Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    तृतीय श्रेणी भर्ती में केवल पांच हजार पद , लेवल -2 में कोई पद नहीं

    2 months ago

    पदौन्नति नहीं होने के कारण अब तक की सबसे छोटी भर्ती

    सर्वोच्च न्यायालय में राज्य सरकार द्वारा जवाब प्रस्तुत नहीं करनें से अटकी तृतीय श्रेणी अध्यापक पदौन्नति :*



    पांच वर्षों से लंबित तृतीय श्रेणी अध्यापक पदौन्नति मामले में राजस्थान सरकार द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 24 सितंबर 2025 की पालना नहीं की जा रही है , दिनांक 24 सितंबर 2025 के आदेशानुसार सर्वोच्च न्यायालय मे राजस्थान सरकार को  अतिरिक्त विषय के मामले में अपना जवाब प्रस्तुत करना था, छः सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के पश्चात भी राज्य सरकार की ओर से कोई जवाब माननीय न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है ,जो कि पदौन्नति मामले में सरकार की उदासीनता है,
    जिससे कि विभाग के दिसंबर तक सभी लंबित पदौन्नति पूरा करने का एजेंडा फेल होता दिखाई दे रहा है,
    एक तरफ 5 वर्षों से तृतीय श्रेणी अध्यापक पदोन्नति को लेकर परेशान है वही दूसरी और कक्षा 9 व 10 में विषय अध्यापकों के 41, 683 पद रिक्त चल रहे हैं, जो की कुल पदों के लगभग 48% पद रिक्त पद है 
    विद्यालय में विषय अध्यापकों नहीं होने से बोर्ड कक्षाओं का पाठ्यक्रम अधूरा पङा है,

    *तृतीय श्रेणी अध्यापकों की पदोन्नति नहीं होने का अप्रत्यक्ष नुकसान बीएडधारी  बेरोजगारों को भी झेलना पड़ रहा है, इसमें अब तक के सबसे कम पद पर भर्ती होगी, कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष द्वारा बताया गया था कि केवल पांच हजार पदों पर भर्ती हो रही है तथा लेवल-2 एवं विशेष शिक्षा में एक भी पदों पर भर्ती नहीं होगी।*

    सरकार को चाहिए कि समय पर सर्वोच्च न्यायालय में जवाब प्रस्तुत कर तुरंत तृतीय श्रेणी अध्यापकों की पदोन्नति की जाए, जिससे कि
    5 वर्षों से लंबित तृतीय श्रेणी अध्यापक पदौन्नति हो सके।

    विद्यालयों में बोर्ड परीक्षा से पूर्व बच्चों को विषय अध्यापक मिले जिससे कि समय पर बोर्ड परीक्षाओं का पाठ्यक्रम पूरा करवाया जा सके ।

    *राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा का कहना है कि तृतीय श्रेणी से वरिष्ठ अध्यापक की 5 वर्ष की पदोन्नति की जाती है करीब 30 हजार शिक्षक पदोन्नत हो पाएंगे वहीं वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता पद की डीपीसी भी इसी कारण अटकी हुई है*
    क्योंकि लगभग 19000 शिक्षकों को वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता बनाया जाना है!
    *बीएड धारक बेरोजगारों को नई भर्ती के 30 हजार से अधिक रिक्त पद उपलब्ध हो सके।*

    Click here to Read More
    Previous Article
    बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज़ में ‘नखराला बन्ना’ म्यूजिक वीडियो का भव्य लॉन्च
    Next Article
    Bihar : पूरी बाज़ी ही पलट गई ! अब क्या होने वाला है?

    Related राजस्थान Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment