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    मलेशिया में नौकरी के लिए वीजा-फ्री एंट्री का इस्तेमाल न करें, भारतीय दूतावास ने जारी की चेतावनी

    37 minutes ago

    Yugcharan News / 22-09-2026

    मलेशिया में नौकरी की तलाश कर रहे भारतीय नागरिकों के लिए भारतीय उच्चायोग ने महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। कुआलालंपुर स्थित भारतीय उच्चायोग ने भारतीय पासपोर्ट धारकों से कहा है कि वे मलेशिया की 30 दिनों की वीजा-मुक्त प्रवेश सुविधा का इस्तेमाल नौकरी तलाशने या रोजगार हासिल करने के उद्देश्य से न करें। उच्चायोग के मुताबिक, इस सुविधा का उद्देश्य पर्यटन और सामाजिक यात्राओं तक सीमित है और इसके तहत मलेशिया में रोजगार करना अधिकृत नहीं है।

    उच्चायोग ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक सलाह में कहा कि हाल के समय में ऐसे भारतीय नागरिकों की संख्या में “उल्लेखनीय वृद्धि” देखी गई है, जो वीजा-मुक्त प्रवेश के जरिए मलेशिया पहुंचकर नौकरी तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। मिशन ने यह भी चेतावनी दी कि कुछ यात्रियों को ऐसे एजेंटों द्वारा गुमराह किया जा रहा है, जो विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर झूठे वादे कर रहे हैं।

    30 दिन की वीजा-मुक्त सुविधा नौकरी के लिए नहीं

    मलेशिया फिलहाल भारतीय पासपोर्ट धारकों को अधिकतम 30 दिनों तक वीजा-मुक्त प्रवेश की सुविधा देता है। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार, भारतीय नागरिकों के लिए यह छूट 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावी है।

    हालांकि, भारतीय उच्चायोग ने स्पष्ट किया है कि इस सुविधा को रोजगार हासिल करने के रास्ते के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। 30 दिनों की वीजा-मुक्त व्यवस्था मुख्य रूप से पर्यटन और सामाजिक यात्राओं के लिए है। यदि कोई भारतीय नागरिक मलेशिया में कानूनी रूप से काम करना चाहता है, तो उसे संबंधित रोजगार अनुमति और आवश्यक वीजा दस्तावेज हासिल करने होंगे।

    मलेशियाई आव्रजन व्यवस्था में काम के लिए आवश्यक दस्तावेजों में वैध वर्क परमिट या Visa With Reference (VDR) शामिल हो सकता है। संबंधित अनुमति न होने की स्थिति में केवल वीजा-मुक्त प्रवेश के आधार पर मलेशिया में नौकरी करना कानूनी रूप से मान्य नहीं होगा।

    एजेंटों के झूठे नौकरी के वादों से सावधान रहने की सलाह

    भारतीय उच्चायोग ने अपनी सलाह में विशेष रूप से उन एजेंटों से सावधान रहने को कहा है, जो मलेशिया में आसानी से नौकरी दिलाने का दावा करते हैं। मिशन के अनुसार, कुछ भारतीय नागरिकों को रोजगार का झांसा देकर वीजा-मुक्त मार्ग से मलेशिया भेजा जा रहा है।

    ऐसे मामलों में यात्रियों को बाद में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उच्चायोग ने संभावित जोखिमों में वीजा अवधि से अधिक समय तक रुकना, अवैध स्थिति में पहुंच जाना, शोषण, हिरासत और कानूनी कार्रवाई जैसी परिस्थितियों का उल्लेख किया है।

    विदेश में नौकरी के नाम पर एजेंटों को भुगतान करने से पहले रोजगार की वास्तविकता और नियोक्ता की जानकारी की जांच करना महत्वपूर्ण है। केवल एजेंट के मौखिक आश्वासन के आधार पर दूसरे देश की यात्रा करना जोखिमपूर्ण हो सकता है, खासकर तब जब यात्रा का इस्तेमाल ऐसे उद्देश्य के लिए किया जा रहा हो जिसके लिए संबंधित प्रवेश सुविधा मान्य नहीं है।

    मलेशिया में नौकरी के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत

    भारतीय नागरिक यदि मलेशिया में रोजगार के उद्देश्य से यात्रा करना चाहते हैं, तो उन्हें उचित रोजगार प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। भारतीय उच्चायोग के अनुसार, कानूनी रूप से काम करने के इच्छुक लोगों के पास संबंधित मलेशियाई वीजा और रोजगार से जुड़े जरूरी दस्तावेज होने चाहिए।

    इनमें वैध वर्क परमिट या आवश्यक स्वीकृति, रोजगार अनुबंध और नियोक्ता से संबंधित विवरण महत्वपूर्ण हो सकते हैं। यात्रा से पहले नौकरी देने वाली कंपनी, पद, वेतन, काम की शर्तों और आव्रजन अनुमति की पुष्टि करना भी जरूरी है।

    इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मलेशिया पहुंचने के बाद व्यक्ति की स्थिति कानूनी और दस्तावेजों के अनुरूप हो। यदि कोई व्यक्ति पर्यटन के नाम पर प्रवेश करता है लेकिन वहां पहुंचकर नौकरी तलाशता है, तो उसे आव्रजन अधिकारियों के सवालों और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ सकता है।

    असली पर्यटकों के लिए भी जरूरी दस्तावेज

    भारतीय उच्चायोग ने यह स्पष्ट किया है कि वीजा-मुक्त प्रवेश का इस्तेमाल करने वाले वास्तविक पर्यटकों को भी मलेशिया पहुंचने से पहले अपने जरूरी दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। आव्रजन अधिकारियों द्वारा मांगे जाने पर यात्रियों को अपनी यात्रा का उद्देश्य और रहने की व्यवस्था साबित करने में सक्षम होना चाहिए।

    पर्यटकों को आम तौर पर कन्फर्म रिटर्न टिकट, होटल बुकिंग और कम से कम छह महीने की वैधता वाला पासपोर्ट साथ रखने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, भारतीय पासपोर्ट धारकों को मलेशिया पहुंचने से पहले Malaysia Digital Arrival Card यानी MDAC भी ऑनलाइन जमा करना होता है।

    मलेशिया की आधिकारिक प्रवेश व्यवस्था में भारतीय यात्रियों के लिए इन आवश्यकताओं का उल्लेख किया गया है। इसलिए केवल वीजा-मुक्त सुविधा उपलब्ध होने का मतलब यह नहीं है कि यात्री बिना अन्य दस्तावेजों के प्रवेश का दावा कर सकता है।

    पहले भी सामने आ चुकी हैं प्रवेश से जुड़ी समस्याएं

    भारतीय मिशन की ताजा चेतावनी ऐसे समय में आई है जब मलेशिया की यात्रा करने वाले कुछ भारतीय नागरिकों को प्रवेश से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। रिपोर्ट किए गए मामलों में कथित नौकरी तलाशने की कोशिश, पर्याप्त होटल या रहने की जानकारी उपलब्ध न होना, पर्याप्त धनराशि का प्रमाण नहीं होना और रिटर्न टिकट नहीं होना जैसे कारणों से यात्रियों से पूछताछ या अन्य कार्रवाई की स्थिति सामने आई है।

    ऐसे मामलों में आव्रजन अधिकारी यात्रा के उद्देश्य, रहने की व्यवस्था और वापसी की योजना से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर सकते हैं। इसलिए पर्यटकों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे यात्रा से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें और प्रवेश नियमों का पालन करें।

    नौकरी के लिए जाने वालों के लिए अलग प्रक्रिया

    मलेशिया में काम करने की योजना बना रहे भारतीय नागरिकों को पर्यटक के रूप में प्रवेश करके नौकरी तलाशने के बजाय निर्धारित रोजगार प्रक्रिया का पालन करने की सलाह दी गई है। भारतीय उच्चायोग की मौजूदा सलाह के अनुसार, रोजगार के लिए यात्रा करने वालों को उचित मलेशियाई वीजा, रोजगार अनुबंध और नियोक्ता की पूरी जानकारी हासिल करने के बाद ही यात्रा करनी चाहिए।

    इस प्रक्रिया से यात्री को यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि उसकी यात्रा और रोजगार दोनों संबंधित नियमों के अनुरूप हैं। दूसरी ओर, अनधिकृत तरीके से नौकरी तलाशने पर व्यक्ति की कानूनी स्थिति प्रभावित हो सकती है और उसे आव्रजन कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

    भारतीय यात्रियों के लिए क्या है मुख्य संदेश

    भारतीय उच्चायोग की चेतावनी का मुख्य संदेश यह है कि मलेशिया की 30 दिनों की वीजा-मुक्त प्रवेश सुविधा को रोजगार के विकल्प के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। पर्यटकों के लिए उपलब्ध प्रवेश सुविधा और विदेशी नागरिकों के लिए रोजगार की अनुमति दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं।

    मलेशिया में नौकरी करने के इच्छुक भारतीय नागरिकों को यात्रा से पहले वैध रोजगार प्रस्ताव, नियोक्ता की जानकारी और आवश्यक वीजा व वर्क परमिट संबंधी मंजूरी सुनिश्चित करनी चाहिए। वहीं, केवल पर्यटन के लिए जाने वाले यात्रियों को रिटर्न टिकट, होटल बुकिंग, वैध पासपोर्ट और Malaysia Digital Arrival Card जैसे आवश्यक दस्तावेज पूरे रखने चाहिए।

    उच्चायोग की सलाह ऐसे भारतीय नागरिकों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है जो विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर एजेंटों के संपर्क में हैं। किसी भी प्रस्ताव पर भरोसा करने से पहले नियोक्ता और रोजगार संबंधी दस्तावेजों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना जरूरी है। वीजा-मुक्त प्रवेश का उद्देश्य समझना और उसी के अनुरूप यात्रा करना यात्रियों को संभावित कानूनी, आर्थिक और सुरक्षा संबंधी परेशानियों से बचाने में मदद कर सकता है।

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