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    ट्रंप का CNN, Politico और MS NOW पर हमला, व्हाइट हाउस पहुंच को लेकर कानूनी लड़ाई तेज

    56 minutes ago

     

    Yugcharan News / 22-09-2026

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने CNN, Politico और MS NOW पर तीखा हमला बोला है। यह विवाद तब बढ़ गया जब इन तीनों समाचार संगठनों ने व्हाइट हाउस से अपने पत्रकारों की पहुंच रोके जाने के खिलाफ संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया। मीडिया संगठनों का कहना है कि प्रशासन का यह कदम उनके संवैधानिक प्रेस अधिकारों का उल्लंघन करता है और पत्रकारों को प्रतिबंध लगाने के फैसले को चुनौती देने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।

    तीनों संगठनों ने वॉशिंगटन की संघीय अदालत में याचिका दाखिल करते हुए व्हाइट हाउस में अपनी प्रेस पहुंच बहाल करने की मांग की है। विवाद के केंद्र में यह सवाल है कि क्या प्रशासन किसी समाचार संगठन की रिपोर्टिंग से असहमति के आधार पर उसके पत्रकारों की व्हाइट हाउस तक पहुंच सीमित कर सकता है।

    ट्रंप ने मीडिया संगठनों पर लगाए आरोप

    ट्रंप ने सोमवार को सोशल मीडिया पर CNN, Politico और MS NOW की आलोचना करते हुए उन्हें “फेक न्यूज” संगठन बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन संस्थानों की रिपोर्टिंग उनके और उनके प्रशासन के बारे में लगातार नकारात्मक रही है और कुछ रिपोर्टों को उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नुकसानदेह बताया।

    राष्ट्रपति ने अपने पोस्ट में व्हाइट हाउस तक मीडिया की पहुंच को लेकर प्रशासन के अधिकार का बचाव किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के कार्यालय को गरिमा और सम्मान के साथ देखा जाना चाहिए और ऐसे मीडिया संस्थानों को पहुंच देने पर सवाल उठाया जो, उनके अनुसार, उनके बारे में नकारात्मक रिपोर्ट प्रकाशित करते हैं।

    ट्रंप ने यह भी कहा कि तीनों मीडिया संगठनों द्वारा दायर मुकदमा उस न्यायाधीश के समक्ष गया है जिसे उन्होंने अपने पहले कार्यकाल के दौरान नियुक्त किया था। उन्होंने संकेत दिया कि यदि अदालत का फैसला उनके प्रशासन के खिलाफ आता है तो मामला अपील में जा सकता है।

    पत्रकारों की प्रेस क्रेडेंशियल वापस लेने का दावा

    मीडिया संगठनों के अनुसार, प्रशासन द्वारा उनकी पहुंच पर रोक लगाए जाने के बाद शनिवार को उनके पत्रकारों को व्हाइट हाउस परिसर में प्रवेश से रोका गया और उनके प्रेस क्रेडेंशियल वापस ले लिए गए।

    CNN को राष्ट्रपति के कार्यक्रमों के लिए निर्धारित टेलीविजन पूल ड्यूटी से भी हटाया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति के सार्वजनिक कार्यक्रमों की टेलीविजन कवरेज के लिए प्रमुख समाचार नेटवर्क साझा पूल व्यवस्था का इस्तेमाल करते हैं, जिसके जरिए विभिन्न नेटवर्क राष्ट्रपति के कार्यक्रमों को कवर करते हैं।

    CNN को पूल से हटाए जाने के बाद ABC, CBS, Fox News और NBC ने भी संबंधित निर्धारित राष्ट्रपति कार्यक्रमों की टेलीविजन पूल कवरेज बंद करने की घोषणा की। इस घटनाक्रम ने प्रेस और व्हाइट हाउस के बीच चल रहे विवाद को और व्यापक बना दिया।

    प्रथम संशोधन के अधिकारों का हवाला

    CNN, MS NOW और Politico ने अदालत से तत्काल राहत देने और मामले की सुनवाई के दौरान अपनी व्हाइट हाउस पहुंच बहाल करने का अनुरोध किया है।

    तीनों संगठनों ने संयुक्त बयान में कहा कि मुकदमे का उद्देश्य उनके प्रथम संशोधन अधिकारों की रक्षा करना है। उनका तर्क है कि सरकार को यह तय नहीं करना चाहिए कि प्रेस क्या रिपोर्ट करेगा या क्या प्रकाशित करेगा।

    अमेरिकी संविधान का प्रथम संशोधन प्रेस की स्वतंत्रता सहित कई महत्वपूर्ण स्वतंत्रताओं की सुरक्षा करता है। इसी संवैधानिक प्रावधान का हवाला देते हुए मीडिया संगठनों ने प्रशासन की कार्रवाई को अदालत में चुनौती दी है।

    जज टिमोथी केली के सामने मामला

    मामले की सुनवाई अमेरिकी जिला न्यायाधीश टिमोथी केली कर रहे हैं। केली की नियुक्ति ट्रंप के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान हुई थी।

    कैली इससे पहले 2018 में CNN के पत्रकार जिम एकोस्टा से जुड़े प्रेस-एक्सेस विवाद की सुनवाई भी कर चुके हैं। उस समय व्हाइट हाउस ने एकोस्टा की प्रेस पहुंच रद्द कर दी थी। केली ने प्रशासन को अस्थायी तौर पर एकोस्टा का प्रेस पास बहाल करने का आदेश दिया था।

    वर्तमान मामले में CNN, MS NOW और Politico ने अदालत से जल्द हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। उनकी मांग पर सुनवाई बुधवार को निर्धारित की गई थी।

    विवाद का केंद्र बना व्हाइट हाउस प्रेस एक्सेस

    मामले की कानूनी बहस में कई महत्वपूर्ण प्रश्न उठ सकते हैं। इनमें यह सवाल शामिल है कि क्या सरकार किसी समाचार संगठन की रिपोर्टिंग से असंतुष्ट होने के आधार पर उसके पत्रकारों की सरकारी परिसर तक पहुंच प्रतिबंधित कर सकती है।

    इसके अलावा, यह भी सवाल है कि पत्रकारों और समाचार संगठनों को ऐसे प्रतिबंध के खिलाफ अपना पक्ष रखने तथा प्रशासन के फैसले को चुनौती देने के लिए उचित प्रक्रिया उपलब्ध कराई गई थी या नहीं।

    मीडिया संगठनों का कहना है कि सरकार को प्रेस की रिपोर्टिंग की सामग्री के आधार पर उसके साथ अलग व्यवहार नहीं करना चाहिए। दूसरी ओर, प्रशासन व्हाइट हाउस में मीडिया पहुंच को लेकर अपने अधिकारों का हवाला दे रहा है।

    अदालत के सामने अब यह तय करना होगा कि मामले की सुनवाई के दौरान पत्रकारों की पहुंच तत्काल बहाल की जानी चाहिए या नहीं। अंतिम कानूनी विवाद में प्रेस की स्वतंत्रता, सरकारी परिसर तक पहुंच और प्रशासनिक अधिकारों से जुड़े संवैधानिक तथा प्रक्रियात्मक मुद्दे सामने आ सकते हैं।

    पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे विवाद

    ट्रंप प्रशासन और अमेरिकी समाचार संगठनों के बीच प्रेस पहुंच को लेकर यह पहला कानूनी विवाद नहीं है। इससे पहले Associated Press भी व्हाइट हाउस के कुछ कार्यक्रमों में अपनी पहुंच को लेकर कानूनी कार्रवाई कर चुका है।

    ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान भी कई पत्रकारों और समाचार संगठनों की प्रेस पहुंच को लेकर विवाद सामने आए थे। जिम एकोस्टा से जुड़ा 2018 का मामला इसी तरह के विवादों में प्रमुख रहा था।

    वर्तमान मामले में तीन समाचार संगठनों की संयुक्त कानूनी चुनौती और टेलीविजन पूल से जुड़ी अन्य प्रमुख अमेरिकी नेटवर्क की प्रतिक्रिया ने विवाद को व्यापक बना दिया है।

    आगे अदालत की सुनवाई पर नजर

    CNN, Politico और MS NOW की याचिका पर होने वाली सुनवाई अब इस विवाद की अगली महत्वपूर्ण कड़ी होगी। तीनों संगठन चाहते हैं कि मामले की अंतिम सुनवाई तक उनकी व्हाइट हाउस प्रेस पहुंच बहाल की जाए।

    वहीं, प्रशासन की ओर से यह रुख सामने आया है कि व्हाइट हाउस में मीडिया पहुंच को लेकर उसके पास अधिकार हैं। ऐसे में अदालत को प्रेस की संवैधानिक स्वतंत्रता और सरकारी परिसर में प्रवेश से जुड़े प्रशासनिक अधिकारों के बीच कानूनी प्रश्नों पर विचार करना होगा।

    फिलहाल मामला अदालत के समक्ष विचाराधीन है और बुधवार की सुनवाई के बाद यह स्पष्ट हो सकता है कि पत्रकारों की व्हाइट हाउस पहुंच को लेकर तत्काल क्या व्यवस्था लागू होती है। विवाद का अंतिम परिणाम आगे होने वाली न्यायिक कार्यवाही पर निर्भर करेगा।

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