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    राजस्थान का छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार की विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन

    2 months ago

    -सीकर के बजरंग लाल जेठू को प्रथम और श्रीगंगानगर के खरलां जल उपयोक्ता संगम को तृतीय पुरस्कार
    - मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी बधाई, कहा- राजस्थान की जल संरक्षण और संचयन में बन रही नई पहचान, आमजन हो रहे जागरूक

    जयपुर। राजस्थान के जल संरक्षण और संचयन के कार्य राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना रहे हैं। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग द्वारा घोषित छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों-2024 में खरलां जल उपयोक्ता संगम, श्रीगंगानगर ने सर्वश्रेष्ठ जल उपयोगकर्ता संघ श्रेणी में तृतीय एवं  बजरंग लाल जेठू (सीकर) ने जल क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति का प्रथम पुरस्कार (पश्चिम क्षेत्र) प्राप्त किया है। इनके अतिरिक्त बिरला प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान, पिलानी ने स्कूल और कॉलेज के अलावा सर्वश्रेष्ठ संस्थान की इनसाइड कैंपस उपश्रेणी में द्वितीय-संयुक्त, अंबुजा फाउण्डेशन, जयपुर ने सर्वश्रेष्ठ नागरिक समाज श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया है।

    सीकर के बजरंगलाल जेठू वर्ष 1993 से जल संरक्षण और प्रबंधन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। उन्होंने जल संसाधनों के जीर्णोद्धार, पुनर्स्थापन और संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। इसके अलावा, स्कूलों, उद्यानों और श्मशान जैसे सार्वजनिक स्थानों पर जल संरक्षण के विभिन्न नवाचार भी किए हैं। वहीं, श्रीगंगानगर के खरलां जल उपयोक्ता संगम ने नहरों व खालों की सफाई, लोगों को वसूली कैंप के प्रति जागरूक करना, काश्तकारों के हित में उनको नई तकनीक से अवगत करवाने जैसे उल्लेखनीय कार्य किए हैं। इन कार्यों के माध्यम से आमजन में जल के महत्व के प्रति जागरूकता आई है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश की जल संरक्षण और इसके संचयन के क्षेत्र में नई पहचान बन रही है। आमजन जल की महत्ता के प्रति जागरूक भी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल की उपलब्धता और इसके संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। सरकार ने प्रदेशभर में वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान संचालित कर जल संरक्षण और संचयन के कार्यों को नई दिशा दी है। इसके तहत जलाशयों की मरम्मत, सफाई, जल निकासी व्यवस्था में सुधार, अतिक्रमण हटाना, बांध क्षेत्रों में श्रमदान, पौधारोपण, जल संग्रहण और जल संरक्षण संरचनाओं सम्बंधित कार्य किए गए हैं। इसके साथ ही, कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के माध्यम से भूजल रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण भी किया जा रहा है।

    उल्लेखनीय है कि छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के लिए 46 विजेताओं की घोषणा की है। ये पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ राज्य, सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय, सर्वश्रेष्ठ विद्यालय या महाविद्यालय, सर्वश्रेष्ठ उद्योग, सर्वश्रेष्ठ जल उपयोगकर्ता संघ, सर्वश्रेष्ठ संस्थान (विद्यालय या महाविद्यालय के अलावा), सर्वश्रेष्ठ नागरिक समाज और जल क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति सहित 10 श्रेणियों में दिए जाएंगे। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आगामी 18 नवम्बर को नई दिल्ली में ये पुरस्कार प्रदान करेंगी।

    केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय का जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग राष्ट्रीय जल पुरस्कार उन व्यक्तियों और संगठनों को प्रदान करता है जो सरकार के जल समृद्ध भारत के विजन को प्राप्त करने में उल्लेखनीय कार्य और प्रयास करते हैं। ये पुरस्कार आमजन में जल के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करने और उन्हें सर्वोत्तम जल उपयोग प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

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