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    जयपुर में राजस्थान राज्य सम्मेलन का आयोजन

    जयपुर,: द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (ICSI) की उत्तरी भारत क्षेत्रीय परिषद (NIRC) के तत्वावधान में जयपुर चैप्टर द्वारा आज होटल रॉयल ऑर्किड, दुर्गापुरा, जयपुर में राजस्थान राज्य सम्मेलन (Rajasthan State Conference) का गरिमापूर्ण एवं सफल आयोजन किया गया। इस वर्ष सम्मेलन की थीम "आईपीओ के माध्यम से विकास की राह: सुशासन, अनुपालन एवं मूल्य सृजन" (Unlocking Growth Through IPOs: Governance, Compliance and Value Creation) रही।   सम्मेलन की मुख्य अतिथि के रूप में जयपुर लोकसभा क्षेत्र की माननीय सांसद श्रीमती मंजू शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया के केंद्रीय परिषद सदस्य CS मनोज पुरबे एवं CS सुरेश पांडे की विशिष्ट उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और अधिक बढ़ाया। अपने प्रेरक उद्बोधनों में उन्होंने पूंजी बाजार के विकसित होते परिदृश्य, सुदृढ़ कॉर्पोरेट गवर्नेंस, प्रभावी नियामकीय अनुपालन तथा निवेशकों के विश्वास को सशक्त बनाने में कंपनी सचिवों की महत्वपूर्ण एवं उत्तरदायी भूमिका पर प्रकाश डाला।   अपने स्वागत उद्बोधन में जयपुर चैप्टर के चेयरमैन CS सुमित कुमार श्योराण ने राजस्थान राज्य सम्मेलन की मेजबानी का अवसर प्रदान करने हेतु NIRC के चेयरमैन CS संतोष पांडे एवं सचिव CS राहुल शर्मा के प्रति हार्दिक आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी एवं गतिशील व्यावसायिक परिवेश में कंपनी सचिव न केवल आईपीओ प्रक्रिया के सफल एवं सुचारु संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि सूचीबद्धता के उपरांत Post IPO Compliance, कॉर्पोरेट गवर्नेंस, वैधानिक अनुपालन, पारदर्शिता तथा दीर्घकालिक मूल्य सृजन सुनिश्चित करने में भी उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्रभावशाली है।   सम्मेलन के विभिन्न तकनीकी सत्रों में प्रख्यात विशेषज्ञ वक्ताओं ने आईपीओ की संपूर्ण प्रक्रिया, नियामकीय आवश्यकताओं, सूचीबद्धता उपरांत अनुपालन, निवेशक संरक्षण, जोखिम प्रबंधन तथा श्रेष्ठ कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Best Corporate Governance Practices) जैसे समसामयिक एवं व्यावहारिक विषयों पर विस्तारपूर्वक विचार साझा किए। प्रतिभागियों ने इन सत्रों को अत्यंत ज्ञानवर्धक, उपयोगी एवं व्यावसायिक दृष्टि से समृद्ध बताया।   कार्यक्रम के समापन अवसर पर जयपुर चैप्टर के सचिव CS वरुण मेहरा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए माननीय मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, केंद्रीय परिषद सदस्यों, सभी सम्मानित वक्ताओं, प्रतिभागियों, प्रायोजकों तथा आयोजन को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करने वाले सभी व्यक्तियों के प्रति हार्दिक आभार एवं कृतज्ञता व्यक्त की।   इस राज्य सम्मेलन में बड़ी संख्या में कंपनी सचिवों, कॉर्पोरेट पेशेवरों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, प्रबंधन विशेषज्ञों एवं अन्य हितधारकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सम्मेलन ने आईपीओ, सुशासन, नियामकीय अनुपालन एवं मूल्य सृजन के क्षेत्र में नवीनतम दृष्टिकोण साझा करने के साथ-साथ व्यावसायिक उत्कृष्टता एवं नैतिक कॉर्पोरेट संस्कृति को प्रोत्साहित करने हेतु एक प्रभावी एवं सार्थक मंच प्रदान किया।  

    जेईसीआरसी विश्वविद्यालय में एनआईटीटीटीआर भोपाल के सहयोग से पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का सफल समापन

    परिणाम-आधारित शिक्षा को प्रभावी बनाने की दिशा में विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण पहल जयपुर। जेईसीआरसी विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) की पहल पर, राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीटीआर), भोपाल (शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार) द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का जेईसीआरसी विश्वविद्यालय में सफलतापूर्वक समापन हुआ। "परिणाम-आधारित पाठ्यक्रम एवं मूल्यांकन" विषय पर आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय के शिक्षकों को परिणाम-आधारित शिक्षा (ओबीई), पाठ्यक्रम निर्माण, अधिगम परिणामों के निर्धारण तथा प्रभावी मूल्यांकन प्रणाली की नवीन अवधारणाओं एवं व्यवहारिक प्रक्रियाओं से परिचित कराना था। विश्वविद्यालय परिवार ने इस कार्यक्रम को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, शैक्षणिक उत्कृष्टता तथा सतत गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। विश्वविद्यालय के अध्यक्ष ओ. पी. अग्रवाल, उपाध्यक्ष अमित अग्रवाल एवं अर्पित अग्रवाल तथा प्रेसिडेंट प्रो. विक्टर गंभीर ने ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को शिक्षकों की व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने तथा विश्वविद्यालय में गुणवत्ता-आधारित शिक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर प्रो. राम रतन (प्रो-प्रेसिडेंट), एस. एल. अग्रवाल (रजिस्ट्रार), प्रो. डी. पी. मिश्रा (वरिष्ठ शैक्षणिक सलाहकार) तथा धीमंत अग्रवाल (डायरेक्टर, डिजिटल स्ट्रेटजीज़) ने भी अपने मार्गदर्शन एवं सहयोग से कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम में एनआईटीटीटीआर, भोपाल की ओर से प्रो. (डॉ.) सीमा वर्मा, प्रोफेसर एवं राजस्थान राज्य समन्वयक, तथा प्रो. (डॉ.) मनीष भार्गव, प्रोफेसर, विभागाध्यक्ष एवं परियोजना निदेशक, सीमेन्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने परिणाम-आधारित शिक्षा की अवधारणा, पाठ्यक्रम परिणाम एवं कार्यक्रम परिणामों का समन्वय, पाठ्यक्रम एवं कार्यक्रम मूल्यांकन, उच्च स्तरीय चिंतन कौशल आधारित मूल्यांकन, मूल्यांकन मानदंड, सतत विकास लक्ष्य, अधिगम उपलब्धि विश्लेषण तथा सतत गुणवत्ता सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक एवं सहभागितापूर्ण सत्र आयोजित किए।   इस एफडीपी में विश्वविद्यालय के 31 प्रतिभागियों, जिनमें विभिन्न संकायों के डीन, डायरेक्टर, विभागाध्यक्ष तथा वरिष्ठ संकाय सदस्य शामिल थे, ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए सभी असाइनमेंट, समूह गतिविधियों, प्रस्तुतियों तथा उपलब्धि परीक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाई। प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को परिणाम-आधारित शिक्षा प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। समापन सत्र में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव एवं एफडीपी से प्राप्त प्रमुख निष्कर्ष साझा किए। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान एवं व्यावहारिक अनुभव परिणाम-आधारित शिक्षण, पाठ्यक्रम निर्माण, परिणामों के प्रभावी मूल्यांकन तथा सतत गुणवत्ता सुधार को नई दिशा देंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त सीख के आधार पर विश्वविद्यालय में परिणाम-आधारित शिक्षा प्रणाली को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति, गुणवत्ता आश्वासन एवं प्रत्यायन संबंधी मानकों की दिशा में विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता और अधिक सुदृढ़ होगी।   इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रो. रुचि सेठ, डीन, आईक्यूएसी, के कुशल नेतृत्व, दूरदर्शी योजना एवं सतत मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं, कार्यक्रम के सुचारु संचालन, प्रतिभागियों के समन्वय तथा समस्त व्यवस्थाओं के प्रभावी निर्वहन में यजुवेन्द्र सोनी एवं विकास लील की उल्लेखनीय भूमिका रही, जिनके सतत प्रयासों से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंत में प्रो. नरेंद्र कुमार अग्रवाल, उपनिदेशक, आईक्यूएसी, ने आईक्यूएसी की ओर से सभी अतिथियों, विशेषज्ञों, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति विश्वविद्यालय प्रतिबद्धता दोहराई।  

    अग्रवाल पी जी कॉलेज में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का समापन

    NEP 2020 में AI और भारतीय ज्ञान प्रणाली पर हुआ मंथन ​जयपुर। स्थानीय अग्रवाल पी जी कॉलेज में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के विभिन्न आयामों पर केंद्रित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का गरिमापूर्ण समापन हुआ। इस उच्च स्तरीय कांफ्रेंस का मुख्य विषय 'रोल ऑफ ए आई, भारतीय ज्ञान प्रणाली और आई टी ई पी इन एन ई पी 2020' रहा। ​भव्य शुभारंभ और दीप प्रज्वलन कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्यपाल के सलाहकार प्रो. कैलाश सोढ़ानी, हरदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. नंद किशोर पांडे, संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के प्रो. आर. पी. पाठक, राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर की डीन ऑफ एजुकेशन प्रो. रीटा शर्मा, ए एम डी एस की अध्यक्ष डॉ. अनुपमा वर्मा तथा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बी. एल. देवंदा द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। पूरे कार्यक्रम का कुशल और सफल संचालन डॉ. नमिता चौहान, डॉ. प्रियंका खट्टर एवं डॉ. सजिता नैयर द्वारा किया गया। ​द्वितीय दिन के सत्र और स्वागत उद्बोधन कांफ्रेंस के दूसरे दिन के प्रथम सत्र में ए एम डी एस की अध्यक्ष डॉ. अनुपमा वर्मा ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। इसके पश्चात कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बी. एल. देवंदा ने अपने स्वागत संबोधन से सभी आगंतुक शिक्षाविदों, शोधार्थियों और अतिथियों का अभिनंदन किया। ​मुख्य अतिथियों के बीज कथन (Keynote Addresses): ​प्रो. कैलाश सोढ़ानी (सलाहकार, राज्यपाल): उन्होंने अपने बीज कथन में कहा, "NEP 2020 केवल एक नीति नहीं, बल्कि भारतीय शिक्षा के पुनरुत्थान का मार्ग है। हमें तकनीक (AI) का स्वागत करना होगा, लेकिन अपनी जड़ों (भारतीय ज्ञान प्रणाली) को मजबूत रखते हुए। कला और विज्ञान का यह समन्वय ही नए भारत का निर्माण करेगा।" ​प्रो. नंद किशोर पांडे (कुलगुरु, हरदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय): उन्होंने संचार और शिक्षा के माध्यम पर जोर देते हुए कहा, "भारतीय ज्ञान प्रणाली को जन-जन तक पहुँचाने के लिए आधुनिक तकनीक और कुशल शिक्षकों की आवश्यकता है। ITEP (इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम) के माध्यम से हम ऐसे शिक्षक तैयार कर रहे हैं जो वैश्विक स्तर पर भारतीय मूल्यों का प्रतिनिधित्व कर सकें।" ​ ​प्रो. आर. पी. पाठक (संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली): उन्होंने प्राचीन ज्ञान की प्रासंगिकता बताते हुए कहा, "हमारे वेदों और संस्कृत ग्रंथों में निहित विज्ञान और गणित को जब हम ए आई और आधुनिक डेटा साइंस से जोड़ेंगे, तभी हम सच्चे अर्थों में विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर होंगे।" ​ए आई (AI) की भूमिका पर तकनीकी विमर्श कांफ्रेंस के दौरान उपस्थित विशेषज्ञों और फ्लोरिडा से ऑनलाइन जुड़े ए आई एक्सपर्ट श्री अनिल मिश्रा ने रेखांकित किया कि AI के माध्यम से प्रत्येक छात्र की सीखने की क्षमता के अनुसार पाठ्यक्रम (Personalized Learning) तैयार किया जा सकता है। यह तकनीक शिक्षकों की सहायक बनकर मूल्यांकन और डेटा विश्लेषण को आसान बनाएगी, जिससे रचनात्मक शिक्षण को बढ़ावा मिलेगा। ​प्रथम दिन ऑनलाइन सत्र में जुड़े वैश्विक विशेषज्ञ इससे पूर्व, कांफ्रेंस के पहले दिन आयोजित ऑनलाइन सत्र में महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर के पूर्व कुलगुरु प्रो. अनिल शुक्ला और अंतरराष्ट्रीय हिंदी संस्थान नीदरलैंड की अध्यक्ष डॉ. ऋतु पांडे ने भी अपने विचार साझा किए थे। ​समापन सत्र समापन के अवसर पर राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर की डीन ऑफ एजुकेशन प्रो. रीटा शर्मा ने शिक्षा में हो रहे इन क्रांतिकारी बदलावों और एनईपी 2020 के प्रारूप पर अपनी सहमति जताई। अंत में, प्राचार्य डॉ. बी. एल. देवंदा ने कांफ्रेंस के सफल और ऐतिहासिक आयोजन के लिए सभी आगंतुक विद्वानों, आयोजकों और संचालन समिति का सहृदय आभार व्यक्त किया।  

    श्री भवानी निकेतन परिसर में किया गया फलदार व छायादार पौधों का रोपण

    जयपुर। श्री भवानी निकेतन शिक्षा समिति के पूर्व सचिव स्व. राजेन्द्र सिंह बगड़ की 73वीं जयन्ती पर नवम वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत संस्था परिसर में फलदार व छायादार पौधों का रोपण स्व0 राजेन्द्र सिंह बगड़ मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट एवं भवानी निकेतन के सहयोग से किया गया। शिक्षा समिति के सचिव सुदर्शन सिंह सुरपुरा ने बताया कि संस्था ने इस वर्ष सघन वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा है, जिसके तहत लगभग 2000 विभिन्न किस्मों के पौधों का रोपण संस्था परिसर में किया जायेगा। कार्यक्रम में राजेन्द्रसिंह शेखावत, से.नि. आई.ए.एस., प. सुरेश मिश्रा, रामकिशोर प्रजापत, पार्षद, विजेन्द्रसिंह पाल, पार्षद, मालसिंह शेखावत, मण्डल अध्यक्ष, भाजपा, भवानी निकेतन से नगेन्द्रसिंह बगड़, अध्यक्ष, महेन्द्रसिंह जैसलाण, उपाध्यक्ष, श्यामसिंह मण्ढ़ा, कोषाध्यक्ष, दिलीपसिंह छापोली, सम्पतसिंह धमोरा, सदस्य कार्यकारिणी सहित समाज के गणमान्य लोगों ने वृक्षारोपण किया।  

    अमर शहीद ऋषिराज सिंह देवड़ा के नाम पर हुआ खिवान्दी स्कूल का नामकरण

    121 यूनिट हुआ रक्तदान, अतिथियों ने रक्तदाताओं को किया सम्मानित -शहीद के पिता व भाई का भी किया गया सम्मान -कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत, संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल की रही गरिमामयी उपस्थिति -राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने भी शहीद को किया नमन जयपुर/सुमेरपुर। पाली जिले के सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम खिवान्दी में अमर शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषिराज सिंह देवड़ा के बलिदान दिवस के अवसर पर एक भव्य एवं भावपूर्ण समारोह का आयोजन किया गया। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, खिवान्दी में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय नामकरण समारोह के साथ-साथ एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर भी लगाया गया। इसमें युवाओं और क्षेत्रवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समारोह में पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री व स्थानीय विधायक जोराराम कुमावत, कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल और राज्य मंत्री श्री ओटाराम देवासी ने शिरकत कर शहीद की प्रतिमा और चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान कुल 121 यूनिट रक्तदान किया गया, जिन्हें अतिथियों ने प्रश्स्ति पत्र व मोमेंटो देकर सम्मानित किया। स्कूल के बच्चों ने देशभक्ति से लबरेज सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। इस दौरान जोराराम कुमावत ने कहा कि क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही भावनाओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के विशेष आग्रह को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने एक बड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, खिवान्दी का नामकरण बदलकर “शहीद ऋषिराज सिंह देवड़ा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, खिवान्दी” करने की आधिकारिक स्वीकृति प्रदान की। इस अभिनंदनीय और संवेदनशील निर्णय के लिए समस्त क्षेत्रवासियों की ओर से मुख्यमंत्री के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों में देशभक्ति की भावना का संचार करेगा। इस गौरवमयी अवसर पर शहीद के माता-पिता श्रीमती भंवर कंवर एवं जसवंत सिंह देवड़ा व भाई युवराज सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्हें अतिथियों ने सम्मानित किया। इससे पहले शहीद ऋषिराज की तस्वीर के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित उन्हें श्रद्धाजंलि अर्पित की गई। समारोह में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की कई बड़ी हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, इनमें पाली के पूर्व सांसद पुष्प जैन, बाड़मेर के पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह जसोल, पाली डेयरी के अध्यक्ष प्रताप सिंह बिठिया, किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयेन्द्र सिंह गलथनी, ब्रिगेडियर प्रताप सिंह सांडेराव, कर्नल बाल सिंह, कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर के कुलपति वीरेंद्र सिंह जैतावत, सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष कर्नल गजेंद्र सिंह, एसडीएम कालूराम कुम्हार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बाली चैन सिंह,फ्लाइट लेफिटनेट मनोज सैनी, स्वायर्ड लीडर अरूण आभा, फ्लाइट लैफि्टनेंट संजीव तिवाड़ी, निरंजन देवड़ा सहित भारी संख्या में क्षेत्रवासी इस ऐतिहासिक और प्रेरणादायी पल के साक्षी बने।  

    मॉरीशस के राष्ट्रपति ने डॉ. ईशान शिवानंद के वैश्विक विज़न की सराहना करते हुए किया 'कम्पैशन यूनाइट्स - क्रॉस सेक्टर एलायंस' का शुभारंभ

    राजस्थान का बेटा विश्व में जगा रहा करुणा की अलख जयपुर। राजस्थान की धरती से निकले आध्यात्मिक मार्गदर्शक डॉ. ईशान शिवानंद आज विश्व मंच पर भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा को आधुनिक मानवता की सबसे बड़ी चुनौतियों के समाधान के रूप में स्थापित कर रहे हैं। इसका सशक्त उदाहरण उस समय देखने को मिला जब मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखूल ने स्टेट हाउस में मानसिक स्वास्थ्य के लिए 'कम्पैशन यूनाइट्स - क्रॉस सेक्टर एलायंस' का आधिकारिक शुभारंभ करते हुए डॉ. ईशान शिवानंद के नेतृत्व और दूरदर्शी सोच की खुले मंच से सराहना की। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन की शुरुआत ही डॉ. ईशान शिवानंद का स्टेट हाउस में पुनः स्वागत करते हुए की। उन्होंने स्मरण कराया कि वर्ष 2025 में भी डॉ. शिवानंद ने राष्ट्रपति भवन में अधिकारियों के लिए ध्यान एवं माइंडफुलनेस सत्र आयोजित किया था, जिसने मानसिक स्वास्थ्य और आत्मचिंतन की आवश्यकता को नई दिशा दी। इस वर्ष भी उनके मार्गदर्शन में आयोजित ध्यान सत्र को राष्ट्रपति ने सार्थक और प्रेरणादायी बताया। राष्ट्रपति गोखूल ने कहा कि आज की दुनिया तनाव, अवसाद, अकेलेपन और मानसिक चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे समय में डॉ. ईशान शिवानंद का "कम्पैशन यूनाइट्स" अभियान सरकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, सामाजिक संगठनों और धार्मिक संस्थाओं को एक मंच पर लाकर करुणा आधारित समाधान प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मानसिक स्वास्थ्य केवल चिकित्सा का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सामूहिक जिम्मेदारी है। राष्ट्रपति ने गर्व के साथ घोषणा की कि यूनाइटेड किंगडम (हाउस ऑफ कॉमन्स) और दक्षिण अफ्रीका के बाद अब मॉरीशस भी इस वैश्विक पहल का हिस्सा बन गया है। उन्होंने कहा कि डॉ. ईशान शिवानंद द्वारा शुरू किया गया यह अभियान विश्वभर में करुणा, संवाद और सामाजिक सहभागिता की नई संस्कृति विकसित कर रहा है। मॉरिशस में 11 जुलाई को आयोजित होने वाले "चैंपियंस ऑफ कम्पेशन" कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति गोखूल ने विशेष रूप से डॉ. ईशान शिवानंद के विज़न की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह केवल विश्वस्तरीय "कुन खमेर चैम्पियनशिप" नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों को मेंटरशिप, छात्रवृत्ति और समाज सेवा के माध्यम से "कम्पैशन चैंपियंस" बनाने का अभिनव प्रयास है, जो खेल को मानवता की सेवा से जोड़ता है। समारोह में मॉरिशस के शिक्षा एवं मानव संसाधन मंत्री, विभिन्न मंत्रालयों, सार्वजनिक संस्थानों, निजी क्षेत्र, चिकित्सा जगत, शिक्षाविदों, नागरिक समाज तथा धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने इस पहल को मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग का नया अध्याय बताया। भारत की आध्यात्मिक शक्ति का वैश्विक स्वरूप डॉ. ईशान शिवानंद ने भारतीय ध्यान, योग और करुणा की परंपरा को केवल आध्यात्मिक साधना तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे वैश्विक सार्वजनिक नीति, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक नेतृत्व का आधार बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। मॉरीशस के सर्वोच्च संवैधानिक पद से उनके कार्यों की सार्वजनिक सराहना इस बात का प्रमाण है कि भारत का आध्यात्मिक ज्ञान आज विश्व के लिए प्रेरणा बन रहा है। "राजस्थान का बेटा भारत को विश्वगुरु बनाने में अपना बहुत बड़ा योगदान दे रहा है।"  

    नवागंतुक छात्राओं का तिलक लगाकर किया स्वागत

     कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 का शुभारंभ उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। आज से महाविद्यालय में बी.ए. पासकोर्स, बी.ए. ऑनर्स (अर्थशास्त्र, अंग्रेज़ी साहित्य, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान) बी.कॉम, बीबीए, बीसीए, बी.एस.सी. (बायोलॉजी, मैथ्स, होम साइंस, बायोटेक) आदि पाठ्यक्रमों की प्रथम सेमेस्टर की कक्षाएँ प्रारम्भ हुईं। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने तिलक लगाकर नवागंतुक छात्राओं का स्वागत किया और कक्षाओं का भ्रमण कर छात्राओं से संवाद किया तथा उन्हें नियमित कक्षाओं में आने हेतु प्रेरित किया। साथ ही छात्राओं के सर्वांगीण विकास के उदेद्श्य से महाविद्यालय में संचालित विभिन्न स्किल एन्हांसमेंट कोर्सेस की भी जानकारी दी। शैक्षणिक सत्र के प्रथम दिन महाविद्यालय में बड़ी संख्या में छात्राओं की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही।    

    20 साल से फरार उम्रकैद का दोषी दिल्ली से गिरफ्तार, सिक्योरिटी गार्ड बनकर छिपा था

      युगचरण न्यूज़ / 07 जुलाई 2026 करीब दो दशक से फरार चल रहे हत्या के एक दोषी को आखिरकार पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी अपनी पहचान बदलकर और साधारण जीवन जीकर कानून से बचने की कोशिश कर रहा था। वह दिल्ली के मंडावली क्षेत्र के चंदर विहार में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम कर रहा था। लंबे समय तक तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और कई राज्यों में तलाश अभियान चलाने के बाद पुलिस को उसे पकड़ने में सफलता मिली। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति 47 वर्ष का है और मूल रूप से दिल्ली के पांडव नगर क्षेत्र का रहने वाला बताया जाता है। उस पर वर्ष 2001 में अपनी महिला मित्र की कथित रूप से गोली मारकर हत्या करने का आरोप था। इस मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था और अदालत में आरोपपत्र दाखिल होने के बाद सुनवाई चली। वर्ष 2002 में निचली अदालत ने उसे हत्या और शस्त्र अधिनियम से जुड़े मामलों में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी तथा आर्थिक दंड भी लगाया गया था। बाद में आरोपी ने इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। सुनवाई के दौरान उसे वर्ष 2006 में जमानत मिल गई, लेकिन इसके बाद वह अदालत में पेश होना बंद कर दिया और फरार हो गया। बाद में उसकी नियमित जमानत याचिका खारिज होने के बाद अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया, लेकिन वह लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। फरीदाबाद पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी पहचान बदल ली थी। उसने दाढ़ी और लंबे बाल रख लिए थे, सोशल मीडिया और स्मार्टफोन का उपयोग लगभग पूरी तरह बंद कर दिया था तथा कम प्रोफाइल वाली नौकरियां करके अपना जीवन व्यतीत कर रहा था। पुलिस का कहना है कि यही वजह रही कि वह इतने वर्षों तक गिरफ्तारी से बचता रहा। मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की टीम पिछले लगभग एक वर्ष से आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। जांच के दौरान पुलिस ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में लगभग 35 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। रिश्तेदारों और परिचितों से जुड़ी सूचनाओं का विश्लेषण किया गया तथा विभिन्न तकनीकी और मानवीय स्रोतों से जानकारी जुटाई गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के बागपत क्षेत्र से एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। इसके बाद दिल्ली के चंदर विहार इलाके में कई दिनों तक निगरानी रखी गई। लगभग 15 दिनों तक लगातार नजर रखने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी के समय आरोपी ने कथित रूप से पुलिस से पूछा कि वे आखिर उसके तक कैसे पहुंच गए। इसके बाद उसकी पहचान पुराने रिकॉर्ड और तस्वीरों से मिलान कर पुष्टि की गई। साथ ही मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर भी उसकी पहचान सत्यापित की गई। फरीदाबाद पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि आरोपी जमानत मिलने के बाद कुछ समय तक अपने पुराने पते पर रहा, लेकिन बाद में उसने ठिकाना बदल लिया। अदालत में लगातार गैरहाजिर रहने के बाद उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, लेकिन वह लंबे समय तक पुलिस की पहुंच से बाहर रहा। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि अब वह निचली अदालत द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा पूरी करेगा। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी में पारंपरिक खुफिया तंत्र और आधुनिक निगरानी तकनीकों का संयुक्त उपयोग महत्वपूर्ण साबित हुआ। लंबे समय तक फरार रहने के बावजूद आरोपी अंततः कानून के शिकंजे से बच नहीं सका। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस का कहना है कि अदालत के निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा मामले से जुड़े सभी अभिलेखों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।    

    सीरिया की राजधानी दमिश्क में राष्ट्रपति मैक्रों की यात्रा के दौरान दो धमाके, होटल के पास हुए विस्फोटों से मचा हड़कंप

      युगचरण न्यूज़ / 07-07-2026 सीरिया की राजधानी दमिश्क में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की आधिकारिक यात्रा के दौरान शहर में दो शक्तिशाली विस्फोट हुए। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, धमाके उस इलाके के पास हुए जहां राष्ट्रपति मैक्रों ठहरे हुए थे। हालांकि, फ्रांसीसी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विस्फोट के समय राष्ट्रपति मैक्रों होटल में मौजूद नहीं थे और वे पहले ही सीरियाई राष्ट्रपति के साथ निर्धारित बैठक के लिए राष्ट्रपति भवन रवाना हो चुके थे। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेर लिया और व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया। स्थानीय प्रशासन ने विस्फोटों की जांच शुरू कर दी है, जबकि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त कर दिया गया है। होटल के पास हुए दो विस्फोट अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के अनुसार, दमिश्क के उस क्षेत्र में दो अलग-अलग विस्फोट हुए जहां राष्ट्रपति मैक्रों का ठहराव निर्धारित था। शुरुआती जांच में बताया गया कि एक विस्फोट सड़क किनारे खड़ी एक कार में लगाए गए विस्फोटक से हुआ, जबकि दूसरा विस्फोट पास में रखे एक कूड़ेदान में लगाए गए बम के कारण हुआ। धमाकों के बाद आसपास के इलाके में धुएं का गुबार देखा गया। सुरक्षा बलों ने तुरंत घटनास्थल को सील कर दिया और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी। सोशल मीडिया पर भी घटनास्थल के कई वीडियो और तस्वीरें सामने आए, जिनमें विस्फोट के बाद उठता धुआं और सुरक्षा बलों की भारी मौजूदगी देखी जा सकती है। हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। राष्ट्रपति मैक्रों सुरक्षित फ्रांस के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों विस्फोट के समय होटल में मौजूद नहीं थे। वे सुबह ही सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से मुलाकात के लिए राष्ट्रपति भवन रवाना हो चुके थे। फ्रांसीसी अधिकारियों ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके आधिकारिक कार्यक्रम में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की लगातार समीक्षा कर रही हैं। कई लोग घायल होने की सूचना स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इन दो विस्फोटों में कम से कम 18 लोगों के घायल होने की सूचना है। घायलों में चार पुलिसकर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल किसी संगठन ने इन धमाकों की जिम्मेदारी नहीं ली है। सुरक्षा एजेंसियां सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही हैं। हाल ही में भी हुआ था धमाका दमिश्क में यह पहला विस्फोट नहीं है। कुछ दिन पहले भी न्यायालय परिसर के पास स्थित एक कैफे में विस्फोट हुआ था, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में सीरिया में सुरक्षा चुनौतियां पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं और अलग-अलग क्षेत्रों में छिटपुट हिंसक घटनाएं अब भी सामने आ रही हैं। ऐतिहासिक मानी जा रही है मैक्रों की यात्रा राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की यह यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है। वर्ष 2024 में सीरिया में सत्ता परिवर्तन के बाद वह यूरोपीय संघ के पहले शीर्ष नेता हैं जिन्होंने आधिकारिक रूप से दमिश्क का दौरा किया है। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करना, क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा करना और पुनर्निर्माण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बातचीत करना बताया जा रहा है। राष्ट्रपति मैक्रों के साथ फ्रांस के कई प्रमुख उद्योगपति भी सीरिया पहुंचे हैं। इनमें शिपिंग कंपनी CMA-CGM के प्रमुख रोडोल्फ सादे और ऊर्जा कंपनी TotalEnergies के प्रमुख पैट्रिक पुइयाने जैसे कारोबारी भी शामिल हैं। माना जा रहा है कि यह यात्रा भविष्य में आर्थिक सहयोग और निवेश के नए अवसरों को भी गति दे सकती है। मध्य पूर्व में तनाव के बीच महत्वपूर्ण दौरा मैक्रों की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब हाल ही में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच लंबे समय तक चले तनाव और संघर्ष के बाद क्षेत्र में अपेक्षाकृत शांति का माहौल बनने की कोशिशें जारी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फ्रांस इस समय मध्य पूर्व में अपनी कूटनीतिक भूमिका को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। सीरिया की यात्रा उसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर विस्फोटों के बाद दमिश्क में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। होटल, सरकारी भवनों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। जांच एजेंसियां घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में लगी हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि विस्फोटों के पीछे किसका हाथ हो सकता है। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। जांच जारी फिलहाल विस्फोटों के कारणों और जिम्मेदार लोगों की पहचान को लेकर आधिकारिक जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य तकनीकी जानकारियों की जांच कर रही हैं। इस बीच राष्ट्रपति मैक्रों का आधिकारिक कार्यक्रम निर्धारित समय के अनुसार जारी है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से उनके आगामी कार्यक्रमों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी दमिश्क में हुए इन विस्फोटों पर लगातार नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य स्पष्ट होने की उम्मीद है।    

    ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को अंतिम विदाई: क़ोम में उमड़ा जनसैलाब, कई शहरों में जारी रहेगा अंतिम संस्कार कार्यक्रम

      युगचरण न्यूज़ / 07-07-2026 ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए मंगलवार को देश के पवित्र शहर क़ोम (Qom) में हजारों लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, खामेनेई के पार्थिव शरीर को क़ोम स्थित प्रसिद्ध जमकरान मस्जिद लाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की और अंतिम प्रार्थना में भाग लिया। बताया जा रहा है कि अंतिम संस्कार से जुड़े धार्मिक कार्यक्रम केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, श्रद्धांजलि सभाएं इराक के पवित्र शहर नजफ़ और कर्बला में भी आयोजित की जाएंगी। इसके बाद खामेनेई के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक शहर मशहद ले जाया जाएगा, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। जमकरान मस्जिद में श्रद्धांजलि देने पहुंचे हजारों लोग मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, क़ोम के दक्षिण में स्थित ऐतिहासिक जमकरान मस्जिद में सुबह से ही लोगों का जमावड़ा शुरू हो गया था। हजारों श्रद्धालु, धार्मिक नेता और विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिक अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। श्रद्धांजलि सभा के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया ताकि अंतिम संस्कार कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई लोग ईरानी झंडे और धार्मिक प्रतीकों के साथ अंतिम यात्रा में शामिल हुए। पूरे परिसर में शोक का माहौल देखा गया और लोग दिवंगत नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि देते नजर आए। कई शहरों में होंगे अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम रिपोर्टों के मुताबिक, अंतिम संस्कार की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी की जाएगी। क़ोम में धार्मिक अनुष्ठानों के बाद पार्थिव शरीर को इराक के पवित्र शहर नजफ़ और कर्बला ले जाया जाएगा, जहां विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद अंतिम चरण में पार्थिव शरीर को ईरान के उत्तर-पूर्वी शहर मशहद ले जाकर दफनाया जाएगा। मशहद को ईरान का प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर इतने बड़े स्तर पर आयोजित किए जा रहे अंतिम संस्कार कार्यक्रम को देखते हुए ईरानी प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रमुख धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक मार्गों और अंतिम यात्रा के निर्धारित रास्तों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में भी कई अस्थायी बदलाव किए हैं ताकि अंतिम यात्रा के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। आपातकालीन सेवाओं और चिकित्सा टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है। क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर बनी हुई है नजर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार पर केवल ईरान ही नहीं बल्कि पूरे पश्चिम एशिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है। विभिन्न देशों के राजनीतिक विश्लेषक इस घटनाक्रम को क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के नेतृत्व में होने वाले आगामी बदलावों पर दुनिया की निगाहें टिकी रहेंगी। हालांकि, ईरानी अधिकारियों की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रक्रियाओं को लेकर अलग-अलग चरणों में जानकारी साझा किए जाने की उम्मीद है। श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी अंतिम संस्कार कार्यक्रम के दौरान लगातार लोग श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं। विभिन्न धार्मिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों ने दिवंगत नेता के प्रति सम्मान व्यक्त किया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अंतिम यात्रा और धार्मिक अनुष्ठानों का कार्यक्रम कई चरणों में पूरा होगा, जिसके बाद मशहद में अंतिम दफन की प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। इस बीच प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और निर्धारित सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन सभी आवश्यक व्यवस्थाओं पर लगातार नजर बनाए हुए है। अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रमों के संपन्न होने तक देश के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी जारी रहने की संभावना है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी ईरान में हो रहे इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।    

    देशभर में मानसून का कहर: वायनाड में भूस्खलन के बाद रेड अलर्ट, दिल्ली में मूसलाधार बारिश, कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित

      युगचरण न्यूज़ / 07-07-2026 देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। लगातार हो रही भारी बारिश ने कई राज्यों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। केरल, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और ओडिशा सहित कई राज्यों में बारिश के कारण बाढ़, भूस्खलन, जलभराव और यातायात बाधित होने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। सबसे गंभीर स्थिति केरल के वायनाड जिले में देखने को मिली, जहां लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच एक निर्माणाधीन सुरंग परियोजना के पास बड़ा भूस्खलन हो गया। वहीं राजधानी दिल्ली में दोपहर बाद तेज बारिश और आंधी के चलते कई इलाकों में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। महाराष्ट्र के पालघर, मुंबई और पुणे सहित कई जिलों में भी लगातार बारिश ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है। वायनाड में भूस्खलन, राहत एवं बचाव अभियान जारी केरल के वायनाड जिले के कल्लाडी क्षेत्र में मंगलवार सुबह भारी बारिश के बीच निर्माणाधीन अनाक्कमपोयिल-कल्लाडी-मेप्पाडी टनल रोड परियोजना के समीप अचानक बड़ा भूस्खलन हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि सात लोगों के लापता होने की सूचना मिली है। सात अन्य घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन, फायर एंड रेस्क्यू सर्विस, पुलिस तथा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया। लगातार बारिश और अस्थिर पहाड़ी क्षेत्र के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। राज्य सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों को मौके पर भेजते हुए राहत कार्यों की निगरानी के निर्देश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है ताकि किसी अन्य दुर्घटना से बचा जा सके। IMD ने वायनाड और कोझिकोड में जारी किया रेड अलर्ट भारतीय मौसम विभाग ने वायनाड जिले में अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। पड़ोसी कोझिकोड जिले में भी रेड अलर्ट लागू किया गया है, जबकि मलप्पुरम, कन्नूर और कासरगोड जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, वायनाड के कई इलाकों में दिनभर भारी वर्षा दर्ज की गई। विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले घंटों में वर्षा और तेज हो सकती है, जिससे भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। दिल्ली में झमाझम बारिश से राहत, लेकिन ट्रैफिक हुआ प्रभावित राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार दोपहर तेज बारिश और तेज हवाओं ने गर्मी से राहत जरूर दी, लेकिन शहर के कई हिस्सों में जलभराव और भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति भी पैदा हो गई। भारतीय मौसम विभाग ने उत्तर दिल्ली के कुछ इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए तेज बारिश, आकाशीय बिजली और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई। वहीं दिल्ली के अन्य क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। मौसम विभाग ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और आवश्यकता होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। महाराष्ट्र में बारिश से अब तक 10 लोगों की मौत महाराष्ट्र में लगातार हो रही बारिश के चलते कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। पालघर जिले में एक जुलाई से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 10 लोगों की मौत हो चुकी है। जिला प्रशासन के अनुसार, हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों के रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है। लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जबकि कई गांवों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं। मुंबई में स्कूल-कॉलेज बंद, ऑरेंज अलर्ट जारी मुंबई में लगातार दो दिनों तक हुई भारी बारिश के बाद मंगलवार को मौसम में कुछ राहत देखने को मिली। हालांकि मौसम विभाग ने शहर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी रखते हुए भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना व्यक्त की है। सावधानी के तौर पर प्रशासन ने सभी सरकारी, निजी और नगर निगम संचालित स्कूलों एवं कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही, जबकि रेल और सड़क यातायात पर भी इसका असर देखने को मिला। पुणे, नासिक और अन्य जिलों में भी अलर्ट महाराष्ट्र के नासिक जिले में भी भारी बारिश के चलते प्रशासन हाई अलर्ट पर है। गोदावरी नदी का जलस्तर बढ़ गया है और कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यातायात प्रतिबंध लगाए गए हैं। पुणे के आलंदी क्षेत्र में नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद सभी पुलों को एहतियातन बंद कर दिया गया है। वहीं लोनावला और करजत घाट सेक्शन में पिछले दिनों हुई रिकॉर्ड बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ, जिससे रेल सेवाएं प्रभावित हुईं। गुजरात, राजस्थान और कर्नाटक में भी बारिश का असर गुजरात के सूरत शहर में लगातार बारिश के चलते कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है और जल निकासी का कार्य तेज किया गया है। राजस्थान के कई जिलों में भी भारी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, उदयपुर सहित कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कर्नाटक के मलनाड क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते कई तालुकों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों को नदी, झरनों और पहाड़ी क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। तमिलनाडु, जम्मू-कश्मीर और ओडिशा में भी मौसम का असर तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। कुछ इलाकों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से कई मकान, दुकानें और वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है। ओडिशा में भी भारी बारिश के चलते कई क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है और संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की देश के विभिन्न राज्यों में लगातार बदलते मौसम और भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून अभी सक्रिय बना रहेगा और आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश जारी रह सकती है। ऐसे में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।    

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    भारत-इंडोनेशिया रक्षा साझेदारी को बड़ी मजबूती, ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम खरीदने पर हुआ समझौता

      युगचरण न्यूज़ / 07 जुलाई 2026 भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई देते हुए दोनों देशों ने ब्रह्मोस क्रूज़ मिसाइल सिस्टम से जुड़े एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय इंडोनेशिया यात्रा के दौरान हुआ, जहां उन्होंने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की। इस यात्रा के दौरान रक्षा, व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों, इस्पात उद्योग, कृषि और समुद्री सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। हालांकि दोनों देशों की ओर से जारी संयुक्त बयान में ब्रह्मोस समझौते का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन इसे भारत की रक्षा निर्यात नीति और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम खरीदने पर हुआ समझौता इंडोनेशिया के राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, भारत-रूस संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस एयरोस्पेस और इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय के बीच ब्रह्मोस मिसाइल रक्षा प्रणाली की आपूर्ति को लेकर अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए हैं। हालांकि समझौते की वित्तीय राशि, मिसाइलों की संख्या या डिलीवरी की समयसीमा जैसी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की गई हैं। इससे पहले वर्ष 2023 में ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने बताया था कि इंडोनेशिया के साथ 20 से 35 करोड़ डॉलर के संभावित रक्षा सौदे पर उन्नत स्तर की बातचीत चल रही थी। अब इस समझौते के औपचारिक रूप लेने के बाद इंडोनेशिया उन देशों की सूची में शामिल हो गया है जिन्होंने भारत के विकसित ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम को अपनाने का निर्णय लिया है। भारत से मिलेगी ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल सूत्रों के अनुसार भारत इंडोनेशिया को केवल ब्रह्मोस क्रूज़ मिसाइल सिस्टम ही नहीं बल्कि स्वदेशी अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल भी उपलब्ध कराएगा। यह समझौता दोनों देशों के रक्षा सहयोग को और मजबूत करेगा तथा हिंद महासागर क्षेत्र में सामरिक संतुलन को नई दिशा दे सकता है। इसी क्रम में इंडोनेशिया की निजी रक्षा होल्डिंग कंपनी रिपब्लिकॉर्प और भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा कंपनी भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) के बीच भी एयर-टू-एयर मिसाइलों से संबंधित एक अलग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। रक्षा के साथ उद्योग और व्यापार पर भी जोर दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। बैठक के दौरान महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स), इस्पात उद्योग और कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। भारत की स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL) और इंडोनेशिया की क्राकाटाऊ स्टील कंपनी ने इंडोनेशिया में स्टेनलेस स्टील स्लैब निर्माण के लिए संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) स्थापित करने पर भी सहमति जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना दोनों देशों के औद्योगिक सहयोग को नई दिशा दे सकती है और भविष्य में इस्पात क्षेत्र में निवेश बढ़ने की संभावना है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो की वार्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच हुई बैठक में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के बाद राष्ट्रपति प्रबोवो ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश हैं और दोनों के बीच मजबूत साझेदारी पूरे क्षेत्र के लिए लाभदायक साबित होगी। उन्होंने कहा कि दोनों देश वरीयता प्राप्त व्यापार समझौते (Preferential Trade Agreement) पर बातचीत को भी तेज करेंगे ताकि व्यापारिक संबंधों को और मजबूती मिल सके। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, समुद्री सहयोग और सुरक्षित नौवहन को बढ़ावा देने के लिए मिलकर कार्य करेंगे। हालांकि दोनों नेताओं ने अपने सार्वजनिक संबोधन में ब्रह्मोस रक्षा समझौते का अलग से उल्लेख नहीं किया। पहले भी बढ़ा था रणनीतिक सहयोग भारत और इंडोनेशिया के बीच पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने पिछले वर्ष नई दिल्ली का दौरा किया था, जहां दोनों देशों ने कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा वर्ष 2023 के बाद इंडोनेशिया की उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है। इस दौरे का उद्देश्य रक्षा, आर्थिक और सामरिक सहयोग को और व्यापक बनाना बताया गया। ब्रह्मोस बना भारत के रक्षा निर्यात का प्रमुख हथियार ब्रह्मोस मिसाइल दुनिया की सबसे तेज़ सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइलों में गिनी जाती है। इसे भारत और रूस के संयुक्त सहयोग से विकसित किया गया है। यह मिसाइल भूमि, समुद्र और वायु—तीनों प्लेटफॉर्म से दागी जा सकती है तथा लंबी दूरी तक अत्यधिक सटीकता के साथ लक्ष्य को भेदने में सक्षम मानी जाती है। भारत ने हाल के वर्षों में रक्षा उपकरणों के निर्यात पर विशेष जोर दिया है। इससे पहले फिलीपींस और वियतनाम के साथ भी ब्रह्मोस प्रणाली को लेकर समझौते हो चुके हैं। अब इंडोनेशिया के साथ हुआ यह नया समझौता भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता और वैश्विक रक्षा बाज़ार में उसकी बढ़ती उपस्थिति का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ेगा रणनीतिक सहयोग विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा सहयोग केवल हथियारों की खरीद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका प्रभाव समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और इंडो-पैसिफिक रणनीति पर भी दिखाई देगा। दोनों देशों की भौगोलिक स्थिति हिंद महासागर और दक्षिण-पूर्व एशिया के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों से जुड़ी है। ऐसे में रक्षा और समुद्री सहयोग बढ़ने से क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब अपनी इंडोनेशिया यात्रा समाप्त करने के बाद ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर रवाना होंगे, जहां वे विभिन्न द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर नेताओं से मुलाकात करेंगे। भारत की इस सक्रिय कूटनीतिक पहल को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उसके बढ़ते प्रभाव और रणनीतिक साझेदारियों के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।