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    किसानों को उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति हेतु राज्य सरकार के सशक्त प्रयास — कृषि मंत्री

    1 month ago

    –राज्य सरकार किसानों को उर्वरकों की निर्बाध, पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध

     

    जयपुर। राज्य के कृषकों को समयबद्ध एवं पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की इलेक्ट्रॉन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने पंत कृषि भवन में मीडिया से रूबरू होकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उर्वरकों की आपूर्ति नियमित रूप से जारी है। राज्य सरकार किसानों को उर्वरकों की निर्बाध रूप से पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं तथा जिन जिलों में यूरिया व डीएपी की कमी की स्थिति बनी है वहां तत्काल प्रभाव से पूर्ति करवायी जा रही है।

     

    डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि प्रदेश में समय पर हुई पर्याप्त वर्षा तथा अक्टूबर माह में दो बार असामयिक वर्षा से भूमि में नमी की उपलब्धता बढ़ी, जिससे कृषकों द्वारा अग्रिम बुवाई में तेजी आई। इस वर्ष 26 नवम्बर तक गत वर्ष की तुलना में 9 लाख हैक्टेयर अधिक क्षेत्र में बुवाई की जा चुकी है। वहीं तिलहनी फसलों में 34 लाख हैक्टेयर एवं खाद्यान्न फसलों में 29 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल में प्रथम सिंचाई के साथ यूरिया की टॉप ड्रेसिंग भी की जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप यूरिया की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

     

    उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा आवश्यकता से अधिक उर्वरक खरीदने की प्रवृत्ति भी मांग में वृद्धि का एक प्रमुख कारण है। बावजूद इसके राज्य सरकार ने उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में कोई कमी नहीं रखी। पिछले 2 वर्षों में डीएपी की औसत आपूर्ति 2.53 लाख मैट्रिक टन करायी जा चुकी है, जो पूर्व सरकार के 5 वर्षीय औसत से अधिक है।

     

    कृषि मंत्री ने बताया कि रबी सीजन के पहले दो महीनों अक्टूबर व नवम्बर में 7.53 लाख मैट्रिक टन की मांग के विरुद्ध 9.15 लाख मैट्रिक टन यूरिया उपलब्ध करवा दिया गया है। इसके अतिरिक्त 24 हजार मैट्रिक टन की आपूर्ति जारी है तथा आगामी दो दिनों में 31 हजार मैट्रिक टन यूरिया और उपलब्ध होने से माह के अंत तक कुल उपलब्धता 9.70 लाख मैट्रिक टन से अधिक हो जाएगी, जो मांग से 29 प्रतिशत अधिक है।

     

    प्रदेश में अब तक लगभग 95 लाख हैक्टेयर में रबी फसलों की बुवाई हो चुकी है, जिसके अनुरूप लगभग 7 लाख मैट्रिक टन यूरिया की आवश्यकता है, जबकि 9.15 लाख मैट्रिक टन पहले ही किसानों को उपलब्ध करवा दिया गया है और निरंतर आपूर्ति जारी है।

     

    डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि विभाग द्वारा उर्वरकों का समान वितरण सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक विक्रय केंद्र पर विभागीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। किसानों को टोकन सिस्टम के माध्यम से उर्वरक वितरण करवाया जा रहा है। कई जिलों जैसे बांरा, झालावाड़, बूंदी, सवाईमाधोपुर, अलवर, भीलवाड़ा आदि में मांग से अधिक यूरिया की उपलब्धता करवाई गई है। प्रतापगढ़ जिले के धरियावद क्षेत्र में भी 2000 मैट्रिक टन यूरिया की शीघ्र आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

     

    कोटपूतली-बहरोड़ में 8500 मैट्रिक टन डीएपी एवं 16 हजार मैट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया जा चुका है तथा नवम्बर माह के शेष दिनों में लगभग 50 हजार मैट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु भारत सरकार से समन्वय कर आपूर्तिकर्ता कंपनियों को निर्देशित किया गया है। दिसंबर 2025 हेतु स्वीकृत मांग 3.80 लाख मैट्रिक टन को बढ़ाकर 4.50 लाख मैट्रिक टन करने का आग्रह भी रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय को भेज दिया गया है।

     

    उन्होंने बताया कि उर्वरकों की कालाबाजारी एवं अनियमितताओं पर कड़ा शिकंजा कसते हुए वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक 90 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं, 98 बिक्री प्राधिकार पत्र निलंबित अथवा निरस्त किए गए हैं तथा 1069 कारण बताओ नोटिस जारी कर प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है।

     

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