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    राजधानी में छात्रों की गूंज : पेपर लीक पर फूटा युवाओं का गुस्सा, अभिषेक चौधरी ने CM आवास घेराव के लिए निकला मार्च

    जयपुर में NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों और युवाओं का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया, NSUI पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र गुर्जर की थड़ी से मुख्यमंत्री आवास के घेराव के लिए रवाना हुए, प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग उठाई गई प्रदर्शनकारियों ने तीन प्रमुख मांगें रखीं— लीक-मुक्त परीक्षा प्रणाली लागू की जाए, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और सभी भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी किया जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और सरकार को इस पर ठोस कदम उठाने चाहिए   प्रदर्शन के दौरान एक ठेले पर प्रधानमंत्री **** का मुखौटा लगाए व्यक्ति और केंद्रीय शिक्षा मंत्री **** का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया। इस दौरान "मोदी वीक, तभी तो पेपर लीक" जैसे नारे लगाए गए और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई गई। मार्च के दौरान पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ा, प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक पेपर लीक पर प्रभावी रोक नहीं लगती और भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा  

    कुंभ 2025 के दौरान राम मंदिर दान राशि में सबसे बड़ी गड़बड़ी का आरोप, जांच में दो रिश्तेदारों की भूमिका पर सबसे अधिक सवाल

    युगचरण न्यूज़ / 01 जुलाई 2026 अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान से जुड़ी कथित वित्तीय गड़बड़ी की जांच में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। विशेष जांच दल (एसआईटी) की अब तक की पड़ताल में यह संकेत मिले हैं कि वर्ष 2025 में आयोजित महाकुंभ के दौरान मंदिर में बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान का कथित रूप से सबसे अधिक दुरुपयोग किया गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि इसी अवधि में दान राशि में भारी वृद्धि का फायदा उठाकर एक संगठित तरीके से कथित अनियमितताओं को अंजाम दिया गया। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर एजेंसियां वित्तीय लेन-देन, संपत्तियों और बैंक खातों की गहन जांच कर रही हैं। साथ ही अन्य सरकारी एजेंसियों की भी मदद ली जा रही है ताकि कथित धन के प्रवाह का पूरा विवरण सामने लाया जा सके। कुंभ के दौरान बढ़े दान का कथित रूप से उठाया गया लाभ एसआईटी की जांच के अनुसार, महाकुंभ के दौरान अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई थी। इसके चलते मंदिर में दान की मात्रा भी सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक थी। जांच अधिकारियों का कहना है कि इसी भीड़ और दान की अधिकता का कथित रूप से फायदा उठाते हुए कुछ लोगों ने सुनियोजित तरीके से दान राशि में अनियमितता की। पुलिस का दावा है कि इस कथित षड्यंत्र में शामिल सभी आरोपियों की भूमिकाओं की अलग-अलग जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को जोड़ा जा रहा है। दो रिश्तेदारों की भूमिका पर सबसे अधिक फोकस जांच के दौरान पुलिस का ध्यान विशेष रूप से दो रिश्तेदारों पर केंद्रित है, जिन पर कथित रूप से सबसे अधिक धन निकालने का आरोप है। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि कथित तौर पर प्राप्त धन का उपयोग अचल संपत्तियां खरीदने में भी किया गया। पुलिस ने ऐसी कई संपत्तियों का पता लगाया है जिनकी खरीद-फरोख्त की जांच की जा रही है। इन संपत्तियों के वित्तीय स्रोत, भुगतान के तरीके और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका संबंध कथित अनियमितताओं से है या नहीं। आयकर विभाग और प्रवर्तन एजेंसियों की भी ली जाएगी मदद मामले की गंभीरता को देखते हुए अयोध्या पुलिस वित्तीय जांच को और व्यापक बनाने की तैयारी में है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के बैंक खातों, आय के स्रोत, निवेश और संपत्तियों का विश्लेषण करने के लिए आयकर विभाग की सहायता ली जा रही है। इसके अलावा धन के संभावित प्रवाह की विस्तृत जांच के लिए प्रवर्तन एजेंसियों से भी सहयोग मांगा जा सकता है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित धन किन-किन खातों और माध्यमों से स्थानांतरित हुआ तथा उसका अंतिम उपयोग कहां किया गया। बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में जांच के दौरान कुछ बैंक कर्मचारियों की संभावित भूमिका भी पुलिस के संज्ञान में आई है। मंदिर में दान पेटियों से प्राप्त नकदी की गणना अधिकृत बैंक की देखरेख में होती है। इसके लिए बैंक द्वारा नियुक्त कर्मचारियों और मंदिर ट्रस्ट से जुड़े प्रतिनिधियों की संयुक्त टीम नकदी की गिनती करती है। पुलिस अब इस पूरी प्रक्रिया की समीक्षा कर रही है कि कहीं गिनती, रिकॉर्डिंग या नकदी के सुरक्षित रखरखाव के दौरान किसी स्तर पर अनियमितता तो नहीं हुई। यदि किसी कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। छापेमारी में नकदी और दस्तावेज बरामद जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार, एक स्थान से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की गई, जिसे कथित रूप से अलग-अलग बक्सों में छिपाकर रखा गया था। तलाशी के दौरान बैंकिंग दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय कागजात भी जांच एजेंसियों के हाथ लगे हैं। इन सभी दस्तावेजों का मिलान बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन से किया जा रहा है। आय से अधिक लेन-देन की जांच पुलिस द्वारा आरोपियों के बैंक खातों की विस्तृत जांच में कई ऐसे वित्तीय लेन-देन सामने आए हैं जो उनकी घोषित आय की तुलना में काफी अधिक बताए जा रहे हैं। अधिकारियों ने पिछले एक वर्ष के बैंक रिकॉर्ड, नकद जमा, निकासी और अन्य आर्थिक गतिविधियों का विश्लेषण शुरू कर दिया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इन खातों में जमा हुई राशि का वास्तविक स्रोत क्या था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ नकदी पहले ही बरामद कर संबंधित संस्थान को वापस सौंप दी गई थी। हालांकि पूरे मामले में अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएंगे। मामला क्यों महत्वपूर्ण है? राम मंदिर देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन और दान के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में दान राशि से जुड़ी किसी भी कथित अनियमितता का मामला केवल आर्थिक नहीं बल्कि सार्वजनिक विश्वास और संस्थागत पारदर्शिता से भी जुड़ा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक संस्थानों में वित्तीय प्रबंधन की पारदर्शिता और मजबूत निगरानी व्यवस्था जनविश्वास बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस मामले की निष्पक्ष जांच भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। निष्कर्ष राम मंदिर दान राशि से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। एसआईटी, स्थानीय पुलिस और अन्य एजेंसियां बैंक रिकॉर्ड, संपत्तियों, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन की गहन पड़ताल कर रही हैं।   अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि विभिन्न पहलुओं की जांच अभी जारी है। जांच एजेंसियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अंतिम सत्य न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

    आंगनबाड़ी केंद्रों पर "खिलौना बैंक", "प्रवेशोत्सव एवं वृक्षारोपण" कार्यक्रम का आयोजन

    शासन सचिव पूनम ने गौतमनगर केंद्र पर किया खिलौना बैंक का शुभारम्भ जयपुर। 3-6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शाला पूर्व शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग के आईसीडीएस निदेशालय द्वारा बुधवार, 01 जुलाई 2026 को प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर "खिलौना बैंक", "प्रवेशोत्सव एवं वृक्षारोपण" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की शासन सचिव श्रीमती पूनम ने जयपुर स्थित गौतमनगर आंगनबाड़ी केंद्र पर खिलौना बैंक का शुभारम्भ किया। शासन सचिव ने नव प्रवेश पाने वाले बच्चों का तिलक लगवाकर स्वागत करवाया तथा नव बच्चों को प्रवेश किट दिए। उन्होंने बच्चों के साथ खेल-आधारित गतिविधियों में सहभागिता की। उन्होंने खिलौना बैंक के लिए बच्चों को खिलौने भेंट किए और बच्चों के साथ बैठकर पेंटिंग बनवाई। उन्होंने बच्चों को पेंटिंग किट और टॉफी-चॉकलेट भी वितरित किये और आत्मीय संवाद स्थापित किया तथा उनका उत्साहवर्धन किया। शासन सचिव श्रीमती पूनम ने इस दौरान नव प्रवेश वाले बच्चों के आंगनबाड़ी केंद्र पर उपस्थित अभिभावक से भी बातचीत की और उन्हें बच्चों के अच्छे भविष्य निर्माण हेतु प्रोत्साहित किया। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्र परिसर में पौधारोपण भी किया। शासन सचिव ने प्रवेशोत्सव के अवसर पर नवप्रवेशित बच्चों का स्वागत कर उन्हें आनंददायक, सुरक्षित एवं खेल-आधारित वातावरण उपलब्ध कराने पर बल दिया गया। इस दौरान वहां उपस्थित अतिरिक्त निदेशक (शिशु) डॉ. प्रीति पंवार ने भी बच्चों को खिलौने भेंट किये और वृक्षारोपण किया। उल्लेखनीय है कि अभियान के तहत प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर आज बुधवार को "खिलौना बैंक" स्थापित किए गए हैं। वहीं प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर "प्रवेशोत्सव" मनाया गया जिसमें 3-6 आयुवर्ग के छूटे हुए बच्चों का आंगनबाड़ी में पंजीकरण किया गया। कार्यक्रम प्रदेशभर में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पंचायती राज प्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्थाएँ, अभिभावक व बच्चों की उपस्थिति में आयोजित हुए। खिलौना भेंटकर्ताओं को विभाग की ओर से "धन्यवाद-पत्र" प्रदान किया गया। कार्यक्रम के उपरान्त केंद्रों व आसपास वृक्षारोपण किया गया।  

    कार्डियोलॉजी परीक्षा में हुई नकल एवं अनियमितताओं के विरोध में ज्ञापन सौंपा

    अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, जयपुर महानगर द्वारा आज प्रदेश मंत्री शुभेन्द्र सिंह निर्वाण के नेतृत्व में अभाविप के प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान स्टेट अलाइड हेल्थकेयर काउंसिल के सचिव को कार्डियोलॉजी परीक्षा में हुई नकल एवं अनियमितताओं के विरोध में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से अभाविप ने निम्न मांगें रखीं— • जिस परीक्षा केंद्र पर पेपर आउट एवं नकल की घटना हुई है, उस महाविद्यालय की मान्यता तत्काल निरस्त की जाए। • परीक्षा के दौरान हुई लापरवाही की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। • परीक्षा केंद्र पर नियुक्त निरीक्षण समिति की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। • आगामी परीक्षाओं में सुरक्षित, पारदर्शी एवं नियमबद्ध परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए सभी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। यदि दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो अभाविप विद्यार्थियों के हित में चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इस दौरान महानगर मंत्री केशव पारीक, शक्ति सिंह,आर्ची , कार्तिकेय,शिव प्रताप,तनुराज एवं दुर्गेश आदि उपस्थित रहे।  

    7वें वर्ल्ड SME डे पर आयोजित ग्लोबल बिजनेस कन्वर्जेंस समिट-2026 में एजुकेशन पार्टनर बनी यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर

    “वैश्विक मंच पर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी की दमदार उपस्थिति” जयपुर। यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 7वें वर्ल्ड SME डे के अवसर पर होटल द ग्रैंड, वसंत कुंज, नई दिल्ली में आयोजित ग्लोबल बिजनेस कन्वर्जेंस समिट-2026 में एजुकेशन पार्टनर के रूप में अपनी प्रभावशाली भागीदारी दर्ज कराई। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन वर्ल्ड एसोसिएशन फॉर स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (WASME) द्वारा संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के सहयोगी दर्जे के तहत किया गया। "संपर्क, सहयोग और समृद्धि — राष्ट्रों, उद्योगों एवं अवसरों के बीच मजबूत साझेदारी का निर्माण।" थीम पर आयोजित इस सम्मेलन में 40 से अधिक देशों के राजदूतों, राजनयिकों, उद्योगपतियों, नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों एवं वैश्विक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य शिक्षा, उद्योग और वैश्विक सहयोग के माध्यम से नवाचार, कौशल विकास और आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देना था। यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर ने इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत साझेदारी को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सम्मेलन के दौरान विश्वविद्यालय को विभिन्न देशों के शैक्षणिक संस्थानों एवं औद्योगिक संगठनों के साथ स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने, स्टूडेंट एवं फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम, संयुक्त शोध (Joint Research), अंतरराष्ट्रीय छात्रवृत्ति (Scholarship Opportunities), अकादमिक सहयोग तथा वैश्विक शिक्षा साझेदारी जैसे विषयों पर विचार-विमर्श एवं सहयोग की संभावनाओं का अवसर प्राप्त हुआ।सम्मेलन के दौरान यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर के लिए एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई। प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर विश्वविद्यालय को प्रतिष्ठित "Excellence in Education Award" के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार, वैश्विक सहयोग तथा विद्यार्थी-केंद्रित शैक्षणिक दृष्टिकोण की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती पहचान का प्रमाण है। प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने कहा कि "यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय अवसरों से जोड़ना है। इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय मंच हमारे छात्रों और शिक्षकों के लिए वैश्विक शिक्षा, अनुसंधान एवं कौशल विकास के नए द्वार खोलते हैं। आने वाले समय में विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ और अधिक सहयोग स्थापित करने की दिशा में कार्य करेगा।" कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि जैन ने कहा कि "वैश्विक सम्मेलन में एजुकेशन पार्टनर के रूप में सहभागिता विश्वविद्यालय की गुणवत्ता एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान का प्रमाण है। यह मंच विद्यार्थियों और शोधार्थियों को वैश्विक स्तर पर सीखने, अनुसंधान करने तथा नवाचार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।" प्रो-वाइस चांसलर डॉ. अंकित गांधी ने कहा कि "राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप उद्योग-अकादमिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता समय की आवश्यकता है। ऐसे वैश्विक सम्मेलनों से विद्यार्थियों को रोजगार, उद्यमिता, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में नई संभावनाएं प्राप्त होती हैं तथा विश्वविद्यालय की वैश्विक पहुंच और मजबूत होती है।" विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि को संस्थान की अंतरराष्ट्रीय सोच, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उद्योग-उन्मुख दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर वैश्विक शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करती रहेगी।  

    सात दिवसीय कार्यशाला का हुआ समापन

    कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर के टीचिंग-लर्निंग सेंटर द्वारा अशैक्षणिक कर्मचारियों के लिए दिनांक 24 जून 2026 से सात दिवसीय (24 जून से 30 जून, 2026) ‘‘आत्मविश्वास और कार्यकुशलता“ विषय पर आधारित विशेष प्रशिक्षण शिविर का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों के प्रशासनिक, तकनीकी, संचार एवं व्यावसायिक कौशल का विकास करना, उनमें आत्मविश्वास का निर्माण करना तथा कार्यस्थल पर उनकी दक्षता एवं कार्यकुशलता को बढ़ाना था। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित प्रशासनिक उपकरणों के उपयोग, साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल फ्रॉड से बचाव, प्रभावी संचार कौशल, व्यक्तित्व विकास, अंग्रेजी भाषा कौशल, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं प्रोफेशनल ग्रूमिंग, कार्यस्थल की नैतिकता तथा क्षमता निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्यावहारिक एवं संवादात्मक सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया। इस अवसर पर दीपा चैहान, डॉ. प्रीति शर्मा, ऋषिता शर्मा, डॉ. रीमा श्रीवास्तव, डॉ. मोहिता चतुर्वेदी शर्मा, डॉ. टीना सिंह, डॉ. रचना गोस्वामी एवं डॉ. ऋचा चतुर्वेदी ने विभिन्न विषयों पर अपने अनुभव एवं विशेषज्ञता साझा करते हुए प्रतिभागियों को व्यवहारिक ज्ञान प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न असाइनमेंट्स एवं अभ्यास गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर भी दिया गया। कार्यशाला के समापन अवसर पर वक्ताओं ने प्रतिभागियों से प्राप्त ज्ञान एवं कौशल को अपने दैनिक कार्यों में अपनाने का आह्वान किया। प्रतिभागियों ने सभी सत्रो में सक्रिय सहभागिता करते हुए कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया। यह प्रशिक्षण कार्यशाला प्रतिभागियों के आत्मविश्वास, कार्यस्थल की नैतिकता, संचार दक्षता, तकनीकी समझ तथा व्यावसायिक क्षमता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई, जो संस्थान की कार्यसंस्कृति एवं सेवा गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगी। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने कर्मचारियों को संबोधित कर इस प्रकार के प्रशिक्षण में भाग लेने के लिये प्रोत्साहित किया तथा आगे भी इस तरह की गतिविधियों के आयोजन करने का आश्वासन दिया। महाविद्यालय निदेशक डॉ. रश्मि चतुर्वेदी द्वारा कर्मचारियों का उत्साहवर्द्धन किया गया और समापन सत्र में कर्मचारियों को प्रमाण-पत्र दिए गए। कार्यशाला में 50 अशैक्षणिक कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।  

    'बेस्ट मल्टी-स्ट्रीम यूनिवर्सिटी इन नॉर्थ इंडिया' अवार्ड से सम्मानित

    “राष्ट्रीय स्तर पर चमका यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर का गौरव” जयपुर। यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम करते हुए नेशनल एक्सीलेंस अवॉर्ड्स-2026 में "बेस्ट मल्टी-स्ट्रीम यूनिवर्सिटी इन नॉर्थ इंडिया" का प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त किया है। यह सम्मान विश्वविद्यालय को शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं विद्यार्थी-केंद्रित उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदान किया गया। यह सम्मान हयात सेंट्रिक, जनकपुरी, नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि 1983 विश्व कप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य श्री मदन लाल रहे। कार्यक्रम का आयोजन काइट्सक्राफ्ट प्रोडक्शंस एलएलपी द्वारा किया गया। प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने कहा कि यह सम्मान विश्वविद्यालय की गुणवत्ता, उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था की राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को कौशल, नैतिक मूल्यों और नेतृत्व क्षमता से सशक्त बनाकर उन्हें सफल एवं जिम्मेदार नागरिक बनाना विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि जैन ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और उद्योगोन्मुखी शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर सक्षम बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। यह सम्मान भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देगा। विश्वविद्यालय परिवार ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस सफलता का श्रेय समस्त संकाय सदस्यों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं सहयोगियों को देते हुए भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने का संकल्प दोहराया।  

    खंडेलवाल समाज के भव्य परिचय सम्मेलन का शानदार समापन

    खंडेलवाल समाज के भव्य परिचय सम्मेलन मे कुल 300 प्रत्याशियों का परिचय व लगभग 70-75 संबंधों की सार्थक चर्चा अन्तिम दौर में है। इंदौर28 जून। अ. भा.खंडेलवाल वैश्य महासभा के तत्वावधान में अखिल भारतीय खंडेलवाल युवक युवती परिचय सम्मेलन के दूसरे दिन करीब 125 और प्रत्याशियों ने कुल 300 ने परिचय दिया जिनमें से करीब 70से 75 संबंधों पर सार्थक चर्चा अंतिम दौर में है। यह जानकारी देते हुए संस्था के दिनेश कूलवाल, कैलाश चन्द्र खंडेलवाल, सुनील माली,संगीता खंडेलवाल शुभांगी भूखमारिया, ने बताया कि आज प्रातः मुख्य अतिथि महासभा अध्यक्ष रमेश चन्द्र जी गुप्ता (तुंगा वाला) व विशिष्ट अतिथि महासभा मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष संजीव कट्टा द्वारा संत सुंदर दास,संत बलरामदास कल्याण महाराज व माता सरस्वती के चित्रों पर दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण से कार्यक्रम शुभारंभ हुआ। आज रविवार होने से आयोजन स्थल पर जबरदस्त भीड़ हुई। आज गजब का उत्साह था। सभी अतिथियों का स्वागत किया दिनेश कूलवाल रमेश गुप्ता, कैलाश खंडेलवाल,मनोज खंडेलवाल, संगीता कूलवाल शुभांगी भूखमरिया सुनीता राजोरिया,उषा कूलवाल आदि ने । अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वेश्य महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी प्रोफेसर रमेश कुमार रावत ने बताया की आज महासभा अध्यक्ष रमेश चन्द् गुप्ता (तुंगा वाला) ने मनीष शाहरा को महासभा का आजीवन मुख्य संरक्षक मनोनीत करने की घोषणा का पूरे सदन ने करतल ध्वनि से स्वागत किया। आज खंडेलवाल सेवक के मुख्य संपादक हुकमीचंद पितलिया अमरावती, खंडेलवाल वैश्य पत्रिका के संपादक अशोक खंडेलवाल उज्जैन, हरीश विजयवर्गीय,रमेश टोडवाल, श्रीमती राखी विजयवर्गीय नरेंद्र टोडवाल खंडेलवाल परिषद के अध्यक्ष लक्ष्मण कानूनगों, धर्मेंद्र बड़गोती,अतुल भूखमारिया, आदि का भी स्वागत किया गया।आज युवक युवती प्रत्याशियों का अलग से विशेष परिचय सत्र आयोजित किया गया जिसे सभी ने बहुत सराहा जो निश्चित ही परिणाम मूलक सिद्ध होगा। सभी कार्यक्रम सहयोगियों का व समिति सदस्यों का स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय सम्मान किया गया ।आज प्रभावी संचालन किया सी, ए,सुनील खंडेलवाल प्रियंका खंडेलवाल, अनिल लोहिया जयपुर, अजय प्रकाश सौंखिया मुंबई, शीतल गुप्ता ने। तथा आभार माना सुनील माली ने। जानकारी दी कैलाश चन्द्र खंडेलवाल ने।  

    जयपुर की प्रधानाचार्य कुमुद शर्मा को लगातार चौथी बार तथा शिक्षक नेता विपिन प्रकाश शर्मा राज्यस्तरीय भामाशाह प्रेरक सम्मान से सम्मानित

    जयपुर के महात्मा गांधी अंग्रेजी विद्यालय , गांधीनगर की प्रधानाचार्य कुमुद शर्मा को लगातार चौथी बार राज्य स्तरीय भामाशाह प्रेरक सम्मान मिला। उन्होंने अभी तक लगभग 3 करोड़ के कार्य के लिए भामाशाहों को प्रेरित किया है। शिक्षक नेता विपिन प्रकाश शर्मा को शिक्षा विभाग द्वारा राज्यस्तरीय समारोह में उपमुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री द्वारा भामाशाह प्ररेक सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्होंने करीब 58 लाख के कार्य भामाशाहों को प्रेरित कर करवायें। शिक्षा विभाग का राज्यस्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह कार्यक्रम बिरला सभागार जयपुर में आयोजित किया गया जिसमें उपमुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री तथा विभाग के सभी अधिकारी मौजूद रहें।  

    जयपुर की प्रधानाचार्य कुमुद शर्मा को लगातार चौथी बार तथा शिक्षक नेता विपिन प्रकाश शर्मा को कल मुख्यमंत्री करेंगे

    राज्यस्तरीय भामाशाह प्रेरक सम्मान से सम्मानित जयपुर के महात्मा गांधी अंग्रेजी विद्यालय , गांधीनगर की प्रधानाचार्य कुमुद शर्मा को लगातार चौथी बार राज्य स्तरीय भामाशाह प्रेरक सम्मान मिलेगा। उन्होंने अभी तक लगभग 3 करोड़ के कार्य के लिए भामाशाह को प्रेरित किया है। शिक्षक नेता विपिन प्रकाश शर्मा को शिक्षा विभाग द्वारा कल राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री द्वारा भामाशाह प्ररेक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा विभाग का राज्यस्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह कार्यक्रम कल बिरला सभागार जयपुर में आयोजित किया जाएगा जिसमें मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री तथा विभाग के सभी अधिकारी मौजूद रहेंगे।  

    पंचायत एवं नगर निकाय चुनाव टालने के विरोध में कांग्रेस का प्रदेशव्यापी सत्याग्रह प्रारंभ

    टोंक से आंदोलन का आगाज़, 20 अगस्त को जयपुर में लोकतंत्र बचाओ महाप्रदर्शन होगा – डॉ. सी.बी. यादव जयपुर। राजस्थान में पंचायत एवं नगर निकाय चुनाव समय पर नहीं कराए जाने तथा चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों के विरोध में कांग्रेस के विभाग राजीव गांधी पंचायत राज संगठन ने आज प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सी.बी. यादव के नेतृत्व में टोंक से प्रदेशव्यापी “लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह” अभियान की शुरुआत की। गांधी पार्क (घंटाघर) में आयोजित सत्याग्रह में टोंक सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, पंच-सरपंचों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सत्याग्रह को संबोधित करते हुए डॉ. सी.बी. यादव ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 243E एवं 243U के अनुसार पंचायत एवं नगर निकायों के चुनाव समय पर कराना राज्य निर्वाचन आयोग का संवैधानिक दायित्व है। चुनावों में लगातार हो रही देरी लोकतांत्रिक व्यवस्था, स्थानीय स्वशासन तथा संविधान की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा केवल राजनीतिक दलों की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने घोषणा की कि आज से राजीव गांधी पंचायत राज संगठन प्रदेश के प्रत्येक जिले में लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह, जनचौपाल, संविधान संवाद, हस्ताक्षर अभियान एवं पदयात्राएँ आयोजित करेगा। आंदोलन के अगले चरण में 20 अगस्त, भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती पर जयपुर में विशाल लोकतंत्र बचाओ महाप्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसके बाद भी यदि पंचायत एवं नगर निकाय चुनाव घोषित नहीं किए गए तो पूरे राजस्थान में व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा। टोंक में आयोजित इस सत्याग्रह का स्थानीय नेतृत्व जिला अध्यक्ष नरेश मीणा ने किया। कार्यक्रम में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष रामविलास चौधरी, संगठन के राष्ट्रीय प्रशिक्षक विकास बुडानिया, संभाग प्रभारी नितेश सोनी ,सत्यनारायण सैनी सहित प्रदेश एवं जिला पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सत्याग्रह के समापन पर लोकतंत्र, संविधान एवं पंचायती राज संस्थाओं की स्वायत्तता की रक्षा के लिए गांव-गांव जनजागरण अभियान चलाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।  

    276 से अधिक भामाशाहों, प्रेरकों एवं एनआरआई दानदाताओं का हुआ सम्मान, सम्पत्ति का सबसे बड़ा सौन्दर्य है उसका समाज के लिए समर्पणः उप मुख्यमंत्री

    - 30वां राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह 2026 - 276 से अधिक भामाशाहों, प्रेरकों एवं एनआरआई दानदाताओं का हुआ सम्मान - भामाशाह प्रशस्ति पुस्तिका का हुआ विमोचन जयपुर। शिक्षा के क्षेत्र में जनसहभागिता और सामाजिक योगदान को सम्मानित करने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 30वें राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह 2026 का आयोजन सोमवार को जयपुर स्थित बिड़ला ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम में 276 से अधिक भामाशाहों, प्रेरकों एवं एनआरआई दानदाताओं को शिक्षा विभूषण, शिक्षा भूषण, प्रेरक सम्मान से सम्मानित किया गया। इन भामाशाहों से वित्त वर्ष 2025-26 में 318 करोड़ रुपए का सहयोग प्राप्त हुआ है। इस मौके पर भामाशाह प्रशस्ति पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। समारोह में उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि भामाशाह सम्मान समारोह के दिन केवल सम्मान का दिन नहीं है बल्कि आत्मा के उत्सव का दिन है, संस्कृति का उत्सव है। उन्होंने कहा कि सम्पत्ति का सबसे बड़ा सौन्दर्य है उसका समाज के लिए समर्पण। राजस्थान वीरों के साथ ही दानवीरों की धरती भी है। यहां तलवार के साथ ही त्याग भी देखने को मिलता है। मंच के समक्ष बैठे सभी व्यक्ति भामाशाह की परम्परा के प्रतिनिधि है। धन कमाना योग्यता हो सकती है, लेकिन धन का समाज के लिए उपयोग महानता का प्रतीक है। अब राजस्थान की पहचान केवल किलों से नहीं बल्कि हमारे विद्यालयों से, हमारी बालिकाओं की प्रगति से होगी। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अपने संबोधन में कहा कि मेवाड़ की शौर्य गाथा महाराणा प्रताप और भामाशाह के बिना अधूरी है। उन्होंने भामाशाह पूनम चंद राठी का नाम लेकर धन्यवाद ज्ञापित किया, जिनकी सहायता से बीकानेर के जयमलसर में राजकीय बालिका सैन्य विद्यालय बन रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय अब और सुरक्षित व तकनीकी रूप से समक्ष बन रहे हैं। अब श्यामपट्ट की जगह विद्यालयों में स्मार्ट बोर्ड आ गए हैं। भामाशाहों को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए एक विशेष सेल गठित की जा रही है, जो पूरी तरह पारदर्शी तरीके से कार्य करेगी। विद्यालय की प्रबंधन समिति में भामाशाहों के दो प्रतिनिधि भी होंगे। ऐसे कई प्रयास है जो विभाग की ओर से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं भामाशाहों को विश्वास दिलाता हूं कि उनके द्वारा प्रदान किए गए धन को पूरा सदुपयोग शिक्षा के विकास के लिए ही होगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने महाराणा प्रताप व भामाशाह के त्याग को याद करते हुए प्रदेश में शिक्षा की उन्नति के लिए आगे आने वाले भामाशाहों को धन्यवाद दिया। उन्होंने विभाग के प्रयासों के बारे में जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने मुख्यमंत्री विद्यादान कोष व ज्ञान संकल्प पोर्टल का जिक्र करते हुए बताया कि विभाग की ओर से भामाशाहों के लिए पूरी प्रक्रिया सरल व पारदर्शी बनाई गई है। राजस्थान के उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, शिक्षामंत्री मदन दिलावर, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव, मिड डे मील आयुक्त विश्वमोहन शर्मा, राज्य परियोजना निदेशक एवं समग्र शिक्षा राजस्थान आयुक्त डॉ.रश्मि शर्मा, माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट एवं निदेशक राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल राजस्थान महेंद्र सिंह खींची, सम्मानित होने वाले भामाशाह, विशिष्ठ भामाशाह, प्रेरक, समस्त विभागीय उपायुक्त एवं स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी/कार्मिक उपस्थित रहे। दानदाताओं को मिला सम्मान समारोह में राजकीय विद्यालय भवन निर्माण, अतिरिक्त निर्माण कार्य, निर्मित भवनों के विकास, भूमि उपलब्ध कराने तथा अन्य भौतिक संसाधनों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले 276 से अधिक भामाशाह, प्रेरक एवं एनआरआई दानदाताओं को सम्मानित किया जाएगा। 154 भामाशाहों में से 49 भामाशाह को शिक्षा विभूषण व 105 भामाशाहों को  शिक्षा भूषण सम्मान से नवाजा गया। 99 प्रेरकों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में 23 एनआरआई दानदाता भी शामिल हैं।