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    जैन आचार्य लोकेशजी द्वारा आयोजित मोरारीबापू राम कथा में दिल्ली विधानसभा के स्पीकर आए

    10 hours ago

     

    जैन आचार्य लोकेशजी द्वारा आयोजित मोरारीबापू राम कथा में दिल्ली विधानसभा के स्पीकर आए

     

    श्री राम धर्म रूप हैं, वो नैतिकता, आदर्श, जीवन और न्याय के प्रतीक है - पूज्य श्री मोरारी बापू

     

    सनातन धर्म किसी एक पंथ का नाम नहीं, बल्कि एक शाश्वत सिद्धांत है – आचार्य लोकेश

     

    भारत से विश्व को शांति सद्भावना का संदेश-विजेंद्र गुप्ता स्पीकर, दिल्ली विधानसभा

     

    नई दिल्ली: भारत मंडपम में मोरारी बापू रामकथा के द्वितीय दिवस पर अहिंसा विश्व भारती एवं विश्व शांति केंद्र के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश ने मुख्य अतिथि  विजेंद्र गुप्ता, स्पीकर, दिल्ली विधानसभा ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। विश्व शांति मिशन के लिए भारत मंडपम के मल्टीपर्पस हाल में 17-25 जनवरी तक नौ दिवसीय रामकथा में देश विदेश से आए श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए आयोजक जैन आचार्य लोकेश ने कहा सनातन धर्म किसी एक पंथ का नाम नहीं, बल्कि एक शाश्वत सिद्धांत है।

     

     मोरारी बापू ने कहा कि ‘राम विग्रहवान धर्मः, राम स्वयं धर्म के साकार स्वरूप हैं, जो नैतिकता, आदर्श, जीवन और न्याय के प्रतीक है। उनका जीवन 'राजधर्म' और 'लोकधर्म' के बीच संतुलन को दर्शाता है। सनातन धर्म सत्य, करुणा, सेवा, अहिंसा जैसे मूल सिद्धांतों पर केंद्रित हैं | धार्मिक मान्यताओं में ठहराव नहीं, बल्कि प्रगतिशील सोच और बहाव होना चाहिए। रामचरितमानस हर जीव के कल्याण के लिए है और इसके माध्यम से जीवन को समझना कि रामकथा का उद्देश्य है। विश्व शांति मिशन के लिए आयोजित इस कथा के मध्याम से जन जन में मानव धर्म का प्रचार हो यही इसकी सफलता है।

     

    मुख्य अतिथि विजेंद्र गुप्ता, स्पीकर, दिल्ली विधानसभा ने कहा कि भारत भूमि केवल एक देश नहीं, बल्कि एक पवित्र आध्यात्मिक केंद्र है जहाँ वेद, उपनिषद, आगमों की रचना हुई, योग, ध्यान, आयुर्वेद जैसी ज्ञानधाराएँ विश्व को मिली। यह भूमि धार्मिक विविधता, शांति और सहिष्णुता का प्रतीक है, जहाँ सनातन धर्म के साथ-साथ कई अन्य धर्मों ने भी जड़ें जमाई हैं। भारत की राजधानी दिल्ली में जैन आचार्य लोकेश द्वारा पूज्य मोरारी बापू कि रामकथा का आयोजन अनेकता में एकता का प्रतीक है। कथा के दूसरे दिन स्वामी शैंलद्र (ओशो के भाई) ने कहा कि राम सभी का मूल है।

     

    विश्व शांतिदूत आचार्य लोकेश ने कहा कि सनातन चेतना को जोड़ने वाली शक्ति हैं, जो सभी धर्मों हिंदू, जैन, सिख, बौद्ध आदि को एक सूत्र में पिरोती है। भगवान महावीर के अहिंसा, शांति और सद्भावना के सिद्धांतों की आज विश्व को आवश्यकता है। युद्ध, हिंसा, असंतुलन से जूझ रहे विश्व की अनेक समस्याओं का समाधान भगवान महावीर दर्शन में मिलता है।

     

    राम कथा में आज रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का परिवार भी शामिल हुआ। उनके बेटे नीरज सिंह और बहु ने कथा सुनी। इसके साथ भी भाजपा के वरिष्ठ नेता श्याम जाजू भी शामिल हुए।

     

    विश्व शांति केंद्र मिशन के लिए भारत मंडपम में आयोजित रामकथा में 3000 से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लेकर कथा का आनंद उठाया।

     

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