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    अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा जोधपुर जिले में हुई संभाग स्तरीय जनसुनवाई

    2 months ago

    —हितधारकों के साथ प्रत्यक्ष संवाद - एमआईसी में हुए आयोजन में जनप्रतिनिधियों का उमड़ा सैलाब -ओबीसी जनगणना में एक भी परिवार छूटना नहीं चाहिए— आयोग अध्यक्ष मदन लाल भाटी - राजनैतिक प्रतिनिधित्व आयोग ने हितधारकों से सीधे संवाद कर मांगे सुझाव

    जयपुर। अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व) द्वारा जोधपुर संभाग मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई एवं परिचर्चा कार्यक्रम सोमवार को आयोग अध्यक्ष मदन लाल भाटी की अध्यक्षता में मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर, जोधपुर में आयोजित हुई।

    अध्यक्ष एवं सदस्यों द्वारा उपस्थित जनप्रतिनिधियों, हितधारकों और आमजन से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं व सुझावों को सुना गया। विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्रवार मुद्दे, विकास संबंधी आवश्यकताएँ, सामाजिक-आर्थिक चुनौतियाँ और ओबीसी समुदाय के कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु आयोग के समक्ष रखे।

    अध्यक्ष मदन लाल भाटी ने संबोधित करते हुए कहा कि आयोग द्वारा ओबीसी जनगणना के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप विकसित की जा रही है, जिसकी प्रारंभिक अवस्था में मास्टर ट्रेनर्स की प्रशिक्षण प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि यदि सर्वे टीम किसी क्षेत्र में जाती है, तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आमजन का यह दायित्व है कि ओबीसी समुदाय का एक भी परिवार सर्वेक्षण से वंचित न रह जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वे का डेटा अत्यंत सटीक, वैज्ञानिक और विश्वसनीय होना आवश्यक है, जिसमें सभी की सक्रिय भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

    उन्होंने कहा कि आयोग शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और राजनैतिक पिछड़ेपन के सभी बिंदुओं पर आधारित कर समयबद्ध रूप से प्रस्तुत करेगा, जिसके लिए सभी हितधारकों का सहयोग अनिवार्य है। अध्यक्ष ने सभी प्रतिनिधियों और आमजन से आग्रह किया कि वे अपने सुझाव लिखित रूप में आयोग को उपलब्ध करवा सकते है ताकि रिपोर्ट व्यापक और तथ्यात्मक आधार पर तैयार की जा सके।

    उन्होंने यह भी बताया कि ओबीसी सर्वे का फॉर्मेट शीघ्र ही सभी जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के साथ साझा किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जनगणना का यह सर्वे केवल सरकारी कर्मचारियों द्वारा ही उनकी एसएसओ आईडी के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

    जनसुनवाई में जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों, पंचायत समितियों तथा सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने आयोग के समक्ष अपने सुझाव प्रस्तुत किए। आयोग सदस्यों द्वारा इन सुझावों पर प्राथमिक टिप्पणियाँ दर्ज कर आगे की रिपोर्टिंग के लिए आवश्यक बिंदुओं को संकलित किया गया। ओबीसी समुदाय की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक संरचना पर विस्तृत चर्चा हुई तथा जनप्रतिनिधियों ने ओबीसी जनगणना को राज्य के हित में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

    इस व्यापक जनसुनवाई का उद्देश्य अन्य पिछड़ा वर्ग से जुड़े मुद्दों पर प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करना, सुझाव एकत्रित करना और आगामी जनगणना प्रक्रिया के लिए तथ्यात्मक आधार तैयार करना था। आयोग द्वारा प्राप्त सुझावों को आगामी रिपोर्ट में समाहित किया जाएगा ताकि राज्य में ओबीसी समुदाय के सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण के लिए ठोस नीति-निर्माण हो सके।

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