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    न्यायपालिका में एआई के उपयोग पर रोक की याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा—मानव निर्णय को एआई नहीं बदल सकता

    1 month ago

    सुप्रीम कोर्ट ने न्यायपालिका में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग के “अनियंत्रित उपयोग” पर रोक लगाने की मांग वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि एआई से जुड़े जोखिम वास्तविक हैं, लेकिन इन्हें न्यायिक आदेशों से नहीं, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एआई केवल न्यायिक प्रक्रियाओं में सहायक उपकरण हो सकता है, लेकिन यह न्यायाधीशों की बुद्धि, तर्क और निर्णय क्षमता की जगह नहीं ले सकता।

     

    याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि निचली अदालतों में एआई द्वारा बनाए गए “अस्तित्वहीन” मामलों और फैसलों को उद्धृत किया जा रहा है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। जवाब में मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यह वकीलों और न्यायाधीशों, दोनों की जिम्मेदारी है कि एआई-जनित सामग्री की सत्यता की जांच करें। यह विषय देशभर की न्यायिक अकादमियों में प्रशिक्षण के माध्यम से संबोधित किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सुझाव भेजने का विकल्प दिया और कहा कि अदालत किसी भी सकारात्मक सुझाव का स्वागत करेगी।

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