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    राज ठाकरे पर रील को लेकर पुणे में विवाद: महेश मोटे से कथित तौर पर माफी मंगवाई, चेहरे पर स्याही लगाई और कराई उठक-बैठक

    4 hours ago

    Yugcharan News / 21-09-2026

    पुणे में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे को लेकर बनाई गई एक सोशल मीडिया रील के बाद विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर महेश मोटे को कथित तौर पर MNS कार्यकर्ताओं ने पकड़कर पार्टी कार्यालय ले जाया, जहां उनके चेहरे पर काली स्याही लगाने, राज ठाकरे की तस्वीर के सामने झुकने और सिर पर चप्पल रखकर उठक-बैठक लगाने के लिए मजबूर किए जाने के वीडियो सामने आए हैं। इसके बाद मोटे से एक वीडियो में राज ठाकरे और MNS पदाधिकारियों से माफी भी मंगवाई गई।

    इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर सामने आए और तेजी से प्रसारित होने लगे। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, मोटे की जिस रील को लेकर आपत्ति जताई गई थी, उसमें राज ठाकरे को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक और व्यक्तिगत टिप्पणियां की गई थीं। MNS नेताओं ने इन टिप्पणियों पर नाराजगी जताई थी।

    वीडियो में क्या दिखाई दे रहा है?

    सामने आए वीडियो में महेश मोटे के चेहरे पर काली स्याही लगी दिखाई देती है। एक अन्य वीडियो में वह राज ठाकरे की तस्वीर के सामने झुकते नजर आते हैं। उन्हें सिर पर चप्पल रखकर उठक-बैठक करते हुए भी दिखाया गया है।

    इसके बाद मोटे ने कैमरे के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगी। वीडियो में वह भावुक और परेशान दिखाई देते हैं। उन्होंने राज ठाकरे के साथ-साथ MNS के स्थानीय पदाधिकारियों से भी माफी मांगी और कहा कि उन्होंने अनजाने में गलत बात कह दी थी।

    मोटे ने अपने माफीनामे में कहा कि उन्होंने राज ठाकरे के बारे में गलत तरीके से बात की और शुबham जगदाले तथा अन्य MNS पदाधिकारियों के बारे में भी अनुचित टिप्पणी की। उन्होंने अपनी गलती पर खेद जताते हुए पार्टी और संबंधित लोगों से माफी मांगी।

    करीब एक महीने पुरानी रील को लेकर विवाद

    रिपोर्टों के अनुसार, विवाद की शुरुआत मोटे द्वारा सोशल मीडिया पर डाली गई एक रील से हुई थी। Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, यह वीडियो करीब एक महीने पहले पोस्ट किया गया था और इसमें मोटे ने अपनी मूंछें हटाने को लेकर सोशल मीडिया पर की जा रही टिप्पणियों का संदर्भ देते हुए राज ठाकरे के बारे में भी टिप्पणी की थी। इसके बाद MNS कार्यकर्ताओं की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई।

    हालांकि, MNS की ओर से मोटे की उस मूल रील के पूरे शब्द या कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का विस्तृत विवरण सार्वजनिक रूप से नहीं दिया गया है। MNS पुणे शहर अध्यक्ष साईनाथ बाबर ने India Today को बताया कि मोटे ने राज ठाकरे के बारे में “objectionable reels and personal comments” किए थे और कहा कि रील बनाने में आपत्ति नहीं है, लेकिन पार्टी प्रमुख के बारे में व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचना चाहिए।

    पुणे लौटने के बाद कथित तौर पर पकड़ा गया

    MNS के हडपसर विधानसभा क्षेत्र के उपविभागीय अध्यक्ष शुभम जगदाले के अनुसार, मोटे कुछ समय के लिए केरल में थे। जगदाले ने दावा किया कि MNS कार्यकर्ताओं को उनके पुणे लौटने की जानकारी मिली और उन्हें कात्रज इलाके में देखा गया।

    रिपोर्टों के मुताबिक, कार्यकर्ता कात्रज के एक पार्क तक पहुंचे और वहां से मोटे को अपने साथ MNS के जनसंपर्क कार्यालय ले गए। इसके बाद कथित तौर पर वहां उनके साथ यह पूरा घटनाक्रम हुआ।

    जगदाले ने इस कार्रवाई को पार्टी की शैली से जोड़ते हुए ‘MNS स्टाइल’ बताया। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी प्रमुख के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी करने वालों के साथ इसी तरह प्रतिक्रिया दी जाएगी। यह बयान विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में उद्धृत किया गया है।

    ‘महाप्रसाद’ शब्द का इस्तेमाल

    मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जगदाले ने कार्यालय में मोटे के साथ की गई कार्रवाई को ‘महाप्रसाद’ बताया। उनके अनुसार, यह पार्टी प्रमुख के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के जवाब में MNS की अपनी शैली थी।

    हालांकि, किसी व्यक्ति को पकड़कर ले जाने, सार्वजनिक रूप से अपमानित करने या जबरन माफी रिकॉर्ड कराने की वैधानिक स्थिति अलग कानूनी प्रश्न है। उपलब्ध रिपोर्टों में यह स्पष्ट नहीं है कि घटना के समय पुलिस की मौजूदगी थी या नहीं।

    21 सितंबर को उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना को लेकर पुलिस में कोई शिकायत दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई थी। India Today ने भी रिपोर्ट किया कि घटना के संबंध में उस समय तक कोई पुलिस शिकायत दर्ज नहीं हुई थी।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो

    घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के बाद यह मामला व्यापक चर्चा में आ गया। वीडियो में मोटे को माफी मांगते हुए और कथित तौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने खड़े हुए देखा जा सकता है।

    एक वीडियो में वह राज ठाकरे की तस्वीर के सामने झुकते हैं, जबकि दूसरे में सिर पर चप्पल रखकर उठक-बैठक करते दिखाई देते हैं। चेहरे पर काली स्याही लगाए जाने का दृश्य भी वीडियो में मौजूद है। इन वीडियो को MNS से जुड़े लोगों की ओर से साझा किए जाने की बात रिपोर्टों में कही गई है।

    वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ पोस्ट में इसे MNS की कार्रवाई बताया गया, जबकि अन्य प्रतिक्रियाओं में किसी व्यक्ति से इस तरह माफी मंगवाने और सार्वजनिक रूप से अपमानित किए जाने पर सवाल उठाए गए।

    अभिव्यक्ति और राजनीतिक प्रतिक्रिया का सवाल

    सोशल मीडिया के दौर में राजनीतिक नेताओं और दलों को लेकर टिप्पणी करने वाले कंटेंट क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स की संख्या लगातार बढ़ी है। इसके साथ ही राजनीतिक दलों के समर्थकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के बीच विवाद भी सामने आते रहे हैं।

    पुणे की यह घटना इसी व्यापक संदर्भ में चर्चा में है। हालांकि किसी राजनीतिक नेता या दल के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी पर शिकायत या कानूनी प्रक्रिया का रास्ता उपलब्ध होता है, इस मामले में सामने आए वीडियो कथित तौर पर एक अलग तरह की प्रतिक्रिया को दिखाते हैं।

    MNS नेताओं ने मोटे की मूल रील को आपत्तिजनक बताया है, जबकि उपलब्ध रिपोर्टों में पुलिस द्वारा उस रील की सामग्री पर कोई स्वतंत्र निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए मूल वीडियो में कही गई बातों और उसके संदर्भ को लेकर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच या आधिकारिक कार्रवाई के आधार पर ही निकाला जा सकता है।

    माफी के वीडियो में क्या कहा गया?

    मोटे द्वारा रिकॉर्ड किए गए माफीनामे में उन्होंने राज ठाकरे को संबोधित करते हुए अपनी टिप्पणी पर खेद जताया। उन्होंने MNS पदाधिकारियों के नाम लेते हुए भी माफी मांगी और कहा कि उन्होंने गलत तरीके से बात की थी।

    वीडियो में वह हाथ जोड़कर दिखाई देते हैं और आगे किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने की अपील करते नजर आते हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, यह माफी उस घटनाक्रम के बाद रिकॉर्ड कराई गई जिसमें उनके चेहरे पर स्याही लगाए जाने और उन्हें उठक-बैठक करने के लिए मजबूर किए जाने का आरोप है।

    MNS की ओर से क्या कहा गया?

    MNS नेता शुभम जगदाले ने घटनाक्रम को पार्टी की शैली में दिया गया जवाब बताया। उन्होंने दावा किया कि मोटे ने राज ठाकरे के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था।

    पुणे शहर MNS अध्यक्ष साईनाथ बाबर ने भी कहा कि मोटे ने राज ठाकरे को लेकर आपत्तिजनक रील और व्यक्तिगत टिप्पणियां की थीं। उन्होंने यह भी कहा कि कोई व्यक्ति रील बना सकता है, लेकिन पार्टी प्रमुख के बारे में व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।

    हालांकि, MNS नेताओं के इन दावों के अलावा उपलब्ध रिपोर्टों में मूल रील की सामग्री का स्वतंत्र सत्यापन या पुलिस जांच के आधार पर निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

    पुलिस कार्रवाई पर स्थिति स्पष्ट नहीं

    21 सितंबर 2026 तक सामने आई रिपोर्टों में इस घटना के संबंध में पुलिस केस दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई थी। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिस ने वीडियो और घटनाक्रम का स्वतः संज्ञान लिया है या आगे कोई कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    घटना में किसी व्यक्ति को कथित तौर पर पकड़कर पार्टी कार्यालय ले जाने, सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और माफी रिकॉर्ड कराने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी अभी आधिकारिक पुलिस जांच के जरिए सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल उपलब्ध जानकारी को आरोप, वीडियो और संबंधित MNS नेताओं के बयानों के आधार पर ही देखा जा रहा है।

    पुणे की यह घटना सोशल मीडिया कंटेंट, राजनीतिक नेताओं पर टिप्पणी और राजनीतिक संगठनों की प्रतिक्रिया के बीच बढ़ते टकराव को लेकर चर्चा में है। अब आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि पुलिस या अन्य संबंधित अधिकारी मामले में कोई औपचारिक शिकायत, जांच या कार्रवाई दर्ज करते हैं या नहीं।

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