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    15 से कम छात्र संख्या वाली प्राथमिक तथा 25 से कम छात्र संख्या वाली उच्च प्राथमिक स्कूलों के निकटतम अन्य स्कूलों में मर्ज होगी

    1 month ago

    शिक्षा निदेशालय द्वारा 15 से कम छात्र संख्या वाली प्राथमिक तथा 25 से कम छात्र संख्या वाली उच्च प्राथमिक स्कूलों को निकटतम स्कूलों में मर्ज करने की कवायद की‌ जा रही है।

         इस हेतु 23 मार्च को प्रस्ताव लेकर सभी प्रारम्भिक जिला शिक्षा अधिकारियों को जयपुर बुलाया गया है।

         गत 2 वर्षों में लगभग 450 स्कूलों को शुन्य या न्यून नामांकन के आधार पर मर्ज किया गया है ।

     

    राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश मुख्य महामंत्री महेंद्र पाण्डे ने बताया कि शुन्य या न्यून नामांकन वाली स्कूलों को पास की स्कूलों में मर्ज करना, वहां के बालकों को नयी स्कूल में भेजकर स्टाफ को आवश्यकता वाली स्कूलों में भेजना एक प्रक्रिया बन गई है, गत 2 वर्षों में लगभग 450 स्कूले शुन्य या न्यून नामांकन के आधार पर मर्ज की गई है।

     

         संगठन के आंकलन के मुताबिक उक्त प्रक्रिया के लिए उचित समय तथा कैलेंडर निर्धारित नहीं होने के कारण कहीं बिना छात्र के शिक्षक तो कहीं शिक्षक के अभाव में छात्र की स्थिति बनती है।  

     

        *राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा का कहना है कि शिक्षा सत्र के शुभारम्भ पश्चात प्रवेश की अंतिम तिथि के अगले महीने में ही शुन्य या न्यून नामांकन के स्कूलों की संख्या, मर्ज के लिए निकटतम स्कूलों का नाम, सरप्लस स्टाफ के समायोजन की प्रक्रिया सम्पन्न करवाने का स्थाई निर्णय लिया जाना चाहिए।*

     

         नया शिक्षा सत्र शुरू होने के ठीक पहले स्कूलों को मर्ज करने की कवायद से निम्नलिखित यक्ष प्रश्न खड़े होते हैं, अतः निम्न सुझाव....

     

    1- स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए नये शिक्षा सत्र का एक अप्रैल से शुभारम्भ किया जा रहा है। 

    2- एक अप्रैल से नये शिक्षा सत्र की शुरुआत और उससे नामांकन वृद्धि के परिणाम तक मर्ज के आदेश जारी नहीं किए जावें। 

    3- 25 मार्च को परीक्षा परिणाम के दिन स्कूलों में मेधा पीटीएम आयोजित होगी।

    4- पीटीएम में उपस्थित अभिभावकों तथा गणमान्य नागरिकों को स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए कि आपके क्षेत्र की अमुक स्कूल में छात्र संख्या शुन्य/न्यून होने के कारण उसको अमुक स्कूल में मर्ज किया जा रहा है।

    5- पीटीएम में आए अभिभावकों/गणमान्य नागरिकों को विभाग में सीधी भर्ती तथा डीपीसी से शिक्षक पद भरने की प्रक्रिया तथा दिनांक से अवगत करवाया जाना चाहिए, ताकि रिक्त पदों के कारण अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में नहीं भेजने वाले अभिभावक/गणमान्य नागरिक प्रवेश दिलवाने के लिए प्रेरित हो सकें।

    6- जुलाई 2025 के बाद मर्ज हुई स्कूलों के सरप्लस स्टाफ का आवश्यकता की स्कूलों में अब तक समायोजन नहीं हो पाया है।

    7- स्कूल मर्ज होने के तुरंत बाद वहां के सरप्लस शैक्षिक स्टाफ को जिले के संपूर्ण रिक्त पद शो करके काउंसलिंग से समायोजित करवाया जाना चाहिए।

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