Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    संस्कृत विश्वविद्यालय की सिंडीकेट बैठक में ऐतिहासिक निर्णय 15 वर्षों से पदोन्नति की राह देख रहे शिक्षकों को मिली राहत

    6 hours ago

    तीन सह आचार्य बने प्रोफेसर; विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार आठ पीठाध्यक्ष नियुक्त

    जयपुर। जगद्गुरु रामानन्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय की कार्य परिषद (सिंडीकेट) की 76वीं बैठक शनिवार को कुलगुरु प्रो. मदन मोहन झा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं शोध विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण एवं दूरगामी निर्णय लिए गए। इनमें सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों को राहत प्रदान करने का रहा।

    कार्य परिषद ने कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) के अंतर्गत लगभग 15 वर्षों से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे तीन सह आचार्यों डॉ. विनोद कुमार शर्मा, डॉ. राजधर मिश्र एवं डॉ. माताप्रसाद शर्मा को प्रोफेसर पद पर पदोन्नत करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। साथ ही सह आचार्य पद पर कार्यरत शेष पात्र शिक्षकों को भी शीघ्र सीएएस का लाभ प्रदान करने की अनुमति दी गई। इस निर्णय से लंबे समय से लंबित पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त होने के साथ ही शिक्षकों में उत्साह का वातावरण है।

    कुलसचिव डॉ. गुंजन सोनी (आरएएस) ने बताया कि कार्य परिषद ने विश्वविद्यालय के अनुसंधान केन्द्र में वर्षों से रिक्त पड़ी आठ शोध पीठों पर पीठाध्यक्षों की नियुक्ति के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की। विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार सभी आठ शोध पीठों पर एक साथ पीठाध्यक्षों की नियुक्ति की गई है, जिससे शोध, नवाचार एवं अकादमिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

    इन विद्वानों को बनाया गया पीठाध्यक्ष

    मीमांसा पीठ – प्रो. मोहनलाल शर्मा

    सवाई जयसिंह ज्योतिष विज्ञान पीठ – प्रो. भास्कर शर्मा

    जैन दर्शन पीठ – प्रो. श्रेयांश कुमार

    आधुनिक ज्ञान-विज्ञान पीठ – प्रो. बीना अग्रवाल

    साहित्य पीठ – प्रो. विनोद बिहारी शर्मा

    व्याकरण पीठ – प्रो. अशोक कुमार तिवारी

    रामानन्द दर्शन पीठ – आचार्य सियाराम दास जी महाराज

    नैयायिक पंडित मधुसूदन ओझा वेद-वेदांग पीठ – प्रो. सत्यप्रकाश दुबे

    बैठक में वर्तमान शैक्षणिक सत्र से लागू होने वाले विभिन्न विषयों के नए पाठ्यक्रमों को अनुमोदित किया गया। छात्र हित को ध्यान में रखते हुए प्रवेश शुल्क में कमी के प्रस्ताव पर भी कार्य परिषद ने अपनी स्वीकृति प्रदान की।

    इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के आठवें दीक्षांत समारोह में प्रदान की जाने वाली डिग्रियों, स्वर्ण पदकों, विद्यावारिधि (पीएच.डी.) तथा मानद उपाधियों से संबंधित प्रस्तावों को भी अनुमोदित किया गया।

    बैठक में कार्य परिषद के सदस्यों एवं विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन निर्णयों को शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध संवर्धन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा छात्र हितों की दिशा में ऐतिहासिक एवं मील का पत्थर बताया।

     

    Click here to Read More
    Previous Article
    शिक्षा मंत्री की जिद भारी.......पदौनत व्याख्याता इंतजार करते रह गये
    Next Article
    राजस्थान विश्वविद्यालय में मराठी भाषा थोपने के खिलाफ फूटा छात्रों का गुस्सा: छात्र नेता शुभम रेवाड़ के नेतृत्व में फूंका राज्यपाल का पुतला

    Related शिक्षा Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment