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    महिला दिवस पर संयुक्त अभिभावक संघ की मांग — स्कूल, कॉलेज, कोचिंग और सड़कों पर बालिकाओं की सुरक्षा के लिए बने विशेष कानून, बालिकाओं को मिले शत-प्रतिशत निःशुल्क शिक्षा

    1 day ago

    जयपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर संयुक्त अभिभावक संघ ने प्रदेश में बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से विशेष कानून बनाने की मांग की है। संघ ने कहा कि स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर और सार्वजनिक स्थानों पर बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानूनी व्यवस्था और जवाबदेही तय करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है।

     

    संयुक्त अभिभावक संघ प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि विगत सवा दो वर्षों के दौरान राजस्थान में बालिकाओं और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के आंकड़े अत्यंत चिंताजनक हैं। मीडिया में जारी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 में राजस्थान में 5,194 दुष्कर्म के मामले दर्ज हुए, जो देश में सबसे अधिक हैं। इसी तरह वर्ष 2025 के दौरान राज्य में 6932 दुष्कर्म के मामले दर्ज हुए, जो यह दर्शाते हैं कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर स्थिति बेहद गंभीर है। सरकार द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार जून 2021 से जून 2024 के बीच नाबालिग बालिकाओं के साथ यौन अपराधों के 14,731 मामले दर्ज किए गए, जो पूरे समाज और व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करते हैं।

     

    संयुक्त अभिभावक संघ ने कहा कि इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदेश में बालिकाओं की सुरक्षा केवल भाषणों और अभियानों से नहीं बल्कि मजबूत कानून, कड़ी निगरानी और जवाबदेही से ही सुनिश्चित की जा सकती है।

     

    *संघ ने राज्य सरकार से निम्न प्रमुख मांगें रखी हैं—*

     

    1. स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर और सार्वजनिक स्थानों पर बालिकाओं की सुरक्षा के लिए विशेष राज्य कानून बनाया जाए।

     

    2. सभी शिक्षण संस्थानों में सीसीटीवी, महिला सुरक्षा प्रकोष्ठ और शिकायत तंत्र अनिवार्य किया जाए।

     

    3. बालिकाओं को स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक शत-प्रतिशत निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध करवाई जाए।

     

    4. कोचिंग संस्थानों के लिए सुरक्षा मानक और जवाबदेही कानून लागू किए जाएं।

     

    5. बालिकाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में फास्ट-ट्रैक न्यायालय और समयबद्ध सजा सुनिश्चित की जाए।

     

    *संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने* बालिकाओं के साथ प्रदेशभर में हो रहे अत्याचारों के खिलाफ कड़े शब्दों में कहा कि

    “महिला दिवस पर बड़े-बड़े आयोजन और भाषण करने से बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी। जब तक सरकार स्कूल, कॉलेज, कोचिंग और सड़कों पर बेटियों की सुरक्षा के लिए ठोस कानून और जवाबदेही तय नहीं करेगी, तब तक स्थिति नहीं बदलेगी। प्रदेश में हर दिन बेटियों के साथ होने वाली घटनाएं यह साबित करती हैं कि व्यवस्था को तुरंत सुधारने की जरूरत है।”

     

    *उन्होंने आगे कहा कि*

    “यदि सरकार वास्तव में बेटियों के सम्मान और सुरक्षा को लेकर गंभीर है तो उसे तत्काल विशेष कानून बनाकर शिक्षा संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित बनाना होगा तथा प्रदेश की हर बालिका को निःशुल्क शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करना होगा।”

     

    संयुक्त अभिभावक संघ ने चेतावनी दी कि यदि बालिकाओं की सुरक्षा और शिक्षा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो प्रदेशभर में महिलाओं और बालिकाओं को एकजुट किया जाएगा और अभिभावकों के साथ मिलकर व्यापक स्तर पर राज्य स्तरीय जनआंदोलन किया जाएगा।

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