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    मनरेगा में कटौती और नई व्यवस्था के खिलाफ मजदूर यूनियन का आक्रोश

    1 day ago

    - 12-13 मार्च को पंचायत समितियों व जिला परिषदों पर प्रदर्शन का ऐलान

    जयपुर। राजस्थान खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन की राज्य कमेटी की बैठक प्रदेश अध्यक्ष दुर्गा स्वामी की अध्यक्षता में जयपुर स्थित मजदूर किसान भवन में आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय कमेटी की ओर से पर्यवेक्षक के रूप में डॉ. विक्रम सिंह उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत पूर्व विधायक कामरेड हेतराम बेनीवाल तथा ईरान-अमेरिका युद्ध में मारे गए 186 स्कूली बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई।

    बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. विक्रम सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण खेत व ग्रामीण मजदूरों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा कानून को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं और उसकी जगह नया कानून लाने की बात की जा रही है। उनके अनुसार मनरेगा के बजट में लगातार कटौती की जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों को मिलने वाला रोजगार प्रभावित हो रहा है।

    उन्होंने कहा कि प्रस्तावित नई व्यवस्था के तहत काम के लिए 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार और 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार को वहन करनी होगी, जबकि अधिकांश राज्यों की आर्थिक स्थिति कमजोर है। ऐसे में आशंका है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर और भी कम हो जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा में नई एप आधारित हाजिरी प्रणाली लागू की जा रही है, जिसमें मजदूरों की आंखों की रेटिना से पहचान की जाएगी। जिन मजदूरों की आंखें कमजोर हैं या जिनकी आंखों का ऑपरेशन हो चुका है, उनके लिए हाजिरी लगाना मुश्किल हो जाएगा।

    डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि पिछले चार दिनों से पूरे राजस्थान में लगभग 25 लाख मजदूर मनरेगा कार्यस्थलों पर जा रहे हैं, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण उनकी हाजिरी दर्ज नहीं हो पा रही है और उन्हें खाली हाथ घर लौटना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति मजदूरों के साथ मजाक के समान है, क्योंकि एक ओर उन्हें पर्याप्त काम नहीं मिल रहा है और दूसरी ओर महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है।

    बैठक में निर्णय लिया गया कि मनरेगा कानून को बहाल करने और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर 12 और 13 मार्च को पूरे राजस्थान में पंचायत समितियों और जिला परिषदों पर प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेशभर में एक लाख नए सदस्य बनाने का लक्ष्य भी तय किया गया है।

    प्रदेश अध्यक्ष दुर्गा स्वामी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसान व मजदूर विरोधी निर्णय लागू कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कानूनों में संशोधन कर मजदूरों के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेतिहर मजदूरों के लिए कोई ठोस केंद्रीय कानून नहीं है और कार्यस्थलों पर पानी, छांव तथा दवाई जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।

    बैठक में राज्य महासचिव रामरतन बगड़िया, रघुवीर वर्मा, एडवोकेट पालाराम नायक, पूरन सिंह, पहलाद, बहलोंल नगर, श्रीकांत, हंसराज, मेवाराम, जीत सिंह, सरोज देवी, शीशपाल, महावीर प्रसाद सहित कई पदाधिकारियों ने भाग लिया। रामरतन बगड़िया ने  आंदोलन की रूपरेखा की जानकारी दी।

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