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    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, वाटिका जयपुर में अकादमिक उत्कृष्टता पर प्रेरणादायी सेमिनार आयोजित

    1 month ago

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, वाटिका जयपुर के IQAC सेल द्वारा “अकादमिक उत्कृष्टता और उससे आगे: प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय विद्वानों के साथ छात्र संवाद” विषय पर एक प्रेरणादायी सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य छात्रों को उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता, नेतृत्व क्षमता तथा भविष्य की चुनौतियों के प्रति जागरूक करना रहा।

     

    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की प्रेसिडेंट डॉ. रश्मि जैन ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के संवादात्मक सेमिनार छात्रों को न केवल अकादमिक रूप से सशक्त बनाते हैं, बल्कि उन्हें जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए भी प्रेरित करते हैं। उन्होंने छात्रों से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाकर अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

     

    प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. अंकित गांधी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि छात्रों में सृजनात्मक सोच, नेतृत्व क्षमता और उत्कृष्टता की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. दिनेश शेनॉय तथा डॉ. प्रवीण कुमार वैद्य का स्वागत करते हुए कहा कि उनके अनुभव और दृष्टिकोण छात्रों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगे तथा यह संवाद विद्यार्थियों को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरणा प्रदान करेगा।

     

    मुख्य वक्ता डॉ. दिनेश शेनॉय, कुलपति, जीडी गोयनका विश्वविद्यालय ने सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रों के साथ संवाद करना और उनके जिज्ञासापूर्ण प्रश्नों पर चर्चा करना उनके लिए सदैव प्रेरणादायी अनुभव रहा है। उन्होंने यह विश्वास व्यक्त किया कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सीखने, परिश्रम और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने से कोई भी छात्र असाधारण सफलता प्राप्त कर सकता है। उन्होंने छात्रों को ज्ञान और अनुभव का भरपूर लाभ उठाकर अपने निर्धारित लक्ष्यों की ओर अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया।

     

    डॉ. प्रवीण कुमार वैद्य, मुख्य पुस्तकालयाध्यक्ष, एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी ने अपने संबोधन में कहा कि अकादमिक उत्कृष्टता केवल अध्ययन तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसमें अनुसंधान, विश्लेषणात्मक सोच और संसाधनों के प्रभावी उपयोग की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि छात्रों के साथ हुए इस संवाद से उन्हें अपने लक्ष्यों को स्पष्ट करने, उन्हें प्राप्त करने की रणनीति बनाने तथा अपनी अंतर्निहित क्षमताओं को पहचानने में सहायता मिलेगी।

     

    यूनिवर्सिटी के प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने कहा कि डॉ. दिनेश शेनॉय और डॉ. प्रवीण कुमार वैद्य जैसे प्रतिष्ठित विद्वानों के अनुभव और दृष्टिकोण से छात्रों को नए विचार, अनुसंधान की दिशा और व्यक्तिगत विकास के महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त होते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस संवाद के माध्यम से छात्रों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सृजनात्मक सोच को सुदृढ़ बल मिलेगा, जो उनके भविष्य के करियर और जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों में सहायक सिद्ध होगा।

     

    सेमिनार के दौरान छात्र-छात्राओं ने अकादमिक उत्कृष्टता, लक्ष्य निर्धारण, आत्मविश्वास और नेतृत्व कौशल के महत्व को गहराई से समझा। उन्हें यह भी संदेश मिला कि ज्ञान केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि अनुसंधान, संवाद और संसाधनों के समुचित उपयोग से भी अर्जित किया जाता है। छात्रों ने यह अनुभव किया कि निरंतर सीखते रहना और अपने सपनों की दिशा में प्रयासरत रहना ही सफलता की कुंजी है।

     

    कार्यक्रम के अंत में डॉ. रजनी माथुर ने सभी वक्ताओं, अतिथियों, आयोजकों तथा छात्रों के प्रति आभार व्यक्त किया

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