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    राजस्थान विश्वविद्यालय में ‘BIOFIESTA 2026’ का आयोजन: विज्ञान और संस्कृति के संगम से निखरी छात्रों की प्रतिभा

    राजस्थान विश्वविद्यालय के प्राणीशास्त्र विभाग (Department of Zoology) में बुधवार को “BIOFIESTA 2026” का भव्य आयोजन किया गया। यह एक दिवसीय सह-शैक्षिक और सांस्कृतिक उत्सव छात्रों की रचनात्मक ऊर्जा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को एक साझा मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान परिसर में शैक्षणिक उत्साह और सांस्कृतिक छटा का अनूठा समन्वय देखने को मिला। ​मुख्य अतिथि और नेतृत्व ​उत्सव की मुख्य अतिथि राजस्थान विश्वविद्यालय की वित्त नियंत्रक मंजू चौधरी रहीं। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की और छात्रों को संबोधित करते हुए अकादमिक उत्कृष्टता के साथ-साथ पाठ्येतर गतिविधियों के महत्व पर जोर दिया। इस पूरे आयोजन का सफल क्रियान्वयन प्राणीशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रतापचंद माली के कुशल मार्गदर्शन और नेतृत्व में संपन्न हुआ। उनके निर्देशन में विभाग ने छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए एक अनुशासित और उत्साहजनक वातावरण तैयार किया। ​विविध प्रतियोगिताओं में दिखा कौशल ​छात्रों की प्रतिभा को परखने और उन्हें अपनी अभिव्यक्ति का अवसर देने के लिए विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन प्रतियोगिताओं में विज्ञान और कला का अद्भुत मिश्रण देखने को मिला: ​अभिनय और नृत्य: मंच पर छात्रों ने नाटकों के माध्यम से सामाजिक और वैज्ञानिक संदेश दिए, वहीं नृत्य प्रदर्शनों ने उत्सव में सांस्कृतिक रंग भर दिया। ​बौद्धिक और रचनात्मक वर्ग: 'साइंस टून' (Science Toon) जैसी अनूठी प्रतियोगिता में छात्रों ने जटिल वैज्ञानिक सिद्धांतों को कार्टून के माध्यम से रोचक ढंग से प्रस्तुत किया। इसके अलावा पोस्टर मेकिंग और आशुभाषण (Extempore) में भी प्रतिभागियों ने अपनी तार्किक क्षमता और संचार कौशल का परिचय दिया।  उत्साहपूर्ण सहभागिता और समापन ​कार्यक्रम में एम.एससी. प्राणीशास्त्र के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शोधार्थियों ने जहां अपनी वैज्ञानिक समझ साझा की, वहीं नए छात्रों ने रचनात्मक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। ​आयोजन के समापन सत्र में प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की गई। “BIOFIESTA 2026” न केवल एक उत्सव के रूप में उभरा, बल्कि इसने छात्रों के भीतर आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभाग की इस पहल को भविष्य के वैज्ञानिकों और कलाकारों के निर्माण की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में “स्टार्टअप कानूनी ढांचा एवं बौद्धिक संपदा संरक्षण” विषय पर कार्यशाला का सफल आयोजन

    इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल,यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, वाटिका जयपुर द्वारा अन्वेषकों के लिए स्टार्टअप कानूनी ढांचा एवं बौद्धिक संपदा संरक्षण” (Startup Legal Framework & IP Protection) विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।    यह कार्यशाला विश्वविद्यालय के सेमिनार हॉल में प्रेसिडेंट *डॉ. रश्मि जैन* एवं प्रो-प्रेसिडेंट *डॉ. अंकित गांधी* के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से संपन्न हुई।इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रेसिडेंट डॉ. रश्मि जैन ने अपने संदेश में कहा कि आज के युग में केवल एक अच्छा विचार होना पर्याप्त नहीं है। उस विचार को सही दिशा देना, कानूनी रूप से सुरक्षित करना और उसे दीर्घकालिक सफलता तक पहुँचाना भी उतना ही आवश्यक है।   प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. अंकित गांधी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा उद्यमियों को केवल तकनीकी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि कानूनी जागरूकता को भी अपने कौशल का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। सही जानकारी और समय पर उठाए गए कदम भविष्य में अनेक चुनौतियों से बचाते हैं। उन्होंने कहा कि उचित कानूनी दृष्टिकोण और बौद्धिक संपदा संरक्षण न केवल स्टार्टअप को सुरक्षित बनाते हैं, बल्कि उसे निवेश के लिए अधिक विश्वसनीय और आकर्षक भी बनाते हैं।   मुख्य वक्ता विशेषज्ञ डॉ. राहुल शर्मा, सहायक प्रोफेसर, आईआईएचएमआर विश्वविद्यालय, जयपुर ने अपने संबोधन में कहा कि “आपका विचार, आपका उत्पाद और आपकी ब्रांड पहचान ही आपकी असली संपत्ति है। ”उन्होंने बताया कि पेटेंट आपके नवाचार को कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है। ट्रेडमार्क आपके ब्रांड और पहचान की रक्षा करता है। कॉपीराइट आपके कंटेंट और रचनात्मक कार्यों को सुरक्षित रखता है। यदि इनकी समय पर सुरक्षा न की जाए तो प्रतिस्पर्धी आसानी से आपके विचार का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज निवेशक केवल आइडिया में नहीं, बल्कि उसकी कानूनी स्पष्टता और बौद्धिक संपदा की मजबूती में निवेश करते हैं। एक मजबूत आईपी पोर्टफोलियो रखने वाले स्टार्टअप की बाजार में विश्वसनीयता और मूल्य स्वतः बढ़ जाती है। साथ ही उन्होंने अनुबंध, डेटा संरक्षण कानून, रोजगार समझौते और नियामकीय अनुपालन पर भी ध्यान देने की सलाह दी, क्योंकि छोटी लापरवाही भविष्य में बड़े कानूनी विवादों का कारण बन सकती है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अनूप शर्मा ने कहा कि संस्थान इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन कर रहा है, नवाचार करें, लेकिन साथ ही उसकी सुरक्षा भी करें, क्योंकि बिना सुरक्षा के नवाचार लंबे समय तक टिक नहीं पाता।”   परीक्षा नियंत्रक डॉ. कमल किशोर जांगिड़ ने विद्यार्थियों को जागरूकता के साथ-साथ व्यावहारिक समझ विकसित करने पर बल दिया।   कार्यशाला का सफल संचालन डॉ. चारु दुबे ,राष्ट्रीय नवाचार एवं स्टार्टअप नीति समन्वयक आईआईसी और डॉ. सीताराम माली सदस्य, आईआईसी यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी द्वारा किया गया।   कार्यक्रम के समापन पर समन्वयक डॉ. सागर कुमार ने मुख्य वक्ता, आयोजकों और सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते किया एवं भविष्य में भी इस प्रकार की उपयोगी कार्यशालाओं के आयोजन की प्रतिबद्धता जताई और कहा कि यह कार्यशाला शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल है।   इस अवसर पर चेयरपर्सन डॉ. प्रेम सुराना ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उद्योग से जुड़ा व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है, ताकि वे बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप अपने कौशल का विकास कर बेहतर रोजगार प्राप्त कर सकें।     प्रो चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाती हैं और उन्हें उनके करियर की सही दिशा दिखाती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    श्रेष्ठ पीएम श्री विद्यालयों की बेस्ट प्रैक्टिस शेष विद्यालयों में भी लागू करें: मुख्य सचिव

      — मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने किया शिक्षा संकुल का दौरा   — पीएमश्री विद्यालयों की स्थितियों पर मंथन, समीक्षा बैठक ली   जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बुधवार को शिक्षा संकुल में पीएम श्री विद्यालय योजना की समीक्षा बैठक ली। वी. श्रीनिवास माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित हुई मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस में राजस्थान को दिए टास्क की क्रियान्विति की जानकारी के लिए शिक्षा संकुल पहुंचे। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा श्री राजेश यादव ने विभाग के अ​न्य अधिकारियों के साथ प्रेजेन्टेशन के माध्यम से विभाग की ओर से प्रदेश के 649 पीएम श्री विद्यालयों में बीते कुछ महीनों में किए गए गहन निरीक्षण में सामने आए तथ्यों की जानकारी मुख्य सचिव को दी।   मुख्य सचिव ने पीएम श्री विद्यालयों की मॉनिटरिंग व रैंकिंग का कार्य जारी रखने व शेष टास्क शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रैंकिंग में शीर्ष पर रहने वाले श्रेष्ठ विद्यालयों में अपनाई जा रही बेस्ट प्रेक्टिस अन्य विद्यालयों तक पहुंचाने के लिए संस्था प्रधानों की वेबीनार का आयोजन किया जाए जिससे सभी विद्यालयों को लाभ मिल सके।    मुख्य सचिव ने पीएम श्री विद्यालयों में आईसीटी लैब, सांइस लैब को बेहतर करने के साथ विद्यालयों में साइंस क्लब बनाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने लर्निंग आउटकम्स और मेंटल हेल्थ पर भी जोर दिया। उन्होंने निपुण भारत अभियान की सराहना भी की।   इससे पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव ने विद्यालयों में सुचारु रूप से कार्यरत बालिका शौचालयों की उपलब्धता, मातृभाषा में शिक्षण, अपार रजिस्ट्रेशन, शिक्षकों का क्षमता संवर्धन, पीएम गति शक्ति, सीबीए, निपुण राजस्थान अभियान, मेगा पीटीएम सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। साथ ही विभाग की ओर से पीएबी में प्रस्तुत प्रस्तावों की भी जानकारी दी।    *वीएसके का अवलोकन किया*   मुख्य सचिव ने पीएम श्री विद्यालयों के डेटा एनालिटिक्स को समझने के लिए संकुल स्थित विद्या समीक्षा केंद्र का भी अवलोकन किया। वीएसके प्रतिनिधियों ने पीएम श्री स्कूल सर्वे इनसाइट्स सहित अन्य महत्वपूर्ण डैशबोर्ड की जानकारी मुख्य सचिव को दी।    इस अवसर पर राज्य परियोजना निदेशक व आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा, संयुक्त सचिव महेन्द्र खींची, निदेशक आरएससीआरटी श्रीमती श्वेता फगेडिया, अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक प्रथम श्रीमती सीमा शर्मा, द्वितीय अशोक कुमार मीणा सहित सभी विभागीय उपायुक्त व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

    'शिफ्टिंग पर्सपेक्टिव्स- ए कैरेक्टर-सेंटर्ड एनालिसिस’ विषय पर प्रस्तुति

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के अंग्रेजी विभाग ने निदेशक डॉ. रश्मि चतुर्वेदी और प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल के निर्देशन में 28 और 29 अप्रैल 2026 को ‘‘शिफ्टिंग पर्सपेक्टिव्स- ए कैरेक्टर-सेंटर्ड एनालिसिस’’ शीर्षक पर एक शैक्षणिक गतिविधि का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह गतिविधि एम.ए. सेमेस्टर प्प् और प्ट की छात्राओं हेतु आयोजित की गई, जिसने छात्राओं को नवीन और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोणों के माध्यम से साहित्य को समझने के लिए एक मंच प्रदान किया। यह गतिविधि एक मूल्यवान शैक्षणिक अभ्यास साबित हुई, जिसने चरित्र संचालित विश्लेषण को विकसित करने में छात्राओं की विश्लेषणात्मक क्षमताओं को बढ़ाया। यह गतिविधि समूह प्रस्तुतियों के आसपास संरचित की गई जो सहयोगात्मक सीखने और सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने में सहायक सिद्ध हुई। छात्राओं ने परिप्रेक्ष्य को बदलने के बाद साहित्यिक पात्रों, विषयों, प्रतीकों और रूपांकनों का विश्लेषण और व्याख्या करने के लिए 5 के समूह में एक साथ काम किया। इस गतिविधि के लिए लगभग 50 छात्राओं ने सफलतापूर्वक भाग लिया। इस कार्यक्रम में विभाग की शिक्षिका डॉ. स्वाति धनवनी, डॉ. प्रीति शर्मा, ऋषिता शर्मा, अदिति पंकज और भव्या पुरी ने छात्राओं का मार्गदर्शन किया।    

    ‘‘जॉब फेयर का सफल आयोजन’’

    कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के सेंटर फॉर करियर गाईडेंस ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट द्वारा राजस्थान एम्प्लॉयमेंट डिपार्टमेंट के सहयोग से दिनांक 29 अप्रैल 2026 को महाविद्यालय में एक भव्य जॉब फेयर का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ सीधे जोड़कर उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करना तथा उनके करियर विकास को नई दिशा देना था। कार्यक्रम की शुरुआत में महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने सभी का हार्दिक स्वागत करते हुए जॉब फेयर के शुभारंभ की घोषणा की। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे आत्मविश्वास के साथ इस जॉब फेयर में भाग लें और इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाकर अपने करियर को नई दिशा दें। जॉब फेयर में देश-विदेश की अनेक प्रतिष्ठित कंपनियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। प्रमुख भागीदारों में बीएमडब्ल्यू, डेकाथलॉन, क्वेस कॉर्प, टेलिपरफॉर्मेंस, एसएलए फिनसर्व, जयपुर रग्स, सैलराइट, एमसीसी (मॉडल करियर सेंटर), होटल ग्रैंड उनियारा सहित अन्य संस्थान शामिल रहे। कार्यक्रम के स्पॉन्सर पार्टनर के रूप में इमार्टिकस लर्निंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने छात्राओं को कौशल विकास एवं करियर मार्गदर्शन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से संवाद स्थापित किया, अपने रिज्यूमे प्रस्तुत किए तथा इंटरव्यू प्रक्रिया में भाग लिया। कंपनियों द्वारा ऑन-द-स्पॉट इंटरव्यू, शॉर्टलिस्टिंग एवं चयन की प्रक्रिया भी संचालित की गई, जिससे अनेक छात्राओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए। इस जॉब फेयर में लगभग 102 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और इनमें से कुल 66 छात्राओं का चयन हुआ। जॉब फेयर के अंत में सेंटर की संयोजिका डॉ आकांक्षा गंडा ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया और सभी चयनित छात्राओं को बधाई दी। यह जॉब फेयर छात्राओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ, जहां उन्हें उद्योग जगत की आवश्यकताओं को समझने और अपने कौशल को निखारने का अवसर मिला।  

    103 छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित, एचसीएल गुवी के साथ एमओयू से प्रशिक्षण व प्लेसमेंट के नए अवसर

    डेटा साइंस कार्यशाला का प्रमाण पत्र वितरण एवं एमओयू समारोह सम्पन्न   जयपुर। बियानी गर्ल्स कॉलेज के आईटी विभाग द्वारा आयोजित डेटा साइंस टेक्नोलॉजी कार्यशाला का प्रमाण पत्र वितरण एवं एमओयू समारोह सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।   इस अवसर पर कार्यशाला में सहभागिता करने वाली 103 छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। साथ ही, आईटी एवं सॉफ्टवेयर कंपनियों के साथ समझौते कर शैक्षणिक एवं औद्योगिक सहयोग को और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।   इसी क्रम में बियानी कॉलेज द्वारा एचसीएल गुवी के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के अंतर्गत छात्राओं को प्रशिक्षण, कार्यशालाएं, इंडस्ट्रियल विजिट तथा प्लेसमेंट सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे उन्हें सॉफ्टवेयर इंडस्ट्रीज की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा सके।   एमओयू हस्ताक्षर समारोह के दौरान बियानी गर्ल्स कॉलेज की ओर से सीए अभिषेक बियानी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए एमओयू के महत्व और प्लेसमेंट के अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं को इंडस्ट्री से जुड़ने, व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने और अपने कौशल को विकसित कर बेहतर करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।   प्राचार्य डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल ने अपने संबोधन में प्रैक्टिकल स्किल्स पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल सैद्धांतिक ज्ञान नहीं, बल्कि व्यावहारिक दक्षता ही सफलता की वास्तविक कुंजी है।   इस अवसर पर विनोद श्रीनिवासन ने छात्राओं को सॉफ्टवेयर कंपनियों के कार्य प्रणाली से अवगत कराया तथा नवीनतम तकनीकों पर अपने अनुभव साझा किए, जो छात्राओं के लिए अत्यंत लाभकारी रहा।    इस अवसर पर चेयरमैन डॉ. राजीव बियानी, डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी ने छात्राओं को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।   कार्यक्रम में आईटी विभागाध्यक्ष प्रो. सचिन बगोरिया एवं असोसिएट प्रो. राहुल अग्रवाल सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

    “राजस्थान विश्वविद्यालय का अहम फैसला : प्रो. नुपूर माथुर को मिली महारानी कॉलेज की कमान”

    “शोध और नेतृत्व का संगम—प्रो. नुपूर माथुर बनीं महारानी महाविद्यालय की नई प्राचार्य” जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रोफेसर नुपूर माथुर को महारानी महाविद्यालय, जयपुर की प्राचार्य नियुक्त किया है। यह नियुक्ति तीन वर्ष के लिए की गई है और प्रो. माथुर ने विधिवत् पदभार ग्रहण कर लिया है। पदभार ग्रहण करने के उपरांत प्रो. नुपूर माथुर ने विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रोफेसर अल्पना कटेजा से शिष्टाचार भेंट कर इस नियुक्ति के लिए उनका आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया। प्रो. नुपूर माथुर वर्तमान में विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक हैं। इसके साथ ही वे विभिन्न विश्वविद्यालयीय समितियों में संयोजक और सदस्य के रूप में सक्रिय भूमिका निभाते हुए अकादमिक व प्रशासनिक निर्णयों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। प्राणीशास्त्र (Zoology) की वरिष्ठ प्रोफेसर के रूप में प्रो. माथुर का शैक्षणिक और शोध अनुभव समृद्ध रहा है। उनके अनेक शोध पत्र राष्ट्रीय और अंतररराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। साथ ही, उन्होंने कई राष्ट्रीय एवं अंतररराष्ट्रीय सेमिनारों और सम्मेलनों में अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए हैं, जिससे उन्हें अकादमिक जगत में विशिष्ट पहचान मिली है। विश्वविद्यालय प्रशासन को विश्वास है कि उनके नेतृत्व में महारानी महाविद्यालय शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में नई उपलब्धियाँ हासिल करेगा। साथ ही, विद्यार्थी-केन्द्रित गतिविधियों और समावेशी विकास को भी नई दिशा मिलेगी। यह नियुक्ति विश्वविद्यालय की गुणवत्ता आधारित शिक्षा एवं संस्थागत सुदृढ़ीकरण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।  

    फेडरेशन ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म ऑफ राजस्थान के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री से की मुलाकात, पर्यटन विकास के विभिन्न मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा

    नई दिल्ली। फेडरेशन ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म ऑफ राजस्थान (एफएचटीआर) के प्रतिनिधिमंडल ने आज कर्तव्य भवन, नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत तथा पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव भुवनेश कुमार  से शिष्टाचार मुलाकात कर राजस्थान के पर्यटन उद्योग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।   प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सुरेंद्र सिंह शाहपुरा ने किया। इस दौरान गजराज सिंह, महेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह जोधा तथा फेडरेशन ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष तरुण कुमार बंसल भी उपस्थित रहे। बैठक में जोधपुर–मारवाड़ क्षेत्र की प्रमुख ट्रैवल एवं होटल संस्थाओं — जोधपुर होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन तथा ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन, जोधपुर — के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।   बैठक के दौरान पर्यटन उद्योग के समग्र विकास और व्यवसाय संचालन को अधिक सरल एवं प्रभावी बनाने से जुड़े कई अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने होटल वर्गीकरण मानदंडों को व्यावहारिक और उद्योग हितैषी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही व्यवसाय करने में सुगमता को बढ़ावा देने, विदेशी पर्यटकों के लिए वैट रिफंड व्यवस्था लागू करने, वीज़ा नियमों को अधिक सरल बनाने तथा भूमि रूपांतरण से संबंधित जटिल प्रक्रियाओं में सुधार की मांग भी रखी गई।   प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि राजस्थान देश और दुनिया के पर्यटकों के लिए एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य है, जहां विरासत, संस्कृति, लोककला, हस्तशिल्प, रेगिस्तानी जीवनशैली और ऐतिहासिक धरोहरों का अनूठा संगम देखने को मिलता है। ऐसे में यदि पर्यटन उद्योग से जुड़ी नीतियों में आवश्यक सुधार किए जाएं तो राज्य में पर्यटन गतिविधियों को और अधिक गति मिल सकती है, जिससे रोजगार और निवेश के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।   इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री को आगामी “राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट” जयपुर तथा “मारवाड़ ट्रैवल मार्ट” जोधपुर में शामिल होने के लिए औपचारिक आमंत्रण भी दिया। सितंबर 2026 में आयोजित होने वाले इन आयोजनों का उद्देश्य राजस्थान के पर्यटन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है।   प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इन आयोजनों के माध्यम से अनुभवात्मक पर्यटन, साहसिक पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत पर्यटन तथा हस्तशिल्प आधारित पर्यटन को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा। विशेषकर थार मरुस्थल क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाओं को वैश्विक मंच तक पहुंचाने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।   केंद्रीय मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए विषयों को गंभीरता से सुनते हुए पर्यटन उद्योग के विकास के लिए सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया।

    दो जरूरतमंद कन्याओं के विवाह में सहयोग, समाजसेवा का अदभुद, अनुठा एवं सराहनीय कार्य

    चोमू (जयपुर)। श्री श्याम सलोना सेवा समिति, चोमू एवं संत नागा बाबा गौशाला, हाथनोदा के तत्वाधान में जरूरतमंद कन्याओं के विवाह सहयोग का अदभुद, अनुठा एवं सराहनीय कार्यक्रम , सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।कार्यक्रम संयोजक दिनेश अग्रवाल एवं मुकेश खुटेटा ने बताया कि सलोना परिवार के सहयोग से सलोना परिवार का यह एक अदभुद, अनुठा सरानीय कार्य है, एवं यह कार्य सलोना परिवार की और से समाजसेवा के महा अभियान के तहत अन्य संस्थानों को साथ मे लेकर किया जा रहा है! पूर्व मे भी समाज सेवा के अनेक कार्य सलोना परिवार अनेक संस्थानों के साथ मिलकर करता आया है एवं भविष्य मे भी करता रहेगा! इस अवसर पर दो जरूरतमंद लड़कियों की शादी में आवश्यक सामग्री एवं सहयोग प्रदान किया गया। कार्यक्रम का आयोजन दोनों संस्थाओं के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। इस अवसर पर कन्याओं को आवश्यक घरेलू उपयोग का सामान उपहार स्वरूप प्रदान किया गया, जिसमें डबल बेड का पलंग, दो गद्दे, कूलर, सिलाई मशीन, बर्तन, साड़ियां, मिक्सी, अलमारी, फ्रिज, पैंट-शर्ट, बेडशीट, पंखा, प्रेस, पानी के कैंपर, कुर्सी एवं टेबल सहित अन्य जरूरत का सामान शामिल रहा है!    अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वेश्य महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी एवं श्री श्याम सलोना सेवा समिति, चोमू के मानद मीडिया सलाहकार प्रोफेसर रमेश कुमार रावत ने सलोना परिवार के इस नेक कार्य की प्रसंशा करते हुए सभी सलोना परिवार के पदाधिकारी एवं सदस्यों को एवं संत नागा बाबा गौशाला, हाथनोदा के पदाधिकारी एवं सदस्यों को गैंगटोक से बधाई एवं शुभकामना प्रेषित करते हुए उनके इस सामाजिक कार्य की भूरी भूरी प्रसंशा की है एवं आशा जताई है कि भविष्य मे भी इस प्रकार के सामाजिक एवं प्रेरणा के कार्य निरंतर सलोना परिवार अन्य सामाजिक संस्थानों के साथ मिलकर करता रहेगा! साथ ही कहा कि इस प्रकार के सामाजिक कार्य सर्व समाज के लिए प्रेरणा का काम तो करते ही है इसके साथ ही समाज के अन्य लोगों को भी सामाजिक कार्यो मे उत्साह पूर्वक भाग लेने के लिए नई ऊर्जा का संचार करते है!    कार्यक्रम संयोजक दिनेश अग्रवाल एवं मुकेश खुटेटा ने बताया कि संस्था पिछले वर्ष से निरंतर इस पुनीत कार्य में जुटी हुई है। बीते वर्ष पांच जरूरतमंद कन्याओं के विवाह में सहयोग किया गया था। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष कुल 11 गरीब कन्याओं के विवाह में सहयोग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक सात कन्याओं की शादियों में सहयोग किया जा चुका है। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं समाजसेवियों की सक्रिय भागीदारी रही। प्रमुख रूप से संत नागा बाबा गौशाला के अध्यक्ष कैलाश झालानी, शिक्षाविद हजारीलाल शर्मा, ब्राह्मण समाज जिला अध्यक्ष भुवनेश तिवारी, मुकेश गोयल बाबूलाल सैनी, मुकेश जांगिड़, सांवरिया सेठ संस्थान के यश सेन, कैलाश तिवारी, महेंद्र तंबोली एवं ओमप्रकाश कासलीवाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रभारी दिनेश अग्रवाल एवं मुकेश खुटेटा ने बताया कि समिति का उद्देश्य समाज की जरूरतमंद बेटियों के विवाह में सहयोग कर उन्हें सम्मानपूर्वक विदा करना है। इस अवसर पर संस्था के कमल अग्रवाल, विकास शर्मा, प्रकाश खंडेलवाल, अमित कासलीवाल, जितेंद्र झालानी, सुरेंद्र यादव, मुकेश खुटेटा, प्रियांशु झालानी, आशीष बुनकर सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। समिति के इस सामाजिक कार्य की क्षेत्रभर में सराहना की जा रही है।

    राजस्थान मन्त्र प्रतिष्ठान के नवनिर्मित हवनकुंड में अग्नि प्रवेश एवं पूजन

    जयपुर। जगद्गुरु रामानन्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के राजस्थान मन्त्र प्रतिष्ठान परिसर में नवनिर्मित भव्य हवनकुंड में विधि-विधान के साथ अग्नि प्रवेश एवं पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो.मदन मोहन झा ने की। अनुसंधान केन्द्र के निदेशक डॉ. राजधर मिश्र ने विधि विधान पूर्वक कुंड में अग्नि का प्रवेश कराया डॉ. कैलाशचंद्र शर्मा ने नवग्रह पूजन किया डॉ. देवेन्द्र कुमार शर्मा ने पूजन एवं हवन कार्य सम्पन्न कराया । डॉ. संदीप जोशी सहित सुप्रीम फ़ाउंडेशन के स्वयंसेवकों ने यज्ञ में मन्त्रोच्चार पूर्वक आहुतियाँ अर्पित कीं  राजस्थान मन्त्र प्रतिष्ठान के निदेशक डॉ. कुलदीप सिंह पालावत ने बताया कि इस पवित्र अनुष्ठान का उद्देश्य विश्वविद्यालय की सुख-समृद्धि, शैक्षणिक उन्नति और वैश्विक कल्याण हेतु मंगल कामना करना है। नवनिर्मित हवनकुंड को भारतीय वास्तुशास्त्र के मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है, जो परिसर में आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करेगा।