Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    मालासेरी डूंगरी में जन्मोत्सव की धूम: भगवान श्री देवनारायण के 1114वें प्राकट्य उत्सव पर भक्ति के रंग में रंगा आसींद

    3 days ago

    आसींद (भीलवाड़ा): राजस्थान की पावन धरा के आराध्य देव, सामाजिक समरसता के प्रतीक और भगवान विष्णु के अवतार भगवान श्री देवनारायण का 1114वां जन्मोत्सव (प्राकट्य उत्सव) आज उनकी जन्मस्थली मालासेरी देव डूंगरी में बड़े ही हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। इस खास अवसर पर संपूर्ण मंदिर परिसर और डूंगरी को दूधिया रोशनी और रंग-बिरंगी लाइटों से दुल्हन की तरह सजाया गया है।

    आस्था का सैलाब और भव्य सजावट

    जन्मोत्सव की पूर्व संध्या से ही मालासेरी में भक्तों का तांता लगा हुआ है। मंदिर की दीवारों पर लगी चक्राकार रंगीन लाइटें और आसमान को छूती रोशनी की लड़ियाँ एक दिव्य वातावरण निर्मित कर रही हैं। रात्रि के अंधेरे में जगमगाता मुख्य मंदिर और शिखर दूर-दूर से आने वाले जातरुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

    धार्मिक अनुष्ठान और परंपराएं

    भगवान देवनारायण के 1114वें जन्मदिन पर आज सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं:

     * अभिषेक और श्रृंगार: भगवान का पंचामृत से अभिषेक कर विशेष श्रृंगार किया गया।

     * अखंड ज्योत: मंदिर में प्रज्वलित अखंड ज्योत के दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी हुई हैं।

     * भजन और कीर्तन: कलाकारों द्वारा भगवान देवनारायण की महिमा और उनके शौर्य की गाथाओं (फड़) का गायन किया जा रहा है, जिससे वातावरण पूरी तरह धर्ममय हो गया है।

    सुरक्षा और व्यवस्थाएं

    लाखों की संख्या में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, पार्किंग और सुगम दर्शन की व्यवस्था की गई है। जगह-जगह भंडारों का आयोजन हो रहा है, जहाँ भक्त प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं।

    सामाजिक समरसता का संदेश

    भगवान देवनारायण ने न केवल गौरक्षा बल्कि समाज में फैली कुरीतियों को मिटाने और सभी वर्गों को एक साथ लाने का संदेश दिया था। आज के इस उत्सव में केवल भीलवाड़ा ही नहीं, बल्कि राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और गुजरात से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मन्नतें लेकर पहुँचे हैं।

    > "जय देवनारायण! साडू माता के लाल की जय!" के जयकारों से पूरी डूंगरी गुंजायमान हो उठी है।

     

    Click here to Read More
    Previous Article
    वंदे मातरम्@150 : जवाहर कला केंद्र में आयोजित हुई प्रदर्शनी
    Next Article
    स्थापत्य और आस्था का संगम: बेगस में गूंजा 'जय देव दरबार', 1114वें जन्मोत्सव पर जगमगाया देवधाम

    Related राजस्थान Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment