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    पौराणिक गाथा: जब धार नगरी के जमाई बने भगवान देवनारायण, जानें पीपलदे संग विवाह की अनूठी कथा

    गढ़ गाजणा से धार नगरी तक चमत्कार और अटूट श्रद्धा का अद्भुत संगम   भगवान देवनारायण की लीलाएं अपरंपार हैं। नाग कन्या और दैत्य कन्या से विवाह के पश्चात उनके जीवन में एक नया अध्याय तब जुड़ा, जब उन्होंने धार नगरी के गौरव को पुनर्स्थापित किया। लोक मान्यताओं के अनुसार, देवनारायण ने अपनी अलौकिक शक्तियों से गढ़ गाजणा के किवाड़ उखाड़कर गज दन्त और नीम दन्त नामक राक्षसों के सिर पर लदवाकर धार नगरी भिजवा दिए थे। चमत्कार देख नतमस्तक हुए राजा जय सिंह जब धार नगरी की प्रजा ने सुबह आँखें खोलीं, तो वे आश्चर्यचकित रह गए। नगरी के विशाल द्वार, जो शत्रुओं द्वारा हटा दिए गए थे, वे अपनी जगह पर वापस लगे हुए थे। जब यह समाचार राजा जय सिंह तक पहुँचा, तो वे तुरंत द्वार पर आए। इस चमत्कार को देखकर उन्हें पूर्ण विश्वास हो गया कि देवनारायण कोई साधारण मानव नहीं, बल्कि स्वयं विष्णु के अवतारी पुरुष हैं। इसी अटूट विश्वास के चलते उन्होंने अपनी पुत्री राजकुमारी पीपलदे का हाथ देवनारायण के हाथ में सौंपने का निर्णय लिया। सोने का नारियल और माता साडू की स्वीकृति राजा जय सिंह ने चार विद्वान पंडितों के हाथों सोने का 'लग्न-नारियल' भेजकर विवाह का प्रस्ताव रखा। ये पंडित छोछू भाट के माध्यम से माता साडू के दरबार में पहुँचे। उस समय देवनारायण निद्रा में थे। माता साडू ने उन्हें जगाकर धार नगरी की राजकुमारी पीपलदे के रिश्ते की जानकारी दी। मर्यादा और परंपरा का निर्वाह करते हुए देवनारायण ने माता से कहा, "माता, बिना कन्या को देखे विवाह का निर्णय लेना उचित नहीं, पहले छोछू भाट को कन्या की शोभा देखने भेजें।" जब छोछू भाट ने धार जाकर पीपलदे के सौंदर्य और गुणों को देखा, तो उन्होंने लौटकर माता साडू को आश्वस्त किया कि राजकुमारी पीपलदे साक्षात लक्ष्मी का स्वरूप हैं और नारायण के लिए सर्वथा उपयुक्त हैं। अधूरे फेरों का रहस्य: धार से मंगरोप तक का सफर विवाह की तैयारियाँ धूमधाम से शुरू हुईं। धार नगरी में शहनाइयाँ गूँजने लगीं और नगाड़ों की थाप पर मंगल गीत गाए गए। देवनारायण और पीपलदे के हाथों में विवाह का रक्षा-सूत्र (डोरा) बाँधा गया। इस विवाह की सबसे विशेष बात इसके 'फेरे' रहे। लोक कथाओं के अनुसार, देवनारायण ने पीपलदे के साथ धार नगरी में केवल तीन फेरे ही लिए थे। शेष आधे फेरे उन्होंने बाद में मंगरोप नामक स्थान पर आकर पूरे किए। यह घटना आज भी राजस्थानी लोक संस्कृति और भजनों में बड़े चाव से सुनाई जाती है। प्रमुख बिंदु: एक नजर में  * चमत्कार: राक्षसों द्वारा धार नगरी के किवाड़ वापस स्थापित करना।  * प्रस्ताव: राजा जय सिंह द्वारा सोने के नारियल के साथ पंडितों को भेजना।  * गवाह: छोछू भाट द्वारा राजकुमारी की सुंदरता की पुष्टि करना।  * विशेषता: विवाह के फेरों का दो अलग-अलग स्थानों (धार और मंगरोप) पर संपन्न होना।  

    मालासेरी डूंगरी में गूंजा देव का जयघोष: भगवान देवनारायण के 1114वें अवतरण महोत्सव का भव्य आगाज

    कनाजी खेड़ा से निकली भव्य कलश यात्रा, साप्ताहिक विष्णु महायज्ञ के साथ भक्तिमय हुआ वातावरण मालासेरी/आसींद। लोक देवता भगवान देवनारायण के 1114वें अवतरण महोत्सव के उपलक्ष्य में मालासेरी डूंगरी की पावन धरा पर आध्यात्मिक उत्सव का शंखनाद हो चुका है। इस पावन अवसर पर आयोजित होने वाले साप्ताहिक विष्णु महायज्ञ का शुभारंभ सोमवार को अत्यंत हर्षोल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ किया गया। भक्ति और शक्ति के इस संगम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े, जिससे पूरा क्षेत्र 'जय देव' के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धा का सैलाब: कनाजी खेड़ा से मालासेरी तक कलश यात्रा महोत्सव का औपचारिक आरंभ कनाजी खेड़ा गांव स्थित शिव मंदिर से हुआ। यहाँ विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कलश यात्रा रवाना की गई। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में सिर पर मंगल कलश धारण कर मंगल गीत गाती हुई चल रही थीं। पुरुषों ने हाथों में धर्म ध्वजा थाम रखी थी। ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे की मधुर धुनों के बीच जब यह यात्रा मालासेरी डूंगरी पहुँची, तो पुष्प वर्षा कर भक्तों का स्वागत किया गया। 24 घंटे का अखंड जागरण और विष्णु महायज्ञ मालासेरी डूंगरी पहुँचने के साथ ही साप्ताहिक कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हो गई। आयोजन समिति के अनुसार:  * देवधुन जागरण: महोत्सव के पहले दिन 24 घंटे का अखंड देवधुन जागरण शुरू किया गया है, जिसमें भजन गायक भगवान देवनारायण की महिमा का गुणगान कर रहे हैं।  * विष्णु महायज्ञ: क्षेत्र की खुशहाली और लोक कल्याण की कामना के साथ साप्ताहिक विष्णु महायज्ञ की वेदियों में आहुतियां दी जा रही हैं।  * सांस्कृतिक संगम: इस सात दिवसीय आयोजन में राजस्थान के विभिन्न कोनों से श्रद्धालु पहुँच रहे हैं, जो साढ़ू माता और देवनारायण के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा प्रकट कर रहे हैं। पारंपरिक वैभव और भक्ति का संगम कलश यात्रा के दौरान भक्तों का उत्साह देखते ही बनता था। ग्रामीणों ने जगह-जगह यात्रियों के लिए शीतल जल और अल्पहार की व्यवस्था की। "जय जय देव, घर घर देव" के नारों के साथ युवा नाचते-गाते मालासेरी की पहाड़ियों तक पहुँचे। आयोजकों का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक यहाँ धार्मिक प्रवचन, भजन संध्या और महाप्रसाद जैसे विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन अनवरत जारी रहेगा। > "मालासेरी डूंगरी केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र है। 1114वाँ अवतरण वर्ष इस बार विशेष रूप से भव्य स्तर पर मनाया जा रहा है।" >   

    वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 1002 वरिष्ठजनों को लेकर विशेष ट्रेन जगन्नाथ पुरी के लिए हुए रवाना

    - भाजपा जिलाध्यक्ष अमित गोयल ने दिखाई हरी झंडी  जयपुर। राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2025 अन्तर्गत सोमवार को दुर्गापुरा (जयपुर) रेलवे स्टेशन से जगन्नाथपुरी-कोणार्क वाया सवाईमाधोपुर-सोगारिया (कोटा) ट्रेन रवाना हुई। इस गाड़ी में कुल 1002 यात्री सवार हुए हैं, इनमें से दुर्गापुरा जयपुर से 570, जबकि सवाईमाधोपुर से 600 यात्री तथा 32 जने सहयोगी स्टाफ के शामिल हैं। देवस्थान विभाग के अतिरिक्त आयुक्त रतनलाल योगी ने बताया कि उक्त ट्रेन में 6 दिन तक यात्रियों के आवास, भोजन इत्यादि की समस्त व्यवस्थाएँ देवस्थान विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा की जायेगी, फलतः यात्रियों हेतु यात्रा पूर्णतः निःशुल्क रहेगी। इस ट्रेन को भाजपा जयपुर शहर के जिलाध्यक्ष अमित गोयल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत के मार्गदर्शन में वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2025–26 के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों को राजस्थान वाहिनी भारत गौरव वातानुकूलित ट्रेन द्वारा निःशुल्क तीर्थ यात्रा पर रवाना किया गया है। दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन पर जिलाध्यक्ष अमित गोयल ने तीर्थ यात्रा पर जा रहे वरिष्ठ नागरिकों से आत्मीय संवाद किया। इस अवसर पर निवर्तमान महापौर श्रीमती सौम्या गुर्जर, जिला महामंत्री नवरतन नारायणीया अन्य जिला पदाधिकारी एवं मंडल अध्यक्षगण उपस्थित रहे।

    देवस्थान विभाग में पुजारियों व अन्य पदों पर होगी भर्ती

    - समीक्षा बैठक में देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने प्रस्ताव के दिए निर्देश  जयपुर। शासन सचिवालय में सोमवार को देवस्थान विभाग की समीक्षा बैठक पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में बजट घोषणाओं की क्रियान्विति को लेकर गहन चर्चा हुई। इस दौरान राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी योजना- वरिष्ठजन नागरिक तीर्थयात्रा योजना-2025 की समीक्षा करते हुए देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने ट्रेन व हवाई यात्रा को मार्च-2026 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। इस संबंध में देवस्थान आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी ने बताया कि अब तक 40 ट्रेनों के जरिए 34 हजार 755 वरिष्ठजनों को विभिन्न तीर्थस्थलों की यात्रा करवाई जा चुकी है। इसके साथ ही 29 फ्लाइट्स से कुल 1521 यात्रियों को नेपाल के तीर्थस्थलों के दर्शन करवाए जा चुके हैं।  बैठक में मंत्री कुमावत ने न्यायालयों में लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाने, देवस्थान विभाग की अलग से निर्माण विंग बनाने, देवस्थान विभाग की कृषि योग्य भूमि को लीज पर देने तथा चिन्हित मंदिरों में निर्माण कार्यों की डीपीआर बनाकर उसकी वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति लेकर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए।  सिंधु दर्शन योजना में राशि बढाने पर हुई चर्चा  समीक्षा बैठक के दौरान देवस्थान मंत्री कुमावत ने विभागीय अधिकारियों को सिंधु दर्शन योजना में श्रद्धालुओं को दी जाने वाली सहायता राशि में बढोतरी करने संबंधी प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग का कैडर रिव्यू प्रस्ताव तैयार करने के साथ साथ विभाग में पुजारी व अन्य विभिन्न कैडर के नए पद सृजित कर नई भर्ती का प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए। बैठक में मोक्ष कलश यात्रा में यात्रियों की संख्या में बढोतरी करने को लेकर भी चर्चा हुई। अब होगी कार्यों की मासिक समीक्षा  देवस्थान मंत्री ने विभाग में अतिरिक्त आयुक्त स्तर के अधिकारियों के कार्यों की मासिक समीक्षा करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि मुख्यमंत्री की बजट घोषणा को प्राथमिकता से पूरा करने में कोताही बरतने वाले अफसरों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने आयुक्त को निर्देशित किया। बैठक में शासन सचिव शुचि त्यागी, वित्तीय सलाहकार दर्शना देवी, उप सचिव आलोक सैनी, अतिरिक्त आयुक्त गितेश मालवीय मौजूद रहे, जबकि देवस्थान आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी वर्चुअली शामिल हुए।

    प्रवासी जयपुर राजस्थान के मुंबई में रह रहे परिवारों को जोड़ने का का कार्य कर रहा

    जयपुर प्रवासी संघ मुंबई रजिस्टर्ड मुंबई में 2007 से प्रवासी जयपुर राजस्थान के मुंबई में रह रहे परिवारों को जोड़ने का का कार्य कर रहा है वर्तमान में संघ के साथ करीब 1000 से ज्यादा परिवार जुड़े हुए है जयपुर प्रवासी संघ राजस्थान के सभी तीज त्यौहार मुंबई में आयोजित कर रहा है जिसमे पतंग उत्सव, होली , सावन की गोठ (दाल बाटी चूरमा) आदि उत्सव मुंबई मे धूमधाम से मनाते है, इसके अलावा सेवा के कार्यो मे भी जयपुर प्रवासी संघ प्रति वर्ष फ्री मेडिकल केंप आदि का आयोजन करता है  जयपुर प्रवासी संघ मुंबई रजि.का 18 वा वार्षिक उत्सव व म्यूजिकल नाईट कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 18 जनवरी को मुकेश पटेल हॉल विलेपार्ले मुंबई में आयोजित किया गया l कार्यक्रम में द सितार स्टार सिम्फोनी द्वारा सितार वादन म्यूजिकल नाईट का उपस्थिति संघ के सदस्यों ने भरपूर आनंद लिया  कार्यक्रम में जयपुर प्रवासी संघ के संरक्षक दिलीप लाखी,अशोक डागा, विनोद दूगड़ गवर्निंग संरक्षक कृष्णकुमार राठी, श्रीमती कुसुम काबरा व नरेंद्र हीरावत ने आये हुए विशिष्ट अतिथियों का सत्कार किया..जयपुर से पधारे सामाजिक कार्यकर्ता एवं रत्न व्यवसायी राजू मंगोड़िवाला, डॉ सुशिल तापरिया, डॉ शैलेश लोढ़ा डॉ अजय बापना, महेश चन्द गुप्ता को जयपुर श्री की उपाधि से सुशोभीत किया गया! प्रसिद्ध फिल्मकार के सी बोकाडिया व राजस्थान फाउंडेशन चेयरमैन गणपत कोठरी को स्मृति चिन्ह व शाल ओढ़ा कर सम्मान किया, साथ ही जयपुर के सुप्रसिद्ध व्यवसाई व सामाजिक कार्यकर्ता नवरतन कोठारी की ग्रुप ऑफ़ कंपनी के. जी . के. ग्रुप द्वारा जयपुर के युवाओ को ट्रेनिंग के रोजगार के अवसर प्रदान किये गए इस हेतु स्मृति चिन्ह व शॉल पहना कर सम्मनिति किया गया  कर्यक्रम का संचालन श्रीमती कुसुम काबरा व श्रीमती अनीता माहेश्वरी द्वारा किया गया जयपुर प्रवासी संघ की कार्यकारिणी अरुण निगोतीया, धरमचद कोठारी अनिल हीरावत व संयोजक सुनील सिंघवी उप संयोजक मधुकुमार राठी का कार्यक्रम को सफल बनानें के लिए विशेष सहयोग दिया कृष्ण कुमार राठी ने जयपुर प्रवासी संघ की जयपुर प्रवासी संघ की स्थापन से लेकर आज तक की कार्यकारिणी के द्वारा जयपुर प्रवासी संघ को आगे बढ़ने में जो सहयोग दिया उसके लिए सम्मान व स्मृति चिन्ह प्रदान किये

    योग, व्यक्तित्व विकास और करियर मार्गदर्शन से सजा ओरिएंटेशन कार्यक्रम

    बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेस में विद्यार्थियों के लिए प्रेरक ओरिएंटेशन संपन्न जयपुर। बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेस, चंपापुरा कैंपस में ऊर्जा 2025–26 के अंतर्गत बीएनवाईएस, बी.एससी. नर्सिंग (आयुर्वेद) और डीएएनएंडपी पाठ्यक्रमों के प्रथम बैच के विद्यार्थियों के लिए स्टूडेंट ओरिएंटेशन प्रोग्राम का अंतिम दिन आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र, मानसिक और व्यावसायिक विकास को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया।    ओरिएंटेशन प्रोग्राम की शुरुआत डॉ. कृष्णा अग्रवाल द्वारा आयोजित प्रातःकालीन योग सत्र से हुई, जिसमें विद्यार्थियों को योगाभ्यास के महत्व और मानसिक संतुलन बनाए रखने के तरीकों के बारे में मार्गदर्शन दिया गया।   प्रिंसिपल एवं डीन डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन और उनके बलिदानों का उल्लेख किया और विद्यार्थियों को उनसे प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्श आज भी हमारे जीवन को दिशा दे सकते हैं।    डॉ. गोठवाल ने स्वयं एक सत्र भी लिया, जिसमें उन्होंने विद्यार्थियों को ऐतिहासिक पात्रों और ग्रंथों से सीख लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ‘पद्मावत’ और ‘छावा’ जैसी पुस्तकों का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों से नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने और अपने व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देने का आह्वान किया।   प्लेसमेंट हेड डॉ. स्मृति तिवाड़ी ने अपने सत्र में बॉडी लैंग्वेज के महत्व और आत्मविकास (सेल्फ डेवलपमेंट) पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने सपनों की पहचान करने, उन्हें हासिल करने के लिए सही दिशा में प्रयास करने और अपने पैशन को समझकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।     डॉ. सिद्धार्थ यादव और डॉ. अलका यादव (नवीन पाठ्यक्रमों के प्राचार्य) ने बीएससी नर्सिंग आयुर्वेद और बीएनवाईएस में उपलब्ध करियर अवसरों पर विस्तृत जानकारी साझा की।   इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम के दौरान रोड सेफ्टी पर जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को यातायात नियमों और सुरक्षित जीवन के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।   बीएनवाईएस के अन्य शिक्षक भी विद्यार्थियों के लिए विभिन्न सत्र आयोजित कर मार्गदर्शन प्रदान किया।    कार्यक्रम के समापन पर एक ओपन माइक सेशन आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। यह ओरिएंटेशन प्रोग्राम प्रथम बैच के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक, मार्गदर्शक और आत्मविकास की दिशा में एक सशक्त शुरुआत साबित हुआ।

    केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर परिसर में ‘शिक्षापत्री’ विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन

    जयपुर। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर परिसर में सोमवार को एकदिवसीय शैक्षणिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य विषय ‘‘भगवान श्री स्वामीनारायण विरचित ‘शिक्षापत्री’ – सनातन धर्म का दिव्यग्रन्थ’’ रहा। कार्यशाला के निवेदक प्रो. बलवन्त जानी, मानद-नियामक, श्री स्वामीनारायण अनुसंधान केन्द्र, वडतालधाम (श्री सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय से सम्बद्ध) रहे। कार्यक्रम का संयोजन केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर परिसर के निदेशक प्रो. लोकमान्य मिश्र के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। कार्यशाला का शुभारम्भ वैदिक मंगलाचरण के साथ हुआ। कार्यशाला के विभिन्न सत्रो में देश के विभिन्न सम्प्रदायों के आचार्यों एवं संस्कृत विद्वानो ने शिक्षापत्री ग्रन्थ के सन्दर्भ, प्रसंग एवं उसकी युगानुरूप प्रासंगिकता पर अपने वैदुष्यपूर्ण विचार प्रस्तुत किए। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के कुलगुरु प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने आभासी माध्यम से शिक्षापत्री ग्रन्थ को छात्रों के संस्कार निर्माण में अत्यन्त उपयोगी बताया। उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमाकान्त पाण्डेय ने ग्रन्थ में निहित विभिन्न श्लोकों की सूक्ष्म एवं सारगर्भित व्याख्याएँ प्रस्तुत की।जगद्गुरु रामानन्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. मदनमोहन झा ने सनातन धर्म के दिव्यग्रन्थ शिक्षापत्री पर विभिन्न विद्वानों की सम्मतियों को रेखांकित करते हुए अपने विचार प्रस्तुत किए। सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरु प्रो. अर्कनाथ चौधरी ने संक्षेप में अपने विचार व्यक्त किए। जयपुर परिसर के सह-निदेशक प्रो. बोध कुमार झा (शैक्षणिक) एवं प्रो. शीशराम (प्रशासन) ने भी अपने अमूल्य विचार व्यक्त किए तथा शास्त्रसम्मत जिज्ञासाओं के माध्यम से विमर्श को समृद्ध किया। सम्पूर्ति सत्र में अध्यक्षीय उद्बोधन डॉ. सन्तवल्लभदास जी स्वामी द्वारा दिया गया, जिसमें उन्होंने ग्रन्थ के महत्त्व एवं महापुरुषों के चरित्र पर प्रकाश डालते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस एकदिवसीय कार्यशाला के अंतर्गत उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं, विद्वानों एवं अतिथियों को ‘शिक्षापत्री’ (भगवान श्री स्वामीनारायण द्वारा विरचित) ग्रन्थ का निःशुल्क वितरण किया गया। कार्यशाला का समापन वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सम्पन्न हुआ।

    वित्तीय जागरूकता अभियान का हुआ आयोजन

    कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय, जयपुर ने मीराए एसेट म्यूचुअल फंड के सहयोग से उदयन शालिनी फैलोशिप गर्ल्स एवं महाविद्यालय की छात्राओं के लिए 18 से 19 जनवरी, 2026 (दो दिवसीय वित्तीय जागरूकता अभियान) का आयोजन किया गया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल सत्र की मुख्य वक्ता रहीं। उन्होने छात्राओं को बचत, निवेश व विभिन्न निवेश साधनों व स्कीम से अवगत कराया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को व्यक्तिगत वित्त और निवेश रणनीतियों पर शिक्षित और सशक्त बनाना था। महिला सशक्तीकरण में वित्तीय साक्षरता के महत्व को ध्यान में रखते हुए इस सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय प्राध्यापिकाओं सहित लगभग 235 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. भारती गोधवानी द्वारा किया गया।   

    उच्च शिक्षा हेतु करियर काउंसलिंग एवं मार्गदर्शन सत्र का आयोजन

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के सेंटर फॉर करियर गाइडेंस, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट द्वारा परिवर्तन के सहयोग से “उच्च शिक्षा हेतु करियर काउंसलिंग एवं मार्गदर्शन” विषय पर एक सत्र का सफल आयोजन किया गया। इस सत्र का उद्देश्य उन विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान करना था जो अपने भविष्य की शैक्षणिक दिशा एवं करियर विकल्पों को लेकर असमंजस में हैं। सत्र की प्रमुख वक्ता सुश्री प्रियांशी मधुकर, पीएचडी शोधार्थी, हॉवर्ड यूनिवर्सिटी, वाशिंगटन डी.सी. रहीं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अवसरों, शोध उन्मुख अध्ययन तथा उच्च शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही आशुतोष रांका, फाउंडर परिवर्तन एवं पूर्व छात्र आईआईटी कानपुर एवं लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, ने उच्च शिक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया, फंडिंग के अवसरों एवं दीर्घकालीन करियर योजना पर विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में डॉ. पूराराम (पूर्व वैज्ञानिक अधिकारी) असिस्टेंट प्रोफेसर, भौतिक विज्ञान विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर एवं वरिष्ठ सलाहकार, परिवर्तन (च्ंतपअंतजंद) भी उपस्थित रहे। सत्र के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न शैक्षणिक मार्गों, आवेदन प्रक्रियाओं, शोध क्षेत्र में अवसरों, वित्तीय सहायता एवं छात्रवृत्तियों तथा दीर्घकालीन करियर योजना से संबंधित जानकारी दी गई। वक्ताओं द्वारा विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए गए, जिससे सत्र अत्यंत संवादात्मक एवं उपयोगी सिद्ध हुआ। यह सत्र उच्च शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में रुचि रखने वाली छात्राओं के लिए अत्यंत लाभकारी रहा। इससे छात्राओं को अपने करियर लक्ष्यों को लेकर स्पष्टता, आत्मविश्वास एवं दिशा प्राप्त हुई। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की 50 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राध्यापिकाऐं एवं अन्य महाविद्यालय के छात्र भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सेंटर की संयोजिका डॉ आकांक्षा गंडा ने किया एवं साथ ही सत्र के अंत में धन्यवाद ज्ञापित किया।

    एक दर्जन से अधिक राज्य सरकार के मंत्रियों के कथा में आने की मिली स्वीकृति

    24 जनवरी को उपमुख्यमंत्री आएंगे कथा में रामगंज मंडी! शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर की प्रेरणा से रामगंज मंडी में आयोजित हो रही बागेश्वर धाम सरकार के आचार्य पंडित धीरेंद्र शास्त्री की श्री राम कथा- श्री गौ माता महोत्सव में राजस्थान सरकार के उपमुख्यमंत्री सहित एक दर्जन से अधिक मंत्री शामिल होंगे!    राजस्थान सरकार के उपमुख्यमंत्री डॉ प्रेमचंद बेरवा दिनांक 24 या 25 जनवरी को कथा में शामिल होंगे! दिनांक 24 जनवरी को ही राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, वन मंत्री संजय शर्मा तथा गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेड़म रामगंज मंडी आएंगे! राजस्थान सरकार के राजस्व राज्य मंत्री हेमंत मीणा दिनांक 23 जनवरी को कथा मे उपस्थित रहेंगे!  तीन दिवसीय कथा के दौरान राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी,खेल युवा एवं वाणिज्य मंत्री राजस्थान सरकार राज्यवर्धन सिंह राठौड़, नगरीय निकाय एवं स्वायत शासन राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल,जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत, सहकारिता मंत्री गौतम दक, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम पटेल, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती मंजू वाघमार, राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी सहित एक दर्जन से अधिक मंत्रियों ने कथा में आने की स्वीकृति भेजी है!   शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर रामगंज मंडी के श्री अग्रसेन अतिथि गृह में ले रहे हैं कलश यात्रा को लेकर महिलाओं की बैठक    श्री बागेश्वर धाम सरकार के आचार्य धीरेंद्र शास्त्री जी की श्री राम कथा गौ माता महोत्सव से पहले 22 तारीख को दोपहर 1:00 बजे रामगंज मंडी में आयोजित होगी विशाल कलश यात्रा!  21000 महिलाएं सर पर कलश लेकर चलेंगे कलश यात्रा में! उसको लेकर पूरे रामगंज मंडी में जो शोर से तैयारी चल रही है! शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री कलश यात्रा संचालन समिति में शामिल महिलाओं की ले रहे हैं बैठक,और कलश यात्रा आयोजन के लिए दे रहे हैं दिशा निर्देश!

    देवलोक की तरह सज रही श्री रामगंज मंडी

    23 जनवरी से 25 जनवरी तक रामगंजमंडी में पधारेंगे देश के प्रमुख संत* शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर की प्रेरणा से स्थानीय क्षेत्र वासियों को मिलेगा पुण्य लाभ*  रामगंज मंडी! शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर की प्रेरणा से रामगंजमंडी 23 जनवरी से 25 जनवरी तक आयोजित होने वाली बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर आचार्य पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा के लिए देवलोक की तरह सजने लगी है!     पूरे रामगंज मंडी नगर और आसपास के क्षेत्र को भगवा झंडो- पताकाओं से सजाया जा रहा है! जगह-जगह स्वागत द्वार और तोरण द्वार लगाए जा रहे हैं! ताकि कथा सुनने के लिए बाहर से आने वाले लोगों को श्री रामगंजमंडी श्री राम की पवन नगरी अयोध्या के सामान नजर आए!     मंत्री मदन दिलावर के प्रयासों से बागेश्वर धाम के आचार्य पंडित धीरेंद्र शास्त्री स्वयं तो कथा करने रामगंज मंडी आ ही रहे हैं, किंतु पंडित धीरेंद्र शास्त्री के अतिरिक्त देश के देव तुल्य, मूर्धन्य, धर्म मरमज्ञ विद्वान संत वृंद भी रामगंज मंडी आ रहे हैं!     तीन दिवसीय कथा के दौरान रामगंज मंडी में आने वाले चोटी के प्रमुख संतों में योग गुरु बाबा रामदेव, दीदी मां पूजा साध्वी ऋतंभरा जी, परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के स्वामी चिदानंद जी महाराज, राम स्नेही संप्रदाय शाहपुरा पीठ भीलवाड़ा के जगतगुरु स्वामी रामदयाल जी महाराज, भानपुरा पीठ मध्य प्रदेश के जांगद्गुरू शंकराचार्य ज्ञानानंद जी तीर्थ के पावन चरण रामगंज मंडी नगर

    रामगंजमंडी मे श्री राम कथा गौ माता महोत्सव 23 से 25 जनवरी को

    शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ले रहे स्कूल संचालकों एवं व्यापारियों की बैठक  रामगंज मंडी! आगामी 23 जनवरी से 25 जनवरी 2026 तक रामगंज मंडी के रीको औद्योगिक क्षेत्र फतेहपुर में आयोजित होने जा रही बागेश्वर धाम सरकार के आचार्य पंडित धीरेंद्र शास्त्री की श्री राम कथा गौ माता महोत्सव को लेकर शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर लगातार रामगंज मंडी में रुक कर तैयारी को अंतिम रूप दे रहे हैं!     आज सोमवार को मंत्री ने प्रातः 11:00 बजे प्राइवेट स्कूल संचालकों की बैठक की तथा उनसे 22 से 25 जनवरी तक कथा आयोजन में सहयोग करने की अपील की!   स्कूल संचालकों ने कथा व्यवस्थाओं में पूर्ण रूप से सहयोग देने का आश्वासन दिया!    रामगंज मंडी के बाजार नंबर दो में स्थित श्री अग्रसेन अतिथि गृह में आयोजित हुई इस बैठक के तुरंत बाद शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने लघु उद्योग भारती, किरण खाद्य व्यापार संघ, भोजन व्यवस्था समिति और कथा संचालन समिति की संयुक्त बैठक ली! तथा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया! किरण खाद्य व्यापार संघ और लघु उद्योग भारती के बैठक में उपस्थित पदाधिकारी ने मंत्री मदन दिलावर को आश्वासन दिया कि कथा आयोजन पूर्ण रूप से पूर्ण सफल होगा! कथा में किसी तरह की व्यवस्था में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी! रामगंज मंडी का व्यापारी पूरी तरह इस आयोजन के साथ खड़ा है और हम हर तरह का हर संभव सहयोग इस कथा के सफल बनाने में करेंगे!     बैठक में लघु उद्योग भारती के सुरेश सोमानी, कोटा स्टोन व्यापारी राजू भाई खंडेलवाल, हेमंत काला, जगदीश गुप्ता किराना खाद्य व्यवसाय, भारत जोशी, प्रहलाद धाकड़, भाजपा कोटा देहात की जिला महामंत्री भगवान धाकड़, रामगंज मंडी नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष अखिलेश मेडतवाल, पूर्व वाइस चेयरमैन महेश श्रीवास्तव, कौशल बाफना, कैलाश गौएन, नितिन शर्मा, सुकेत मंडल अध्यक्ष शांतिबाई,सहित अन्य प्रमुख व्यापारी एवं कार्यकर्ता व सेवादार उपस्थित थे!