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    स्थानीय निकायों एवं पंचायत राज संस्थाओं में राजनैतिक आरक्षण को लेकर जयपुर में ओबीसी आयोग ने किया जनसंवाद

    1 month ago

    —आयोग ने ओबीसी वर्ग को पर्याप्त राजनैतिक प्रतिनिधित्व देने हेतु जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संस्थाओं से लिया फीडबैक,
    ओबीसी वर्ग को उचित राजनैतिक प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए आयोग प्रतिबद्ध, सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण के लिए ठोस नीति-निर्माण आवश्यक : श्री मदन लाल भाटी, अध्यक्ष,ओबीसी आयोग

    जयपुर। स्थानीय निकायों एवं पंचायत राज संस्थाओं में राजनैतिक प्रतिनिधित्व को लेकर राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व) आयोग ने मंगलवार को जिला परिषद् सभागार में संभाग स्तरीय जनसंवाद एवं परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया।आयोग की जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि कार्यक्रम में आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत न्यायाधीश मदन लाल भाटी एवं सदस्यों गोपाल कृष्ण, प्रो. राजीव सक्सेना, मोहन मोरवाल, पवन मंडाविया व सचिव अशोक कुमार जैन ने जनप्रतिनिधियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों, नागरिक संस्थाओं से जनसंवाद किया। कार्यक्रम में मालवीय नगर विधायक कालीचरण सरार्फ, सिविल लाईन्स विधायक डाॅ. गोपाल शर्मा, शाहपुरा विधायक मनीष यादव, जिला प्रमुख जयपुर श्रीमती रमा देवी चैपड़ा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद् श्रीमती प्रतिभा वर्मा समेत संभाग के सातों जिलों दौसा, अलवर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड, सीकर एवं झुंझुनू से आए जनप्रतिनिधि, सामाजिक व नागरिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत न्यायाधीश श्री मदन लाल भाटी ने कहा कि आयोग संभाग स्तर पर संवाद के माध्यम से अन्य पिछड़ा वर्ग को राजनैतिक प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए फीडबैक लेकर रिपोर्ट तैयार करेगा जिससे ओबीसी वर्ग के लोगों को स्थानीय निकायों एवं पंचायतीराज संस्थाओं में पर्याप्त संख्या में राजनैतिक प्रतिनिधित्व मिल सकेगा।

    “जल्द होगा ओबीसी वर्ग को लेकर विस्तृत सर्वे“—

    उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा स्वतंत्र रूप से सर्वे भी कराया जाएगा जिसमें 19 बिंदुओं पर रिपोर्ट लेते हुए ओबीसी वर्ग का राजनैतिक, सामाजिक, शैक्षिक एवं आर्थिक पिछड़ेपन का पारदर्शिता से आकलन किया जा सके। उन्होंने बताया कि आयोग ओबीसी वर्ग के वंचितों को आरक्षण का लाभ मिल सके इसके लिये राजनैतिक प्रतिनिधित्व के लिये सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों के अनुरूप सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।

    आयोग के सदस्य सचिव अशोक जैन ने आयोग के गठन एवं उद्देश्य के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों की पालना में राजनैतिक प्रतिनिधित्व के लिये आयोग संवाद एवं सर्वे कर रहा है। उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा सर्वे के लिये स्वतंत्र संस्था के साथ मोबाइल एप से भी सहायता ली जाएगी जिससे सटीक जानकारी मिल सके। उन्होंने स्थानीय निकायों में राजनैतिक आरक्षण के संबंध में आयोग के कार्यालय, मेल के द्वारा अथवा व्यक्तिशः मिलकर सुझाव देने के बारे में भी अनुरोध किया। सिविल लाइन्स विधायक डाॅ. गोपाल शर्मा ने ओबीसी वर्ग को राजनीति में पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिलाने का आह्वान किया। शाहपुरा विधायक मनीष यादव ने पंचायतीराज एवं नगरीय निकायों में जनसंख्या के आधार पर ओबीसी वर्ग को राजनैतिक प्रतिनिधित्व दिलाने की बात कही।

    जनसंवाद कार्यक्रम में ये आये सुझाव—
    जनसंवाद कार्यक्रम में जयपुर संभाग के 7 जिलों के सामाजिक व नागरिक संगठनों के पदाधिकारियों ने सुझाव दिये। जनसंख्या के आधार पर ओबीसी का राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने का सुझाव सभी ने दिया। बहुत से जनप्रतिनिधियों ने ओबीसी वर्ग में भी मूल ओबीसी जातियों का संरक्षण करने हेतु पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग बनाकर राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। इसके अलावा राजनीतिक, शैक्षणिक, पिछड़ापन जिलेवार अलग-अलग होने के कारण राजनीतिक प्रतिनिधित्व भी जिलेवार अलग—अलग तय करने का सुझाव भी आया।

    जनसंवाद कार्यक्रम में इन्होंने दिए सुझाव—
    जनसंवाद कार्यक्रम में उप जिला प्रमुख मोहन डागर, अधिवक्ता मदन लाल पुरी, जालसू प्रधान हरदेव यादव, सरपंच सांवरमल, एनजीओ प्रतिनिधि ईवादीप सक्सेना, सत्यनारायण सोनी, नरेषपाल यादव, विरेन्द्र सिंह रावणा, प्रवीण तंवर सहित सातों जिले से आए अन्य जनप्रतिनिधियों ने सुझाव दिए।

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