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    असफलता से डरें नहीं, यही नवाचार की नींव है राजस्थान विश्वविद्यालय में “स्मार्ट, स्वस्थ एवं सतत भारत के लिए नवोन्मेषी डिज़ाइन समाधान” पर राष्ट्रीय संगोष्ठी

    1 hour ago

    डिज़ाइन थिंकिंग और नवाचार के माध्यम से सामाजिक चुनौतियों के समाधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डिज़ाइन इनोवेशन सेंटर (DIC-RU) एवं सेंटर फॉर कन्वर्जिंग टेक्नोलॉजीज (CCT), राजस्थान विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय परिसर में “स्मार्ट, स्वस्थ एवं सतत भारत के लिए नवोन्मेषी डिज़ाइन समाधान” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का उद्देश्य अंतर्विषयक नवाचार को प्रोत्साहित करना तथा विद्यार्थियों और शोधार्थियों को समाजोपयोगी एवं टिकाऊ डिज़ाइन समाधान विकसित करने हेतु प्रेरित करना रहा।

    कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन डीआईसी–आरयू की समन्वयक प्रो. नीलिमा गुप्ता ने दिया। उन्होंने डिज़ाइन आधारित नवाचारों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि DIC-RU युवाओं को विचार से प्रोटोटाइप तक की यात्रा में निरंतर मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए माननीय कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा ने कहा कि वर्तमान समय में डिज़ाइन थिंकिंग, बहुविषयक शोध और सामाजिक आवश्यकताओं को जोड़कर ही वास्तविक नवाचार संभव है। उन्होंने संगोष्ठी के दौरान “Design for Sustainable, Smart and Healthy India थीम पर Innovation Idea Hackathon–2026 का औपचारिक शुभारंभ कर विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों से Hackathon में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।

    मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. मनीष अरोड़ा, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, डिज़ाइन इनोवेशन सेंटर, Banaras Hindu University ने अपने प्रेरक व्याख्यान में युवा अन्वेषकों का आह्वान करते हुए कहा कि अपने सपनों को साकार करने की यात्रा में असफलता से भयभीत नहीं होना चाहिए, यही नवाचार की वास्तविक नींव है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सतत विकास के लिए जिम्मेदारी के साथ डिज़ाइन करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर डिज़ाइन इनोवेशन सेंटर्स की भूमिका, स्टार्ट-अप संस्कृति, प्रोटोटाइप विकास तथा उद्यमिता के अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार नवाचारी विचार समाज और पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। उनके बहुविषयक दृष्टिकोण और वैश्विक अनुभव से प्रतिभागी अत्यंत प्रेरित हुए।

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। अंत में ओपन हाउस एवं इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रीति मिश्रा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मनीषा गुप्ता द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर CCT की अतिरिक्त निदेशक प्रो. नूपुर माथुर एवं प्रो. रेशमा बूलचंदानी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का समापन युवाओं से जिम्मेदार डिज़ाइन और नवाचार के माध्यम से स्मार्ट, स्वस्थ और सतत भारत के निर्माण का आह्वान करते हुए किया गया।

     

     

     

     

     

     

     

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