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    राजस्थान विश्वविद्यालय: सिंडिकेट में वनस्पति शास्त्र विभाग के प्रोफेसर रामअवतार शर्मा को मिली नई जिम्मेदारी

    1 month ago

    डीन (विज्ञान संकाय) के रूप में अब विश्वविद्यालय की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था 'सिंडिकेट' का हिस्सा होंगे रामअवतार शर्मा; तीन वर्ष का रहेगा कार्यकाल

    जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय में प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण नियुक्ति की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, वनस्पति शास्त्र विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर और वर्तमान में विज्ञान संकाय के डीन प्रोफेसर ( डॉ.) रामअवतार शर्मा को विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठित सिंडिकेट का सदस्य मनोनीत किया गया है।

    नियुक्ति का आधिकारिक विवरण

    कुलसचिव आशु चौधरी के हस्ताक्षरित इस आदेश (क्रमांक F. 2(1)/Acad.I/2026/8431) के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि यह नियुक्ति राजस्थान विश्वविद्यालय अधिनियम 1946 की धारा 21(1)(iii) के तहत की गई है। रामअवतार शर्मा का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि यानी 13 मार्च 2026 से प्रभावी माना जाएगा। यह मनोनयन आगामी तीन वर्षों के लिए अथवा अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।

    सीनेट में भी मिली जगह

    सिंडिकेट सदस्य के रूप में अपनी नई भूमिका के साथ-साथ, रामअवतार शर्मा अब विश्वविद्यालय की सीनेट के भी पदेन सदस्य (Ex-officio member) होंगे। विश्वविद्यालय अधिनियम की धारा 18(1)(xii) के तहत यह अधिकार उन्हें सिंडिकेट सदस्य होने के नाते स्वतः ही प्राप्त हो गया है।

    क्यों महत्वपूर्ण है यह मनोनयन?

    सिंडिकेट किसी भी विश्वविद्यालय की सर्वोच्च नीति-निर्धारक इकाई होती है। शैक्षणिक और प्रशासनिक स्तर पर लिए जाने वाले तमाम बड़े फैसलों में सिंडिकेट की मुहर अनिवार्य होती है। रामअवतार शर्मा की विज्ञान संकाय के डीन के रूप में विशेषज्ञता का लाभ अब विश्वविद्यालय के व्यापक प्रशासनिक ढांचे को मिलेगा।

    मुख्य बिंदु:

     * प्रभावी तिथि: 13 मार्च 2026 से नियुक्ति लागू।

     * अवधि: तीन वर्ष या आगामी आदेश तक।

     * अधिकार: सिंडिकेट के साथ-साथ सीनेट में भी पदेन सदस्यता।

     * प्राधिकरण: सक्षम अधिकारी के अनुमोदन के पश्चात कुलसचिव द्वारा आदेश जारी।

    विश्वविद्यालय के शैक्षणिक हलकों में इस नियुक्ति को एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिससे विज्ञान संकाय और शोध कार्यों को प्रशासनिक स्तर पर और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।

     

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