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    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जयपुर विकास की नई ऊंचाइयों पर

    3 months ago

    — जनआकांक्षाओं को समर्पित बजट से जयपुर के विकास को मिलेगी नई दिशा

    — बजट में जयपुर को बड़ी घोषणाओं के साथ मिला समग्र विकास का पैकेज

    — बजट बूस्ट से विरासत को सहेजकर विकास की ओर अग्रसर होगा जयपुर 

    — सड़क से स्वास्थ्य तक—जयपुर के सर्वांगीण विकास का रोडमैप होगा तैयार

     

    जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी एवं संवेदनशील नेतृत्व में प्रस्तुत वित्त वर्ष 2026-27 का बजट राजधानी जयपुर के लिए विकास की नई इबारत लिखने जा रहा है। जनआकांक्षाओं को समर्पित इस बजट में विरासत संरक्षण से लेकर आधुनिक आधारभूत संरचना, सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और औद्योगिक विकास तक समग्र प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की प्रतिबद्धता और स्पष्ट विजन के परिणामस्वरूप जयपुर अब सुनियोजित, संतुलित और सर्वांगीण विकास की दिशा में नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर होगा।

     

    वित्त मंत्री दिया कुमारी द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत वित्त वर्ष 2026-27 का बजट केवल आंकड़ों का संकलन नहीं बल्कि जनभावनाओं, जनअपेक्षाओं और जनआकांक्षाओं को साकार करने का रोडमैप है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में प्रस्तुत इस जनकल्याणकारी बजट में राजधानी जयपुर को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाली अनेक ऐतिहासिक घोषणाएं की गई हैं।

     

    प्रदेश में आवागमन को सुगम बनाने हेतु लगभग 1800 करोड़ रुपये की लागत से राज्य राजमार्ग, आरओबी, आरयूबी, फ्लाइओवर, एलिवेटेड रोड एवं ब्रिज निर्माण कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। जयपुर जिले में विद्याधरनगर में 20 करोड़ रुपये से विभिन्न सड़क विकास कार्य, वैशाली नगर में 5 करोड़ रुपये से मुख्य मार्गों का सौंदर्यकरण, आमेर, चौमूं, दूदू, जमवारामगढ़, झोटवाड़ा, सांगानेर, चाकसू एवं बगरू सहित विभिन्न क्षेत्रों में सड़क निर्माण एवं उन्नयन कार्यों के लिए करोड़ों रुपये का प्रावधान किया गया है। दूदू से लालसोट वाया फागी-चाकसू-तूंगा 675 करोड़ रुपये की लागत से 135 किलोमीटर लंबा राज्य राजमार्ग विकसित किया जाएगा तथा जयपुर जिले में 9 आरओबी एवं आरयूबी बनाए जाएंगे।

     

    जयपुर शहर के यातायात प्रबंधन को आधुनिक स्वरूप देने के लिए करीब 1000 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। 560 करोड़ रुपये की लागत से अरण्य भवन से जगतपुरा आरओबी तक 4.40 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड का निर्माण होगा। पुरानी चुंगी, अजमेर रोड पर अंडरपास निर्माण, 30 करोड़ रुपये से यातायात सुरक्षा कार्य, बेनाड़ रोड, कालवाड़ रोड, खातीपुरा रोड एवं मानसरोवर में सेक्टर सड़क विकास तथा व्यापक ड्रेनेज व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

     

    पेयजल उपलब्धता को सुदृढ़ बनाने के लिए 650 करोड़ रुपये की लागत से सूरजपुरा से चाकसू तक नई ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण किया जाएगा, जिससे चाकसू, बस्सी सहित 1092 गांवों की लगभग 20 लाख आबादी को लाभ मिलेगा। ग्रीष्म ऋतु में पेयजल संकट से निपटने हेतु 600 ट्यूबवेल एवं 1200 हैंडपंप लगाए जाएंगे तथा प्रत्येक जिला कलक्टर को समर कंटिजेंसी हेतु 1 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। जयपुर में 10 करोड़ रुपये की लागत से सेंटर ऑफ ऐक्सिलेंस फॉर वाटर मैनेजमेंट की स्थापना भी की जाएगी।

     

    विद्युत तंत्र के विस्तार हेतु मंडा (चौमूं) में 220 केवी जीएसएस, बगरू रवाण में 132 केवी जीएसएस तथा मुहाना, सामोद एवं साली में 33/11 केवी जीएसएस स्थापित किए जाएंगे। औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए फागी, चौमूं, मौजमाबाद एवं दूदू में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे तथा बिचून, विश्वकर्मा, सीतापुरा एवं ईपीआईपी सहित औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास हेतु 1000 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।

     

    शिक्षा एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए बगरू महाविद्यालय को यूजी से पीजी में क्रमोन्नत किया जाएगा। साइंस पार्क जयपुर में स्पेस गैलरी एवं चिल्ड्रन गैलरी का निर्माण होगा। खेल अधोसंरचना के विकास हेतु महाराणा प्रताप खेल विश्वविद्यालय के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है तथा चित्रकूट स्टेडियम में विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे।

     

    चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के अंतर्गत एसएमएस मेडिकल कॉलेज में सेंटर ऑफ एक्सिलेंस इन मेंटल हेल्थ की स्थापना, जेके लोन चिकित्सालय में 75 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड का आईपीडी टावर एवं पेडियाट्रिक न्यूरोलॉजी विभाग की स्थापना, आयूएचएस चिकित्सालय में 200 बेड का पेडियाट्रिक आईपीडी एवं आईसीयू विकास तथा एसएमएस अस्पताल में 12 मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर स्थापित किए जाएंगे। विभिन्न क्षेत्रों में नए स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण एवं उन्नयन भी किया जाएगा।

     

    पर्यटन एवं सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के तहत आमेर किले एवं आमेर कस्बे में 50 करोड़ रुपये से विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। रायसर जमवारामगढ़ स्थित बाकी माता मंदिर में रोप-वे निर्माण तथा जवाहर कला केन्द्र में 15 करोड़ रुपये से शिल्पग्राम का नवनिर्माण किया जाएगा। राजस्थान मंडपम के साथ विश्वस्तरीय एग्जिबिशन स्पेस का निर्माण भी प्रस्तावित है।

     

    प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के अंतर्गत सांगानेर में मिनी सचिवालय का निर्माण, राजस्थान विधानसभा में सेंट्रल हॉल, शासन सचिवालय उन्नयन, हरिश्चन्द्र माथुर लोक प्रशासन संस्थान में हॉस्टल निर्माण तथा विभिन्न क्षेत्रों में नई पुलिस चौकियों एवं थानों की स्थापना की जाएगी।

     

    वित्त वर्ष 2026-27 का यह बजट जयपुर जिले को आधुनिक, सुव्यवस्थित, सुरक्षित, औद्योगिक रूप से सशक्त और पर्यटन की दृष्टि से समृद्ध महानगर के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में यह जनहितैषी बजट राजधानी जयपुर को विकास की नई पहचान प्रदान करेगा।

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