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    राजकीय महाविद्यालय ने जीते दोहरे कांस्य पदक

    1 month ago

    राजकीय महाविद्यालय जयपुर द्वारा  19 व 20 दिसंबर 2025 को आयोजित राजस्थान विश्वविद्यालय की अंतर महाविद्यालय शतरंज (महिला/ पुरुष ) प्रतियोगिता के समापन समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. प्रमोद सिंह, सचिव खेल बोर्ड, राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर ने अपने  उद्बोधन में कहा कि शतरंज खेल की कहानी बहुत पुरानी है। इस खेल से हमारी बौद्धिक क्षमता का तेजी से विकास होता है, साथ-साथ हमें जीवन में आने वाली कठिनाइयों का सामना करने हेतु मार्गदर्शन मिलता है, तथा जटिल समस्याओं से निराकरण में भी मदद करता है। यह खेल बहुत ही शांत वातावरण में खेले जाने  वाला है। सभी खिलाड़ियों से उन्होंने अपने उच्चतर खेल कौशल का प्रदर्शन करते रहने के लिए प्रेरित किया। अध्यक्षता कर रही महाविद्यालय प्राचार्य  प्रो.डॉ. स्निग्धा शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया तथा उन्होंने कहां की खेल हमें जीवन में अनुशासन सिखाता है तथा समय की पाबंदी व समय की ताकत के बारे में भी सीखाता है इसलिए हमें सभी खेलों में बढ़ चढ़कर भाग लेना चाहिए।

     इस प्रतियोगिता के विश्वविद्यालय पर्यवेक्षक डॉ. विक्रम सिंह व चेयरमैन नॉमिनी डॉ. कमर  अब्बास ने खिलाड़ियों को शतरंज खेल की बारीकियां के बारे में बताया। आयोजन सचिव डॉ जगदीश नारायण सैनी ने बताया कि इस प्रतियोगिता में महिला वर्ग में परिष्कार कॉलेज ने प्रथम स्थान महारानी महाविद्यालय ने द्वितीय  व राजकीय महाविद्यालय जयपुर तृतीय स्थान स्थान प्राप्त किया। पुरुष वर्ग में पारीक पीजी कॉलेज जयपुर ने प्रथम स्थान, कॉमर्स कॉलेज जयपुर ने द्वितीय स्थान और राजकीय महाविद्यालय जयपुर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

    सभी अतिथियों ने खिलाड़ियों को मेडल पहनाकर, पुरस्कार एवं विजेता व उपविजेता की ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।  मंच का संचालन डॉ. रजनी मीणा व डॉ. ललिता शर्मा ने किया। 

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