है। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान, केस स्टडी, समूह चर्चा एवं व्यावहारिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर दीपक कुमार शर्मा, तकनीकी अधिकारी, सहित ईसीएच इन्क्यूबेशन सेंटर के अधिकारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया।  

    श्रावण का पहला सोमवार: देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने किया रुद्राभिषेक

    श्रावण का पहला सोमवार: देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने किया रुद्राभिषेक प्रदेश की खुशहाली की मांगी मन्नत जयपुर। पवित्र श्रावण मास के प्रथम सोमवार के पावन अवसर पर राजधानी जयपुर के प्रसिद्ध प्रतापेश्वर महादेव मंदिर में भक्ति का अनूठा माहौल देखने को मिला। इस विशेष दिन पर देवस्थान विभाग, राजस्थान सरकार की ओर से एक भव्य रुद्राभिषेक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में प्रदेश के पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर के गर्भगृह में पंडितों और आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के साथ हुई। देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने पूर्ण विधि-विधान और पवित्र भाव से भगवान शिव का दूध, जल, शहद, घी और पंचामृत से अभिषेक किया। इसके बाद विल्वपत्र, धतूरा और आंकड़े के फूल अर्पित किए गए। पूजा के समापन पर भगवान प्रतापेश्वर की भव्य आरती उतारी गई, जिसमें मंदिर प्रशासन के अधिकारियों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने भी भाग लिया। प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना रुद्राभिषेक के बाद देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा, "श्रावण का महीना देवों के देव महादेव की आराधना के लिए सर्वोत्तम है। आज प्रथम सोमवार के इस शुभ संयोग पर देवस्थान विभाग की ओर से आयोजित इस पूजा में शामिल होने का सौभाग्य मिला। भगवान भोलेनाथ से यही प्रार्थना है कि हमारे प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे। हमारे किसान, गोपालक और समस्त नागरिक संपन्न हों और राज्य में अच्छी वर्षा हो।" मंत्री कुमावत ने देवस्थान विभाग की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी प्रमुख और ऐतिहासिक मंदिरों के जीर्णोद्धार तथा वहां श्रद्धालुओं के लिए उत्तम सुविधाएं विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रतापेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित यह कार्यक्रम इसी श्रृंखला का एक हिस्सा है, जो हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को अक्षुण बनाए रखने का संदेश देता है। श्री कुमावत ने बताया कि देवस्थान विभाग की ओर से श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को विभाग के शिव मंदिरों में रूद्धाभिषेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त जयपुर प्रथम रतनलाल योगी, जयपुर द्वितीय के सहायक आयुक्त महेंद्र देवतवाल, मंदिर के पुजारी और बड़ी संख्या में शिवभक्त उपस्थित रहे, जिन्होंने महादेव के दर्शन किए। पूरे मंदिर परिसर में 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारे गूंजते रहे।  

    छात्र नेता शुभम रेवाड़ की हालत अत्यंत नाजुक, डॉक्टर्स ने दी गंभीर चेतावनी

    छात्र नेता शुभम रेवाड़ की हालत अत्यंत नाजुक, डॉक्टर्स ने दी गंभीर चेतावनी जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्र नेता शुभम रेवाड़ की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 12वें दिन मेडिकल टीम ने उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट पर गहरी चिंता व्यक्त की है। डॉक्टरों के अनुसार, शरीर में कीटोन्स (Ketones) का स्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है और शरीर के अंदरूनी अंग ( Organs) प्रभावित होना शुरू हो गए हैं। मेडिकल टीम ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि स्थिति बेहद चिंताजनक है और ऑर्गन फेलियर ( Organ Failure) का बहुत अधिक जोखिम बना हुआ है। डॉक्टर्स ने अपील की है कि जल्द से जल्द इस स्थिति का समाधान निकाला जाए और भूख हड़ताल समाप्त करवाई जाए, अन्यथा स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है।

    926 रिक्त पदों पर सेवानिवृत्त चिकित्साधिकारियों की पुनर्नियुक्ति के विरोध में युवा आयुर्वेद चिकित्सकों ने उठाई आवाज

    जयपुर।डॉ. भंवर चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में युवा आयुर्वेद चिकित्सकों ने राजस्थान आयुर्वेद विभाग द्वारा 926 रिक्त पदों पर सेवानिवृत्त चिकित्साधिकारियों की पुनर्नियुक्ति संबंधी आदेश का विरोध करते हुए उपमुख्यमंत्री प्रेमचन्द बैरवा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में राज्य के हजारों बेरोजगार आयुर्वेद चिकित्सकों के हितों की रक्षा हेतु सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई। डॉ. भंवर चौधरी ने कहा कि राजस्थान में लगभग 10,000 आयुर्वेद स्नातक, एम.डी. एवं पीएच.डी. योग्यताधारी युवा चिकित्सक रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इसके बावजूद 926 रिक्त पदों पर नई भर्ती करने के स्थान पर सेवानिवृत्त चिकित्साधिकारियों की पुनर्नियुक्ति किया जाना युवाओं के साथ अन्याय है। युवा आयुर्वेद चिकित्सकों की प्रमुख मांगें: 1. आयुर्वेद विभाग द्वारा जारी सेवानिवृत्त चिकित्साधिकारियों की पुनर्नियुक्ति संबंधी आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए। 2. विभाग में रिक्त 926 पदों सहित सभी स्वीकृत रिक्त पदों पर नियमित भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए। 3. सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor) एवं मेडिकल आफिसर्स तथा अन्य शैक्षणिक पदों पर केवल NCISM मानकों के अनुरूप योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाए तथा शैक्षणिक एवं चिकित्सकीय पदों का पृथक्करण सुनिश्चित किया जाए। जो कि 2021 से 6 साल से राजस्थान की 8 राजकिय आयुर्वेद महाविद्यालयों में सेवारत चिकित्सको को डेपुटेशन पर रख कर काम चला रहे हैं। 4. बेरोजगार आयुर्वेद चिकित्सकों को संविदा, अस्थायी एवं पुनर्नियुक्ति आधारित व्यवस्था के स्थान पर नियमित रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। डॉ. चौधरी ने कहा कि युवा चिकित्सक सरकार से केवल न्यायसंगत अवसर और नियमित भर्ती की मांग कर रहे हैं। यदि सरकार इस विषय पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो राज्यभर के युवा आयुर्वेद चिकित्सक लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

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