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    आईआईटी मंडी ने शिक्षा को आध्यात्मिकता और संस्कृति से जोड़ते हुए गीता जयंती मनाई

    1 month ago

    मंडी: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी ने अत्यंत उत्साह के साथ ‘गीतानुशीलनम् 2025’ का आयोजन कर गीता जयंती मनाई। इस कार्यक्रम का आयोजन ईक्श्माह सेंटर (इंडियन नॉलेज सिस्टम एंड मेंटल हेल्थ एप्लीकेशंस) द्वारा लर्न गीता लिव गीता, जो भगवद् गीता के वैज्ञानिक अध्ययन हेतु समर्पित एक ऑनलाइन मंच है, के सहयोग से किया गया।

    इस वर्ष, मंडी और आसपास के क्षेत्रों के 25 से अधिक स्कूलों एवं कॉलेजों के 5,000 से अधिक विद्यार्थियों ने एक माह तक चलने वाली भगवद् गीता -आधारित प्रतियोगिताओं में भाग लिया। आईआईटी मंडी के शिक्षकों और छात्रों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को गीता के विज्ञान और दर्शन से परिचित कराया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भगवद् गीता का सामूहिक कोरस पाठ था, जो कुरुक्षेत्र के पावन युद्धभूमि पर भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के मध्य हुए दिव्य संवाद को समर्पित था। सामूहिक मंत्रोच्चारण ने गहन श्रद्धा और आत्मचिंतन का वातावरण निर्मित किया, जिसने उपस्थित दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।

    आईआईटी मंडी के डायरेक्टर प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने सभी हिस्सा लेने वाले स्कूलों के टीचर्स, स्टूडेंट्स, परफॉर्मर्स और समर्पित वॉलंटियर्स का दिल से आभार व्यक्त किया, जिनके सामूहिक प्रयासों से यह कार्यक्रम सफल हुआ। उन्होंने भगवद गीता को "भारत की आत्मा - वह सार जो भारत को भारत बनाता है" बताया। सौम्या संबशिवन, डीआईजी (धर्मशाला रेंज), ने युवाओं में भावनात्मक विकास और नैतिक नेतृत्व निर्माण में गीता की भूमिका को रेखांकित किया। ललित कुमार अवस्थी, कुलपति, सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी, ने युवा विद्यार्थियों में आध्यात्मिक शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए आईआईटी मंडी के प्रयासों की सराहना की। 

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