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    हरियाणा में सड़क हादसा: ई-रिक्शा सवार युवती की मौत, पुलिसकर्मी की भूमिका की जांच

    3 months ago

    Yugcharan / 12-02-2026

    हरियाणा के अंबाला कैंट क्षेत्र में बुधवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में 25 वर्षीय युवती की जान चली गई। यह घटना उस समय हुई जब एक तेज़ रफ्तार कार ने ई-रिक्शा को पीछे से टक्कर मार दी। पुलिस के अनुसार, कार कथित रूप से हरियाणा पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल द्वारा चलाई जा रही थी। हादसे के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई, जबकि पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    कैसे हुआ हादसा

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतका की पहचान निकिता बजाज के रूप में हुई है, जो गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में कार्यरत थीं। वह बुधवार को अपने भाई हर्ष बजाज के साथ दिल्ली से अंबाला आई थीं। दोनों को एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होना था। शाम करीब साढ़े आठ बजे, वे अंबाला कैंट क्षेत्र से अंबाला शहर की ओर जाने के लिए एक ई-रिक्शा में सवार हुए।

    जब ई-रिक्शा काली पलटन पुल के पास पहुंचा, तभी पीछे से आ रही एक कार ने उसे तेज़ टक्कर मार दी। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि ई-रिक्शा असंतुलित हो गया और निकिता सड़क पर गिर पड़ीं। इसके बाद कार उनके ऊपर से गुजर गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत मदद की कोशिश की और घायल युवती को अंबाला सिटी के सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    आरोपी पुलिसकर्मी हिरासत में

    पुलिस ने बताया कि कार चालक की पहचान अमित कुमार के रूप में हुई है, जो हरियाणा पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात है। वह अंबाला शहर क्षेत्र के एक थाने में पदस्थ बताया जा रहा है। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने चालक को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। बाद में आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

    वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है और किसी को भी पद या पहचान के आधार पर छूट नहीं दी जाएगी।

    प्रत्यक्षदर्शियों के बयान

    ई-रिक्शा चालक रविंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि कार अत्यधिक तेज़ रफ्तार में थी। टक्कर के बाद स्थिति संभालने का कोई मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि घटना के तुरंत बाद आसपास के लोग जमा हो गए और उन्होंने घायल युवती को बचाने का प्रयास किया।

    कुछ प्रत्यक्षदर्शियों और मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया कि कार चालक घटना के समय नशे की हालत में था। हालांकि पुलिस ने कहा है कि इस आरोप की जांच की जा रही है और मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी।

    परिवार की मांग: निष्पक्ष जांच

    मृतका के पिता जसपाल बजाज ने इस घटना को गंभीर लापरवाही का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी मेहनती और जिम्मेदार थी तथा पिछले चार वर्षों से गुरुग्राम में नौकरी कर रही थी। परिवार का आरोप है कि अगर वाहन चालक ने यातायात नियमों का पालन किया होता तो यह हादसा टल सकता था।

    परिजनों ने मांग की है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी हो और किसी भी स्तर पर मामले को दबाने की कोशिश न की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी का चिकित्सीय परीक्षण मीडिया की मौजूदगी में कराया जाना चाहिए, ताकि किसी तरह का संदेह न रहे।

    अस्पताल में तनावपूर्ण स्थिति

    हादसे के बाद सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में देर रात तक तनाव का माहौल बना रहा। परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल परिसर में जमा हो गए और न्याय की मांग को लेकर विरोध जताया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

    पुलिस अधिकारियों ने लोगों को शांत कराने की कोशिश की और आश्वासन दिया कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

    सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

    यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार ड्राइविंग को लेकर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में ई-रिक्शा जैसे हल्के वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन उनके लिए सुरक्षित यातायात व्यवस्था अभी भी चुनौती बनी हुई है।

    इसके साथ ही, कानून लागू करने वाली एजेंसियों से जुड़े लोगों की भूमिका पर भी चर्चा शुरू हो गई है। आम नागरिकों का कहना है कि जब कानून के रक्षक ही यातायात नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना मुश्किल हो जाएगा।

    पुलिस का पक्ष

    अंबाला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मामले में सभी तथ्यों की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ भी वही कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जो किसी आम नागरिक के मामले में की जाती है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में तेज़ रफ्तार वाहन चलाने की पुष्टि हुई है, जबकि अन्य आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जा सकेगी।

    आगे की कार्रवाई

    पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल परीक्षण और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर चार्जशीट तैयार की जाएगी। मामले की निगरानी वरिष्ठ स्तर पर की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही न हो।

    इस बीच, निकिता बजाज की मौत से परिवार और परिचितों में गहरा शोक है। स्थानीय लोग भी इस घटना से आहत हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि दोषियों को सख्त सजा मिले, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

     

    यह मामला न केवल एक परिवार की व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा, जिम्मेदार ड्राइविंग और कानून के समान अनुपालन जैसे व्यापक सामाजिक मुद्दों की ओर भी ध्यान खींचता है।

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