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    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रणनीतिक भूमिका" विषय पर आयोजित पांच दिवसीय प्रबंधन विकास कार्यक्रम

    1 hour ago

    जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर स्थित ईसीएच इन्क्यूबेशन सेंटर में भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई), विकास एवं सुविधा कार्यालय, जयपुर के सहयोग से आयोजित "डिजिटल युग में एमएसएमई का विस्तार : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रणनीतिक भूमिका" विषय पर आयोजित पांच दिवसीय प्रबंधन विकास कार्यक्रम (एमडीपी) का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ।

    समापन समारोह की मुख्य अतिथि श्रीमती अनिला चौरड़िया, सहायक निदेशक, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई), जयपुर रहीं। कार्यक्रम में अन्य मेंटर्स एवं डॉ. सुनील छींपा, मेंटरशिप इंचार्ज, ईसीएच इन्क्यूबेशन सेंटर तथा दीपक कुमार शर्मा, टेक्निकल ऑफिसर, ईसीएच इन्क्यूबेशन सेंटर उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. सुमिता कच्छवाहा, समन्वयक, ईसीएच इन्क्यूबेशन सेंटर ने की।

    समापन सत्र के दौरान कार्यक्रम में चयनित 25 प्रतिभागियों को तीन समूहों में विभाजित कर उनके द्वारा तैयार की गई पावर पॉइंट प्रस्तुतियाँ (PPT Presentations) करवाई गईं। प्रतिभागियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित व्यावसायिक नवाचार, डिजिटल मार्केटिंग, उत्पादकता वृद्धि, व्यवसाय विस्तार, ग्राहक प्रबंधन, डेटा विश्लेषण तथा एमएसएमई क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के प्रभाव जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

    प्रस्तुतियों के उपरांत विशेषज्ञों के साथ एक पैनल डिस्कशन आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा एमएसएमई क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभावी उपयोग, डिजिटल परिवर्तन, स्टार्टअप विकास, बाजार विस्तार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने संबंधी अनेक महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्हें आधुनिक डिजिटल तकनीकों को अपनाने तथा व्यवसाय में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया।

    अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्रीमती अनिला चौरड़िया ने कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एमएसएमई क्षेत्र के लिए एक परिवर्तनकारी तकनीक बन चुकी है। यदि उद्यमी डिजिटल तकनीकों और एआई आधारित समाधानों को अपनाते हैं तो वे अपनी उत्पादकता, गुणवत्ता, विपणन क्षमता तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से प्राप्त ज्ञान को अपने उद्यमों एवं संस्थानों में व्यवहारिक रूप से लागू करने का आह्वान किया।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. सुमिता कच्छवाहा ने कहा कि ईसीएच इन्क्यूबेशन सेंटर का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण प्रदान करना नहीं, बल्कि नवाचार, उद्यमिता तथा तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने प्रतिभागियों से कार्यक्रम का फीडबैक प्राप्त किया, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं व्यावहारिक बताया। प्रतिभागियों ने भविष्य में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल उद्यमिता, स्टार्टअप, नवाचार एवं व्यवसाय विकास जैसे विषयों पर इसी प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने का अनुरोध किया।

    इस अवसर पर डॉ. सुनील छींपा ने कार्यक्रम के दौरान आयोजित विभिन्न तकनीकी एवं प्रायोगिक सत्रों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य एमएसएमई उद्यमियों, शोधार्थियों एवं युवाओं को नवीनतम डिजिटल तकनीकों एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित समाधानों से जोड़ना था, जिससे वे भविष्य की व्यावसायिक चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकें।

    कार्यक्रम के अंत में चयनित सभी 25 प्रतिभागियों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल समापन पर भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) द्वारा जारी प्रमाण-पत्र मुख्य अतिथि श्रीमती अनिला चौरड़िया, प्रो. सुमिता कच्छवाहा, डॉ. सुनील छींपा तथा अन्य अतिथियों द्वारा वितरित किए गए।

    समारोह का समापन प्रतिभागियों, अतिथियों एवं आयोजन दल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय ईसीएच इन्क्यूबेशन सेंटर की टीम द्वारा सफलतापूर्वक किया गया।

     

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