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    नागरकोइल–मंगलूरु अमृत भारत एक्सप्रेस के लंबे यात्रा समय पर यात्रियों की आपत्ति, गोवा तक विस्तार की मांग

    9 hours ago

    नागरकोइल जंक्शन और मंगलूरु जंक्शन के बीच हाल ही में शुरू की गई अमृत भारत एक्सप्रेस सेवा का यात्रियों ने स्वागत तो किया है, लेकिन इसके लंबे यात्रा समय को लेकर गंभीर सवाल भी उठाए हैं। रेल यात्रियों और उपयोगकर्ता संगठनों का कहना है कि लगभग 700 किलोमीटर की दूरी तय करने में ट्रेन को 17 घंटे से अधिक का समय लगना इसके उद्देश्य और प्रीमियम सुविधाओं के अनुरूप नहीं है।

    यात्रियों के अनुसार, इस सेवा की औसत गति लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटा बैठती है, जो एक आधुनिक और विशेष श्रेणी की ट्रेन के लिए अपेक्षाकृत कम मानी जा रही है। उनका मानना है कि यदि समय-सारिणी और संचालन में सुधार किया जाए, तो यह सेवा कहीं अधिक उपयोगी और आकर्षक बन सकती है।

    रात की यात्रा के लिए असुविधाजनक समय-सारिणी

    कन्याकुमारी जिला रेलवे उपयोगकर्ता संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि साप्ताहिक अमृत भारत एक्सप्रेस की समय-सारिणी रात की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए सुविधाजनक नहीं है। ट्रेन का अधिकांश संचालन दिन के समय होता है, जिससे लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को अपेक्षित आराम नहीं मिल पाता।

    वर्तमान समय-सारिणी के अनुसार, ट्रेन नागरकोइल से पूर्वाह्न में प्रस्थान करती है और अगले दिन तड़के मंगलूरु पहुंचती है। इस दौरान कासरगोड और मंगलूरु के बीच का हिस्सा अपेक्षाकृत अधिक समय लेता है, जबकि सामान्य परिस्थितियों में यह दूरी कहीं कम समय में तय की जा सकती है। यात्रियों का कहना है कि इस खंड में अनावश्यक ठहराव और ढीली समय-सारिणी के कारण कुल यात्रा समय बढ़ जाता है।

    कम ठहराव, फिर भी धीमी गति

    यात्रियों ने यह भी इंगित किया कि अमृत भारत एक्सप्रेस में ठहराव की संख्या अपेक्षाकृत कम है, फिर भी इसकी गति कुछ अन्य नियमित एक्सप्रेस ट्रेनों से कम है, जिनमें कहीं अधिक स्टेशन स्टॉप होते हैं। इससे यह सवाल उठ रहा है कि ट्रेन की योजना बनाते समय यात्रियों की वास्तविक जरूरतों और मौजूदा रेल नेटवर्क की क्षमता का समुचित आकलन किया गया या नहीं।

    सेवा विस्तार की मांग

    रेल यात्रियों और सामाजिक संगठनों ने रेलवे मंत्रालय से इस ट्रेन के मार्ग विस्तार की भी मांग की है। यात्रियों का सुझाव है कि दक्षिण में इसे कन्याकुमारी तक और उत्तर में इसे गोवा के वास्को-दा-गामा या सुभ्रह्मण्य रोड तक बढ़ाया जाना चाहिए। इससे न केवल अधिक क्षेत्रों को सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, बल्कि पर्यटन, तीर्थ यात्रा और क्षेत्रीय आवागमन को भी बढ़ावा मिलेगा।

    कुछ यात्रियों का मानना है कि यदि ट्रेन कन्याकुमारी से शुरू होकर गोवा तक चले, तो यह देश के दक्षिण-पश्चिमी तटीय क्षेत्रों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण सेवा बन सकती है। इससे केरल, कर्नाटक और गोवा के बीच यात्रा करने वाले लोगों को एक बेहतर विकल्प मिलेगा।

    प्रीमियम सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं

    यात्री संगठनों का कहना है कि लंबे यात्रा समय के कारण अमृत भारत एक्सप्रेस में उपलब्ध विशेष सुविधाओं का पूरा लाभ यात्रियों को नहीं मिल पा रहा है। खासतौर पर दिन के समय चलने वाली स्लीपर कोच वाली सेवा को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, क्योंकि ऐसे कोच आमतौर पर रात की यात्रा के लिए अधिक उपयुक्त माने जाते हैं।

    उनका तर्क है कि यदि ट्रेन की समय-सारिणी को कसकर बनाया जाए और कुछ खंडों में गति बढ़ाई जाए, तो यह सेवा रेलवे और यात्रियों दोनों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है।

    तीर्थ और पर्यटन को जोड़ने का अवसर

    मंगलूरु और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े यात्रियों ने सुझाव दिया है कि इस सेवा को सुभ्रह्मण्य रोड तक बढ़ाकर प्रसिद्ध तीर्थ स्थल कुक्के सुभ्रह्मण्य को दक्षिण के प्रमुख शहरों से जोड़ा जा सकता है। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा पहुंचेगा।

    रेलवे से अपेक्षाएं

    यात्रियों की मांग है कि रेलवे प्रशासन इस सेवा की समय-सारिणी और मार्ग की पुनः समीक्षा करे। उनका कहना है कि यदि यात्रियों की प्रतिक्रिया और जरूरतों को ध्यान में रखकर बदलाव किए जाएं, तो अमृत भारत एक्सप्रेस वास्तव में “आम आदमी की प्रीमियम ट्रेन” के अपने उद्देश्य को पूरा कर सकती है।

    फिलहाल, यात्रियों को उम्मीद है कि रेलवे मंत्रालय उनकी चिंताओं पर विचार करेगा और आने वाले समय में इस सेवा को अधिक तेज, सुविधाजनक और व्यापक बनाए जाने की दिशा में कदम उठाएगा।

     
     
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