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    सूर्य सप्तमी पर 25 सामूहिक सूर्य नमस्कार का भव्य आयोजन

    3 days ago

    जयपुर। सूर्य सप्तमी के पावन अवसर पर केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर परिसर एवं वैदिक योग अनुसंधान संस्थान, जयपुर के संयुक्त तत्वाधान में दिनांक 25 जनवरी 2026 को प्रातः 7:30 से 9:00 बजे तक 25 सामूहिक सूर्य नमस्कार का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के समस्त विद्यार्थियों के साथ-साथ त्रिवेणी नगर के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।

    कार्यक्रम के संरक्षक केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर परिसर के निदेशक प्रो. लोकमान्य मिश्र ने अपने उद्बोधन में सूर्य नमस्कार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सूर्य सम्पूर्ण जगत की आत्मा है तथा सूर्य नमस्कार सर्वांगीण स्वास्थ्य का आधार है। उन्होंने नियमित दिनचर्या में सूर्य नमस्कार को शामिल करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य में अभिवृद्धि होती है, जो प्रत्येक व्यक्ति के लिए अनिवार्य है।

    सामूहिक सूर्य नमस्कार अभ्यास का संचालन विश्वविद्यालय की योग विद्या शाखा के समन्वयक एवं योग अनुसंधान प्रभारी डॉ. नवनीत कुमार, सहायक आचार्य (योग) द्वारा मंत्रोच्चार सहित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मानव शरीर में सूर्य का प्रतिनिधित्व यकृत करता है। यकृत के स्वस्थ होने से जठराग्नि सुचारू रहती है, जिससे संपूर्ण स्वास्थ्य संभव होता है। उन्होंने आधुनिक भागदौड़ भरी जीवनशैली में यकृत स्वास्थ्य की उपेक्षा को अकाल मृत्यु का कारण बताते हुए नियमित सूर्य नमस्कार को समग्र स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।

    कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर परिसर के शैक्षणिक सह-निदेशक प्रो. बोध कुमार झा, प्रशासनिक सह-निदेशक प्रो. शीशराम, डॉ. हरिओम शर्मा, डॉ. मनीष कुमार चांडक, डॉ. लक्ष्मण पाढ़ी आदि अन्य वरिष्ठ आचार्यगण, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में बाह्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

    यह आयोजन योग एवं भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और जन-जागरूकता की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुआ।

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