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    वेनेजुएला का कच्चा तेल प्रसंस्करण में चुनौतीपूर्ण, उचित समय पर किया जाएगा मूल्यांकन: एचपीसीएल

    1 hour ago

    सरकारी क्षेत्र की तेल कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने कहा है कि वेनेजुएला से मिलने वाला कच्चा तेल तकनीकी रूप से आसान नहीं है, लेकिन परिस्थितियों के अनुसार इसमें कुछ संभावनाएं जरूर बन सकती हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया कि ऐसे तेल की खरीद और उपयोग को लेकर किसी भी तरह का फैसला मौके की उपलब्धता और व्यावसायिक उपयुक्तता के आधार पर ही लिया जाएगा।

    एचपीसीएल के रिफाइनरी प्रभाग के निदेशक ने निवेशकों के साथ आयोजित एक कॉन्फ्रेंस कॉल में बताया कि वेनेजुएला का कच्चा तेल भारी प्रकृति का होता है। इसमें चिपचिपाहट (विस्कोसिटी) अधिक होती है और इसका अम्लीय स्तर (एसिड नंबर) भी अपेक्षाकृत ज्यादा पाया जाता है। यही कारण है कि इस तरह के कच्चे तेल का प्रसंस्करण सामान्य ग्रेड की तुलना में अधिक जटिल माना जाता है।

    तकनीकी विशेषताएं बनती हैं चुनौती

    कंपनी अधिकारियों के अनुसार, वेनेजुएला का कच्चा तेल “बॉटम-हेवी” श्रेणी में आता है, यानी इसमें भारी अंश अधिक होते हैं। ऐसे तेल को परिष्कृत करने के लिए रिफाइनरियों को विशेष तकनीकी व्यवस्थाओं और अतिरिक्त प्रक्रियाओं की जरूरत पड़ती है। इससे लागत और संचालन संबंधी चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

    हालांकि, एचपीसीएल का मानना है कि यदि सही शर्तों पर प्रस्ताव मिलते हैं, तो इस तरह के कच्चे तेल में भी व्यावसायिक अवसर तलाशे जा सकते हैं। कंपनी ने कहा कि वह बाजार से मिलने वाले प्रस्तावों का विश्लेषण करेगी और तभी आगे बढ़ेगी जब यह आर्थिक और तकनीकी रूप से लाभकारी होगा।

    जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं

    एचपीसीएल ने साफ किया कि फिलहाल वेनेजुएला के कच्चे तेल को लेकर कोई तात्कालिक निर्णय नहीं लिया गया है। कंपनी का रुख संतुलित है और वह कच्चे तेल की गुणवत्ता, कीमत, परिवहन लागत और रिफाइनरी की अनुकूलता जैसे सभी पहलुओं का मूल्यांकन करने के बाद ही कदम उठाएगी।

    विशेषज्ञों का कहना है कि भारत जैसी बड़ी तेल आयातक अर्थव्यवस्था के लिए कच्चे तेल के स्रोतों में विविधता रखना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में कठिन तकनीकी विशेषताओं वाले तेल भी तब उपयोगी हो सकते हैं, जब वे लागत के लिहाज से प्रतिस्पर्धी हों।

    रिफाइनिंग क्षमता और अनुभव

    एचपीसीएल देश की प्रमुख तेल शोधन कंपनियों में शामिल है और इसके पास विभिन्न प्रकार के कच्चे तेल को प्रोसेस करने का अनुभव है। कंपनी की मुंबई सहित अन्य रिफाइनरियां समय-समय पर अलग-अलग ग्रेड के कच्चे तेल का परीक्षण और उपयोग करती रही हैं।

    हाल के वर्षों में वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के चलते तेल कंपनियों को लचीलापन अपनाना पड़ा है। आपूर्ति शृंखला, भू-राजनीतिक परिस्थितियां और मूल्य अस्थिरता जैसे कारक कंपनियों को वैकल्पिक स्रोतों पर विचार करने के लिए प्रेरित करते हैं।

    बाजार की स्थिति पर नजर

    एचपीसीएल ने यह भी संकेत दिया कि वह अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों पर लगातार नजर रखे हुए है। कच्चे तेल की कीमतों, मांग-आपूर्ति के संतुलन और रिफाइनिंग मार्जिन जैसे तत्व किसी भी निर्णय में अहम भूमिका निभाते हैं।

    ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में यदि वैश्विक बाजार में भारी कच्चे तेल की उपलब्धता बढ़ती है और कीमतें अनुकूल रहती हैं, तो भारतीय रिफाइनरियां तकनीकी चुनौतियों के बावजूद ऐसे विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर सकती हैं।

    निष्कर्ष

     

    कुल मिलाकर, एचपीसीएल का रुख सावधानीपूर्ण लेकिन संभावनाओं के लिए खुला हुआ नजर आता है। कंपनी ने स्पष्ट कर दिया है कि वेनेजुएला का कच्चा तेल आसान नहीं है, लेकिन यदि सही समय पर सही शर्तें मिलती हैं, तो उसका मूल्यांकन कर व्यावसायिक निर्णय लिया जा सकता है।

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