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    3 डिग्री तापमान के साथ दिल्ली में तीन साल की सबसे ठंडी जनवरी की सुबह

    10 hours ago

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ने मंगलवार को इस सर्दी के मौसम की सबसे ठंडी सुबह का अनुभव किया, जब न्यूनतम तापमान गिरकर 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, यह बीते तीन वर्षों में जनवरी महीने का सबसे कम तापमान है, जिसने ठंड का असर और तेज कर दिया है। सुबह के समय सड़कों, खुले स्थानों और रिहायशी इलाकों में लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों और कंबलों का सहारा लेते नजर आए।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग चार डिग्री कम दर्ज किया गया। अन्य इलाकों में भी तापमान सामान्य से नीचे बना रहा, जिससे पूरे शहर में कड़ाके की ठंड महसूस की गई। पालम, लोधी रोड, आयानगर और रिज जैसे क्षेत्रों में भी तापमान सामान्य से कई डिग्री कम रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत में सक्रिय ठंडी हवाओं और साफ आसमान के कारण रात के समय तापमान में तेज गिरावट आई है। सर्द हवाओं के साथ कम आर्द्रता और धीमी हवा की गति ने ठंड के असर को और बढ़ा दिया है। विभाग के अनुसार, जब न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला जाता है, तब ठंड की स्थिति को गंभीर माना जाता है।

    दिन के समय अधिकतम तापमान लगभग 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, लेकिन सुबह और रात के समय ठंड का प्रकोप जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिन में भी ठंड का असर बना रह सकता है और लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

    ठंड के साथ-साथ राजधानी की वायु गुणवत्ता में भी गिरावट दर्ज की गई है। केंद्रीय निगरानी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया है। शहर के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ पाया गया, जिससे लोगों को सांस लेने में असहजता महसूस हो सकती है। विशेष रूप से पूर्वी दिल्ली के कुछ क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर अधिक दर्ज किया गया।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सर्दी के मौसम में कम हवा की गति और तापमान में गिरावट के कारण प्रदूषक कण वातावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं। इसके अलावा, वाहनों का धुआं, निर्माण गतिविधियों से उड़ने वाली धूल और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले प्रदूषक तत्व भी हवा की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे सुबह के समय खुले में व्यायाम करने से बचें और जरूरत पड़ने पर मास्क का उपयोग करें। बुजुर्गों, बच्चों और सांस से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। घर के अंदर रहने वालों को भी उचित वेंटिलेशन बनाए रखने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने को कहा गया है।

    प्रशासन की ओर से संबंधित एजेंसियों को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। यातायात प्रबंधन, सड़कों की सफाई और धूल नियंत्रण जैसे उपायों को तेज किया गया है ताकि प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित किया जा सके। साथ ही नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाएं।

    दिल्ली में हर वर्ष सर्दियों के दौरान ठंड और प्रदूषण की दोहरी चुनौती सामने आती है। विशेषज्ञों का कहना है कि तात्कालिक उपायों के साथ-साथ दीर्घकालिक समाधान अपनाना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसे हालात से बेहतर तरीके से निपटा जा सके।

     

    फिलहाल, राजधानी में ठंड का असर बना हुआ है और आने वाले दिनों में मौसम के रुख पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाहों का पालन करें और सतर्क रहें।

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