राजस्थान गीता महोत्सव की पूर्णाहुति...
गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज की प्रेरणा से "हर घर गीता हर दिन ध्यान ही लक्ष्य है" - आचार्य योगी मनीष
विश्व ध्यान दिवस के उपलक्ष में होटल मेरियट में चिकित्सकों ने किया गीतामय ध्यान
राजस्थान गीता महोत्सव बना जन आंदोलन, हजारों युवाओं और मातृशक्ति की रही विशेष भागीदारी
जयपुर
अमेरिका, श्रीलंका, कनाडा, अफ्रीका सहित देश विदेश में गीता महोत्सव का शुभारंभ करने वाले अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संत पूज्य स्वामी ज्ञानानंद महाराज (कुरुक्षेत्र) एवं उनके द्वारा स्थापित जीओ गीता संस्थान की प्रेरणा से सर्वमंगलाय सनातन फाउंडेशन द्वारा आयोजित 21 दिवसीय राजस्थान गीता महोत्सव 2025 अपने अंतिम तीन दिवसो में एक जन आंदोलन के रूप में नजर आया। पूर्णाहुति स्वरूप जयपुर के विभिन्न मंदिरों, गौशालाओ एवं पांच सितारा होटलो सहित कुल छह स्थानों पर संपन्न नौ दिव्य आयोजन श्रीमद् भगवत गीता की आध्यात्मिक ऊर्जा से उत्पन्न अनुभव एवं अनुभूति के उच्च शिखर पर संपन्न हुवे। महोत्सव सूर्यवंशम ध्यान योग केंद्र, संस्कृति युवा संस्थान, डब्ल्यू एच डब्ल्यू एफ, ब्रह्मा कुमारीज, इंडियन योगा एसोसिएशन, युनिराज एल्यूमिनी फेडरेशन, वे अप मीडिया, पुण्य सेतु ऐप, योगा पीस संस्थान, पूनम फाउंडेशन, कमलाबाई ट्रस्ट एवं निवाला प्रकल्प आदि संगठनों की सहभागिता के साथ संपन्न हुआ।
आगामी गीता महोत्सव की तैयारी भी प्रारंभ - आचार्य योगी मनीष
महोत्सव के मुख्य संरक्षक गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज (कुरुक्षेत्र) के कृपा पात्र दीक्षित शिष्य एवं महोत्सव के मुख्य संयोजक आचार्य मनीष सूर्यवंशी ने महोत्सव की पूर्णाहुति के अवसर पर कहा कि “परम पूज्य गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज की प्रेरणा से आयोजित यह महोत्सव श्रीमद् भगवत गीता राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित हो, गौ माता राष्ट्र माता घोषित हो एवं भारत हिंदू राष्ट्र घोषित हो के संकल्पों, प्रार्थनाओं के साथआहुतिया समर्पित करते हुए संपन्न हुआ। यह राजस्थान के लिए एक ऐतिहासिक पहल है, जिसका उद्देश्य योगेश्वर श्री कृष्ण द्वारा गाए गीत श्रीमद् भगवत गीता जी के संदेशों एवं योग सूत्रों को सिर्फ मंच प्रवचन तक सीमित न रखते हुवे व्यावहारिक रूप से हर "घर गीता पहुंचाना एवं हर दिन ध्यान करवाना है"। उन्होंने बताया की महोत्सव के अंतिम तीन दिनों में जयपुर के श्री गोविंद देव जी मंदिर, श्री बृज निधि मंदिर, दुर्गापुरा गौशाला, पांच सितारा होटल मेरठ एवं क्लार्क आमेर में संपन्न हुए विभिन्न कार्यक्रमों में अनेक स्कूलों, कॉलेजो, योग केंद्रों के हजारों विद्यार्थीयो, साधकों, युवाओं और मातृशक्ति की उत्साहपूर्ण भागीदारी से उत्साहित आयोजन समिति के आगामी वर्ष 2026 में भी इसे और अधिक आध्यात्मिक दिव्यता से आयोजित करने की घोषणा के सात तैयारी भी प्रारंभ कर दी है।
अंतिम तीन दिवसो में विभिन्न स्थानों राजस्थान में पहली बार हुए विभिन्न नवाचार
कृष्ण कन्हैया लाल के जयकारों एवं श्रीमद् भगवत गीता के श्लोको की गूंज के बीच बीते तीन दिनों में जयपुर के विभिन्न मंदिरों, गौशालाओ एवं पांच सितारा होटलो सहित कुल छह स्थानों पर संपन्न विभिन्न छह दिव्य आयोजन संपन्न हुए :
पहला नवाचार : गीता पोथी कलश यात्रा
स्थान : श्री गोविंद देव जी मंदिर
राजस्थान में पहली बार 108।गीता पोथीयो एवं 108 मंगल कलशों के साथ यात्रा निकली गई, श्री गोविंद देव जी मंदिर में श्रृंगार आरती के साथ महंत मानस गोस्वामी जी द्वारा श्रीमद् भागवत गीता की 108 पोथियों एवं मंगल कलशो का विधि विधान से मुख्य सलाहकार जसवीर सिंह (पूर्व अध्यक्ष अल्पसंख्यक आयोग राजस्थान सरकार) मुख्य संयोजक आचार्य श्री मनीष सूर्यवंशी एवं कथावाचक गोपाल शरण महाराज के हस्त कमलो से विशेष पूजन करवाने के साथ आयोजन समिति के पुरुष भाई मदन मोहन पालीवाल, राहुल भोजक, सांवरमल जांगिड़, गीता पोथी एवं माताओं मुख्य सलाहकार शुभांगी विजयवर्गीय, यात्रा की संयोजिका अनुराधा महेश्वरी, सह संयोजिका अंजली सिंह एवं सरिता मित्तल के सर पर कलश रखवा के यात्रा का शुभारंभ कराया गया। जिसमें सैकड़ो धर्म प्रेमी नारी शक्ति लाल पीले एवं गुलाबी रंग की चुनरी ओढ़ बैंड बाजा के साथ नाचते गाते सम्मिलित हुई।
दूसरा नवाचार : 18 श्लोकी गीता पाठ
स्थान : बृज निधि मंदिर, जलेबी चौक
गीता पोथी कलश यात्रा बृज निधि मंदिर पहुंची जहां इसका भव्य स्वागत एडवोकेट किशोरी लाल इंदौरिया, योगाचार्य सुधा रमन, योगाचार्य सरोज शर्मा, पूर्व पार्षद रामावतार गुप्ता, सुनील कुमार शर्मा, राहुल भोजक, वंदना शर्मा, रजनी पांडे, संतोष पांडे, डॉक्टर सरोज द्वारा पुष्प वर्षा से किया गया। मंदिर में बृज निधि भगवान की राजभोग आरती के पश्चात गीता प्रचारक आचार्य मनीष सूर्यवंशी ने गीता मनीषी ज्ञाननंद महाराज द्वारा प्रसारित 18 श्लोकी गीता जी सभी को भेंट करते हुए गीता पाठ करवाते हुए श्रीमद्भगवद्गीता के कर्मयोग, भक्तियोग एवं जीवन प्रबंधन के व्यावहारिक पक्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कथावाचक गोपाल शरण महाराज कहा कि घर परिवार में प्रेम, समरसता सुख और शांति का आधार यही सूत्र है इस अवसर पर सैकड़ो माता बहनों ने इसका नियमित पाठन करने का संकल्प लिया।
*तीसरा नवाचार : गीतामय गायत्री हवन*
स्थान : *होटल क्लार्क आमेर*
गीता महोत्सव के तहत हुए नवाचारों की संख्या में तीसरा नवाचार संस्कृति युवा संस्थान के सहयोग से होटल क्लार्क आमेर में वर्ल्ड हेल्थ एंड वैलनेस फेयर के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित गीतामय गायत्री हवन में यजमान के रूप में सम्मिलित पंडित सुरेश मिश्रा (संस्थापक संस्कृति युवा संस्थान) पेरीवाल ग्रुप ऑफ़ एजूकेशन की संस्थापक जयश्री पेरीवाल, वर्ल्ड हेल्थ एंड वैलनेस गैर के डायरेक्टर मुकेश मिश्रा, योगाचार्य ढाकाराम (संस्थापक योग पीस संस्थान) आदि उपस्थित अतिथियों एवं जनसाधारण को गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज द्वारा दीक्षित एवं प्रशिक्षित वृंदावन से पधारे कथावाचक पंडित विष्णु शास्त्री जी, गीताप्रचार आचार्य योगी मनीष एवं गीता साधक पंडित राम राय शर्मा ने वैदिक विधि विधान से गीता के विभिन्न श्लोको के साथ विश्व शांति एवं कल्याण हितार्थ आहुतिया दिलवाई गई।
*चौथा नवाचार* :
*चिकित्सकों के लिए गीतामय ध्यान शिविर*
स्थान : *होटल मैरियट*
विश्व ध्यान दिवस को समर्पित रहा चौथा नवाचार, इसके तहत होटल मेरिट में "डॉक्टर्स सेमिनार विजन 2025" का शुभारंभ युवा चिकित्सको को गीता महोत्सव के मुख्य संयोजक गीता प्रचारक आचार्य मनीष ने हृदय चक्र पर राधा कृष्ण गीतामय ध्यान अभ्यास करवाया, सेमिनार की आयोजक वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. निखिल बंसल का धन्यवाद देते हुए उन्होंने इस अवसर पर कहा कि गीता ज्ञान भी है और विज्ञान भी इसके माध्यम से रोगियों की मनोचिकित्सा की विशेष परिणाम उद्घाटित हुए अतः देश के मेडिकल विश्वविद्यालय एवं चिकित्सा केंद्रों पर गीता ज्ञान विज्ञान आधारित ध्यान के सत्र आयोजित होना आज की महत्वपूर्ण आवश्यकता है, इस अवसर पर सम्मिलित चिकित्सकों ने नियमित श्रीमद् भागवत गीता के दो श्लोक का हिंदी अर्थ पढ़ने का संकल्प लिया। इस अवसर पर आयोजन समिति के राहुल भोजक एवं खनक भोजक भी विशेष रूप से सम्मिलित रहे।
*पांचवा नवाचार* :
*महर्षि सांदीपनि गुरु शिष्य कांक्लेव*
स्थान : *होटल क्लार्क आमेर*
पांचवा नवाचार भी संस्कृति युवा संस्थान के सहयोग से होटल क्लार्क आमेर में वर्ल्ड हेल्थ एंड वैलनेस फेयर में महर्षि सांदीपनि गुरु शिष्य कांक्लेव के रूप में आयोजित हुआ जिसका उद्देश्य गुरु शिष्य परंपरा के तहत गुरुओं के वंदन अभिनंदन एवं उनकी परंपराओं के प्रति विद्यार्थियों एवं युवाओं को जागरूक करना एवं उनके जीवन में आ रही चुनौती एवं समस्याओं का समाधान गीता के आधार पर संत महात्माओं द्वारा प्रदान किया जाना रहा । कॉन्क्लेव का शुभारंभ गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज एवं वृंदावन के प्रेमानंद जी महाराज के मिलन और भजन की वीडियो की आध्यात्मिक प्रस्तुति से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पंडित सुरेश मिश्रा ने इस अवसर पर गुरु सत्ता के प्रतिनिधि के रूप में पधारे गलतापीठाधीश्वर अनन्त श्री विभूषित स्वामी सम्पतकुमार अवधेशाचार्य महाराज, गीता मनीषी ज्ञानंद महाराज द्वारा दीक्षित वृंदावन से पधारे कथा वाचक गुरु कृपानंद महाराज, विष्णु कांत शास्त्री जी महाराज, युवाचार्य स्वामी राघवेन्द्र महाराज (श्री गलता पीठ) गुरु मां रजनी, फिरोजपुर पंजाब से पधारे मां बगलामुखी की शक्ति और भक्ति के प्रचारक पंडित यश शर्मा, ब्रह्माकुमारी सन्नो दीदी आदि संत आत्माओं एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित जसवीर सिंह जी (पूर्व अध्यक्ष अल्पसंख्यक आयोग) का पुष्पहार से स्वागत एवं अभिनंदन किया, इस अवसर पर ब्रह्मा कुमारीज एवं कमलाबाई चैरिटेबल ट्रस्ट के युवाओं एवं विद्यार्थियों की विशेष उपस्थिति देखने को मिली जिन्होंने अपने वर्तमान जीवन की चुनौती एवं समस्याओं के संबंध में प्रश्न किये जिनका समाधान देते हुए गलतापीठाधीश्वर अनन्त श्री विभूषित स्वामी सम्पतकुमार अवधेशाचार्य महाराज ने कहां की “श्रीमद्भगवद्गीता किसी विशेष संप्रदाय या उम्र के व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए जीवन का मार्गदर्शन है, कर्मयोग, सेवा और कर्तव्यबोध का जो संदेश गीता जी विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए देती है, वही आज के वर्तमान डिजिटल टेक्नोलॉजी के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।” वृंदावन से पधारे कथा वाचक गुरु कृपानंद महाराज ने कहा की वर्तमान में विद्यार्थियों और युवाओं से जुड़ी तमाम समस्याओं के समाधान गीता में विद्यमान है अतः उन्हें नियमित कुछ समय निकालकर गीता का अध्ययन करना चाहिए वृंदावन से पधारे कथावाचक विष्णु कांत शास्त्री महाराज ने कहा कि गीता ज्ञान के साथ विज्ञान भी है यह सिर्फ प्रवचन का विषय नहीं यह प्रैक्टिकल प्रयोग करके जीवन को सफल बनाने का आधार है अतः प्रश्न औरों से पूछने की जगह गीता पढ़े आपको समाधान मिल जाएगा, समारोह का संचालन महोत्सव के समन्वय संयोजक सांवरमल जांगिड़, अंजली सिंह एवं राहुल भोजक ने किया।
*छठा नवाचार* :
*गीता पारायण - एक दिन एक साथ संपूर्ण गीता पाठ हिंदी अर्थ सहित*
स्थान : दुर्गापुरा गौशाला
21 दिवसीय राजस्थान गीत महोत्सव के अंतिम दिवस पर "एक दिन एक साथ संपूर्ण गीता पाठ हिंदी अर्थ सहित" परायण पाठ गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज के शिष्य वृंदावन से पधारे गुरु कृपानंद महाराज ने गीता के श्लोको का धारा प्रवाह वाचन करवाते हुए महाराज की शिक्षाओं एवं जीओ गीता संस्थान के कार्यों एवं उद्देश्य की जानकारी देते हुए साधकों को कुरुक्षेत्र आमंत्रित किया सहयोगी के रूप में आचार्य मनीष एवं शुभांगी विजयवर्गीय ने अपने गुरु ज्ञानानंद जी महाराज द्वारा प्रसारित गीता के 700 श्लोको का हिंदी अर्थ लय ताल के साथ प्रस्तुत किया गीता पारायण का शुभारंभ गायत्री साधक पंडित रामराय शर्मा एवं सहयोगियों द्वारा करवाए गए पंच कुंडीय गीतामय हवन के साथ हुआ।
जयपुर की पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल, अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष जसवीर सिंह, योगाचार्य ढाकाराम, भारतीय जनता पार्टी की अनुराधा महेश्वरी, राजेश, योगाचार्य पुष्प लता गर्ग, सरोज शर्मा एवं अधिवक्ता राजेश कानूनगो आदि ने गीता गायत्री वैदिक मित्रों के उच्चारण के बीच आहुतिया समर्पित की। वृंदावन से पधारे गुरु कृपानंद जी महाराज द्वारा गीता माता की आरती के साथ 21 दिवसीय महोत्सव संपन्न हुआ।
महोत्सव के सफल संचालन के लिए निम्नानुसार समितियो ने लगातार एक माह तक आयोजन की सफलता के लिए कार्य किया :
केंद्रीय आयोजन समिति
मुख्य संयोजक :
गीता प्रचारक आचार्य योगी मनीष
सहसंयोजक : नीतिन भगेरिया
श्रीमती शुभांगी विजयवर्गीय
सचिव : मनीष मालू
विशेष आमंत्रित सदस्य : रामावतार गुप्ता (पूर्व पार्षद)
गीता पोथी कलश यात्रा समिति
संयोजिका : अनुराधा महेश्वरी
सह संयोजिका: योगाचार्य सुधा रमन,योगाचार्य सरोज शर्मा
सचिव: अंजलि सिंह
सदस्य : वंदना शर्मा, रजनी पांडे, संतोष पाण्डेय
मीडिया समन्वय समिति
संयोजक : राहुल भोजक
स्वागत समिति:
संयोजक : अधिवक्ता डॉ. मदन मोहन पालीवाल
सहसंयोजक : अशोक हिंदुस्तानी
सचिव : आर्किटेक्ट मयंक शर्मा
सदस्य : सरिता मित्तल, वंदना कश्यप
दान दक्षिणा/वित्त समिति :
संयोजक : एडवोकेट किशोरी लाल इंदौरिया
सहसंयोजक : दीपक शर्मा बेदिल
सचिव: एडवोकेट राजेश कानूनगो
सदस्य : सीए यशस्वी शर्मा, नरेश संगतानी, राहुल जैन, नितिन जैन
समन्वय समिति
संयोजक : सांवरमल जांगिड़,
सहसंयोजक : विनय हेडा, डॉ शेखर कपूर, दीपक ताम्बी, सूवित कौशिक
गीता गायत्री हवन समिति*
संयोजक : पंडित रामराय शर्मा
सचिव : पंडित जगदीश शर्मा (गायत्री साधक)
"प्रचार प्रसार समिति :
संयोजक : डॉ. सुनील कुमार शर्मा
सहसंयोजक : विकासअग्रवाल
सदस्य: नरेश संगतानी राहुल जैन, नितिन जैन
महोत्सव पूर्णाहुति सत्र के अंतिम पायदान पर मुख्य संयोजक आचार्य योगी मनीष ने कहा कि राजस्थान गीता महोत्सव का उद्देश्य श्रीमद्भगवद्गीता के शाश्वत संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाना, युवाओं को संस्कारवान बनाना एवं जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास करना है। उन्होंने आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी गीता आधारित ऐसे आयोजनों की श्रृंखला प्रदेशभर में निरंतर जारी रहेगी।
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