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    पर्यावरण शिक्षा किताबों में ही सीमित नहीं रहे, स्कूल की गतिविधियों का भी बने हिस्सा -अध्यक्ष, आरएसपीसीबी

    2 months ago

    राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा पर्यावरण जागरुकता पर विशेष कार्यशाला का आयोजन
    जयपुर। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (आरएसपीसीबी) के अध्यक्ष डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और नियंत्रण के लिए नियमों का पालन तभी संभव होता है जब लोग अपनी जिम्मेदारियों को समझें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण शिक्षा की शुरुआत स्कूली स्तर से होना आवश्यक है। पर्यावरण शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे स्कूल की गतिविधियों का हिस्सा बनाना चाहिए ताकि बच्चे बेहतर तरीके से सीख सकें और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

    डॉ. सुरपुर बुधवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर,जयपुर में आरएसपीसीबी द्वारा पर्यावरण जागरुकता पर आयोजित विशेष कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को शिक्षा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण पर जागरूक करने रहा। कार्यशाला में शिक्षा विभाग के अधिकारीगण, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधिगण एवं शिक्षक मौजूद रहे। अध्यक्ष, आरएसपीसीबी ने बताया कि यह शिक्षण संस्थाओं के साथ आयोजित होने वाली कार्यशालाओं की श्रृंखला में पहली कार्यशाला है। इसी की तर्ज पर सभी जिलों में शिक्षण संस्थानों के साथ कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।

    डॉ. रवि कुमार सुरपुर, अध्यक्ष, आरएसपीसीबी ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों को पर्यावरण से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे जीवविज्ञान, रसायन शास्त्र और गणित के संदर्भ में व्यावहारिक रूप से समझाना है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है, और इसे व्यवहारिक रूप में परिवर्तित करने की जरूरत है ताकि आने वाली पीढ़ी एक सतत और स्वच्छ पर्यावरण में जीवन यापन कर सके।

    कार्यशाला के दौरान लगभग 50 से अधिक शिक्षण संस्थानों के शिक्षक एवं प्रतिनिधिगण, शिक्षा विभाग के अधिकारीगण सहित मंडल के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यशाला के दौरान विषय विशेषज्ञों ने अपने-अपने क्षेत्रों में व्याख्यान प्रस्तुत किए।

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