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    राजस्थान की शिक्षा में नवाचार को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान, दो पहलों को स्कॉच पुरस्कार

    2 hours ago

    नई दिल्ली। नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर, लोधी रोड में स्कॉच समूह द्वारा आयोजित पुरस्कार समारोह में राजस्थान स्कूल शिक्षा विभाग की दो महत्वपूर्ण पहलों ‘खुशिशाला खुद की खोज’ एवं ‘AI-आधारित दक्षता आकलन’ को 110वें स्कॉच शिखर सम्मेलन में स्कॉच पुरस्कार से सम्मानित किया गया। शिक्षा में नवाचार, तकनीक के उपयोग और विद्यार्थियों के समग्र विकास की दिशा में विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों को इस उपलब्धि के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।

    इस अवसर पर राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा ने कहा, “राजस्थान स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा में नवाचार और तकनीक के प्रभावी उपयोग के माध्यम से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, मानसिक स्वास्थ्य और समग्र विकास को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ‘खुशिशाला खुद की खोज’ और ‘AI-आधारित दक्षता आकलन’ जैसी पहलें इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम हैं। इन दोनों पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर स्कॉच पुरस्कार मिलना विभाग के लिए गौरव का विषय है। यह सम्मान हमारे शिक्षकों, विद्यार्थियों और पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों को समर्पित है। हमारा प्रयास है कि नवाचारों को विद्यालयों तक प्रभावी रूप से पहुंचाकर प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर सीखने का अवसर मिले।”

    ‘खुशिशाला खुद की खोज’ पहल विद्यार्थियों में आत्म-जागरूकता, मानसिक स्वास्थ्य, कल्याण, करुणा और सकारात्मक कक्षा वातावरण को मजबूत करने पर केंद्रित है। वहीं ‘AI-आधारित दक्षता आकलन’ के माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीक आधारित आकलन का उपयोग कर विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति को समझने, आंकड़ों के आधार पर समीक्षा करने तथा आवश्यकता के अनुसार सुधारात्मक शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

    चार माह की प्रक्रिया में राष्ट्रीय स्तर पर बनी पहचान

    इन दोनों पहलों को स्कॉच पुरस्कार तक पहुंचने में लगभग चार माह की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। 3 जून 2026 से पंजीकरण एवं नामांकन के साथ शुरू हुई प्रक्रिया में दोनों पहलों का स्कॉच पुरस्कार के लिए नामांकन किया गया। इसके बाद अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में निर्णायक मंडल के समक्ष दोनों परियोजनाओं का प्रस्तुतिकरण किया गया।

    प्रस्तुतिकरण के बाद परियोजनाओं को स्कॉच की वेबसाइट पर प्रदर्शित किया गया, जहां निर्धारित मानकों के आधार पर अंक निर्धारण एवं मूल्यांकन की प्रक्रिया हुई। इसके बाद राजस्थान की तीन परियोजनाएं ‘प्रखर राजस्थान’, ‘AI-आधारित दक्षता आकलन’ एवं ‘खुशिशाला खुद की खोज’ सेमी फाइनल के लिए चयनित हुईं। इस चरण में विभाग को सेमी फाइनल प्रमाण पत्र भी प्राप्त हुआ।

    आगे की प्रक्रिया में पुनः प्रस्तुतिकरण के लिए चयनित परियोजनाओं में से अंतिम चरण में राजस्थान की ‘AI-आधारित दक्षता आकलन’ एवं ‘खुशिशाला खुद की खोज’ को चयनित किया गया। दोनों पहलों को स्कॉच पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

    यह सम्मान राजस्थान स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षा में नवाचार, तकनीक के सार्थक उपयोग, विद्यार्थी-केंद्रित दृष्टिकोण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को लेकर किए जा रहे प्रयासों को मिली राष्ट्रीय पहचान को दर्शाता है।

    पुरस्कार समारोह में स्कॉच समूह के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर राजस्थान स्कूल शिक्षा विभाग की राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा, उपायुक्त सुनीता यादव, उपनिदेशक जयदयाल गोयल सहित राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, उदयपुर के विभागीय अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

     

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