Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    एनवीडिया ने तेज़ और कम लागत वाले मौसम पूर्वानुमान के लिए नए AI मॉडल पेश किए

    1 day ago

    दुनिया की प्रमुख चिप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक कंपनियों में शामिल एनवीडिया ने मौसम पूर्वानुमान को अधिक तेज़, सटीक और किफायती बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। कंपनी ने मौसम की भविष्यवाणी के लिए तीन नए ओपन-सोर्स AI मॉडल पेश किए हैं, जिनका उद्देश्य पारंपरिक और महंगे मौसम सिमुलेशन सिस्टम की जगह AI आधारित समाधान को आगे बढ़ाना है।

    एनवीडिया ने इन मॉडलों की घोषणा अमेरिका के ह्यूस्टन शहर में आयोजित अमेरिकन मेटियोरोलॉजिकल सोसाइटी की वार्षिक बैठक के दौरान की। कंपनी का कहना है कि ये नए AI मॉडल पारंपरिक तरीकों की तुलना में कहीं अधिक तेजी से परिणाम दे सकते हैं और उनकी सटीकता भी मौजूदा प्रणालियों के बराबर या उससे बेहतर हो सकती है।

    पारंपरिक मॉडल की जगह AI आधारित समाधान

    अब तक मौसम पूर्वानुमान के लिए बड़े पैमाने पर जटिल कंप्यूटर सिमुलेशन का इस्तेमाल किया जाता रहा है। ये सिमुलेशन न केवल समय लेने वाले होते हैं, बल्कि इन्हें चलाने में भारी लागत भी आती है। एनवीडिया का दावा है कि AI आधारित मॉडल, एक बार प्रशिक्षित हो जाने के बाद, इन चुनौतियों को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

    कंपनी के अनुसार, नए AI मॉडल पारंपरिक प्रणालियों की तुलना में कई गुना तेज़ हैं और इन्हें चलाने के लिए कम संसाधनों की आवश्यकता होती है। इससे न केवल मौसम विभागों को लाभ होगा, बल्कि उन उद्योगों को भी फायदा पहुंचेगा जो मौसम से जुड़ी सटीक जानकारी पर निर्भर करते हैं।

    बीमा उद्योग के लिए अहम उपयोग

    एनवीडिया के क्लाइमेट सिमुलेशन रिसर्च निदेशक माइक प्रिचार्ड के अनुसार, इन AI आधारित मौसम मॉडलों का एक प्रमुख व्यावसायिक उपयोग बीमा क्षेत्र में हो सकता है। बीमा कंपनियां अक्सर अत्यधिक और दुर्लभ मौसम घटनाओं, जैसे बड़े पैमाने पर बाढ़, तूफान या चक्रवात, के जोखिम का आकलन करना चाहती हैं।

    अब तक ऐसी घटनाओं की विस्तृत भविष्यवाणी करना मुश्किल और महंगा रहा है, क्योंकि मौसम पूर्वानुमान आमतौर पर “एंसेंबल” पद्धति पर आधारित होता है। इसमें एक ही स्थिति से कई संभावित परिदृश्यों की गणना की जाती है। संभावित असामान्य घटनाओं की पहचान के लिए बड़ी संख्या में परिदृश्यों का विश्लेषण जरूरी होता है, जो पारंपरिक सिस्टम में काफी समय लेता है।

    AI मॉडल के आने से यह प्रक्रिया कहीं अधिक सरल हो सकती है। प्रिचार्ड के अनुसार, AI मॉडल प्रशिक्षित होने के बाद पारंपरिक प्रणालियों की तुलना में हजार गुना तक तेज़ हो सकते हैं। इससे बीमा कंपनियों को बड़े पैमाने पर हजारों संभावित परिदृश्यों का विश्लेषण करने की स्वतंत्रता मिलेगी और जोखिम मूल्यांकन अधिक सटीक हो सकेगा।

    ‘अर्थ-2’ परियोजना के तहत नए मॉडल

    एनवीडिया ने इन मॉडलों को अपनी ‘अर्थ-2’ पहल के तहत पेश किया है। इनमें पहला मॉडल 15 दिनों तक के मौसम पूर्वानुमान तैयार करने में सक्षम है। दूसरा मॉडल विशेष रूप से अमेरिका में गंभीर तूफानों और अत्यधिक मौसम घटनाओं के लिए तैयार किया गया है, जो छह घंटे तक की अल्पकालिक भविष्यवाणी कर सकता है।

    तीसरा मॉडल विभिन्न मौसम सेंसर और डेटा स्रोतों से मिलने वाली सूचनाओं को एकीकृत करने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य अलग-अलग स्रोतों से आने वाले आंकड़ों को एक बेहतर और उपयोगी प्रारंभिक आधार में बदलना है, जिससे अन्य मौसम पूर्वानुमान तकनीकों को और अधिक सटीक बनाया जा सके।

    ओपन-सोर्स पर जोर

    एनवीडिया का कहना है कि इन AI मॉडलों को ओपन-सोर्स रखा गया है, ताकि शोधकर्ता, मौसम वैज्ञानिक और संस्थान इन्हें अपनी जरूरतों के अनुसार उपयोग और विकसित कर सकें। यह पहल कंपनी की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह AI आधारित सॉफ्टवेयर को विभिन्न क्षेत्रों — जैसे चैटबॉट, स्वचालित वाहन और अब मौसम विज्ञान — में सुलभ बनाना चाहती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ये AI मॉडल बड़े पैमाने पर अपनाए जाते हैं, तो मौसम पूर्वानुमान की दुनिया में बड़ा बदलाव आ सकता है। तेज़ और सटीक जानकारी से न केवल आपदा प्रबंधन बेहतर होगा, बल्कि कृषि, परिवहन, ऊर्जा और बीमा जैसे क्षेत्रों को भी समय पर निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

    एनवीडिया की यह पहल दिखाती है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल तकनीकी प्रयोगों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि वह रोजमर्रा की अहम जरूरतों, जैसे मौसम पूर्वानुमान, को भी नए सिरे से परिभाषित कर रही है।

     
     
    Click here to Read More
    Previous Article
    दिल्ली के कई इलाकों में रेड अलर्ट, बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की चेतावनी
    Next Article
    सोना-चांदी के दाम आज: डॉलर से निवेशकों की दूरी से सोने में तेजी जारी, चांदी 8% उछली

    Related विदेश Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment