Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    पार्टी मामलों में नितिन नबीन मेरे ‘बॉस’ हैं: प्रधानमंत्री मोदी

    1 hour ago

    भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि पार्टी से जुड़े मामलों में अब वही उनके लिए सर्वोच्च जिम्मेदारी निभाएंगे। पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी संगठनात्मक अनुशासन और सामूहिक नेतृत्व के संदेश के रूप में की।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नितिन नबीन अब पूरी पार्टी के अध्यक्ष हैं और उनकी भूमिका केवल संगठन के संचालन तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी सहयोगी दलों के बीच समन्वय स्थापित करने की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उनसे जुड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में हर कार्यकर्ता, चाहे वह किसी भी पद पर हो, अध्यक्ष के नेतृत्व में काम करता है।

    युवा नेतृत्व और बदलता भारत

    प्रधानमंत्री ने 45 वर्षीय नितिन नबीन को उस पीढ़ी का प्रतिनिधि बताया, जिसने भारत में तेजी से होते सामाजिक, तकनीकी और राजनीतिक बदलावों को नजदीक से देखा है। उन्होंने कहा कि यह वह दौर है, जिसमें लोगों ने बचपन में रेडियो से समाचार सुने और आज आधुनिक तकनीकों व डिजिटल साधनों से पूरी तरह परिचित हैं।

    प्रधानमंत्री ने नितिन नबीन को युवा ऊर्जा और अनुभव का संतुलित संयोजन बताते हुए कहा कि ऐसे नेतृत्व की जरूरत आज के समय में संगठन को आगे ले जाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने संकेत दिया कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य में संगठन को नई सोच और आधुनिक कार्यशैली के साथ आगे बढ़ना होगा।

    संगठनात्मक यात्रा का उल्लेख

    अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय जनता पार्टी की संगठनात्मक यात्रा को भी याद किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में शून्य से शिखर तक का सफर तय किया। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व काल को पार्टी के विस्तार और वैचारिक मजबूती का आधार बताया।

    प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इसके बाद के दौर में अन्य वरिष्ठ नेताओं ने संगठन को और सशक्त बनाया। उन्होंने अलग-अलग समय में पार्टी अध्यक्ष रहे नेताओं के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि हर नेतृत्व काल में संगठन ने नए आयाम जोड़े और जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पकड़ मजबूत की।

    ‘संगठन पर्व’ के बाद नई जिम्मेदारी

    नितिन नबीन का चुनाव उस संगठनात्मक प्रक्रिया के समापन पर हुआ, जिसमें बूथ स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पार्टी के विभिन्न पदों के लिए चुनाव आयोजित किए गए थे। इस प्रक्रिया को संगठन के भीतर लोकतांत्रिक अभ्यास के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें कार्यकर्ताओं की भागीदारी और नेतृत्व के चयन पर जोर दिया गया।

    पार्टी मुख्यालय में आयोजित समारोह में वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही। इस अवसर पर संगठनात्मक एकता और अनुशासन पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि आने वाले समय में पार्टी को संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ राजनीतिक चुनौतियों का भी सामना करना होगा।

    भविष्य की चुनौतियां और अपेक्षाएं

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में संकेत दिया कि नितिन नबीन के सामने संगठन को आगे बढ़ाने के साथ-साथ आगामी चुनावों और आंतरिक समन्वय जैसी कई जिम्मेदारियां होंगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य केवल चुनावी सफलता नहीं, बल्कि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाए रखना है।

    उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय राजनीति में बदलते समीकरणों के बीच सभी सहयोगी दलों के साथ तालमेल बनाए रखना एक अहम कार्य होगा। इस संदर्भ में नितिन नबीन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया।

    संगठन और कार्यकर्ताओं के लिए संदेश

    प्रधानमंत्री के वक्तव्य को पार्टी के भीतर अनुशासन और नेतृत्व के सम्मान के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि संगठन में पद का महत्व सामूहिक प्रयास और जिम्मेदारी से जुड़ा होता है, न कि व्यक्तिगत हैसियत से।

    कार्यक्रम के अंत में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नए अध्यक्ष को शुभकामनाएं दीं और संगठन को आगे ले जाने के लिए सहयोग का भरोसा जताया। नितिन नबीन के नेतृत्व में पार्टी किस दिशा में आगे बढ़ेगी, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।

     

    कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम न केवल नेतृत्व परिवर्तन का औपचारिक अवसर था, बल्कि संगठनात्मक एकता, अनुशासन और भविष्य की रणनीति को लेकर स्पष्ट संकेत देने वाला भी रहा।

    Click here to Read More
    Previous Article
    केरल की अर्थव्यवस्था ‘तेज़ और व्यापक विकास’ के चरण में प्रवेश कर चुकी है: राज्यपाल का नीति भाषण
    Next Article
    फ्रांसीसी वाइन और शैम्पेन पर 200% शुल्क लगाने की चेतावनी, ट्रंप ने ‘पीस बोर्ड’ को लेकर दिया बयान

    Related राजनीति Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment