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    कोटा के कार्तिक का कोविड में बदला मन

    5 hours ago

    कार्तिक चैधरी, कोटा (राजस्थान)

    नीट एआईआरः 16

    जेईई मेनः 99.06 पर्सेन्टाइल

    पिताः सुरेन्द्र चैधरी (एइएन, आरवीपीएन, मोड़क)

    मांः प्रियंका चैधरी (प्रिंसिपल, गर्वनमेन्ट स्कूल)

    जन्मतिथिः 6 मार्च 2009

    कोटा निवासी कार्तिक चैधरी ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट 2026 में आॅल इंडिया रैंक 16 हासिल की है। चार वर्ष से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के रेगुलर क्लासरुम स्टूडेंट कार्तिक ने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन 2026 में भी शानदार प्रदर्शन कर 99.06 पर्सेन्टाइल स्कोर किए थे। आॅल इंडिया रैंक 15008 थी। कार्तिक ने 10वीं कक्षा 94.2 प्रतिशत एवं 12वीं कक्षा 93.8 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की है।

    कार्तिक ने बताया कि कोविड के समय मैंने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी चुनौतियों और डॉक्टरों के संघर्ष को करीब से देखा था। तभी मैंने तय कर लिया था कि मुझे डॉक्टर बनना है और लोगों की सेवा करनी है। पिछले चार वर्षों से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट का रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट रहने के दौरान मुझे लगातार बेहतर गाइडेंस, अनुशासित माहौल और एक्सपीरियंस्ड फैकल्टीज का सपोर्ट मिला। इसी का परिणाम है कि मेरा डॉक्टर बनने का सपना अब साकार होने जा रहा है। मैंने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन 2026 भी दी थी, जिसमें 99.06 पर्सेंटाइल हासिल किए और मेरी ऑल इंडिया रैंक 15008 रही। मेरे लिए जेईई मेन में शामिल होने की वजह नेशनल लेवल के एग्जाम में खुद का एनालिसिस करना था। इससे मुझे यह समझने में मदद मिली कि मेरी तैयारी किस लेवल की है और किन टाॅपिक्स में सुधार की आवश्यकता है। मैं रोजाना लगभग 6 से 7 घंटे सेल्फ स्टडी करता था। डेली रिवीजन, टेस्ट और अपनी गलतियों का एनालिसिस मेरी तैयारी का अहम हिस्सा रहे। मैं अपनी सफलता का बड़ा श्रेय एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट को देना चाहता हूं। जब भी किसी टाॅपिक में डाउट आए तो फैकल्टीज ने उसे सरल तरीके से समझाया और काॅन्फिडेंस बनाए रखने के लिए मोटिवेट किया।

    मेरे परिवार में शुरुआत से ही पढ़ाई का अच्छा माहौल रहा है। मेरे पिता सुरेंद्र चैधरी भी एलन के छात्र रह चुके हैं। उन्होंने वर्ष 1997 में एलन से इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा आरपीईटी की तैयारी की थी और वर्तमान में राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम, मोड़क में एईएन के पद पर कार्यरत हैं। मेरी बुआ ज्योति ने भी वर्ष 1999 में एलन से आरपीईटी की तैयारी की थी और वे वर्तमान में गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज, अलवर में लेक्चरर हैं। सही मार्गदर्शन, निरंतर मेहनत और परिवार के सहयोग से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

     

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    बारां का प्रखर आल इंडिया रैंक-31 पर

     

    प्रखर बंसल, बारां (राजस्थान)

    नीटः आॅल इंडिया रैंक 31

    पिताः डाॅ. सत्यप्रकाश गुप्ता (गाइनोलाॅजिस्ट)

    मांः डाॅ. मोनिशा गुप्ता (गाइनोलाॅजिस्ट)

    जन्मतिथिः 29 जून 2009

    राजस्थान के हाड़ौती संभाग के बारां जिले के निवासी प्रखर बंसल ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 में 720 में से 700 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक 31 प्राप्त कर जिले एवं क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। प्रखर पिछले चार वर्षों से एलन कॅरियर इस्टीट्यूट के रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट रहे हैं। उसनेे राजस्थान बोर्ड से 10वीं कक्षा में 96.3 प्रतिशत तथा 12वीं कक्षा में 92 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। पिता डॉ. सत्यप्रकाश गुप्ता एवं माता डॉ. मोनिशा, दोनों गाइनोलॉजिस्ट हैं और बारां में अपना नर्सिंग होम संचालित करते हैं।

    अपनी सफलता का श्रेय प्रखर ने अपने माता-पिता, शिक्षकों तथा एलन के अनुशासित एकेडमिक एनवायरमेंट वातावरण को दिया। प्रखर ने बताया, नीट जैसे नेशनल लेवल के एग्जाम में सक्सेस केवल मेहनत से नहीं, बल्कि सही मार्गदर्शन, डेली प्रेक्टिस और एनालिसिस से मिलती है। एलनमें मुझे अनुभवी फैकल्टी, कॉन्सेप्ट आधारित स्टडी, समय-समय पर होने वाले टेस्ट, एनालिसिस और हर सक्जेक्ट में डाउट सॉल्विंग का बेहतरीन सिस्टम मिला। यही कारण रहा कि मेरी तैयारी लगातार सही दिशा में आगे बढ़ती रही। एलन में सिर्फ पढ़ाई नहीं होती, बल्कि हर स्टूडेंट की प्रोग्रेस पर लगातार नजर रखी जाती है। फैकल्टी हमेशा मोटिवेट करती है और कमजोर टाॅपिक्स पर विशेष फोकस कराया जाता है। इसी वजह से मैं अपनी कमियों को समय रहते सुधार पाया और बेहतर प्रदर्शन कर सका।

     

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    बच्चे के साथ रहती है मां, नीट के दो दिन पहले मां का एक्सीडेंट, सिर में आये थे टांके

     

    रणवीर कुमार

    नीटः आॅल इंडिया रैंक 39

    जेईई मेनः 99.37 परसेन्टाइल

    पिताः रणधीर नारायण सिंह (व्यापारी)

    मांः निशी सिंह

    जन्मतिथिः 18 जुलाई 2008

    बिहार के पटना जिले में पालीगंज निवासी रणवीर कुमार ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में आॅल इंडिया रैंक 39 हासिल की है। रणवीर ने 10वीं कक्षा 94 एवं 12वीं कक्षा 94.8 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की है। पिता रणधीर नारायण सिंह व्यापारी एवं मां निशी गृहिणी है। एक छोटी बहिन तनुश्री अभी 11वीं कक्षा में है और एलन कोटा से नीट की तैयारी कर रही है। अपना की-आॅफ सक्सेस शेयर करते हुए रणवीर ने बताया कि एलन में नीट की तैयारी के लिए काफी अनुभवी फैकल्टीज हैं और वे हमेशा स्टूडेंट्स के सपोर्ट के लिए तैयार रहती हैं। मैंने फैकल्टीज की गाइडेंस को फाॅलो किया। मैं रोजाना क्लासरुम स्टडी के अलावा 6-7 घंटे सेल्फ स्टडी करता था। मेरी प्रतिदिन की स्ट्रेटेजी थी कि 50 प्रतिशत क्वेश्चंस की पेक्टिस करता था तो 50 प्रतिशत रिवीजन करता था। कोटा में मम्मी और बहिन भी रहते हैं लेकिन मैं उनसे अलग हाॅस्टल में रहता था। क्योंकि फैमिली के साथ रहकर पढ़ाई नहीं हो पाती। ये मेरा नीट का दूसरा अटैम्प्ट था। फस्र्ट अटैम्प्ट में 510 माक्र्स एवं आॅल इंडिया रैंक 42 हजार आई थी।

    नीट के दो दिन पहले मां का एक्सीडेंट

    रणवीर ने बताया कि नीट की परीक्षा के दो दिन पहले मैं काफी परेशान हो गया था। मेरी मम्मी आॅटो से मेरा एग्जाम सेंटर देखने जा रही थी लेकिन रास्ते में आॅटो पलट गया था। इस वजह से उनके सिर में चोट आई थी। हाॅस्पिटल लेकर गया जहां उनको सिर में टांके आए थे। मम्मी ने उसी दिन शाम को बोला कि एग्जाम पर फोकस करो। इतना ही नहीं, पेपर वाले दिन मम्मी खुद मुझे एग्जाम सेंटर तक छोड़ने गई थी।

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    नीट में एलन के टाॅप-10 में 5 और टाॅप-100 में 46 स्टूडेंट्स

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